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	<title>sex stories Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<title>sex stories Archives - Hindi Sex stories</title>
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		<title>घर की चुदाई आखिर बाहर के लंड से बेहतर है</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/ghar-me-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Dec 2021 07:22:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[माँ की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[रिश्तों में चुदाई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मम्मी ने कहा तू चिंता मत कर अब तुझे चूत भी मिलेगी और मुझे लंड भी मिलेगा &#124; जब घर में ही लंड और चूत है तो बाहर चुदाई करने का क्या मतलब और इतना बोल के मैं और मम्मी एक दूसरे को किस करने लगे थे...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Ghar me Chudai sex story &#8211; हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम सतीश है, और मैं झारखंड रांची से हूँ | मेरी उम्र 19 साल है और मैं अभी कॉलेज की पढाई करता हूँ  | मेरी हाईट 5 फुट 7 इंच है | मेरे घर में सिर्फ मैं और मम्मी ही है और मम्मी जॉबलेस हैं | पापा की डेथ बहुत पहले चुकी थी तब मैं 5 साल का था | मम्मी ज्यादा पढी लिखी नही है और ये मेरी सौतेली मम्मी है क्यूंकि मेरे पापा ने दूसरी शादी किये थे | दोस्तों ये मेर पहली कहानी है जो मैं आप के सामने रख रहा हूँ | अगर मुझसे कुछ गलती होती है तो मुझे माफ़ करना |</p>
<p>अब मैं कहानी शुरू करता हूँ |</p>
<p>ये घटना देड साल पहले की जब मैं 12 वी कक्षा का बोर्ड एग्जाम दे चुका था और रिजल्ट आने का इंतज़ार करने लगा था | मैं शुरू से ही बिगड़ा लड़का था क्यूंकि मैं जहाँ पढता था वहाँ के बच्चे गुटका खाना सिगरेट पीना अन्य गंदे शौख रखते थे | पर मुझे इन सब चीज़ में कोई भी रूचि नहीं थी पर हाँ रूचि थी मुझे तो सिर्फ ब्लू फिल्म देखने में | मैं बहुत सारी ब्लू फिल्म्स देखता था और उन्हें देख कर मैं मुठ भी मारा करता था | मुझे सिर्फ चुदाई देखना पसंद था क्यूंकि मैंने कभी चुदाई नहीं की थी और मुझे नहीं पता था कि चुदाई कैसे करते है ?</p>
<p>एक दिन की बात है दोस्तों, मैं घर से बाहर रात में अपने दोस्तों के साथ एक पार्टी में गया था और वहाँ से आ कर बहुत थक गया था | जब मैं घर में घुस ही रहा था तो देखा कि घर के बाहर एक गाड़ी खड़ी हुई है मुझे वो गाड़ी जाने पहचानी सी लग रही थी पर मैं ठीक से याद नहीं कर पा रहा था | मैं पीछे से खिड़की के पास गया और वहाँ से देखने कि कोशिश करने लगा की आंखिर इतनी रात में कौन मेरे घर आया होगा | तो जैसे ही मैंने देखा की मम्मी और वो अंकल ( मेरे पापा के बहुत जिगरी दोस्त हुआ करते थे जिनका नाम राजू बड़े था ) वो नंगे हैं और उनकी गांड मुझे दिखाई दे रही थी |</p>
<p>मैं समझ नहीं पा रहा था कि अन्दर माजरा क्या चल रहा है | मुझे हलकी हलकी अहहहाआआ अहहहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह उऊंन्ह्ह अहहाआअ ऊमम्म्म अहहाआआ अहहाआआ हहहहाआ हहाआआआ आआअह्ह्हाअ उऊंन्ह्ह ऊउम्मम्म ऊउन्न्ह अहहहहहाआ अहहहाआ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म अह्हाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह अहहहाआअ करने की आवाजे सुने दे रही थी | ये आवाज़ किसी और की नहीं बल्कि मेरी मम्मी की आवाज थी जो उनके चुदवाने से आ रही थी | ये देख कर मैं दंग रह गया कि साला मेरी मम्मी ऐसा कैसे कर सकती हैं | मैं उनके जाने का इंतजार करने लगा 20 मिनट तक मैं उनकी चुदाई देखता रहा | जैसे ही वो अंकल घर से निकले मैं तुरंत सामने चला गया था |</p>
<p>Chudai story <a href="https://freehindisexstories.net/daru-ke-chakkar-me-mili-chooth/" rel="bookmark">दारु के चक्कर में मिली चूत और बढ़ा कारोबार</a></p>
<p>अंकल की गांड फट गई थी मुझे देख कर और वो तुरंत अपनी बाइक उठाये और जल्दी से चले गये मम्मी डर रही थी मुझसे तो वो भी अन्दर चली गई थी अपने रूम में | फिर मैं अन्दर गया घर के और दरवाजा लॉक किया और मम्मी के रूम की तरफ गया और दरवाजा खटखटाया तो मम्मी का कोई भी जवाब नहीं मिला मुझे | तो मैंने मम्मी से कहा कि मम्मी बाहर आइये मुझे आपसे कुछ बात करनी है 5 मिनट के बाद मम्मी बाहर आई रोते हुए | तो मैंने मम्मी से पूछा कि मम्मी क्या था ये सब ? आप उन अंकल से क्यूँ चुदाई करवा रहे थे |</p>
