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	<title>sex kahani Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<title>sex kahani Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<item>
		<title>मेरी माँ की मोटी गांड</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/moti-gand-wali-maa-ki-xxx-chudai-kahani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jul 2024 00:10:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[माँ की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों मेरा नाम अमित है। मैं हिमाचल का रहने बाला हू.यह मेरी सची कहानी ह। मेरे घर मे मै ओर मेरी मा ओर तीन भाई है.मेरे पापा का देहांत हो चुका हे। मा की ... <a title="मेरी माँ की मोटी गांड" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/moti-gand-wali-maa-ki-xxx-chudai-kahani/" aria-label="Read more about मेरी माँ की मोटी गांड">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों मेरा नाम अमित है। मैं हिमाचल का रहने बाला हू.यह मेरी सची कहानी ह। मेरे घर मे मै ओर मेरी मा ओर तीन भाई है.मेरे पापा का देहांत हो चुका हे। मा की बात करू तो उनकी गाड बहुत बडी ओर मसत हे,उनको देख कर मेरा लोडा खडा हो जाता हे. मेरा लोडा 6&#8243;लम्बा ओर 3&#8243;मोटा हे जो एक ओरत को खुश करने के लिए काफी हे. Moti Gand Wali Maa ki Chudai <a href="https://hindipornstories.org/">xxx kahani</a></p>
<p>पापा के मरने के बाद पुरा घर विखर गया, मा अकेली हो गई थी.बडा भाई कुछ दिन बाद नौकरी पर चला गया, छोटा भाई कमपयूटर की पढाई कर रहा था, तो उसे भी नोकरी लग गई.</p>
<p><a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/seal-todne-ka-mazaa/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सील तोड़ने का मजा</a></p>
<p>घर पर मैं ओर मा रह गए, समय ठीक चल रहा था पर एक दिन की बात है घर पर कोई नहीं था मैं दोस्त के पास गया था..</p>
<p>वापस आया तो दरवाजा खुला था तो मैं अदर चला गया मा नहा रही थीं..</p>
<p>दोस्तों एक बात तो बताना भुल गया गांव के घर मिट्टी के बने होते हैं तो हमारे घर मे दो कमरे हैं, ऐक ऊपर ऐक नीचे उपर वाले कमरे में रसोई ओर नहाने की जगह साथ में ही ह..</p>
<p>तो मैं एक दम से ऊपर वाले कमरे में चला गया और देख कर सन रह गया मां नगीं नहा रही थी, उनके चूचै वाह क्या चूचै थे यार उनकी फुदी पर काले बाल सामने दीख रहे थे, उन्हें इस प्रकार देख कर मेरा लड खडा हो गया।</p>
<p><a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/aakhir-chud-gayi-nakhrili-saali/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">आखिर चुद ही गई नखरीली साली</a></p>
<p>दोस्तों मां ने एक हाथ फुदी म डाल रखा था मतलब फुदी म उगली कर रही थी,मन किया कि अभी चोद दू पर हिम्मत नहीं कर सका,पांच मिनट तक इस तरह चलता रहा मैं देख कर मूठ मारने लग रहा.</p>
<p>फिर यह सिलसिला काफी समय तक इस तरह चलता रहा रोज मां को नगीं नहाते देखता ओर मुठ मारता.</p>
<p>पर एक दिन मैं पकड़ा गया और मां ने बहुत मारा पता नहीं कया कया कहा मुझे , उस दिन से ही मेने ठाना कि अब मां को चोदना है,</p>
<p>दोस्तों यह मौका मिल गया एक बार मां विमार हो गई तो डॉक्टर ने जो दवाई लिखी कुछ अपने से दे दी ओर कुछ वाहर से लिख दी,मुझे मोका मिल गया तो मेने चुपचाप 2 गोली वियाग्रा कि ले ली.</p>
<p>मां को लिखी दवाई देता रहा.लास्ट मे जब मां ठीक हो गई तो मेने अपनी चाल चली जो वियाग्रा की गोलियां लाया था.</p>
<p><a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/bhabhi-ki-ladkiyan/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">भाभी और उनकी लड़कियाँ</a></p>
<p>एक दिन रात को दवाई खिलाते समय एक गोली वियाग्रा कि दे दी,पहले तो मां ने पुछा कि यह कोन स दवाई है तो मैं डर गया&#8230;</p>
<p>मैन डरते हुए कहा कि यह गोली रह गई है तो मान गई और गोली खा ली,कुछ देर मे उसका असर होना था.</p>
<p>तो मेने भी चुपके से गोली खा ली.</p>
<p>बस फिर क्या था मां को गोली का असर पड़ा और लगी हु हा हा स हा करने.</p>
<p>मैं साथ में ही सोया था पर मेने कुछ नहीं किया फिर मा से नहीं रहा गया ओर उन्होंने मेरा लड पकड़ लिया ओर चुसने लगी मां बोली अरे जी मुझे पता नहीं कया हुआ है&#8230;</p>
<p>मैं समझ गया कि मां मुझे पापा समझ रही है पर मैं कुछ नहीं बोला दवाई का असर मुझे भी हो गया था..</p>
<p><a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/girlfriend-ko-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">गर्लफ्रेंड को चोदा</a></p>
<p>तो मैं भी उनके चूचै दवाने लग रहा।</p>
<p>कुछ देर के बाद मां बोली आइये न मेरे उपर मुझे चोद दो ना फाड दो फूदी।</p>
<p>बस फिर क्या था मैं उपर उठकर चढ गया उन्होंने टागों को चोडा किया ओर लड रखा फुदी पर मेने जरा सा लड डाला वो तडप उठी कयोंकि 1साल से फुदी को लड नही मिला था.</p>
<p>थोडा सा लड गया तो उसे दर्द हुआ और वो चिल्लाने लगी आआआइईई मर गीईईईईईई आआआहहहममम फिर क्या था मेने मां को कस क पकड़ा और जोर का धक्का दे दिया लड पूरा अदर चला गया और फिर रोने लगी आआआईईई मार दिया आपने आआआहहममम आआआईईईउउऊऊममममम बस करो निकाल लो लोडा बाहर मुझे चुसना है&#8230;</p>
<p><a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/did-ke-saath-sex/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">दीदी के साथ सेक्स</a></p>
<p>फिर क्या था दोस्तों मा ने ऐसा लड चुसा पुछो मत मजा आ गया&#8230;</p>
<p>फिर म उनकी फुदी कि ओर गया लड डाल कर जोर से चोदा जब माल निकलने लगा&#8230;</p>
<p>तो मां को कहा कि माल निकल रहा है कया करु उन्होंने कहा कया पुछ रहे हो आप कि फुदी हे डाल दो अदर&#8230;</p>
<p>मतलब मां मुझे पापाजी समझ रही थीं.</p>
<p>तो दोस्तों मेने सारा माल मा की फुदी म ही डाल दिया।</p>
<p>अब हम थक गए थे तो हम अलग हो कर सो गए.</p>
<p><a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/jija-ne-chat-par-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">जीजू ने आधी रात में छत पर चोदा</a></p>
<p>थोड़ी देर बाद मैंने सोचा की पता नहीं दोबारा फुदी मिले न मिले तो एक बार फिर से हो जाऐ.</p>
<p>मैं फिर से मां के उपर चढ गया और एक घंटे तक उनकी फुदी टका के मारी ओर माल भीतर ही निकाला दिया.</p>
<p>मां बोली जान आपने तो फुदी का बुरा हाल कर दिया.</p>
<p>ओर फिर हम सो गए नगे ही सुबह जब उठा तो मां का सिर मेरी छाती पर था.</p>
<p>उनकी निद खुली तो मैं डर गया पर उन्होंने मुझे देखा ओर हस पडी मुझे कीस कर दिया मुझे सिग्नल मिल गया.</p>
<p>तो मैं फिर से उपर चढ गया.</p>
<p>जैसे ही चढा मा ने टागों को फैला दी ओर बोली चोद मुझे!!!</p>
<p><a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/pregnant-didi-ko-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्रेग्नेंट दीदी को चोदा</a></p>
<p>लंड सीधा फुदी मे घुस गया मा फिर से आआईईई ससससहक्षहह करने लगी&#8230;</p>
<p>कुछ समय चोदने के बाद जब माल निकलने लगा तो मां को पूछा कया करु, मा ने कहा अदर मत निकाल देना मुझे बचा ठहर जाएगा&#8230;</p>
<p>तो मैं बोला मां रात को दो बार तो आप ने अदर माल डलवा लिया जबरन अव तू मेरी रडी ह आज से..</p>
<p>बो बोली नही अदर नही..</p>
<p>मेने कहा रडी रात को दो बार माल फुदी म डाला था उससे बचा नही होगा जो अब मना कर रही हो.</p>
<p>फिर माल कि एक एक बूंद मां की फुदी म डाल दी..</p>
<p>बो रोने लगी मैंने माल स शना लड मां के मुह म डाल दिया लड चूसाया.</p>
<p><a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/saali-ke-saath-mazedaar-sex/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">साली के साथ जबरदस्त मज़ा किया</a></p>
<p>दूसरी बार माल मुह म निकाल दिया माल आधा बाहर आधा अदर रह गया।</p>
<p>उस दिन से मैं मां को रोज चोदने लगा. इस दौरान उन्हें बचा भी ठहर गया था&#8230;&#8230;.</p>
<p>वो कैसे आप को अपनी अगली कहनी म बताउंगा.</p>
<p>यह कहानी कैसी लगी जरूर बताना..</p>
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		<item>
		<title>मेरी पड़ोसी की चुदक्कड़ बेटियाँ</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/padosi-ki-beti-ko-choda-hot-indian-sex-kahani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jul 2024 05:00:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[लड़कियों की गांड चुदाई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आगरा से ट्रांसफर होकर जब मैं कानपुर आया तो मैंने कानपुर में एक मकान किराए पर लिया। गुप्ताईन का मकान मेरे घर के ठीक सामने था। गुप्ताईन की उम्र करीब 45 साल थी लेकिन अच्छे ... <a title="मेरी पड़ोसी की चुदक्कड़ बेटियाँ" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-beti-ko-choda-hot-indian-sex-kahani/" aria-label="Read more about मेरी पड़ोसी की चुदक्कड़ बेटियाँ">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आगरा से ट्रांसफर होकर जब मैं कानपुर आया तो मैंने कानपुर में एक मकान किराए पर लिया। गुप्ताईन का मकान मेरे घर के ठीक सामने था। गुप्ताईन की उम्र करीब 45 साल थी लेकिन अच्छे रख-रखाव और सजावट की वजह से वो करीब 40 साल की लगती थी। गुप्ता जी एक बैंक में मैनेजर थे।</p>
<p>उनका एक 20-22 साल का बेटा था जो ग्रेजुएशन के बाद जॉब की तलाश में था और एक बेटी जो करीब 18 साल की थी जो इंटर में पढ़ रही थी।</p>
<p>जब से मैं इस मोहल्ले में आया था, मुझे गुप्ताईन से प्यार हो गया था, मुझे किसी तरह से उसे चोदने का तरीका खोजना था।</p>
<h5>padosi ki beti ko choda hot indian sex kahani</h5>
<p>जहाँ चाह होती है वहाँ राह निकल ही आती है।</p>
<p>एक सुबह जब मैं कहीं जाने के लिए कार निकाल रहा था तो मैंने देखा कि गुप्ताईन की बेटी डॉली छाता लेकर खड़ी थी और गुप्ता जी अपना स्कूटर निकाल रहे थे।</p>
<p>बूंदा-बांदी हो रही थी, मैंने गुप्ता जी से पूछा- सर इतनी सुबह-सुबह कहाँ हो?</p>
<p>गुप्ता जी बोले- डॉली का एग्जाम है, मैं उसे स्कूल छोड़ने जा रहा हूँ।</p>
<p>मैंने कहा- मैं वहाँ जा रहा हूँ, मैं उसे छोड़ दूँगा।</p>
<p>थोड़ी हिचकिचाहट के बाद उन्होंने डॉली को मेरे साथ भेज दिया।</p>
<p>शाम को जब मेरी नज़र गुप्ताईन से मिली तो मुझे लगा जैसे वो बिना कुछ कहे ही शुक्रिया कह रही हो।</p>
<p>ऐसा तीन-चार बार हुआ जब मैंने डॉली को उसके स्कूल छोड़ा।</p>
<p>इससे गुप्ताईन तो खुश हो गई लेकिन मेरे दिमाग में एक नया ख्याल आया कि अगर मुझे डॉली को चोदने का मौका मिले तो क्या कहने।</p>
<p>हालाँकि डॉली कोई बहुत खूबसूरत लड़की नहीं थी। दुबला पतला शरीर, सांवला रंग, पाँच फुट छह सात इंच लंबी।</p>
<p>दो चीज़ें बहुत आकर्षक थीं, भावपूर्ण आँखें और मुस्कुराते हुए होंठ।</p>
<p>अब मेरा लक्ष्य बदल चुका था।</p>
<p>फिर एक दिन बातों-बातों में गुप्ता जी ने मुझे बताया कि डॉली का शनिवार को लखनऊ में एग्जाम है, मुझे उसे वहाँ ले जाना होगा।</p>
<p>मैंने तुरंत कहा- मैं शनिवार को लखनऊ जा रहा हूँ, दो घंटे का काम है।</p>
<p>मैं उसे उसके सेंटर पर छोड़ दूँगा और अपना काम खत्म करके वापस आते समय उसे ले लूँगा।</p>
<p>गुप्ता जी इतना बड़ा एहसान लेने को तैयार नहीं थे, लेकिन धीरे-धीरे मान गए।</p>
<p>अब मैं डॉली को चोदने की योजना बनाने लगा।</p>
<p>तय कार्यक्रम के अनुसार, मैं और डॉली शनिवार सुबह 7 बजे लखनऊ के लिए निकले, रास्ते में हमने चाय-नाश्ता किया और करीब 9 बजे डॉली के सेंटर पर पहुँच गए।</p>
<p>वहाँ पहुँचकर डॉली ने मेरे फोन से गुप्ताई को अपने आने की सूचना दी।</p>
<p>वो 9:30 बजे अंदर चली गई, उसे 1 बजे निकलना था।</p>
<p>मैं वहाँ से निकला, एक अच्छे होटल में कमरा बुक किया, अपना बैग रखा और थोड़ी देर आराम किया और डॉली को लेने उसके सेंटर पर पहुँच गया।</p>
<p>डॉली बाहर आई, कार में बैठी और मैंने पूछा- पेपर कैसा था?</p>
<p>वो खुशी से उछल पड़ी और बोली- बहुत बढ़िया।</p>
<p>मैंने कहा- मुझे बहुत भूख लगी है, चलो पहले खाना खाते हैं।</p>
<p>हमने एक अच्छे रेस्टोरेंट में खाना खाया।</p>
<p>डिनर के समय मैंने उससे कहा कि मेरा काम अभी नहीं हुआ है, अगर शाम तक हो जाए तो ठीक है, नहीं तो मुझे रात भर रुकना पड़ेगा।</p>
<p>मेरी बहन यहीं रहती है, हम उसके घर रुकेंगे।</p>
<p>मेरे आग्रह पर उसने गुप्ताईं से भी यही कहा।</p>
<p>अब मैंने डॉली से कहा- चार घंटे कैसे कटेंगे, चलो कोई मूवी देखते हैं।</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/do-lund-se-chudai/">दो लंडो से चुदाई</a> की <a href="https://hindipornstories.org/">फ्री सेक्स कहानी</a> जरूर पढ़ें।</p>
<p>कंजूस गुप्ता जी की तुलना में मेरा शाही खर्च देखकर डॉली खुश और प्रभावित हुई।</p>
<p>हमने मूवी देखी, खाया-पीया और मैंने मॉल से ही डॉली के लिए एक बढ़िया मिडी फ्रॉक मंगवाई।</p>
<p>शाम के 7 बज चुके थे। मैंने फर्जी कॉल किया,</p>
<p>थोड़ी देर बात करने के बाद मैंने डॉली से कहा कि हमें रात भर रुकना पड़ेगा, चलो बहन के घर चलते हैं, तुम अपनी मां से कह देना।</p>
<p>डॉली ने गुप्ताईं से कहा, इस बीच मैंने फोन उठाया और गुप्ताईं को भरोसा दिलाया कि हम कल 12 बजे तक वापस पहुंच जाएंगे।</p>
<p>अब मैंने डॉली से कहा- मैं सोच रहा हूँ कि दीदी लखनऊ के दूसरे छोर पर रहती हैं, इतनी दूर उनके घर जाने से अच्छा है कि पास के किसी होटल में रुका जाए, होटल में रुकने का अलग ही मजा है।</p>
<p>डॉली कैसे मना कर सकती थी।</p>
<p>मैंने गाड़ी होटल की तरफ मोड़ दी, कमरे पर पहुँच कर मैंने पूछा- कमरा कैसा है?</p>
<p>उसने आँख मारते हुए कहा- बहुत खूबसूरत है।</p>
<p>हमने खाना खाया और सोना पड़ा. मैंने फ्रिज से कोका-कोला की बोतल निकाली, उसमें मैंने व्हिस्की मिलाई हुई थी, दो घूँट पीने के बाद मैंने बोतल डॉली को दे दी, उसने भी दो-तीन घूँट पीने के बाद मुझे दे दी, इस तरह हम दोनों ने कोका-कोला की बोतल खाली कर दी, दो-दो पैग पी लिए.</p>
<p>अब मैंने उसे वो फ्रॉक दी जो मैंने उसके लिए खरीदी थी और कहा- नहा लो और मुझे दिखाओ कि इसे पहनने के बाद तुम कैसी लग रही हो.</p>
<p>थोड़ी देर बाद वो नहा कर वापस आई, मैंने उसकी तारीफ की और नहाने चला गया.</p>
<p>नहाने के बाद मैं अपने साथ लाया हुआ टी-शर्ट और लोअर पहन कर कमरे में आया, वो पहले से ही सो चुकी थी.</p>
<p>मैं भी उसके बगल में लेट गया.</p>
<p>मैंने फ्रॉक की पीछे की ज़िप खोली और उसकी फ्रॉक उतार दी, फिर उसकी ब्रा और पैंटी.</p>
<p>अब डॉली मेरे सामने पूरी नंगी लेटी हुई थी लेकिन मुझे उसे इस हालत में चोदने में मज़ा नहीं आ रहा था.</p>
<p>मैंने कमरे की लाइट बंद कर दी, खुद को चादर से ढक लिया और डॉली को भी चादर के अंदर ले लिया.</p>
<p>मैं उसके संतरे जैसे छोटे स्तनों को मसलने लगा. कुछ देर बाद निप्पल टाइट होने लगे. अब मैंने एक स्तन को मुंह में लिया</p>
<p>और धीरे-धीरे चूसने लगा.</p>
<p>मैंने एक हाथ डॉली की चूत पर रखा और उसे सहलाने लगा.</p>
<p>आधे घंटे तक दोनों स्तनों को चूसने और बारी-बारी से चूत को सहलाने के बाद डॉली जाग गई या यूं कहिए कि उसे होश आ गया. वो बोली- अंकल, मुझे बहुत नींद आ रही है.</p>
<p>मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करते हुए कहा- मैं आज रात सोने वाली नहीं हूँ.</p>
<p>जब मैं उसके स्तन चूसने में थोड़ा और सख्त हो गया और उसकी चूत में उंगली करने की स्पीड बढ़ा दी तो उसे मजा आने लगा.</p>
<p>अब मैं उठकर बाथरूम गया, पेशाब करके वापस आया और चुपचाप लेट गया. एक मिनट ही बीता था कि डॉली मेरे करीब सरक गई और अपना हाथ मेरी छाती पर फिराने लगी, थोड़ी देर बाद उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी चूत पर रख दिया.</p>
<p>मैं समझ गया कि लोहा गरम है. मैंने फिर से उसके स्तन को अपने मुँह में लिया और उसकी चूत को सहलाने लगा और उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया.</p>
<p>वो मेरी लोअर के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगी.</p>
<p>पड़ोसन की लड़की की चुदाई की सेक्स कहानी अगले भाग में जारी है.</p>
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		<title>पडोस्वाली कुंवारी लड़की</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/padosi-ki-sexy-ladki-ko-choda-xxxx-story/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jul 2024 19:48:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[Antervasna]]></category>
		<category><![CDATA[chut chudai kahani]]></category>
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		<category><![CDATA[ladki ki chodayi]]></category>
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		<category><![CDATA[padosan ki ladki]]></category>
		<category><![CDATA[Padosi ki ladki]]></category>
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		<category><![CDATA[samuhik chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[sex kahani]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों, मेरी सेक्सी कहानी में आपका स्वागत है. मैं आपको अपनी पड़ोसन कुंवारी लड़की की चूत चोदने की कहानी बताने जा रहा हूँ. मेरा नाम राज है, मैं लुधियाना से हूँ. मेरी उम्र 24 ... <a title="पडोस्वाली कुंवारी लड़की" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-sexy-ladki-ko-choda-xxxx-story/" aria-label="Read more about पडोस्वाली कुंवारी लड़की">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों, मेरी सेक्सी कहानी में आपका स्वागत है. मैं आपको अपनी पड़ोसन कुंवारी लड़की की चूत चोदने की कहानी बताने जा रहा हूँ. मेरा नाम राज है, मैं लुधियाना से हूँ. मेरी उम्र 24 साल है और मैं अविवाहित हूँ. Meri is sexy kahani mein padhiye ki kaise maine apni padosi ki ladki ko choda.</p>
<p>मेरी एक गर्लफ्रेंड थी, उसका नाम नीलम था. मेरे घर के पास एक और लड़की रहती थी, सिर्फ़ 18 साल की. उसका नाम संध्या था. संध्या और नीलम सहेलियाँ थीं, संध्या को नीलम और मेरे बारे में पता था. मैं संध्या से नीलम के घर फ़ोन करवाता था.</p>
<p>संध्या को सब पता था, नीलम और मैं कहाँ जा रहे हैं, क्या कर रहे हैं.</p>
<p>ये सब सुनकर संध्या को भी सेक्स करने की इच्छा होने लगी.</p>
<p>वो अक्सर मेरे घर आती और मुझसे पूछती- राज भैया, कल आपने नीलम के साथ क्या किया?</p>
<p>मैं- तुम्हारा इन सब से क्या लेना-देना है?</p>
<p>फिर वो शरमा कर चली गई.</p>
<p>मैंने नीलम से पूछा तो उसने बताया कि वह हमारे बीच हुई हर बात संध्या को बताती है।</p>
<p>मैं समझ गया।</p>
<p>एक दिन जब मैं अपने घर में काम कर रहा था, संध्या मेरे पास आई और मुझसे बातें करने लगी।</p>
<p>मैंने उससे कहा- तुम अभी जाओ। थोड़ा देर से आना, मुझे अभी काम करना है।</p>
<p>लेकिन वह नहीं मानी।</p>
<p>मैंने उसे थोड़ी देर के लिए आने को कहा, फिर वह चली गई।</p>
<p>मेरी मां को बाजार जाना था, तो मां ने मुझसे कहा- मैं थोड़ी देर में वापस आऊंगी। अगर तुम्हें चाय पीनी है, तो संध्या से कह देना, वह बना देगी!</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है!</p>
<p>मां के जाने के तुरंत बाद संध्या फिर से मेरे घर आ गई और मुझे परेशान करने लगी।</p>
<p>मैं अपना काम नहीं कर पा रहा था।</p>
<p>इस बीच संध्या ने मेरे हाथ से पेन छीन लिया और मेरे कमरे की तरफ भागने लगी। मैं उसे पकड़ने के लिए खड़ा हो गया, मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया।</p>
<p>जब मैंने उसे पकड़ा तो मेरे हाथ उसके स्तनों पर थे।</p>
<p>संध्या के स्तन बहुत मुलायम थे, लेकिन छोटे भी थे।</p>
<p><a href="https://hindipornstories.org/gaand-me-lund/">मेरा लंड उसकी गांड पर था</a>।</p>
<p>थोड़ी देर तक पकड़े रखने के बाद उसने मुझे पेन दे दिया।</p>
<p>मैं पेन लेना नहीं चाहता था, लेकिन मैंने उसे छोड़ दिया, मैंने उससे कहा- मेरे लिए चाय बनाओ!</p>
<p>वह बोली- ठीक है भैया!</p>
<p>और वह चाय बनाने चली गई।</p>
<p><strong>Padosi ki ladki ko choda kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/suhagraat-par-pehli-baar-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सुहागरात पर पहली बार चुदाई</a></strong></p>
<p>मैं कुछ देर तक सोचता रहा कि क्या करूँ, पर अब मैं सेक्स किए बिना नहीं रह सकता था। मैं धीरे से उसके पास किचन में गया और उसके पीछे खड़ा हो गया, बोला- चाय अभी तक बनी नहीं है क्या?</p>
<p>मेरा लिंग उसके नितम्बों को छू रहा था, तो वो समझ गई, वो मुझसे बचने लगी।</p>
<p>मैं भी समझ गया कि वो अब मुझसे बच रही है।</p>
<p>उसने मुझे चाय दी और कहा- भैया, मैं घर जा रहा हूँ!</p>
<p>मैंने कहा- रुको ना… मैं चाय पी लूँ, फिर तुम जा सकते हो!</p>
<p>वो बोली- ठीक है, पी लो।</p>
<p>मैं उसे अपने कमरे में ले गया। वो चुपचाप मेरे कमरे के एक कोने में खड़ी हो गई। मैं सोच रहा था कि अब क्या करूँ।</p>
<p>मैंने जानबूझ कर उसके सामने नीलम की बात छेड़ी, मैंने उससे पूछा- क्या तुमने नीलम से बात की है?</p>
<p>वो बोली- नहीं!</p>
<p>फिर मैंने उससे कहा- तुम नीलम को फ़ोन करके यहाँ बुलाओ!</p>
<p>वो बोली- क्यों? तुम उसे यहाँ क्यों बुला रहे हो भैया?</p>
<p>मैंने कहा- क्योंकि माँ यहाँ नहीं है!</p>
<p>वो बोली- ठीक है।</p>
<p>फिर उसने कहा- मैं तुम्हें फोन करके आऊँगी।</p>
<p>मैंने कहा- रुको!</p>
<p>मेरे इतना कहने के बाद वह रुकी और पूछा- बताओ क्या?</p>
<p>मैंने उससे पूछा- नीलम तुम्हें क्या-क्या बातें बताती है?</p>