<p>तब मम्मी रोते हुए बोली बेटा मैं क्या करती मैं मजबूर हो चुकी थी | जब तेरे पापा गुजर गये थे तब इन्होने ही मुझे सहारा दिया था तुझे तो पता ही होगा कि पेंशन को  चालु होने में 6 महीने लगते है तब इन्होने ही हमारा खर्च उठाया था 6 महिने | मेरा इनके साथ ऐसा कुछ नही था पहले पर मैं भी आंखिर कब तक अपनी अनातार्वसना को रोक पाती | जब तू 10 साल का था तब से मैं इनके साथ सेक्स कर रही हूँ | बेटा मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है मैं तुझसे माफ़ी मांगती हूँ मुझे माफ़ कर दे बेटा | फिर मैंने मम्मी को कुछ नहीं कहा और साफ साफ बोल दिया था कि अब ये सब हरकत दोबारा नही होना चाहिए | फिर मम्मी हाँ बोल के अपने रूम में चली गई थी रोते हुए |</p>
<p>मैं अगली सुबह लेटा हुआ था अपने कमरे में तो सुबह मम्मी मेरे रूम में आई | और मेरी हमेशा से आदत थी मैं कभी अपने रूम का दरवाजा बंद करके नहीं सोता था | मम्मी मेरे रूम में आई और मेरे बगल में बैठ गई थी और मेरे सिर पर हाँथ फेरने लगी थी | पर मैं मम्मी से नराज़ था इसलिए मैं चुपचाप सोने का नाटक करने लगा | फिर मम्मी उठ के जाने लगी और फिर तुरतं पलट कर देखी कि मेरा लोअर उठा हुआ था | तो मम्मी फिर मेरे बगल में बैठ गयी और लोअर उतारने लगी | मैंने कुछ नही बोला बस देखना चाहता था कि अब ये करती क्या है ? फिर धीरे धीरे मेरे लोअर को घुटने तक उतार लिया और फिर चड्डी | जैसे ही चड्डी उन्होंने उतारी तो मेरा सांप जैसा फनफनाता हुआ लम्बा लंड उनके सामने तन के खड़ा हो गया था | तो वो उसे पकड़ के ऊपर नीचे करने लगी, मुझे अच्छा लगने लगा था अपर मैं देखना चाहता था कि ये और क्या क्या करती हैं मेरे लंड के साथ | फिर 5 मिनट तक वो मेरे लंड को ऊपर नीचे करती रही फिर उन्होंने मेरे लंड के टोपे को खींचा और अपनी जीभ से उसपे फेरने लगी |</p>
<p>मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उनका ऐसा करना फिर वो मेरे लंड के टोपे के ऊपर जीभ से गोल गोल घुमाने लगी अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था तो मैं उठ गया और उनसे कहा कि मम्मी आप ये क्या कर रहे हो ? तो उन्होंने कहा मुझे माफ़ कर दे बेटा गलती हो गई तो फिर मैंने कहा करते रहिये अच्छा लग रहा है | तो वो फिर से मेरे लंड को चाटने लगी और मैं अहहहाआआ अहहहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह उऊंन्ह्ह अहहाआअ ऊमम्म्म अहहाआआ अहहाआआ हहहहाआ हहाआआआ आआअह्ह्हाअ उऊंन्ह्ह ऊउम्मम्म ऊउन्न्ह अहहहहहाआ अहहहाआ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म अह्हाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह अहहहाआअ करने लगा था |</p>
<p>वो बहुत अच्छे से मेरे लंड को चूस और चाट रही थी और मैं अहहहाआआ अहहहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह उऊंन्ह्ह अहहाआअ ऊमम्म्म अहहाआआ अहहाआआ हहहहाआ हहाआआआ आआअह्ह्हाअ उऊंन्ह्ह ऊउम्मम्म ऊउन्न्ह अहहहहहाआ अहहहाआ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म अह्हाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह अहहहाआअ कर रहा था | 10 मिनट मेरा लंड चूसने के बाद मेरा माल उनके हाँथ में गिर गया था फिर उन्होंने मुझसे कहा कि तेरा माल तो बहुत गाढ़ा है और तेरा लंड भी बहुत लम्बा और मोटा है | तो फिर मैंने कहा कि क्या फायदा ऐसे लंड का जब मुझे चूत नही मिली कभी चुदाई के लिए और मैं बस मुठ ही मार के रह जाता था |</p>
<p>फिर मम्मी ने कहा तू चिंता मत कर अब तुझे चूत भी मिलेगी और मुझे लंड भी मिलेगा | जब घर में ही लंड और चूत है तो बाहर चुदाई करने का क्या मतलब और इतना बोल के मैं और मम्मी एक दूसरे को किस करने लगे थे | 10 मिनट किस करने के बाद मम्मी ने अपने पूरे कपडे उतार दिए थे और मैंने भी अपने कपडे उतार दिया था | फिर उन्होंने मेरा लंड फिर से चूसना चालू कर दिया था और मैं अहहहाआआ अहहहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह उऊंन्ह्ह अहहाआअ ऊमम्म्म अहहाआआ अहहाआआ हहहहाआ हहाआआआ आआअह्ह्हाअ उऊंन्ह्ह ऊउम्मम्म ऊउन्न्ह अहहहहहाआ अहहहाआ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म अह्हाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह अहहहाआअ करने लगा था |</p>