<p>उसने कहा- कुछ नहीं।</p>
<p>मैं समझ गया कि अब वह मुझसे बात करने से डर रही है… मैंने कहा- संध्या, तुम मेरे पास आओ!</p>
<p>उसने कहा- क्यों?</p>
<p>मैंने कहा- चलो!</p>
<p>वो धीरे से मेरे पास आई, मैंने उसे बिस्तर पर बिठाया और कहा- संध्या, तुम मेरे और नीलम के सेक्स के बारे में सब कुछ जानती हो, है न?</p>
<p>वो बोली- भैया, मैं कुछ नहीं जानती, कसम से!</p>
<p>वो उस समय डरी हुई थी.</p>
<p>फिर मैंने कहा- ठीक है. अगर तुम्हें हमारी बातचीत के बारे में जानना है, तो मुझसे पूछो&#8230; लेकिन नीलम से मत पूछो!</p>
<p>उसने तुरंत पूछा- क्यों?</p>
<p>मैंने कहा- अगर नीलम तुम्हारी माँ को बता दे तो?</p>
<p>उसने धीरे से हाँ कहा.</p>
<p>उसके बाद मैंने उससे पूछा- क्या तुम अभी जानना चाहती हो?</p>
<p>उसने धीरे से अपना चेहरा हिलाया और कहा नहीं.</p>
<p>फिर भी मैं उसे पूरी बात बताने लगा. वो थोड़ी देर तक ना कहती रही, उसके बाद वो ध्यान से सुनने लगी. मैंने उसे एक बात पूरी बताई.</p>
<p>उसके बाद वो मुझसे बोली- भैया मुझे इसके बारे में किसी और दिन बताना ना?</p>
<p>जब मैंने उससे कहा- मैं अभी नहीं बताना चाहता.</p>
<p>वो तुरंत खड़ी हो गई.</p>
<p>मैंने उसे आगे से पकड़ लिया और उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया।</p>
<p>वह मुझसे दूर जाने की पूरी कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने उसे जाने नहीं दिया…</p>
<p>थोड़ी देर बाद मैंने उससे कहा- बिस्तर पर लेट जाओ!</p>
<p>लेकिन उसने कहा- मैं चिल्लाऊँगी।</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है, तुम चिल्लाओ!</p>
<p>मैंने उसे अपने हाथों से उठाया और बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर लेट गया. मैंने उसके हाथ पकड़े और उसे चूमने लगा.</p>
<p>थोड़ी देर तक वो ना-ना करती रही, फिर मैंने एक हाथ से उसके दोनों हाथ पकड़े और दूसरे हाथ से उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया.</p>
<p>वो ना-ना कह रही थी.</p>
<p>फिर मैंने अपना हाथ उसकी सलवार में डाला और उसकी चूत को सहलाने लगा. कुछ देर ऐसा करने के बाद वो भी गर्म होने लगी. फिर मैंने उसके हाथ छोड़े और उसके बाद मैं समझ गया कि अब वो भी गर्म हो गई है, अब वो चुदते समय नखरे नहीं करेगी.</p>
<p>फिर मैंने उसकी कुर्ती उतार दी और उसके साथ उसकी शर्ट भी. मैं उसके स्तनों को सहलाने लगा और अपने हाथों से उसकी चूत को सहलाने लगा.</p>
<p>मुझे पता था कि वो पहली बार सेक्स कर रही है.</p>
<p>उसके मुँह से ‘हाहा हाहा हाहा&#8230;’ की आवाज़ें आ रही थीं.</p>
<p>मैंने उससे कहा- मैं नीलम के साथ भी ऐसा ही करता हूँ.</p>
<p>तो उसने अपनी बंद आँखें खोली और बोली- अब आगे क्या करते हो?</p>
<p>मैं समझ गया कि अब वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी है, मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए, अब वो मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी।</p>
<p>फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और तेल की बोतल लाया। मैंने अपने लिंग पर तेल लगाया, उसके बाद मैंने उसकी चूत पर भी तेल लगाया।</p>
<p>मैंने उससे पूछा- क्या मैं अपना लिंग डाल दूँ?</p>
<p>तो वो बोली- डाल दूँ!</p>
<p>जैसे ही <a href="https://freehindisexstories.net/choot-me-lund-hua-bahut-dard/">मैंने अपना लिंग उसकी चूत में थोड़ा सा डाला</a>, वो जोर से चिल्लाई- उउउउउउम्मम्म्म आआआआ ईईईईईई नहीं भैयाआआआ निकालो।</p>
<p>मैंने अपना लिंग बाहर निकाला और कहा- थोड़ा दर्द होगा। इतनी जोर से मत चिल्लाओ!</p>
<p>वो बोली- ठीक है, पर भैया थोड़ा धीरे से डालना!</p>
<p>मैंने फिर से अपना लिंग उसकी चूत में डाला, जैसे ही वो चिल्लाई, मैंने अपना मुँह उसके मुँह पर रख दिया और उसके होंठ चूसने लगा।</p>
<p>थोड़ी देर बाद उसकी चीखें कम हो गईं।</p>
<p>फिर मैंने अपनी कमर को थोड़ा पीछे किया और एक जोरदार झटका दिया और अपना पूरा लिंग उसकी चूत में डाल दिया. उसके बाद वो लगभग मर ही गई, वो बहुत जोर से चिल्लाई- उम्म्ह… आआह्ह… हाआआ… बहुत दर्द हो रहा है… मैं अब और नहीं सह सकती… प्लीज… निकाल लो.</p>
<p>फिर मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में लिया और जोर-जोर से हिलाने लगा.</p>
<p>उसकी चूत से खून निकलने लगा और वो पागल हो गई.</p>
<p>उसके चिल्लाने के बाद भी मैंने उसे चोदना बंद नहीं किया और चोदता रहा.</p>
<p>कुछ देर बाद मेरा वीर्य निकल गया, जिसे मैंने उसकी चूत में नहीं जाने दिया, बाहर निकाल दिया.</p>
<p>और मैं कुछ देर उसके ऊपर लेटा रहा.</p>
<p>अपना लिंग उसकी चूत से बाहर निकालने के बाद ही उसने राहत की सांस ली और बोली- भैया, अब मैं कभी भी तुम्हारे साथ नहीं चुदूँगी.</p>
<p>मैंने उससे कहा- तुम अपना खून साफ ​​करो और अपने कपड़े पहन लो!</p>
<p>मैंने अपने कपड़े पहने और फिर अपना काम करने लगा.</p>
<p>थोड़ी देर बाद वो कमरे से बाहर आई और बोली- भैया, मैं जा रही हूँ.</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है, अब कब आओगी?</p>
<p>वो बोली- जब भी समय मिले.</p>
<p>आज भी जब भी मौका मिलता है, मैं उसे चोदता रहता हूँ.</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-sexy-ladki-ko-choda-xxxx-story/">पडोस्वाली कुंवारी लड़की</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>दोस्त की चुदास बीवी &#8211; भाग २</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/mast-chudas-bhabhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2020 07:00:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भाभी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[Mast chudas bhabhi]]></category>
		<category><![CDATA[sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[xxx kahani]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हैलो दोस्तो। अन्तर्वासना के दुनिया में सबका स्वागत करता हु. मैं रोज़ फ्री हिंदी सेक्स स्टोरीज डॉट नेट पर चुदाई की कहानियाँ पढ़ने आता हु&#8230; आशा करता हु के आपने इस मस्त चुदाई कहानी (chudas ... <a title="दोस्त की चुदास बीवी &#8211; भाग २" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/mast-chudas-bhabhi/" aria-label="Read more about दोस्त की चुदास बीवी &#8211; भाग २">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हैलो दोस्तो। अन्तर्वासना के दुनिया में सबका स्वागत करता हु. मैं रोज़ फ्री हिंदी सेक्स स्टोरीज डॉट नेट पर चुदाई की कहानियाँ पढ़ने आता हु&#8230; आशा करता हु के आपने इस मस्त चुदाई कहानी (chudas bhabhi) का पहला भाग ज़रूर पढ़ा होगा..</p>
<p>अगर नही पढ़ा तो ज़रूर पढ़िए.. अब आगे..</p>
<p>Chudas Bhabhi ki Chudai &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/aakhir-chud-gayi-nakhrili-saali/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">आखिर चुद ही गई नखरीली साली</a></p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignright wp-image-374" src="https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/05/freehindisexstories.net-par-mast-chudas-bhabhi-ki-chudai-ki-xxx-kahani.jpg" alt="freehindisexstories.net par mast chudas bhabhi ki chudai ki xxx kahani" width="310" height="551" srcset="https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/05/freehindisexstories.net-par-mast-chudas-bhabhi-ki-chudai-ki-xxx-kahani.jpg 576w, https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/05/freehindisexstories.net-par-mast-chudas-bhabhi-ki-chudai-ki-xxx-kahani-169x300.jpg 169w" sizes="(max-width: 310px) 100vw, 310px" />मैंने उसे बोला कि सीमा अब रहा नहीं जाता, आज मुझे सब कुछ करना है.</p>
<p>उसने कहा कि रुको मैं अभी आती हूं.</p>
<p>उसने बाहर जाकर गेट के बाहर बैठे अपनी दादी को कहा कि मैं नहाने जा रही हूं कोई अंदर ना आए और वह फिर मेरे पास आ गई.</p>
<p>उसने आते ही मेरी पेंट का बटन खोला और पेंट नीचे खिसका दी.</p>
<p>फिर उसने मेरे अंडरवियर के ऊपर से ही मेरे <a href="https://hindipornstories.org/">लंड</a> को दांतों से पकड़ लिया और धीरे-धीरे दबाने लगी मैं आनंद में आकर आंखें बंद करके उसके सिर के बालों में हाथ घुमा रहा था.</p>
<p>उसने धीरे से मेरे अंडरवियर को नीचे किया और मेरे लंड को पकड़ कर मुट्ठी में भींच लिया.</p>
<p>Chudas Bhabhi ki Chudai &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/didi-ne-karaya-balatkar/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">दीदी ने कराया धोखे से बलात्कार</a></p>
<p>उसने मेरे लंड के सुपाड़े की खाल पीछे की और अपने जीभ की नोक मेरे लंड के सुपाडे पर घुमाई.</p>
<p>मुझे लगा कि मेरा पानी बस अब निकलने ही वाला था.</p>
<p>उसने अचानक मेरा लंड पूरा का पूरा मुंह में घुसा लिया उसके मुंह की गर्मी से मेरा पानी छूट गया..</p>
<p>मगर मैं हैरान रह गया कि उसने मेरा लंड मुंह से बाहर नहीं निकाला और मेरे वीर्य को गटक गई.</p>
<p>वह मेरे लंड को अंदर-बाहर करती रही.</p>
<p>कभी हल्का सा दांत से दबाती तो कभी पूरा का पूरा निकल जाती मेरा लंड जो कि पानी निकलने के कारण अब शांत हो जाना चाहिए था मगर वह उसके मुंह की गर्मी से और वासना के नशे में और ज्यादा कठोर होता चला गया.</p>
<p>अब मैंने उसके मुंह से लंड निकाला और उसके होठों को चूमने लगा.</p>
<p>Chudas Bhabhi ki Chudai &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/maa-ki-moti-gand/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी माँ की मोटी गांड</a></p>
<p>मैंने उसे धीरे से बेड पर लिटाया और उसका ब्लाउज खोल दिया.</p>
<p>उसकी मोटी मोटी चूचियां ब्रा में समा नहीं रही थी.</p>
<p>मैंने कोशिश की मगर मैं उसकी ब्रा का हुक खोल नहीं पाया क्योंकि मैं बहुत जल्दी में था.</p>
<p>वह मेरी इस जल्दबाजी को देख कर हंसने लगी.</p>
<p>उसकी हंसी को देख कर मुझे गुस्सा आया और मैंने एक झटके में उसकी ब्रा फाड़ दी.</p>
<p>उसके दोनों चुचियों को हाथ में पकड़ लिया और धीरे-धीरे दबाने लगा.</p>
<p>उसकी चूचियां बहुत टाइट थी.</p>
<p>जब मैंने अपनी उंगलियों को हटाया तो मेरी उंगलियों के लाल निशान उसकी चूचियों पर दिखाई देने लगे.</p>
<p>मैंने उसकी एक चूची के निप्पल को मुंह में भर लिया और चूसने लगा.</p>
<p>Chudas Bhabhi ki Chudai &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/jija-ne-chat-par-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">जीजू ने आधी रात में छत पर चोदा</a></p>
<p>मैं कभी दाएं चूची को चूसता तो कभी बाई को।</p>