<p>और उन्होंने मजे से मेरा लंड चूस चूस कर फिर लोहे जकी तरह सख्त कर दिया और मेरालंड 15 मिनट तक चूसा | फिर मैंने उनके दूध पकड के जोर जोर दबाने लगा और जोर जोर से चूसने लगा था और वो अहहहाआआ अहहहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह उऊंन्ह्ह अहहाआअ ऊमम्म्म अहहाआआ अहहाआआ हहहहाआ हहाआआआ आआअह्ह्हाअ उऊंन्ह्ह ऊउम्मम्म ऊउन्न्ह अहहहहहाआ अहहहाआ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म अह्हाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह अहहहाआअ करने लगी थी | मैं बीचे बीच में निप्पल भी काट लेता था 10 मिनट तक | दूध पीने के बाद मैंने उनकी चूत चाटना चालू कर दिया था और वो मजे के साथ अपनी चूत चटवाते हुए अहहहाआआ अहहहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह उऊंन्ह्ह अहहाआअ ऊमम्म्म अहहाआआ अहहाआआ हहहहाआ हहाआआआ आआअह्ह्हाअ उऊंन्ह्ह ऊउम्मम्म ऊउन्न्ह अहहहहहाआ अहहहाआ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म अह्हाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह अहहहाआअ कर रही थी |</p>
<p>15 मिनट तक मैंने उनकी चूत चाटा और फिर मैंने उनकी चुदाई करते हुए अपना माल उनकी चूत में ही डाल दिया था | अब दोस्तों ऐसा हो गया था कि मैं रोज उन्हें चोदता था और जब भी हम घर में रहते थे तो कपडे पहन कर नहीं रहते थे | अब वो मुझसे खूब मजे ले कर चुदवाया करती थी और मैं भी मजे से चोदता था |</p>
<p>तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी और ऐसे चालू हुई थी हमारे बीच चुदाई की दास्ताँ | मैं उम्मीद करता हूँ की आप लोगों को मेरी ये कहानी पसंद आई होगी और मैं आगे भी ऐसी ही कहानियां लिखता रहूगा |</p>
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		<item>
		<title>हसीन मेहबूबा &#8211; भाग २</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/xxx-desi-haseen-mehbooba/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Feb 2020 03:00:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिंदी सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मेरा नाम अरमान है. मैं राजस्थान के कोटा शहर का रहने वाला हूँ। मेरा कद 6 फीट और उम्र 22 साल है. अच्छी बॉडी वाला लड़का हूँ। मैं दूसरों की तरह यह तो नहीं कहूंगा ... <a title="हसीन मेहबूबा &#8211; भाग २" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/xxx-desi-haseen-mehbooba/" aria-label="Read more about हसीन मेहबूबा &#8211; भाग २">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मेरा नाम अरमान है. मैं राजस्थान के कोटा शहर का रहने वाला हूँ। मेरा कद 6 फीट और उम्र 22 साल है. अच्छी बॉडी वाला लड़का हूँ। मैं दूसरों की तरह यह तो नहीं कहूंगा कि मेरा लण्ड 8 इंच का है, मगर यह जरूर कहूंगा कि मेरा लंड किसी भी औरत और लड़की को xxx desi chudai से संतुष्ट कर सकता है।</p>
<p>आशा करता हूँ के इस कहानी का पहला भाग आपने पढ़ा होगा &#8211; &gt; <a href="https://freehindisexstories.net/hotsex-haseen-mehbooba/">Hotsex</a></p>
<p>अब आगे&#8230;</p>
<p>मैंने उसकी पैर की उंगलियों को चूसना शुरू किया. फिर धीरे-धीरे उसकी टांगों को चाटते-चूमते उसकी जांघों पर पहुंचा.</p>
<p>वहाँ भी अपने प्यार की निशानियां दे रहा था. हम दोनों अपनी वासना में बहे जा रहे थे।</p>
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<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignleft size-full wp-image-313" src="https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/xxx-desi-sex-kahani.jpg" alt="xxx desi sex kahani" width="246" height="205" />अब मैं धीरे से उसकी पैंटी की तरफ बढ़ा.</p>
<p>उसे जैसे ही मैंने छुआ तो अक्षिता ने फिर एक आहहह … भरी.</p>
<p>उसकी पैंटी पूरी तरह से गीली हो गयी थी. उसके कामरस की बहुत ही मोहक गंध मुझे पागल किये जा रही थी।</p>
<p>फिर मैं धीरे धीरे उसकी पैंटी उतार रहा था और चूमता भी जा रहा था. उसकी चूत के ऊपर की बालों वाली जगह बिलकुल क्लीन थी.</p>
<p>वहाँ रोम छिद्रों के अलावा कोई निशान नहीं था.</p>
<p>मैंने उस जगह को चूमा.</p>
<p>मैं उसके हर हिस्से पर अपने प्यार की निशानी छोड़ रहा था।</p>
<p>फिर मैंने पूरी पेंटी उतार दी और उसकी चूत बिल्कुल छोटी सी, गुलाब की पंखुड़ियों की तरह लग रही थी.</p>
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<p>उसकी फांकों को मैंने प्यार से किस किया और चुम्बनों की झड़ी लगा दी उसकी कोमल चूत पर.</p>
<p>अक्षिता मेरे इस प्यार से पागल होती जा रही थी। मैंने अपनी उंगलियों से उसकी फ़ांकों को फैलाया.</p>
<p>अंदर से ऐसी जैसे खून उतर आया हो.</p>
<p>बिल्कुल लाल थी उसकी चूत.</p>
<p>ऐसी चूत मैंने कहीं नहीं देखी.</p>
<p>मैं धीरे से उसके पास गया और उसे चाटने लग गया.</p>