<p>वो कभी हसने लगती तो कभी खिलखिलाने लगती और मै उसकी इस हरकत पर पागलों की तरह चूसता ही जा रहा था.</p>
<p>मुझे कुछ भी होश नहीं था.</p>
<p>वो नीचे हाथ ले जाकर मेरे लंड को धीरे-धीरे सहला रही थी.</p>
<p>मुझे लंड में दर्द महसूस होने लगा.</p>
<p>ऐसा लग रहा था जैसे यह फट जाएगा.</p>
<p>फिर मैं नीचे गया उसके पेटीकोट को ऊपर उठा दिया गोरी गोरी टांगों के बीच उसकी गुलाबी सी गोल सी प्यारी सी फूली हुई चूत.</p>
<p>मैंने उस पर धीरे से जीभ लगाई मेरी जीभ लगाते ही उसने अपनी कमर उठा दी और आह आह बाबू जान ऐसा मत करो मेरी जान निकल जाएगी ओह कम ओंन जान फॅक मी जैसी आवाजें निकालने लगी.</p>
<p>Chudas Bhabhi ki Chudai &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/pados-ki-mast-bhabhi/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पड़ोस की मस्त भाभी</a></p>
<p>मैंने उसके पैरों को चौड़ा किया और उसकी चूत को किश करने लगा.</p>
<p>वो पागलों की तरह मेरे सिर के बालों को खींच रही थी.</p>
<p>क्या नजारा था, मैंने अब धीरे जी अपनी जीभ की नोक उसकी चूत की दरार में घुमाई.</p>
<p>उसने कहा अब मैं नहीं रह सकती प्लीज़ जान अब और नहीं..</p>
<p>अब मैंने उसकी चूत अपनी उंगलियों से खोलकर उसकी चूत के अंदर अपनी जीभ डाल दी.</p>
<p>उसकी चूत से नमकीन सा पानी निकल रहा था.</p>
<p>मैं उस पानी को चाटते रहा.</p>
<p>वो पागलों की तरह ओह ओह आह जान बाबू कर रही थी.</p>
<p>मुझे चाटना कोई खास अच्छा तो नहीं लग रहा था मगर उसकी बेचैनी को देखकर मजा आ रहा था.</p>
<p>Chudas Bhabhi ki Chudai &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/choti-behan-ki-choot-ki-tadap/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">छोटी बहन की चूत की तड़प</a></p>
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			</item>
		<item>
		<title>नयी नवेली भाभी की चुदाई कहानी</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/nayi-naveli-bhabhi-ki-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2020 18:50:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[रिश्तों में चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[bhabhi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[sex kahani]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=575</guid>

					<description><![CDATA[<p>हैल्लो फ्रेंड्स मेरा नाम बंटी सिंह रावल है, और मै फिलहाल चेन्नई मे रहता हूँ। मेरी उम्र 20 साल की है। वैसे मै वैसे तो राजस्थान से हूँ, लेकिन मेरी जॉब यहाँ साउथ-इंडिया मे है। ... <a title="नयी नवेली भाभी की चुदाई कहानी" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/nayi-naveli-bhabhi-ki-chudai/" aria-label="Read more about नयी नवेली भाभी की चुदाई कहानी">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हैल्लो फ्रेंड्स मेरा नाम बंटी सिंह रावल है, और मै फिलहाल चेन्नई मे रहता हूँ। मेरी उम्र 20 साल की है। वैसे मै वैसे तो राजस्थान से हूँ, लेकिन मेरी जॉब यहाँ साउथ-इंडिया मे है। मै काफी दिनों से यहाँ रहता था। ये कहानी मेरे एयर भाभी की चुदाई की है। और फिर मेरे एक brother के दोस्त को भी चेन्नई मे ही जॉब ऑफर मिली। मेरे भाई ने कहा उसे कही रहने का इंतजाम कर देना।</p>
<p>भाई का दोस्त मेरे से उम्र मे 7 साल बड़ा था। और वो अपनी फेमली के साथ ही यहाँ आया था। उसकी फेमली मे उसकी बीवी और एक बच्चा थे। मैने उनके लिए एक घर का इंतजाम कर दिया। फिर मै संडे वगेराह को उनके घर जाता था और हम लोग काफी करीब हो चुके थे। मै उन लोगो को भैया और भाभी कह के ही बुलाता था। भाभी-जी दिखने मे एकदम मस्त थी। उनके चुचियों और गांड का शेप एकदम मस्त थे।</p>
<p><strong>Antarvasna Sex Kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/pados-wali-bhabhi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोस की सेक्सी भाभी</a></strong></p>
<p>पहले पहले मै खुद पर काफी कंट्रोल सा किया लेकिन फिर मै उन्हें सोच के उत्तेजित होने लगता था। अक्सर मै उनके बच्चे को गोदी मे लेते वक्त जानबूझ के अपने हाथ को उनके चुचियों से टच कर देता था। और वो मेरे सामने ही अपने बच्चे को दूध भी पिला लेती थी। और तब मै भाभी के चुचियों के नज़ारे कर लेता था। मेरी प्यास बढती ही जा रही थी भाभी के लिए।</p>
<p>असली बात तो तब हुई जब उसके पति को कम्पनी वालो ने किसी काम से कुछ दिन के लिए हैदराबाद भेजा। और उन्होंने मुझे कहा की प्लीज़ मुझे 4 दिन से ज्यादा बहार जाना है, तो तुम देखना भाभी को। मै तो कुछ ऐसे ही मौके की तलाश मे था।</p>
<p>वैसे मैने भाभी के साथ चुदाई को ले के इतना सोचा नहीं था।</p>
<p><strong>Antarvasna Sex Kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padoswali-bhabhi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पड़ोसवाली भाभी की गुलाबी चुत</a></strong></p>
<p>बस वो अराउस करने वाले टच वगेराह से ही काम चल रहा था। भैया ने मुझे भाभी को शोपिंग करवाने के लिए और दुसरे छोटे मोटे काम के लिए भाभी के साथ मे ही रहने के लिए कहा था। ऐसे ही एक दिन वो कपडे धो रही थी और पूरी भीगी हुई थी। उसने हलकी लाल ट्रांसपेरेंट नाईट गाउन पहनी थी जो भीगने पर तो एकदम ही रिवीलिंग हो चुकी थी। भाभी के बदन के नज़ारे मुझे दिख रहै, थे।</p>
<p>मै निरंतर भाभी के चुचियों को और उसकी गांड को घूरता रहा। भाभी को भी मेरी फिलिंग ज्ञात हो चुकी थी। और उसने अपनी गाउन को बदल के साडी पहन ली। लेकिन वो भी ट्रांसपरेंट सी ही थी और अन्दर मेचिंग ब्लाउज था। भाभी के चुचियों का हिस्सा साफ़ दिख रहा था और उसके नुकीले निपल्स भी।</p>
<p>भाभी का बच्चा भूखा हुआ था और वो रोने लगा। करीब 12:30 बजे थे दोपहर के। भाभी ने अपने ब्लाउज को ऊपर उठा के अपनी एक निपल बच्चे के मुहं मे दे दी।मै उसके चुचियों को ही देख रहा था। पांच मिनिट तक एक बूब से दूध पिलाने के बाद भाभी ने उसे चेंज कर दिया। मै तो मस्त देख रहा था और मेरा लंड कडक हो चूका था।</p>
<p>भाभी ने मुझे देखा और उसके चहरे के ऊपर हलकी सी स्माइल आ गई। फिर उसने मुझे कहा, ऐसे क्यूँ घुर रहै, हो मुझे? क्या तुम्हारी माँ ने कभी तुम्है, दूध नहीं पिलाया?</p>
<p>मै सोरी कहा और वो रूम से उठ के दुसरे कमरे मे चला गया। करीब 10 मिनिट के बाद मै वापस हॉल मे आ गया। वो अभी भी अपने बच्चे को दूध पिला रही थी। मैने फिर से कहा, सोरी भाभी?</p>
<p>वो बोली, क्या, क्यूँ?</p>
<p><strong>Antarvasna Sex Kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/dhongi-baba-se-main-aur-meri-bhabhi-chud-gayi/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ढोंगी बाबा से मैं और मेरी भाभी चुद गयी</a></strong></p>
<p>मैने कहा आप बच्चे को दूध पिला रहै, थे तो मैने देखा इसलिए!</p>
<p>उसने कहा, अरे ये सब नार्मल है, इतना घबराओ नहीं।</p>
<p>और फिर भाभी ने हमारे लिए खाना पकाया। खाते हुए मेरे शोल्डर्स उसके चुचियों को टच हुए और उसके चुचियों सच मे बड़े ही हॉट थे! एकबार वो परोस रही थी तो मै दायें घुमा और मेरा मुहं ही उसकी चुचियों मे घुस गया। वो फिलिंग तो सब से बढ़िया थी।</p>
<p>परोसने के बाद वो सामने बैठ गई और हम खा रहे थे। उसका पल्लू निचे गिरा हुआ था और उसके लो कट ब्लाउज मे से उसके मस्त चुचियों मुझे दिख रहै, थे।भाभी की चुदाई</p>
<p>खाने के बाद हम दोनों सोफे के ऊपर बैठ के टीवी देख रहै, थे। टीवी मे एक मूवी चल रही थी जिसमे बरसात मे भीगी हुई एक औरत का चुदाईी गाना लगा हुआ था। और हीरो हिरोइन की नाभि को अपने होंठो से चूम रहा था और फिर वो दोनों होंठो से होंठो को मिला के किस कर रहै, थे। ये देख के मेरे अन्दर चुदाई का शैतान जागा। मैने हिम्मत कर के अपने लेग को आगे कर के अपनी जांघ को भाभी की जांघ से सटा दिया। वो कुछ भी नहीं बोली।</p>
<p>और फिर मैने अपने हाथ को भाभी के हाथ के ऊपर रख के धीरे से दबा दिया। भाभी की तरफ देखा तो उसकी आँखे भी लस्ट से भरी हुई थी। मैने लडखडाती हुई जबान मे भाभी को पूछा, क्या मै आप को एक किस कर सक्ता हूँ?</p>
<p>भाभी ने कहा मै तो कब से उसकी ही वेट कर रही हूँ!</p>
<p><strong>Antarvasna Sex Kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/desi-bhabhi-fucked-hard-hindi-sex-stories/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">भाभी की जमके चुदाई की</a></strong></p>
<p>मैने पहले तो भाभी के गाल के ऊपर एक किस कर ली। और फिर हमारे होंठ करीब आ गए एक दुसरे के। हम दोनों एकदम मस्त फ्रेंच किस कर रहै, थे। और मेरे हाथ जैसे अपनेआप ही भाभी के चुचियों के ऊपर और उसकी कमर के ऊपर चलने लगे। मैने भाभी की साडी को हटा दिया और उसके चुचियों को दबाने लगा। करीब 10 मिनिट तक मैने उसकी चूचियां मसली। और फिर मैने भाभी को कहा मुझे भी आप का दूध पीनाहै। भाभी ने अपने ब्लाउज को हटा के कहा चुसो फिर।</p>
<p>मै छोटे बच्चे के जैसे भाभी के चुचियों को चूसने लगा। भाभी की चुचियों से दूध निकल रहा था जिसे मै पी रहा था। भाभी एकदम उत्तेजित हो गई थी। फिर उसने कहा मुझे लंड चुसनाहै। भाभी ने कहा मुझे भैया कभी लंड चूसने ही नहीं देतेहै।</p>
<p>भाभी मेरे लंड को चूसने लगी और मै उसके चुचियों को मसल रहा था। फिर मैने भाभी की पेंटी को खोल दी और उसकी चूत मे दो ऊँगली डाल दी और हिलाने लगा। भाभी मेरे से लिपट गई और 15 मिनिट तक मै ही भाभी को हग कर के उसके चुचियों दबाता गया और किस करता रहा।</p>
<p>फिर मै भाभी की फ्रिज से एक आइस क्यूब ले आया। भाभी की टांगो को फैला के मैने आइस को अन्दर डाला। भाभी को बड़ी गुदगुदी सी हुई। मै बर्फ खाते हुए भाभी की चूत को चाटने लगा था। और वो छटपटा रही थी।</p>
<p><strong>Antarvasna Sex Kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/fucked-pinky-pussy-ass/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पिंकी की चुत का भोसड़ा बनाया</a></strong></p>
<p>भाभी ने कहा, अब इतना भी मत तडपाओ मुझे।भाभी की चुदाई</p>
<p>मैने कहा हां मेरी जान अभी देता हु तुझे मेरा लंड।</p>
<p>भाभी ने अपनी टाँगे खोल दी और मै उसके ऊपर आ गया। भाभी ने लंड को हाथ से पकड़ के अपनी चूत पर रखा। और मैने एक ही झटके मे लंड को पूरा अन्दर कर दिया। भाभी मुझे लिपट गई और मेरा लंड उसकी चूत के अन्दर धक्के देने लगा!</p>
<p>ये थी भाभी की चुदाई की कहानी</p>
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		<title>ट्रेनिंग में आयी भाभी की मस्त चुदाई</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/training-me-aayi-bhabhi-ko-choda/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Apr 2020 18:10:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
		<category><![CDATA[भाभी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[bhabhi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[Bhabhi ko choda]]></category>
		<category><![CDATA[hindi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[sex kahani]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मैने एक प्यासी भाभी को चोदा था। उसकी चुदाई की कहानी मैयाजी बताऊंगा। हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम रौनक है और मै मुंबई से हूँ। मेरा रंग साफ़ है और लौड़ा बड़ा है। आज मै आप ... <a title="ट्रेनिंग में आयी भाभी की मस्त चुदाई" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/training-me-aayi-bhabhi-ko-choda/" aria-label="Read more about ट्रेनिंग में आयी भाभी की मस्त चुदाई">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मैने एक प्यासी भाभी को चोदा था। उसकी चुदाई की कहानी मैयाजी बताऊंगा। हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम रौनक है और मै मुंबई से हूँ। मेरा रंग साफ़ है और लौड़ा बड़ा है। आज मै आप को अपनी लाइफ का एक अच्छा अनुभव बताने जा रहा हूँ। ये मेरा सब से सुहाना चुदाई अनुभव था जो मुझे पूरी लाइफ याद रहेगा।</p>
<p>ये चुदाई स्टोरी मे जो औरत है वो एक 28 साल कि बड़े चुचियों वाली और मस्त गांड वाली औरत है। उसका पति एक बड़ा बिजनेशमेन है। घर पर अकेली बोर होती थी इसलिए वो काम ही खोज रही थी। और उसने कुछ ही दिनों पहले मेरी कम्पनी ज्वाइन कर ली।</p>
<p>उसने और मैने साथ मे ही काम ज्वाइन किया था। और हमारे साथ कुछ और एम्प्लाइज भी थे। सब लोग एक दुसरे को अपना इंट्रो दे रहे थे ताकि साथ मे काम करनेवालो को जान सके। और तभी मुझे पता चला कि वो मेरिड है। तब मै चुदाई वगेरह को ले के उतना रोमांचित नहीं था। सच मे तब मै करियर माइंडेड था और मै अपनी पोजीशन बनाना चाहता था। फिर हमारी ट्रेनिंग चालु हुई और ट्रेनिंग मे सब लोग बेस्ट न्यू कमर के अवार्ड के लिए महनत कर रहे थे।</p>
<p><strong>Bhabhi ko choda &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/desi-virgin-wife-fucked-landlord/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">किरायेदार की बीवी की सील तोड़ी</a></strong></p>
<p>मै पढ़ाई मे अच्छा था और मुझे इस काम का पहले अनुभव भी था। इसलिए जाहिर था कि मै ट्रेनिंग मे बाकियों से अच्छा था। इस मेरिड भाभी के सिवा बाकि सब लोग मेरी हैल्प लेते थे। वो ट्रेनिंग मे अच्छा परफोर्म नहीं कर रही थी। और अक्सर उसके चहरे पर इसकि हताशा भी देखी जा सकती थी।</p>
<p>मैने सामने से उसे मदद के लिए कहा। लेकिन उसने कहा नहीं ठीक है। मुझे लगा कि शायद वो मर्दों से बात करने मे कतराती है। और मुझे लगा कि शायद उसके बेड परफॉरमेस कि वजह भी शायद उसकि शर्म ही थी।</p>
<p>फिर मैने ट्रेनिंग के अन्दर उसके पास मे बैठना चालू कर दिया। और मै उसके साथ बात करने कि कोशिश करने लगा। धीरे धीरे वो मेरे साथ घुलमिल सी गई। और फिर मेरे साथ रह के वो भी ट्रेनिंग मे अच्छी परफॉर्म करने लगी।</p>
<p><strong>Bhabhi ko choda &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/desi-virgin-wife-fucked-landlord/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">किरायेदार की बीवी की सील तोड़ी</a></strong></p>
<p>फिर एक दिन उसका अच्छा मूड देख के मैने उसका नम्बर मांग लिया। उसने भी दे दिया। फीर हम लोग बातें करने लगे। वो मुझे जोक्स वगेरह भी भेजती थी। और फिर मैने एक दिन उसे न्यूड नॉन वेज जोक भेज दिया। उसने भी स्माइली भेज दी सामने इस जोक के रिप्लाय मे और उसने लिखा के गुड जोक!</p>
<p>मैने कहा आप लोग ऐसे जोक शेयर करते हो या नहीं। वो बोली हम मेरिड वुमन के बिच मे ऐसे जोक शेयर होते है। फिर उसने मुझे कुछ नॉन वेज जोक्स भेजे। फिर हम दोनों के बिच मे पर्सनल और चुदाईुअल लाइफ कि भी बातें होने लगी। उसने मुझे बताया कि उसका पति सिर्फ काम मे दिल लगाता था और उसके पास अपनी वाइफ के लिए टाइम ही नहीं था। मुझे लगा कि इस औरत के साथ चुदाई के चान्सिस है!</p>
<p>इस औरत से मुझे बाद मे पता चला कि उसका पति हफ्तों हफ्तों बहार रहता था। और इन दोनों ने पिछले कुछ महीनो से चुदाई किया ही नहीं था। उसका पति पैसे का पुजारी हो गया था और अपनी बीवी कि तरफ उसकि रूचि एकदम कम हो गई थी।</p>
<p><strong>Bhabhi ko choda &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/asha-ka-nasha/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">आशा का नशा</a></strong></p>
<p>मै समझ गया कि वो प्यासी थी। लेकिन वो बहार सबंध नहीं बनाना चाहती थी। सच कहूँ तो वो ऐसी आस लगा के बैठी थी कि एक दिन उसका पति उसे चोदेगा! मैने उसे कहा कि ये सब से अच्छा है कि आप सीक्रेट मे चुदाईुअल सबंध बना लो किसी के साथ मे। वो बोली नहीं ये तो गलत है और मै जोखम नहीं उठाना चाहती हूँ। और उसने कहा कि मै मेरिड हूँ और किसी के ऊपर कैसे भरोसा कर लूँ!</p>
<p>मैने उस से कहा कि क्या तूम मुझे एक दोस्त मानती हो? उसने कहा भला ये भी पूछने कि बात है लेकिन ये क्यूँ पूछा तुमने? मैने कहा कि क्या तुम मेरा भरोसा करती हो? उसने कहा हां करती हूँ ना। मैने कहा कि अगर हम दोनों एक कमरे मे दो दिन के लिए अकेले हो तो क्या मेरे साथ अच्छा समय बिताओगी?</p>
<p>वो हंस पड़ी। मै जान गया कि वो समझ चुकि थी जो मैने उसे बातो बातो मे कह दिया था। फिर उसने और मैने अगले वीकेंड पे मिलने का प्लान किया। मैने सिटी कि हद के बहार एक सेमी लक्जरी रिसोर्ट मे बुकिंग कर ली थी। वो एकदम पटाखा लग रही थी उस दिन। उसे देख के मेरे अन्दर कि कामुकता जाग चुकि थी। उसने जोन्स का स्कर्ट और एक छोटा टॉप पहना हुआ था जिसके अन्दर उसका पेट भी दिख रहा था। वो भी चुदासी मूड मे ही लग रही थी मुझे।</p>
<p>रूम मे जाते ही मैने खाने के लिए मंगवा लिया। उसने कहा क्या करना है खाने के बाद, बहार घूमेगे? मैने कहा मेरा साथ अच्छा नहीं है? वो मेरे एकदम करीब आ गई और मुझे कहने लगी तुम्हारा साथ तो हमेशा अच्छा ही है! और उसने मुझे एक स्मूच दे दिया। और ये स्मूच से पता चला कि वो रेडी ही थी।</p>
<p><strong>Bhabhi ko choda &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/zara-dheere-se-chodo/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ज़रा धीरे से चोदो</a></strong></p>
<p>मैने भी उसे टाईट चुम्मी दे के उसके चुचियों के ऊपर हाथ दबाया। वो कुछ नहीं बोली। मैने हाथ को उसकि मोटी गांड के ऊपर रख के दबाया। वो जान गई कि जल्दी ही हम दोनों के बिच मे संभोग होना है। उसने अपना टॉप खोल के कहा, रौनक चलो जो करना है वो जल्दी जल्दी कर ही लेते है!</p>
<p>जब एक औरत चुदासी होती है तब आप के लिए मुश्किलें बढ़ जाती है। क्यूंकि मर्द को उसकि प्यास बुझाने के लिए सक्षम होना खूब जरुरी है। जैसे ही उसने अपना टॉप उतारा मैने उसकि ब्रा और शोर्ट को निकाल दिया और मै उसे हर जगह पर चूमने और बाईट देने लगा। मैने उसे दिवार के पास खड़ा कर के उसकि पेंटी खिंची और उसकि चुत को खाने लगा। उसकि चुत गुलाब के फुल के जैसी खिली हुई थी और उसके अन्दर से मस्त महक भी आया रही थी। चुदवाने के लिए वो अपनी चुत को एकदम साफ़ कर के ही आई थी। उसकि चुत को खाने से जो मजा आ रहा था वो मै आप को शब्दो मे बता ही नहीं सकता दोस्तों। मै उसकि चुत को जोर जोर से लिक करता गया।</p>
<p><strong>Bhabhi ko choda &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/pyaari-bhabhi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">भाभी का प्यार</a></strong></p>
<p>उसने भी अपने हाथो को मेरे माथे के उपर दबा के अपनी चुत को घिसा मेरे मुहं पर। और वो जोर जोर से मोअन कर रही थी। अह्ह्ह अह्ह्ह्ह खा जाओ मेरे भोसड़े को रौनक, अह्ह्ह अह्ह्ह और जोर से करो प्लीज़। मैने अपनी पूरी जबान को उसकि चुत मे डाली तो वो मचल सी गई। भाभी को चोदा ।</p>
<p>और फिर उसकि चुत के रस ने मेरे मुहं मे बहना चालू कर दिया। मै उसे पी गया।</p>
<p>फिर मैने उसे अपना लौड़ा चूसने के लिए दे दिया। उसने मुझे ब्लोवजोब देना चालू कर दिया। उसने जिस ढंग से लौड़ा चूसा मुझे बहुत मजा आने लगा था। वो लौड़ा चूसने कि पक्कि खिलाडी लग रही थी। मैने उसे कहा, आप के हसबंड को तो बहुत मजा आता होगा लौड़ा चूसा के।</p>
<p>उसने कहा मेरे हसबंड का तो मैने मुहं मे लिया ही नहीं कभी। और फिर उसने कहा कि मै ये सब पोर्न कि मूवी देख के सीखीं हूँ! भाभी को चोदा</p>
<p>अब मै उसके साथ 69 पोजीशन मे आ गया। और कसम से इस पोज मे जो मजा है वो आधे चुदाई कि फिलिंग जैसा है। कुछ देर तक ऐसे मस्त चूसने के बाद मै उसके ऊपर मिशनरी पोज मे आ गया। मैने अपने लौड़ा को उसकि चुत कि गहराई मे डाल दिया और उसे चोदने लगा। उसकि चुत एकदम चिकनी कर दी थी इसलिए लौड़ा एकदम आराम से अंदर चला गया। भाभी को चोदा</p>
<p>हम दोनों के बदन एक दुसरे के अन्दर समा से गए। साँसों के साथ साँसे मिल गई। और फिर हम दोनों चुदाई के दरिया मे डूब गए। भाभी को चोदा</p>
<p>उस पुरे वीकेंड मे यानी कि 2 पुरे दिन मैने और उसने खूब चुदाई किया। उसकि चुत को मैने फुला दी थी चूस चूस के और चोद चोद के। भाभी को चोदा.</p>
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		<item>
		<title>अनजान लड़के का लंड मेरी बीवी चुत में</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/desixnxx-porn-biwi-chudi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Mar 2020 09:53:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[इंडियन बीवी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[Desi xxx stories]]></category>
		<category><![CDATA[desixnxx]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों, सर्दी की रात थी। मैं और मेरी बीवी गीता दोनों कहीं बाहर जा रहे थे। हमारी ट्रेन रात को 11 बजे थी और दूसरे दिन सुबह 8 बजे हमे ट्रेन से उतरना था। ... <a title="अनजान लड़के का लंड मेरी बीवी चुत में" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/desixnxx-porn-biwi-chudi/" aria-label="Read more about अनजान लड़के का लंड मेरी बीवी चुत में">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों, सर्दी की रात थी। मैं और मेरी बीवी गीता दोनों कहीं बाहर जा रहे थे। हमारी ट्रेन रात को 11 बजे थी और दूसरे दिन सुबह 8 बजे हमे ट्रेन से उतरना था। मेरी बीवी ने गहरे गले का ब्लाउज और काली कलर की साड़ी पहनी थी और उसने अंदर कोई ब्रा या पेंटी नहीं पहनी थी और ऊपर से लाल कलर की लिपस्टिक लगाई थी। फिर इन कपड़ो में वो पूरी रंडी (desixnxx porn star jaisi) दिख रही थी और उसके बूब्स आधे दिख रहे थे। फिर हम लोग स्टेशन पर पहुँचे। फिर मैंने वहाँ पर देखा तो सारे आदमी मेरी बीवी की गांड को घूर- घूर कर देख रहे थे।</p>
<p>DesiXNXX Porn &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/sexy-stories-gaon-ki-ladki/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">गांव की लड़की और डॉक्टर</a></p>