<p>अक्षिता जोर-जोर से आहें भर रही थी और अपने हाथ को मेरे सिर पर रख कर जोर से अपनी चूत पर दबा रही थी.</p>
<p>उसका दबाव मुझ पर बढ़ता जा रहा था. वो जोर-जोर से सिसकी भर रही थी.</p>
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<p>वो झड़ने के करीब थी. मैंने अपनी चाटने की स्पीड और बढ़ा दी और उसके क्लीट को भी चूसने लग गया.</p>
<p>उसकी सिसकारियां और तेज हो गयीं और उसने अपनी टांगों को मेरे सिर पर जोर से दबा दिया.</p>
<p>वह जोर से झड़ने लग गयी. उसकी चूत के अमृत रस से मेरा पूरा चहरा गीला हो गया।</p>
<p>वो अपनी सांसों पर काबू कर रही थी. मैं ऊपर जा कर उसे फिर किस करने लग गया।</p>
<p>अब उसने मुझे नीचे लेटाया और मुझे किस करने लग गयी. वह धीरे धीरे नीचे की ओर बढ़ रही थी.</p>
<p>उसने मेरे पाजामे और अंडरवियर को एक साथ उतार दिया और मेरा लिंग महाराज पूरे जोश में उसे सलामी दे रहा था।</p>
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<p>अक्षिता ने मेरे लिंग महाराज को एक प्यारी सी निगाह से निहारा. फिर उसने अपने कोमल से होंठों से किस किया.</p>
<p>फिर मेरे लिंग महाराज को अपने मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लग गयी. उसका यह प्यार मुझे दीवाना किये जा रहा था.</p>
<p>वो पूरा नीचे तक लिंग महाराज मुँह में लेती और फिर ऊपर आते वक्त मेरे लिंग के टोपे को जोर से चूसती.</p>
<p>उसकी इस अदा ने मुझे उसका गुलाम बना लिया.</p>
<p>बस मैं मन ही मन कामदेव को धन्यवाद दे रहा था और कह रहा था कि अब मौत भी आ जाये तो कोई गम नहीं. ऐसी सुंदर काया वाली अप्सरा को पाकर मेरी जिंदगी तो धन्य हो गयी।</p>
<p>मैंने उससे कहा- मैं झड़ने वाला हूं.</p>
<p>तो उसने मेरी बात को नजर अंदाज किया और वो और जोर-जोर से मेरे फटने को हो चुके लौड़े को चूसने लग गयी.</p>
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<p>मेरी वासना का ज्वार भी एक तूफ़ान की तरह फूट पड़ा.</p>
<p>पहले एक धार, फिर दो, फिर तीन-चार-पांच और न जाने कितनी ही बार मेरे लिंग ने मेरा वीर्य को पिचकारी दर पिचकारी करके उसके मुंह में उड़ेल दिया.</p>
<p>वह उसको पी गई. कुछ वीर्य उसको उरोजों पर गिर गया और कुछ उसके मुंह पर लग गया.</p>
<p>इतना वीर्य मेरे लिंग से पहले कभी नहीं निकला था.</p>
<p>मगर हैरानी की बात ये थी कि अब भी मेरा लिंग बैठने को राजी नहीं था.</p>
<p>अब मैंने अक्षिता को वापस अपने नीचे लेटा दिया.</p>
<p>अब बारी थी लिंग महाराज के मिलन की.</p>
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<p>मैंने अक्षिता के होंठों पर किस किया. जैसे उसे इस सुख के लिए धन्यवाद कह रहा हूं.</p>
<p>उसने भी किस में पूरा साथ दिया।</p>
<p>अब अक्षिता का भी सब्र जवाब दे रहा था.</p>
<p>वो बोली- जान … अब डाल दो अपने लण्ड को मेरी चूत में … अब और नहीं सहा जा रहा।</p>
<p>मैंने भी रुकना उचित नहीं समझा.</p>
<p>उसकी टांगें फैलाईं और अपने लिंग महाराज को उसकी चूत की गुलाबी फ़ांकों पर रख कर एक धक्का मारा तो लिंग का मुंड अंदर फंस गया और अक्षिता के मुँह से एक हल्की चीख निकली- उइई माँ …</p>
<p>मैंने सोचा कि ये काम की देवी तो नाम की तरह ही अक्षत है.</p>
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		<item>
		<title>रेशमा भाभी की गोरी चूत</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/desi-sex-reshma-bhabhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Feb 2020 03:00:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भाभी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi sex]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[indian sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[sex stories]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मेरा नाम आशीष है. मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 28 साल है और अच्छी सेहत के साथ-साथ 6 इंच लम्बे और 2 इंच मोटे लंड का मालिक हूँ। यह मेरी सच्ची कहानी ... <a title="रेशमा भाभी की गोरी चूत" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/desi-sex-reshma-bhabhi/" aria-label="Read more about रेशमा भाभी की गोरी चूत">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मेरा नाम आशीष है. मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 28 साल है और अच्छी सेहत के साथ-साथ 6 इंच लम्बे और 2 इंच मोटे लंड का मालिक हूँ। यह मेरी सच्ची कहानी है जो 2 साल पहले एक भाभी के साथ घटित हुई थी। उस भाभी का नाम रेशमा था. Desi sex कहानी शुरू करने से पहले मैं भाभी से आपको परिचित करवा देता हूँ.</p>