<figure id="attachment_817" aria-describedby="caption-attachment-817" style="width: 241px" class="wp-caption alignright"><img decoding="async" class="size-full wp-image-817" src="https://hindipornstories.org/pro/wp-content/uploads/2020/03/desixnxx.jpg" alt="desixnxx stories" width="251" height="201" /><figcaption id="caption-attachment-817" class="wp-caption-text">desixnxx porn stories</figcaption></figure>
<p>फिर जब ट्रेन आई तो हम लोग अंदर चढ़ गये और हमारी जगह पर बैठ गये। फिर थोड़ी देर बाद एक आदमी बहुत काला सा वहाँ पर आया और सामने आकर बैठ गया। उसके साथ उसकी बहन भी थी, उसकी बहन ने टीशर्ट और स्लेक्स पहनी थी। फिर इस ड्रेस में उसके बूब्स बहुत बड़े लग रहे थे.. उसने शायद ब्रा पहनी थी। फिर नीचे स्लेक्स में उसकी गांड बहुत सेक्सी लग रही थी। आप यह कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ओर्ग वेबसाइट पर पढ़ रहे है। उसका नाम पायल था, मेरी पत्नी और पायल एक साथ बैठ गई और थोड़ी देर में ही आपस में खुल गई, पायल ने मेरी पत्नी से कहा कि आप तो ट्रेन में सभी मर्दो को मार ही डालोगी। फिर यह कहकर उसने मेरी बीवी के बूब्स पर चिकोटी ली। फिर मेरी बीवी आऊऊच कर गई और कहने लगी कि तू भी कुछ कम नहीं दिख रही.. इस सेक्सी स्लेक्स में तो तेरी गांड क्या खूब लग रही है.. कोई भी आदमी देखेगा तो उसका लंड खड़ा हो जाएगा।</p>
<p>DesiXNXX Porn &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/bhaiya-se-chut-chudwayi/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">भैया के साथ सुहागरात मनाई</a></p>
<p>फिर इतना कहकर मेरी बीवी ने पायल की गांड पर एक ज़ोर से थप्पड़ लगाया। फिर मैं चुपचाप सुनता और देखता हुआ खड़ा रहा और मन ही मन कामुक हो रहा था। वो आदमी बहुत मजबूत शरीर का था और उसने पायजामा पहना हुआ था। तभी उसने एक नज़र मेरी पत्नी पर डाल दी और वो दोनों पैर सीट पर रखकर बैठ गया। तभी उसने अंडरवियर नहीं पहना हुआ था.. इस वजह से उसका मोटा लंड और बड़ी बड़ी झांटे पायजामे में से दिखाई पड़ रही थी। फिर थोड़ी देर बाद ट्रेन चल पड़ी लेकिन जनरन डिब्बे में हम सिर्फ़ चार लोग ही थे। मेरी बीवी खिड़की वाली सीट पर थी.. मैं बीच में और उसकी बहन मेरी सीधी साईड में बैठी थी। फिर सामने की सीट पर वो आदमी अपना लंड दिखाता हुआ बैठा था। फिर मेरी बीवी बराबर उस आदमी के लंड की ओर देख रही थी। फिर थोड़ी देर बाद उसने अपना हाथ लेकर अपने लंड पर रख दिया और वो लंड को सहलाने लगा।</p>
<p>उसका लंड पायजामा के अंदर कड़क हो गया था। फिर मेरी बीवी ने यह देखकर अपनी साड़ी का पल्लू गिरा दिया और उसने अपने दोनों बूब्स साड़ी के बाहर कर दिए। फिर एकदम बड़े बड़े सफेद बूब्स हवा में थे.. सिर्फ़ एक पतला सा गहरे गले का ब्लाउज ही उसको संभाले हुए था।</p>
<p>DesiXNXX Porn &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/office-me-madhuri-ki-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ऑफिस में माधुरी को चोदा</a></p>
<p>तभी यह देखकर उस आदमी ने अपना पैर मेरी बीवी के दोनों पैरो के बीच लंबा कर दिया। तभी गीता ने अपना पैर लंबे करके उसके लंड के पास लगा दिया। तभी हाल ऐसा था कि उसका एक पैर मेरी बीवी की चूत को और गीता का पैर उसके लंड को छू रहा था। फिर मैं बिलकुल अंजान बनकर यह सब देख रहा था। उसकी बहन भी यह सब देख रही थी।</p>
<p>फिर उसकी बहन मेरी तरफ गांड करके खड़ी हो गयी और ऊपर की बर्थ से कुछ सामान उतारने की एक्टिंग करने लगी। तभी अचानक से ट्रेन का एक झटका लगा और उसकी बहन मेरी गोद में गिर पड़ी। मेरा लंड भी पहले से टाईट ही था। तभी ज़ोर से मेरा लंड पायल की बड़ी गांड से टकराया और पायल आअहह करके मेरे ऊपर पड़ी। आप यह कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ओर्ग वेबसाइट पर पढ़ रहे है। फिर मैंने भी उसकी बहन को खड़ी करने के बहाने से उसके बूब्स पकड़ लिए और फिर उसका एक हाथ पकड़कर उसे खड़ा किया। फिर पायल सॉरी कहती हुई अपनी जगह पर बैठ गयी।</p>
<p>DesiXNXX Porn &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/bade-chuchi-wali-mausi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">बड़े चुचे वाली मौसी</a></p>
<p>फिर मेरा लंड भी यह सब देखकर खड़ा हो गया था। फिर गीता ने पायल से कहा कि क्या आप सामने वाली सीट पर बैठ सकती हो? तभी मैंने पायल को कहा कि पायल इसे सीट पर सोना है.. चल हम आपके भाई साहब के पास जाकर बैठ जाते है। फिर हम दोनों उसके पास जाकर बैठ गये। फिर मेरी बीवी हमारी सीट पर सो गयी। उसने पीठ हमारी ओर की हुई थी.. इस पोज़ में मेरी बीवी की खुली हुई पीठ साफ साफ दिखाई पड़ रही थी और उसकी गांड भी मस्त उभरी हुई दिख रही थी।</p>
<p>फिर थोड़ी देर बाद उस आदमी ने कहा कि क्या मैं आपकी बीवी के पास बैठ सकता हूँ? तभी मैंने हाँ कह दी। तभी वो मेरी बीवी की गांड के पास जाकर बैठ गया। फिर कुछ देर बाद उसने अपना एक हाथ गीता की गांड पर रख दिया लेकिन गीता कुछ नहीं बोली। तभी उसकी हिम्मत खुल गयी और वो उसकी पतली कमर पर हाथ फैरने लगा और इधर पायल मेरे पास बैठी थी उसने मेरे लंड को पेंट के ऊपर से सहलाना शुरू कर दिया। फिर गीता ने अब एक कंबल लेकर ओढ़ लिया। फिर वो आदमी मेरी बीवी के बाजू में सो गया। फिर उसने भी कंबल ओड़ लिया था।</p>
<p>DesiXNXX Porn &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/pyaari-nandini/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यारी नंदिनी</a></p>
<p>अब एक ही कंबल में मेरी बीवी और एक अनजान आदमी था। फिर इधर मैं और पायल सोने की एक्टिंग करने लगे, मैंने भी कम्बल ओढ़ लिया, पायल भी मेरे साथ ही कम्बल में थी। फिर उसने मेरी बीवी की साड़ी ऊपर की और अपना लंड पीछे से चूत में घुसेड़ दिया और फिर उसको चोदने लगा। फिर गीता चुपचाप लंड का मज़ा ले रही थी। उधर हम दोनों ने भी मौका देखकर धीरे से अपने कपड़े नीचे सरकाएं और मैंने उसकी चूत में लंड डाल दिया और धीरे &#8211; धीरे आगे पीछे करने लगा, पायल मुझसे चिपक गई। हम दोनों को अब बहुत मजा आ रहा था।</p>
<p>फिर हम चारों के बीच में कोई शरम नहीं थी। फिर इधर मैंने भी पायल का ब्लाउज निकाल दिया और अब उसके बूब्स भी हवा में लहरा रहे थे। दोस्तों आप सोचिए कितना हसीन पल था कि ट्रेन के एक डिब्बे में मेरी बीवी और उसकी बहन दोनों अपने बूब्स खुले रखकर पराए आदमियों के साथ है वो भी आमने-सामने। फिर मेरा लंड तो यह देखकर तन सा गया था। फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसकी बहन का मुहं चोदने के बाद कुतिया बनाया और पीछे से गांड में अपना लंड घुसा दिया। फिर ज़ोर &#8211; ज़ोर से मैं उसकी इकलोती <a href="https://freehindisexstories.net/">बहन की गांड</a> मारने लगा और फिर पायल भी आहह आहह आहह की आवाज़े निकालने लगी। तभी इधर उस आदमी ने भी गीता को घोड़ी बनकर गीता की गांड को चोदना शुरू कर दिया।</p>
<p>DesiXNXX Porn &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/junior-ko-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी जूनियर क्या मस्त माल है</a></p>
<p>फिर बीच बीच में हम दोनों अपने लंड निकाल लेते और मेरा लंड मेरी बीवी चुसती और उसका लंड उसकी बहन अपने मुहं में लेती थी। फिर करीब तीस मिनट के बाद जब हम झड़ने वाले थे तो हमने अपने लंड गांड में से निकाले और चूत में डाल दिए और तेज &#8211; तेज धक्के लगाने लगे और एक सभी झड़ गए। अब मेरी पत्नी कंबल के अंदर ही आधी नंगी पड़ी थी। अब वो चुद चुकी थी तो उसने मुझे अपने पास बुलाया और कहा कि क्या आप मेरे साथ सो सकते है मुझे बहुत ठंड बहुत लग रही है। तभी वो आदमी खड़ा होकर उसकी बहन वाली सीट पर आ गया और फिर मैं मेरी बीवी के कंबल में चला गया। फिर वहाँ पर मैंने उसकी चूत में उंगली डाली तो उसकी चूत पूरी गीली हो गयी। फिर उस आदमी के वीर्य से गीता की चूत पूरी भर गयी थी। आप यह कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ओर्ग वेबसाइट पर पढ़ रहे है।</p>
<p>फिर मैं उल्टा हो गया और उसकी चूत चाटने लगा। मेरी बीवी की चूत में से मैंने उस आदमी का सारा वीर्य चाट चाट कर साफ कर दिया। फिर उधर वो आदमी भी अपनी बहन की चूत में से मेरा वीर्य चाटने लगा। लगभग 10 मिनट तक चूत चाटने का काम चलता रहा।</p>
<p>DesiXNXX Porn &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padoswali-ladki-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोसवाली लड़की को चोदा</a></p>
<p>फिर मेरी बीवी ने उस आदमी का और उस आदमी की बहन पायल ने मेरा लंड चुसना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में उन्होंने हमारे लंडो को चाटकर पूरा साफ कर दिया। फिर वो दोनों औरतें एक दूसरी की चूत चाटने लगी, 10 मिनट बाद वो दोनों इस काम से भी फारिक हो गई। फिर ट्रेन की गति धीमी होने लगी, अब उन दोनों का स्टेशन आ चूका था इसलिए वो अपना मोबाइल नंबर देकर निचे उतर गए।</p>
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		<title>पड़ोसन की जवान बेटियाँ &#8211; भाग २</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Feb 2020 03:00:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लड़कियों की गांड चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[desisex]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[sex kahani]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://freehindisexstories.net/?p=323</guid>

					<description><![CDATA[<p>जैसे जैसे वो लंड सहला रही थी, बड़ा होता जा रहा था. अब उसने अपना हाथ मेरे लोअर के अन्दर डाल दिया. मंजिल करीब आती जा रही थी लेकिन मैं किसी जल्दबाजी में नहीं था. ... <a title="पड़ोसन की जवान बेटियाँ &#8211; भाग २" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/" aria-label="Read more about पड़ोसन की जवान बेटियाँ &#8211; भाग २">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जैसे जैसे वो लंड सहला रही थी, बड़ा होता जा रहा था. अब उसने अपना हाथ मेरे लोअर के अन्दर डाल दिया. मंजिल करीब आती जा रही थी लेकिन मैं किसी जल्दबाजी में नहीं था. उंगली चूत के अन्दर बाहर होने से चूत गीली हो चुकी थी. उसकी चूची छोड़ मैंने उसके होंठों पर होंठ रखे, चूसने लगा तो वो भी चूसने लगी. desisex</p>
<p><strong>पड़ोसन की जवान बेटियाँ &#8211; भाग १</strong> &gt; <a href="https://freehindisexstories.net/hot-indian-sex-padosan-ki-betiyaan/">Hot Indian Sex Kahani</a></p>
<p>मैंने उसको अपने सीने से लगा लिया.</p>
<p>नागिन की तरह मुझसे लिपटे लिपटे उसने मेरा लोअर नीचे खिसकाना चाहा तो मैंने अपना लोअर और टी शर्ट उतार दिये और दोनों फिर से लिपट गये.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p><img decoding="async" class="alignleft size-full wp-image-324" src="https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/desisex-kahani.jpg" alt="desisex kahani" width="262" height="192" />होठों से होंठ चूसते चूसते वो अपनी चूचियां मेरी छाती से रगड़ने लगी. बेताब तो मैं भी बहुत हो रहा था लेकिन मैं उसकी बेताबी देखना चाहता था.</p>
<p>अब उसने अपनी एक टांग मेरी टांग पर रख दी और खिसक खिसक कर अपनी चूत मेरे लंड से सटा दी.</p>
<p>बार बार कोशिश के बाद भी वी मेरा लंड चूत के लबों से नहीं छुआ पाई तो उसने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत के मुंह पर रगड़ने लगी.</p>
<p>उसे न होठों की याद रही, न चूचियों की.</p>
<p>अब और देर करना मुनासिब नहीं था,</p>
<p>मैंने उसका हाथ अलग किया और अपने हाथ से उसकी चूत के दोनों लब खोलकर लंड का सुपारा रख दिया.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>मेरे सीने से तो लिपटी ही हुई थी, होठों में होंठ फिर आ गये और मैंने अपने हाथ से उसके चूतड़ों को सहलाना शुरू किया,</p>
<p>सहलाते सहलाते जब उसके चूतड़ को अपनी तरफ दबाता तो लंड का सुपारा उसकी चूत पर दबाव बनाता.</p>
<p>अब ज्यादा देर क्या करें,</p>
<p>यह सोचते हुए मैंने बेड के बगल में रखे अपने बैग से कोल्ड क्रीम की शीशी और कॉण्डोम का पैकेट निकाल लिया.</p>
<p>अपनी उंगलियों पर ढेर सी क्रीम लेकर अपने लंड पर और डॉली की चूत पर मल दी.</p>
<p>डॉली को पीठ के बल लिटा दिया,</p>
<p>उसके चूतड़ उठाकर गांड़ के नीचे एक तकिया रखा और कमरे की लाइट जला दी.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>लाइट जलते ही बोली- अंकल, लाइट बंद कर दीजिये प्लीज़.</p>
<p>मैंने लंड का सुपारा चूत के मुंह पर रखते हुए कहा- काहे के अंकल? अब ये राजा बाबू आ रहा है, अपनी रानी से कहो, सम्भालो.</p>
<p>इतना कहते कहते अपने दोनों हाथों से उसकी पतली सी नाजुक सी कमर पकड़ी और लंड को अन्दर दबाया.</p>
<p>जीवन में पचासों लड़कियों औरतों को चोदा था लेकिन इतनी टाइट और छोटी चूत पहली बार देखी थी.</p>
<p>जोर लगाया तो लंड का सुपारा अन्दर हो गया लेकिन डॉली की आँखें छलक आईं.</p>
<p>मैंने कहा- बस हो गया.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>उसके ऊपर झुककर उसके आँसू पोंछे और फिर से चूचियां चूसने लगा.</p>
<p>थोड़ी देर में वो तो सामान्य हो गई लेकिन मेरी हालत खराब थी कि पूरा लंड अभी बाहर था.</p>
<p>खैर डॉली को सहलाते सहलाते, बातों में बहलाते बहलाते मैं अपना लंड धीरे धीरे अन्दर धकेलता जा रहा था.</p>
<p>काफी देर बाद जब पूरा लंड उसकी चूत में समा गया तो मैं धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा.</p>
<p>डॉली पूरा लंड झेल गई थी, अब मैं बिल्कुल चिन्तामुक्त था.</p>
<p>काफी देर अन्दर बाहर करने के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला, कॉण्डोम चढ़ाया और फिर से चूत के अन्दर खिसका दिया और धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>अन्दर बाहर करते करते अब वो समय आ गया कि अब पैसेन्जर ट्रेन को राजधानी बनाने की इच्छा होने लगी.</p>
<p>रफ्तार बढ़ी, आनन्द बढ़ा, लंड फूलकर और मोटा होने लगा, धकाधक दौड़ते दौड़ते मंजिल आ गई और लंड ने पानी छोड़ दिया.</p>
<p>कमरे में एसी चलने के बावजूद हम दोनों पसीने से तरबतर हो चुके थे.</p>
<p>टॉवल से पसीना पोंछा, फ्रिज से जूस के दो पैक निकाले, पिये और ऐसे ही नंगे नंगे लिपटकर सो गये.</p>
<p>रात को तीन बजे पेशाब लगी तो मेरी नींद खुल गई.</p>
<p>पेशाब करके आया, दो घूंट पानी पिया और आकर लेट गया.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>एसी बहुत ठंडा कर रहा था, टेम्परेचर सेट किया.</p>
<p>डॉली गहरी नींद में सो रही थी.</p>
<p>मैंने उसकी चूचियां सहलानी शुरू कीं तो उसकी नींद खुल गई.</p>
<p>डॉली मेरे सीने से चिपक गई और यहां वहां चूमने लगी.</p>
<p>मैंने अपनी दिशा बदली और अपना मुंह उसकी चूत के पास ले जाकर चूत के लबों पर जीभ फेरना शुरू किया.</p>
<p>थोड़ी देर में ही वो कसमसाने लगी.</p>
<p>मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने लण्ड पर रखा तो सहलाने लगी.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>उसका सिर पकड़कर मैं उसका मुंह अपने लण्ड पर ले आया,</p>
<p>वो मेरा इशारा समझ गई और लण्ड पर जीभ फेरकर चाटने लगी.</p>
<p>चाटते चाटते उसने लण्ड चूसना शुरू कर दिया.</p>
<p>थोड़ी देर में ही लण्ड टाइट होकर मूसल बन गया, इधर चूत भी लण्ड लेने को तैयार हो चुकी थी.</p>
<p>मैं पीठ के बल लेट गया और उसको अपने ऊपर लिटा लिया और उसकी चूची चूसने लगा.</p>
<p>मैं तो चूचियों से मजा ले रहा था और वो बार बार अपने चूतड़ पीछे खिसकाकर चूत को लण्ड से छुआना चाहती थी.</p>
<p>मैंने उसकी चूचियां छोड़ीं तो थोड़ा सा पीछे खिसकी और अपनी चूत को लण्ड पर रगड़ने लगी.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>मैंने हाथ बढ़ाकर क्रीम की शीशी उठाई और डॉली को देते हुए कहा- ये लो, राजा रानी को लगा दो.</p>
<p>उसने हथेली पर क्रीम लेकर लण्ड की मालिश शुरू कर दी.</p>
<p>लण्ड टनटनाकर चूत में जाने के लिए फड़फड़ाने लगा.</p>
<p>मैंने उसके हाथ से क्रीम की शीशी लेकर लण्ड पर क्रीम चुपड़ी, डॉली को कमर से पकड़कर उठाया और अपने लण्ड पर बैठा दिया.</p>
<p>चूत के लबों को फैलाकर लण्ड का सुपारा रखा और डॉली को कमर से पकड़कर नीचे दबाया,</p>
<p>सुपारा अन्दर चला गया तो मैंने उससे कहा- और नीचे दबो.</p>
<p>वो जैसे जैसे बैठती जा रही थी लण्ड गुफा में समाता जा रहा था.</p>
<p>जब पूरा लण्ड अन्दर हो गया तो मैंने उससे उचकने को कहा.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>अब वो धीरे धीरे उचकने लगी. ऊपर उठती तो आधा लण्ड चूत से बाहर निकल आता,</p>
<p>नीचे जाती तो लण्ड का सुपारा उसकी नाभि से टकराता.</p>
<p>जन्नत के मजे आ रहे थे.</p>
<p>मैंने उससे कहा- कब तक पैसेन्जर ट्रेन चलाओगी, राजधानी एक्सप्रेस चलाओ.</p>
<p>उसने धकाधक उछलना शुरू कर दिया लेकिन थोड़ी देर में ही रुक गई और बोली- बस अब मैं थक गई हूँ.</p>
<p>मैंने कहा- अच्छा! ऐसी बात है तो उतरो और घोड़ी बन जाओ.</p>
<p>बोली- घोड़ी बन जाऊं? मतलब?</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>मैंने उसको कमर से पकड़कर घोड़ी बनाते हुए कहा- ऐसे.</p>
<p>अब मैंने अपने लण्ड पर कॉण्डोम चढ़ाया और डॉली के पीछे आ गया.</p>
<p>लण्ड का सुपारा चूत के मुंह पर रखा और अन्दर धकेला लेकिन इस पोजीशन में उसकी चूत और भी टाइट हो गई थी.</p>
<p>जैसे तैसे लण्ड महाराज को अन्दर किया और पैसेन्जर ट्रेन चला दी.</p>
<p>धीरे धीरे रफ्तार बढ़ने लगी. जब लण्ड अन्दर जाता तो आह आह करती जिससे जोश और बढ़ने लगा.</p>
<p>राजधानी पूरी रफ्तार में थी, तभी डॉली बोली- सुनिये, अपने राजा से कहिये दो मिनट रुक जाये.</p>
<p>मैं रुका, अपना लण्ड बाहर निकाला और पूछा- क्या हुआ?</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> <a href="https://desibahu.com/">chudai kahani</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>वो सीधी हो गई और लेटते हुए बोली- थक गई.</p>
<p>मैंने उसका चेहरा थपथपाते हुए कहा- कोई बात नहीं, तुम ऐसे ही लेटो.</p>
<p>कहानी जारी है&#8230;.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>हसीन मेहबूबा &#8211; भाग २</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/xxx-desi-haseen-mehbooba/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Feb 2020 03:00:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिंदी सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[xxx desi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मेरा नाम अरमान है. मैं राजस्थान के कोटा शहर का रहने वाला हूँ। मेरा कद 6 फीट और उम्र 22 साल है. अच्छी बॉडी वाला लड़का हूँ। मैं दूसरों की तरह यह तो नहीं कहूंगा ... <a title="हसीन मेहबूबा &#8211; भाग २" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/xxx-desi-haseen-mehbooba/" aria-label="Read more about हसीन मेहबूबा &#8211; भाग २">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मेरा नाम अरमान है. मैं राजस्थान के कोटा शहर का रहने वाला हूँ। मेरा कद 6 फीट और उम्र 22 साल है. अच्छी बॉडी वाला लड़का हूँ। मैं दूसरों की तरह यह तो नहीं कहूंगा कि मेरा लण्ड 8 इंच का है, मगर यह जरूर कहूंगा कि मेरा लंड किसी भी औरत और लड़की को xxx desi chudai से संतुष्ट कर सकता है।</p>
<p>आशा करता हूँ के इस कहानी का पहला भाग आपने पढ़ा होगा &#8211; &gt; <a href="https://freehindisexstories.net/hotsex-haseen-mehbooba/">Hotsex</a></p>
<p>अब आगे&#8230;</p>
<p>मैंने उसकी पैर की उंगलियों को चूसना शुरू किया. फिर धीरे-धीरे उसकी टांगों को चाटते-चूमते उसकी जांघों पर पहुंचा.</p>
<p>वहाँ भी अपने प्यार की निशानियां दे रहा था. हम दोनों अपनी वासना में बहे जा रहे थे।</p>
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<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignleft size-full wp-image-313" src="https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/xxx-desi-sex-kahani.jpg" alt="xxx desi sex kahani" width="246" height="205" />अब मैं धीरे से उसकी पैंटी की तरफ बढ़ा.</p>
<p>उसे जैसे ही मैंने छुआ तो अक्षिता ने फिर एक आहहह … भरी.</p>
<p>उसकी पैंटी पूरी तरह से गीली हो गयी थी. उसके कामरस की बहुत ही मोहक गंध मुझे पागल किये जा रही थी।</p>
<p>फिर मैं धीरे धीरे उसकी पैंटी उतार रहा था और चूमता भी जा रहा था. उसकी चूत के ऊपर की बालों वाली जगह बिलकुल क्लीन थी.</p>
<p>वहाँ रोम छिद्रों के अलावा कोई निशान नहीं था.</p>
<p>मैंने उस जगह को चूमा.</p>
<p>मैं उसके हर हिस्से पर अपने प्यार की निशानी छोड़ रहा था।</p>
<p>फिर मैंने पूरी पेंटी उतार दी और उसकी चूत बिल्कुल छोटी सी, गुलाब की पंखुड़ियों की तरह लग रही थी.</p>
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<p>उसकी फांकों को मैंने प्यार से किस किया और चुम्बनों की झड़ी लगा दी उसकी कोमल चूत पर.</p>
<p>अक्षिता मेरे इस प्यार से पागल होती जा रही थी। मैंने अपनी उंगलियों से उसकी फ़ांकों को फैलाया.</p>
<p>अंदर से ऐसी जैसे खून उतर आया हो.</p>
<p>बिल्कुल लाल थी उसकी चूत.</p>
<p>ऐसी चूत मैंने कहीं नहीं देखी.</p>
<p>मैं धीरे से उसके पास गया और उसे चाटने लग गया.</p>
<p>अक्षिता जोर-जोर से आहें भर रही थी और अपने हाथ को मेरे सिर पर रख कर जोर से अपनी चूत पर दबा रही थी.</p>
<p>उसका दबाव मुझ पर बढ़ता जा रहा था. वो जोर-जोर से सिसकी भर रही थी.</p>