<p>उम्र की बात करें तो रेशमा 30 साल की थी. भरा हुआ बदन, गोरा रंग, बड़े-बड़े मम्मे, उभरी हुई गांड, फ़िगर 36-30-38 से कम नहीं था।</p>
<p>रेशमा मेरे सामने वाले घर में रहती थी और रोज अपने घर की बालकनी में गांड हिला-हिला के झाड़ू लगाया करती थी.</p>
<p>Desi sex Kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/meri-chalu-didi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी चालू दीदी</a></p>
<p>जब वो झाड़ू लगाती थी तो उसकी गांड ऐसे हिलती थी जैसे आम के पेड़ पर हवा लगने पर पके हुए आम हिलते हैं.</p>
<p>मन करता था उसकी गांड का रस पी लूं.</p>
<p>उसकी गांड को देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता था. बहुत दिनों तक मैंने उसको देखा फिर जब रहा न गया तो एक दिन उसके नाम की मुट्ठ मारनी ही पड़ी.</p>
<p>वो गांड हिलाती रहती थी और मैं उसको देख कर लंड हिलाता रहता था.</p>
<p>मगर शांत होने की बजाय लंड की प्यास बढ़ती जा रही थी.</p>
<p>रेशमा का पति किसी प्राइवेट कम्पनी में काम करता था।</p>
<p>उसका घर कुछ ऐसे बना हुआ था कि रेशमा का रूम मेरे रूम से साफ़ नज़र आता था।</p>
<p>Desi sex Kahaniya &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/saas-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सास की चुदाई</a></p>
<p><img decoding="async" class="alignleft size-medium wp-image-317" src="https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/desi-sex-stories-225x300.jpg" alt="desi sex stories" width="225" height="300" srcset="https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/desi-sex-stories-225x300.jpg 225w, https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/desi-sex-stories-768x1024.jpg 768w, https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/desi-sex-stories.jpg 900w" sizes="(max-width: 225px) 100vw, 225px" />एक दिन रेशमा के रूम का दरवाज़ा खुला था. मेरी नज़र पड़ी तो मैं अपने रूम की खिड़की से छुपकर देखने लगा।</p>
<p>रेशमा अपने कपड़े उतार रही थी. पहले उसने साड़ी खोली. साड़ी खोलते ही उसके बड़े-बड़े चूचे जो उसके ब्लाउज में भरे हुए थे वो मुझे दिखाई देने लगे.</p>
<p>ओए होए… क्या मस्त बोबे थे उसके. ब्लाउज मुश्किल से ही संभाल पा रहा था.</p>
<p>फिर उसके बाद उसने अपने पैटीकोट का नाड़ा खोल दिया और इतने में ही मेरा लंड खड़ा होकर मेरे अंडरवियर के साथ लड़ाई करने लगा.</p>
<p>जब उसने पैटीकोट उतारा तो उसकी गोरी मांसल जांघें देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया.</p>
<p>5 मिनट बाद वो पूरी की पूरी केवल ब्रा और पैंटी में ही रह गई थी. क्या माल लग रही थी!</p>
<p>मैं सारा नज़ारा साफ़ साफ़ देख रहा था। उसने पहले तो अपनी योनि को पेंटी के ऊपर से खुजलाया.</p>
<p>Desi chudai Kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/didi-ki-gol-gaand/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">दीदी की गोल गांड</a></p>
<p>उसकी इस हरकत ने मेरा हाथ मेरे तने हुए लंड पर पहुंचा दिया और मैंने अपने लंड को सहला दिया. स्स्स … क्या नजारा था यार … काश मैं उसकी पेंटी को खुजला पाता.</p>
<p>लेकिन कल्पना तो कल्पना ही होती है. फिर आगे जो हुआ उसकी तो मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी.</p>
<p>अगले ही पल रेशमा ने फिर पेंटी भी उतार दी.</p>
<p>बालों से लदी हुई रेशमा की योनि देखकर मेरा लंड अंडरवियर को फाड़कर बाहर आने के लिए मेरी जांघों को पीटने लगा.</p>
<p>कभी नीचे लगता तो कभी साइड में जाकर उछल जाता।</p>
<p>फिर उसने अपनी योनि पर ढेर सारी क्रीम लगाई और बेड पर लेट गई।</p>
<p>योनि के काले घने बालों पर क्रीम लगाए हुए रेशमा बेड पर मेरे सामने लेटी हुई थी.</p>
<p>Sex Khani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/pregnant-didi-ko-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ग्नेंट दीदी को चोदा</a></p>
<p>मेरी तो हालत ऐसी थी कि जाकर उसकी योनि को अभी चोद दूं और उसकी योनि को अपने लंड से फाड़ दूं.</p>
<p>मगर ऐसा हो पाना अभी तो संभव नहीं था न, मैं बस दूर से ही देख कर उसकी योनि को चोदने की कल्पना करने के सिवाय और कुछ नहीं कर सकता था.</p>
<p>सामने का नजारा देख कर ऐसा हाल हो गया था कि अगर मैं लंड को केवल पैंट के ऊपर से ही सहलाने भी लगता तो दो मिनट में ही मेरा वीर्य छूट जाता.</p>
<p>दस मिनट बाद रेशमा क्रीम साफ़ करने लगी. देखते ही देखते क्रीम के साथ योनि के सारे बाल गायब हो गये.</p>
<p>उसने कपड़े से पौंछते हुए जब कपड़ा योनि से हटाया तो योनि एकदम चिकनी सफाचट हो गई थी.</p>
<p>क्या योनि थी यार … गोरी-गोरी, फूली हुई, हल्के गुलाबी रंग की … देखते ही चाटने का मन करने लगा।</p>
<p>यह सब देखकर अब मुझसे रहा न गया और मैंने वहीं पर खड़े होकर अपने लंड को हिलाना शुरू कर दिया.</p>
<p>Desi sex Kahaniyaan &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/kunware-lund-ka-batwara/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">कुंवारे लंड का बंटवारा</a></p>
<p>मगर किस्मत खराब थी कि रेशमा बेड से उठने लगी और उसने मुझे अपना लंड हिलाते हुए देख लिया.</p>
<p>मेरा हाथ में मेरा लंड था और रेशमा की आंखों में गुस्सा. उसने उठ कर अपने रूम का दरवाजा गुस्से में पटकते हुए बंद कर लिया.</p>
<p>उसका ऐसा रिएक्शन देख कर मेरी गांड फट गई. मैं सोच रहा था कि कहीं यह अपने पति को सब कुछ बता न दे.</p>
<p>कई दिन तक तो मैं बालकनी में आया ही नहीं. मगर जैसा मैं सोच रहा था वैसा कुछ भी नहीं हुआ.</p>
<p>एक हफ्ता ऐसे ही निकल गया.</p>
<p>फिर जब सब कुछ सामान्य हो गया तो मैं फिर से उसके दर्शन करने अपनी बालकनी में आकर उसके रूम में झांकने लगा.</p>
<p>मैंने देखा कि उसके रूम में सजावट हो रखी थी. रेशमा तैयार हो रही थी.</p>
<p>शाम को सात बजे रेशमा बालकनी में आई.</p>
<p>मैं उसे देखकर अंदर रूम में हो गया.</p>
<p>Desi sex Kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/did-ke-saath-sex/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">दी के साथ सेक्स</a></p>
<p>मगर खिड़की खुली हुई थी तो मैं खिड़की में खड़ा होकर स्थिति का जायजा लेने लगा.</p>
<p>न चाहते हुए भी मेरी नजर रेशमा से मिल गई.</p>
<p>मैंने नर्वस सा मुंह बना कर उसको ऊपरी मन से स्माइल किया लेकिन उसने मेरी तरफ देख कर ऐसे रिएक्ट किया कि जैसे वो अभी भी गुस्से में ही है और फिर वापस अंदर चली गई.</p>
<p>कुछ मिनट बाद ही सब कुछ पलट गया. रेशमा दोबारा से अपनी बालकनी में आई.</p>
<p>मैं भी बाहर ही खड़ा था.</p>
<p>मैंने उसकी तरफ देखा और उसने मेरी तरफ देखा.</p>
<p>थोड़ी देर पहले जिस चेहरे पर गुस्सा था अब उस पर एक स्माइल थी.</p>
<p>Biwi ki sex Kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/jheel-ke-paas-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">झील के पास चुदाई</a></p>
<p>इससे पहले मैं कुछ समझ पाता उसने मुझे अपने घर आने का इशारा किया.</p>
<p>पहले तो मैं समझा नहीं और भोंदुओं की तरह उसके चेहरे को देखता रहा.</p>
<p>उसके बाद उसने फिर आंखों ही आंखों में मुझे उसके घर आने का इशारा किया तब कहीं जाकर मेरी समझ में आया कि वह मुझे अपने घर बुला रही है.</p>
<p>मगर यह सब हुआ कैसे? मैं एक पल के लिए तो सोच में पड़ गया लेकिन फिर अगले ही पल सोचा कि बड़ी मुश्किल से मछली फंसी है.</p>
<p>अगर अबकी बार हाथ से फिसल गई तो शायद दोबारा ही हाथ लगे.</p>
<p>उसके बाद तो मेरे पांव में जैसे पहिये लग गये. जल्दी से तैयार होने के लिए यहाँ-वहाँ डोलने लगा.</p>
<p>अगले पांच या सात मिनट के अंदर मैं रेशमा के घर के बाहर खड़ा था.</p>
<p>उसने दरवाजा खोला तो मेरी नजर सीधी उसके चूचों की दरार पर जाकर ही अटक गई.</p>
<p>रेशमा ने झेंपते हुए कहा- पहले अंदर तो आ जाओ.</p>
<p>Desi sex Kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>शायद रेशमा मेरी नजर को पढ़ गई थी.</p>
<p>उसने अंदर बुलाकर मुझे सोफे पर बिठाया.</p>
<p>मैंने देखा कि टेबल पर एक केक का बॉक्स पड़ा हुआ है.</p>
<p>बात शुरू करने के लिए मैंने पूछ लिया- ये केक किसके लिए है?</p>
<p>रेशमा मुस्कुराते हुए बोली- आज मेरा जन्मदिन है.</p>
<p>मगर अगले ही पल उसका चेहरा ऐसे उतर गया जैसे बाढ़ आई नदी से पानी उतर जाता है.</p>
<p>यहाँ तक कि उसने रोना ही शुरू कर दिया.</p>
<p>मैं उसकी इस बात पर हैरान हो रहा था कि आज तो खुशी का दिन है और ये रो रही है.</p>
<p><a href="https://hindipornstories.org/mastaram-chachi-ki-chudai/mastaram-chachi-ki-chudai/">Mastaram chudai</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/mere-chut-me-bhai-ka-lund/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी चूत को भाई के लंड से चुदने की तड़प</a></p>