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<p>वो झड़ने के करीब थी. मैंने अपनी चाटने की स्पीड और बढ़ा दी और उसके क्लीट को भी चूसने लग गया.</p>
<p>उसकी सिसकारियां और तेज हो गयीं और उसने अपनी टांगों को मेरे सिर पर जोर से दबा दिया.</p>
<p>वह जोर से झड़ने लग गयी. उसकी चूत के अमृत रस से मेरा पूरा चहरा गीला हो गया।</p>
<p>वो अपनी सांसों पर काबू कर रही थी. मैं ऊपर जा कर उसे फिर किस करने लग गया।</p>
<p>अब उसने मुझे नीचे लेटाया और मुझे किस करने लग गयी. वह धीरे धीरे नीचे की ओर बढ़ रही थी.</p>
<p>उसने मेरे पाजामे और अंडरवियर को एक साथ उतार दिया और मेरा लिंग महाराज पूरे जोश में उसे सलामी दे रहा था।</p>
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<p>अक्षिता ने मेरे लिंग महाराज को एक प्यारी सी निगाह से निहारा. फिर उसने अपने कोमल से होंठों से किस किया.</p>
<p>फिर मेरे लिंग महाराज को अपने मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लग गयी. उसका यह प्यार मुझे दीवाना किये जा रहा था.</p>
<p>वो पूरा नीचे तक लिंग महाराज मुँह में लेती और फिर ऊपर आते वक्त मेरे लिंग के टोपे को जोर से चूसती.</p>
<p>उसकी इस अदा ने मुझे उसका गुलाम बना लिया.</p>
<p>बस मैं मन ही मन कामदेव को धन्यवाद दे रहा था और कह रहा था कि अब मौत भी आ जाये तो कोई गम नहीं. ऐसी सुंदर काया वाली अप्सरा को पाकर मेरी जिंदगी तो धन्य हो गयी।</p>
<p>मैंने उससे कहा- मैं झड़ने वाला हूं.</p>
<p>तो उसने मेरी बात को नजर अंदाज किया और वो और जोर-जोर से मेरे फटने को हो चुके लौड़े को चूसने लग गयी.</p>
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<p>मेरी वासना का ज्वार भी एक तूफ़ान की तरह फूट पड़ा.</p>
<p>पहले एक धार, फिर दो, फिर तीन-चार-पांच और न जाने कितनी ही बार मेरे लिंग ने मेरा वीर्य को पिचकारी दर पिचकारी करके उसके मुंह में उड़ेल दिया.</p>
<p>वह उसको पी गई. कुछ वीर्य उसको उरोजों पर गिर गया और कुछ उसके मुंह पर लग गया.</p>
<p>इतना वीर्य मेरे लिंग से पहले कभी नहीं निकला था.</p>
<p>मगर हैरानी की बात ये थी कि अब भी मेरा लिंग बैठने को राजी नहीं था.</p>
<p>अब मैंने अक्षिता को वापस अपने नीचे लेटा दिया.</p>
<p>अब बारी थी लिंग महाराज के मिलन की.</p>
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<p>मैंने अक्षिता के होंठों पर किस किया. जैसे उसे इस सुख के लिए धन्यवाद कह रहा हूं.</p>
<p>उसने भी किस में पूरा साथ दिया।</p>
<p>अब अक्षिता का भी सब्र जवाब दे रहा था.</p>
<p>वो बोली- जान … अब डाल दो अपने लण्ड को मेरी चूत में … अब और नहीं सहा जा रहा।</p>
<p>मैंने भी रुकना उचित नहीं समझा.</p>
<p>उसकी टांगें फैलाईं और अपने लिंग महाराज को उसकी चूत की गुलाबी फ़ांकों पर रख कर एक धक्का मारा तो लिंग का मुंड अंदर फंस गया और अक्षिता के मुँह से एक हल्की चीख निकली- उइई माँ …</p>
<p>मैंने सोचा कि ये काम की देवी तो नाम की तरह ही अक्षत है.</p>
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		<title>हसीन मेहबूबा</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/hotsex-haseen-mehbooba/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 16 Feb 2020 19:11:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्वासना]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[hotsex]]></category>
		<category><![CDATA[sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[sex stories]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मेरा नाम अरमान है. मैं राजस्थान के कोटा शहर का रहने वाला हूँ। मेरा कद 6 फीट और उम्र 22 साल है. अच्छी बॉडी वाला लड़का हूँ। मैं दूसरों की तरह यह तो नहीं कहूंगा ... <a title="हसीन मेहबूबा" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/hotsex-haseen-mehbooba/" aria-label="Read more about हसीन मेहबूबा">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मेरा नाम अरमान है. मैं राजस्थान के कोटा शहर का रहने वाला हूँ। मेरा कद 6 फीट और उम्र 22 साल है. अच्छी बॉडी वाला लड़का हूँ। मैं दूसरों की तरह यह तो नहीं कहूंगा कि मेरा लण्ड 8 इंच का है, मगर यह जरूर कहूंगा कि मेरा लंड किसी भी औरत और लड़की को hotsex से संतुष्ट कर सकता है।</p>
<p>वो बरसात के दिन थे. मुझे किसी काम से मेरे शहर से 200 किलोमीटर दूर जाना था। मैं शनिवार को आपनी कार से निकल पड़ा।</p>
<p>मौसम बहुत सुहाना था तो मैंने रास्ते में वाइन शॉप से एक बीयर ले ली और कार में ही उसे पीने लग गया और कार भी चला रहा था।</p>
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<p>मैं अपने शहर से करीब 80 किलोमीटर दूर आ गया था. रास्ते में बरसात बहुत तेज हो गयी थी।</p>
<p>बीयर भी अपना असर दिखा रही थी. हल्का नशा हो रहा था.</p>
<p>बरसात तेज होने के कारण मुझे रोड साफ़ दिखाई नहीं दे रहा था।</p>
<p>रास्ते में बहुत डरावना जंगल था. दूर-दूर तक सुनसान रास्ता था और रोड पर गाड़ियां भी बहुत कम चल रही थीं।</p>
<p>रात के करीब 8 बज चुके थे और मुझे भूख लग रही थी, मगर आस-पास दूर-दूर तक कुछ नहीं था।</p>
<p>तभी अचानक मेरे सामने जंगल में से भागता हुआ एक नीलगाय (हिरन जैसा जानवर) मेरी कार के सामने आ गया.</p>
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<p>मैंने एकदम हड़बड़ा कर गाड़ी को साइड में घुमा दिया.</p>
<p>मेरी गाडी स्पीड में ही रोड से नीचे उतर कर झाड़ियों में घुस गयी और पीछे का टायर एक गड्ढे में फंस गया और गाड़ी बंद हो गयी।</p>
<p>मैंने मन ही मन ऊपरवाले को कोसा कि कैसे सुनसान रोड पर गाडी ख़राब करवा दी.</p>
<p>अब आस-पास दूर-दूर तक इंसान तो दूर, कोई झोपड़ी भी नहीं दिख रही थी.</p>
<p>मैंने सोचा चलो जैसे तैसे रात कार में ही गुजारते हैं. सुबह किसी को ढूंढ कर निकलने का जरिया खोज लूंगा।</p>
<p>लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।</p>
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<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignleft size-medium wp-image-308" src="https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/hotsex-kahani-300x225.jpg" alt="hotsex stories " width="300" height="225" srcset="https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/hotsex-kahani-300x225.jpg 300w, https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/hotsex-kahani.jpg 575w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />मेरे दिमाग में आया कि चलो रात यहाँ बिताने से अच्छा है कुछ दूर तक चला जाये. क्या पता कोई घर या झोपड़ी मिल जाये? मैंने कार को लॉक किया और चल पड़ा जंगल की ओर.</p>
<p>फिर अचानक से बहुत तेज बिजली कड़की और मुझे एक पुरानी फिल्मों की तरह की एक हवेली नजर आई मैंने सोचा कि चलो रात तो बिताई जा सकती है।</p>
<p>मैं उस हवेली की तरफ बढ़ चला.</p>
<p>अंधेरा होने की वजह से मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था.</p>
<p>मैं हवेली के पास पंहुचा और मैंने आवाज लगाई पर अंदर से कोई आवाज नहीं आई.</p>
<p>फिर मैंने जोर से दरवाज़े को बजाया मगर फिर भी कोई आवाज नहीं आई.</p>
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<p>मैंने सोचा यहाँ कोई नहीं रहता, तो मैं जैसे ही वापस जाने के लिए मुड़ा, अचानक हवेली की लाइट जली और अंदर से आवाज आई- कौन है?</p>
<p>वो आवाज़ इतनी मधुर थी कि मैं उस औरत की सुंदरता को सिर्फ कल्पना कर रहा था कि इसकी आवाज इतनी सुन्दर है तो यह कितनी सुन्दर होगी?</p>
<p>तभी फिर से अंदर से आती आवाज ने मेरी कल्पना को तोड़ा- कौन है?</p>
<p>मैंने जवाब दिया- मेरी कार पास में ही ख़राब हो गयी है और रात भी बहुत हो गयी है इसलिये मैं आपके यहाँ रात गुजार सकता हूं क्या?</p>
<p>अंदर से आवाज आई- मैं तुम पर यकीन क्यों करूं?</p>
<p>मैंने फिर अपनी कार ख़राब होने की दास्तान सुनाई. तभी हवेली का दरवाजा खुला और तभी अचानक जो मैंने देखा उसे मैं कभी नहीं भूल सकता.</p>
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<p>काली साड़ी में मेरे सामने खुद काम की देवी खड़ी थी. वैसी सुंदरता मैंने मेरी जिंदगी में कहीं नहीं देखी थी. जैसे स्वर्ग की अप्सराएं भी इसके सामने फीकी पड़ जायें।</p>
<p>उसके जिस्म को शब्दों में बयां करना नामुमकिन सा था. कद 5 फीट 8 इंच. चेहरा ऐसा जैसे कोई भी देखते ही मोहित हो जाये. होंठ सेब की फ़ांकों की तरह लाल, जिस्म का आकार 34, 30, 34 था.</p>
<p>उस काम की देवी के पास से ऐसी खुशबू आ रही थी कि बस मैं उसके वश में होता जा रहा था.</p>
<p>सी तराशी हुई हुस्न की मूरत थी कि खुदा ने अपनी सारी सोच इसे बनाने में ही लगा दी हो।</p>
<p>मैंने मन ही मन ऊपरवाले को शुक्रिया कहा कि ऐसी सुंदरी के दर्शन करवाए जिसे असल जिंदगी में देखना ही जिंदगी धन्य कर दे।</p>
<p>तभी उसकी आवाज ने फिर से मेरी कल्पना की दुनिया से मुझे जगाया- यहाँ ही खड़े रहना है या अंदर भी आओगे?</p>
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<p>मेरे गले से धीमी सी आवाज निकली- हाँ जी.</p>
<p>उसे देखते ही सारे अरमान जाग गए. मैंने मन ही मन ऊपरवाले को धन्यवाद दिया।</p>
<p>मेरे मन में कुछ और सवाल भी थे कि इतने सुनसान जंगल में यह अकेली और यहाँ कोई नहीं?</p>
<p>अचानक मुझे गीले कपड़ों की वजह से छींकें आने लग गयीं तो उसने कहा- जाइये कपड़े बदल लीजिये.</p>
<p>मैंने कहा- मेरे पास कपड़े नहीं है. उसने कहा कि मेरे पति के कपड़े दे देती हूं मैं आपको. आप जाइये फ्रेश हो जाइये।</p>
<p>मैं जाकर फ्रेश हो कर आ गया और मैंने उसके पति का पायजामा और टी-शर्ट पहन ली. फिर भी मेरे मन में बहुत से सवाल थे तो मुझसे रहा नहीं गया.</p>
<p>मैंने उनका नाम पूछा तो उन्होंने अपना नाम अक्षिता बताया और मैंने पूछा कि इस सुनसान जंगल में आप अकेली वो भी इतने बड़े घर में?</p>
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<p>तो उन्होंने मुस्कुरा कर कहा- ये मेरे पति के पुरखों की हवेली है और वो एक वन विभाग में अफसर हैं उनकी पोस्टिंग इसी जंगल में हो गयी तो हम यहाँ आ गये.</p>
<p>उसने आगे बताया कि घर के नौकर अपने गांव गये हैं और मेरे पति मीटिंग करने कुछ दिनों के लिए बाहर गए हैं.</p>
<p>फिर मैंने उसको अपना नाम बताया।</p>
<p>उन्होंने कहा- मैं अभी खाना लगाती हूं. आप खाने की टेबल पर चलिये.</p>
<p>फिर हमने साथ में खाना खाया. फिर अक्षिता ने बर्तन किचन में रखे.</p>
<p>जब वो चलती थी तो ऐसे लग रहा था कि कोई हिरणी अपनी सुंदरता पूरे जंगल में बिखेर कर जा रही हो।</p>
<p>मैं बार-बार ऊपरवाले को इस रात के लिये धन्यवाद दिये जा रहा था।</p>
<p>अक्षिता ने फिर मुझसे पूछा- आप कुछ पीएंगे?</p>
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