<p>मैंने उसके कंधे पर हाथ रख कर पूछा- क्या बात हुई? तुम रो क्यूं रही हो? मैंने कुछ गलत पूछ लिया क्या?</p>
<p>रेशमा ने ना में गर्दन हिला दी और सुबकते हुए बोली- देखो न, आज मेरा जन्मदिन है. लेकिन मेरे पति को मेरी परवाह ही नहीं है.</p>
<p>मैंने उसके कंधे को सहलाते हुए कहा- कोई बात नहीं. अगर वो नहीं हैं तो क्या हुआ. मैं तो हूं न.</p>
<p>मेरे हाथ उसकी कमर को सहलाने लगे. उसने मेरे कंधे पर अपना सिर रख लिया और पूछने लगी- उस दिन तुमने अपनी कैपरी में हाथ क्यों डाला हुआ था? हाथ क्यों हिला रहे थे तुम पैंट में डाल कर.</p>
<p>उसकी बात पर एक बार तो मेरी बोलती बंद हो गई कि अचानक बर्थडे की बात से एकदम ये लंड पर कैसे उतर आई?</p>
<p>मगर मैंने भी हिम्मत करते हुए कह ही दिया- उस दिन जो नजारा दिखाई दे रहा था उसके मजे लूट रहा था.</p>
<p>क्या पता फिर वो नजारा शायद दोबारा न मिले.</p>
<p>वो बोली- अगर दोबारा वही नजारा सामने हो तो क्या करोगे?</p>
<p>Desi sex Kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/sasural-me-didi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ससुराल में दीदी की चुदाई</a></p>
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		<title>हसीन मेहबूबा</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/hotsex-haseen-mehbooba/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 16 Feb 2020 19:11:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्वासना]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[hotsex]]></category>
		<category><![CDATA[sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[sex stories]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मेरा नाम अरमान है. मैं राजस्थान के कोटा शहर का रहने वाला हूँ। मेरा कद 6 फीट और उम्र 22 साल है. अच्छी बॉडी वाला लड़का हूँ। मैं दूसरों की तरह यह तो नहीं कहूंगा ... <a title="हसीन मेहबूबा" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/hotsex-haseen-mehbooba/" aria-label="Read more about हसीन मेहबूबा">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मेरा नाम अरमान है. मैं राजस्थान के कोटा शहर का रहने वाला हूँ। मेरा कद 6 फीट और उम्र 22 साल है. अच्छी बॉडी वाला लड़का हूँ। मैं दूसरों की तरह यह तो नहीं कहूंगा कि मेरा लण्ड 8 इंच का है, मगर यह जरूर कहूंगा कि मेरा लंड किसी भी औरत और लड़की को hotsex से संतुष्ट कर सकता है।</p>
<p>वो बरसात के दिन थे. मुझे किसी काम से मेरे शहर से 200 किलोमीटर दूर जाना था। मैं शनिवार को आपनी कार से निकल पड़ा।</p>
<p>मौसम बहुत सुहाना था तो मैंने रास्ते में वाइन शॉप से एक बीयर ले ली और कार में ही उसे पीने लग गया और कार भी चला रहा था।</p>
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<p>मैं अपने शहर से करीब 80 किलोमीटर दूर आ गया था. रास्ते में बरसात बहुत तेज हो गयी थी।</p>
<p>बीयर भी अपना असर दिखा रही थी. हल्का नशा हो रहा था.</p>
<p>बरसात तेज होने के कारण मुझे रोड साफ़ दिखाई नहीं दे रहा था।</p>
<p>रास्ते में बहुत डरावना जंगल था. दूर-दूर तक सुनसान रास्ता था और रोड पर गाड़ियां भी बहुत कम चल रही थीं।</p>
<p>रात के करीब 8 बज चुके थे और मुझे भूख लग रही थी, मगर आस-पास दूर-दूर तक कुछ नहीं था।</p>
<p>तभी अचानक मेरे सामने जंगल में से भागता हुआ एक नीलगाय (हिरन जैसा जानवर) मेरी कार के सामने आ गया.</p>
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<p>मैंने एकदम हड़बड़ा कर गाड़ी को साइड में घुमा दिया.</p>
<p>मेरी गाडी स्पीड में ही रोड से नीचे उतर कर झाड़ियों में घुस गयी और पीछे का टायर एक गड्ढे में फंस गया और गाड़ी बंद हो गयी।</p>
<p>मैंने मन ही मन ऊपरवाले को कोसा कि कैसे सुनसान रोड पर गाडी ख़राब करवा दी.</p>
<p>अब आस-पास दूर-दूर तक इंसान तो दूर, कोई झोपड़ी भी नहीं दिख रही थी.</p>
<p>मैंने सोचा चलो जैसे तैसे रात कार में ही गुजारते हैं. सुबह किसी को ढूंढ कर निकलने का जरिया खोज लूंगा।</p>
<p>लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।</p>
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<p><img decoding="async" class="alignleft size-medium wp-image-308" src="https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/hotsex-kahani-300x225.jpg" alt="hotsex stories " width="300" height="225" srcset="https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/hotsex-kahani-300x225.jpg 300w, https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/hotsex-kahani.jpg 575w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />मेरे दिमाग में आया कि चलो रात यहाँ बिताने से अच्छा है कुछ दूर तक चला जाये. क्या पता कोई घर या झोपड़ी मिल जाये? मैंने कार को लॉक किया और चल पड़ा जंगल की ओर.</p>
<p>फिर अचानक से बहुत तेज बिजली कड़की और मुझे एक पुरानी फिल्मों की तरह की एक हवेली नजर आई मैंने सोचा कि चलो रात तो बिताई जा सकती है।</p>
<p>मैं उस हवेली की तरफ बढ़ चला.</p>
<p>अंधेरा होने की वजह से मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था.</p>
<p>मैं हवेली के पास पंहुचा और मैंने आवाज लगाई पर अंदर से कोई आवाज नहीं आई.</p>
<p>फिर मैंने जोर से दरवाज़े को बजाया मगर फिर भी कोई आवाज नहीं आई.</p>
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<p>मैंने सोचा यहाँ कोई नहीं रहता, तो मैं जैसे ही वापस जाने के लिए मुड़ा, अचानक हवेली की लाइट जली और अंदर से आवाज आई- कौन है?</p>
<p>वो आवाज़ इतनी मधुर थी कि मैं उस औरत की सुंदरता को सिर्फ कल्पना कर रहा था कि इसकी आवाज इतनी सुन्दर है तो यह कितनी सुन्दर होगी?</p>
<p>तभी फिर से अंदर से आती आवाज ने मेरी कल्पना को तोड़ा- कौन है?</p>
<p>मैंने जवाब दिया- मेरी कार पास में ही ख़राब हो गयी है और रात भी बहुत हो गयी है इसलिये मैं आपके यहाँ रात गुजार सकता हूं क्या?</p>
<p>अंदर से आवाज आई- मैं तुम पर यकीन क्यों करूं?</p>
<p>मैंने फिर अपनी कार ख़राब होने की दास्तान सुनाई. तभी हवेली का दरवाजा खुला और तभी अचानक जो मैंने देखा उसे मैं कभी नहीं भूल सकता.</p>
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<p>काली साड़ी में मेरे सामने खुद काम की देवी खड़ी थी. वैसी सुंदरता मैंने मेरी जिंदगी में कहीं नहीं देखी थी. जैसे स्वर्ग की अप्सराएं भी इसके सामने फीकी पड़ जायें।</p>
<p>उसके जिस्म को शब्दों में बयां करना नामुमकिन सा था. कद 5 फीट 8 इंच. चेहरा ऐसा जैसे कोई भी देखते ही मोहित हो जाये. होंठ सेब की फ़ांकों की तरह लाल, जिस्म का आकार 34, 30, 34 था.</p>
<p>उस काम की देवी के पास से ऐसी खुशबू आ रही थी कि बस मैं उसके वश में होता जा रहा था.</p>
<p>सी तराशी हुई हुस्न की मूरत थी कि खुदा ने अपनी सारी सोच इसे बनाने में ही लगा दी हो।</p>
<p>मैंने मन ही मन ऊपरवाले को शुक्रिया कहा कि ऐसी सुंदरी के दर्शन करवाए जिसे असल जिंदगी में देखना ही जिंदगी धन्य कर दे।</p>
<p>तभी उसकी आवाज ने फिर से मेरी कल्पना की दुनिया से मुझे जगाया- यहाँ ही खड़े रहना है या अंदर भी आओगे?</p>
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<p>मेरे गले से धीमी सी आवाज निकली- हाँ जी.</p>
<p>उसे देखते ही सारे अरमान जाग गए. मैंने मन ही मन ऊपरवाले को धन्यवाद दिया।</p>
<p>मेरे मन में कुछ और सवाल भी थे कि इतने सुनसान जंगल में यह अकेली और यहाँ कोई नहीं?</p>
<p>अचानक मुझे गीले कपड़ों की वजह से छींकें आने लग गयीं तो उसने कहा- जाइये कपड़े बदल लीजिये.</p>
<p>मैंने कहा- मेरे पास कपड़े नहीं है. उसने कहा कि मेरे पति के कपड़े दे देती हूं मैं आपको. आप जाइये फ्रेश हो जाइये।</p>
<p>मैं जाकर फ्रेश हो कर आ गया और मैंने उसके पति का पायजामा और टी-शर्ट पहन ली. फिर भी मेरे मन में बहुत से सवाल थे तो मुझसे रहा नहीं गया.</p>
<p>मैंने उनका नाम पूछा तो उन्होंने अपना नाम अक्षिता बताया और मैंने पूछा कि इस सुनसान जंगल में आप अकेली वो भी इतने बड़े घर में?</p>
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<p>तो उन्होंने मुस्कुरा कर कहा- ये मेरे पति के पुरखों की हवेली है और वो एक वन विभाग में अफसर हैं उनकी पोस्टिंग इसी जंगल में हो गयी तो हम यहाँ आ गये.</p>
<p>उसने आगे बताया कि घर के नौकर अपने गांव गये हैं और मेरे पति मीटिंग करने कुछ दिनों के लिए बाहर गए हैं.</p>
<p>फिर मैंने उसको अपना नाम बताया।</p>
<p>उन्होंने कहा- मैं अभी खाना लगाती हूं. आप खाने की टेबल पर चलिये.</p>
<p>फिर हमने साथ में खाना खाया. फिर अक्षिता ने बर्तन किचन में रखे.</p>
<p>जब वो चलती थी तो ऐसे लग रहा था कि कोई हिरणी अपनी सुंदरता पूरे जंगल में बिखेर कर जा रही हो।</p>
<p>मैं बार-बार ऊपरवाले को इस रात के लिये धन्यवाद दिये जा रहा था।</p>
<p>अक्षिता ने फिर मुझसे पूछा- आप कुछ पीएंगे?</p>
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