<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>ajnabi se chudai Archives - Hindi Sex stories</title>
	<atom:link href="https://freehindisexstories.net/tag/ajnabi-se-chudai/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://freehindisexstories.net/tag/ajnabi-se-chudai/</link>
	<description>Freehindisexstories.net</description>
	<lastBuildDate>Wed, 20 Oct 2021 07:57:21 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.3</generator>

<image>
	<url>https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2019/08/cropped-fhss-32x32.png</url>
	<title>ajnabi se chudai Archives - Hindi Sex stories</title>
	<link>https://freehindisexstories.net/tag/ajnabi-se-chudai/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>अनजान महिला ने जरूरतों को पूरा किया</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 20 Oct 2021 07:57:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi ki chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi ne choda]]></category>
		<category><![CDATA[Ajnabi sang chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[anjaan aurat ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[anjaan se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[aurat ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[biwi ne ajnabi se chudwaya]]></category>
		<category><![CDATA[boor aur lund]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://freehindisexstories.net/?p=1179</guid>

					<description><![CDATA[<p>अब तुम मेरी गांड मारकर मेंरी इच्छा पूरी कर दो। मैंने आज से पहले कभी किसी की गांड नही मारी थी इसलिए मैं थोड़ा डर रहा था। उन्होंने मेरे लंड पर तेल की मालिश की, मेरा लंड भी इतना कडक हो गया, जैसे ही मैंने अपने लंड को उनकी गांड मे डाला तो उनकी गांड चिकनी हो गई...</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b/">अनजान महिला ने जरूरतों को पूरा किया</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>antarvasna, desi sex stories Ajnabi Aurat ki chudai मेरा नाम राकेश है मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 35 वर्ष है, मेरी शादी को 7 वर्ष हो चुके हैं, मेरी पत्नी जया का व्यवहार तो सब के साथ बहुत अच्छा रहता है, मेरी पत्नी हमेशा मुझे कहती है कि आप अपने गुस्से पर हमेशा कंट्रोल किया कीजिए। मेरे गुस्से के चलते ही मेरे भाई और मेरे बीच में झगड़ा हो गया, मेरे भैया का नाम संजय है लेकिन अब मेरा उनसे कोई भी लेना देना नहीं है और वह भी हमारे परिवार से अब कोई संपर्क नहीं रखते।</p>
<p>मुझे इस बात का बिल्कुल भी दुख नहीं है कि वह मुझसे बात नहीं करते लेकिन मुझे इस बात का बहुत ज्यादा दुख होता है कि उन्होंने मेरे साथ बहुत गलत किया, मेरे पिताजी ने हमारे नाम पर जो घर किया था उसमें से उन्होंने मुझे कुछ भी नहीं दिया और वह घर बेच दिया। जब मुझे यह बात पता चली तो उन्होंने मुझे कहा कि तुम पैसों का क्या करोगे, तुम्हारी आदत ही गंदी है यदि तुम्हें मैं पैसे दे दूंगा तो तुम वह पैसे भी खर्च कर दोगे, मैंने उन्हें कहा आप हमेशा ही मुझ पर गलत शक करते हैं, मेरी आदत जबकि ऐसी नहीं है, उन्हें हमेशा से ही लगता था कि मैं बहुत ही आजाद किस्म का व्यक्ति हूं और सिर्फ अपने लिए ही सोचता हूं।</p>
<p>जब तक मेरे पिता जिंदा थे उस वक्त मेरे भैया ने मुझे कुछ नहीं कहा लेकिन जैसे ही उनका देहांत हुआ तो उन्होंने अपने रंग बदलने शुरू कर दिए और अपने नाम पर सब कुछ करवा लिया, मैंने उनसे अपना हक मांगा लेकिन उन्होंने कहा कि तुम अभी उसके काबिल नहीं हो, उसके बाद वह मुझे हमेशा ही टालते ही रहे, मेरी शादी भी हो चुकी थी और मुझे भी अपनी पत्नी के बारे में सोचना था लेकिन मेरे भैया ने ना तो मुझे कुछ पैसे दिए और ना ही कभी मेरी कोई मदद की इसलिए मैंने उनके साथ बात करना ही बंद कर दिया और अपना अलग रहने लगा।</p>
<p>मैंने शुरुआत में बहुत ज्यादा मेहनत की, मेरे पास कुछ भी नहीं था, उसके बाद भी मैंने अब सब कुछ कर लिया है, मैंने अपना घर भी पिछले साल ही लिया है। मेरी पत्नी मुझे कहती है कि आपने बहुत मेहनत की और आपने बिल्कुल भी हिम्मत नहीं हारी यदि आप की जगह कोई और होता तो शायद वह कब का टूट चुका होता, मैं अपनी पत्नी से हमेशा कहता हूं कि यदि हम सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलते हैं तो सब कुछ अच्छा होता है लेकिन मेरे भैया ने हीं तो मेरे साथ गलत ही किया, उसका अफसोस मुझे जिंदगी भर तक रहेगा।</p>
<p>Aurat ki chudai katha <a href="https://freehindisexstories.net/daru-ke-chakkar-me-mili-chooth/" rel="bookmark">दारु के चक्कर में मिली चूत और बढ़ा कारोबार</a></p>
<p>मैं जब इस बारे में सोचता हूं तो मुझे लगता है कि रिश्ते कैसे एक पल में ही टूट जाते हैं, जब तक मेरे पिता जीवित थे तब तक तो मेरे भैया ने मुझे कभी भी कुछ नहीं कहा और ना ही वह मुझे किसी भी बात के लिए कुछ कहते थे वह मुझसे इतना प्रेम और भरोसा करते थे जितना की पूरी दुनिया में वह किसी पर ना करते हो लेकिन जैसे ही मेरे पिता का देहांत हुआ उसके बाद से उन्होंने अपने रंग बदलने शुरू कर दिए और मेरी भाभी भी कम नहीं है वह भी मेरे भैया का हमेशा साथ देती हैं और कहते हैं कि उनके जैसा व्यक्ति तो पूरी दुनिया में नहीं है।</p>
<p>मैं जब भी यहा बात सुनता हूं तो मुझे बहुत अफसोस होता है और अब मुझे अपने भाई की शक्ल देखनी भी पसंद नहीं है, मैं अपने जीवन में अब खुश हूं और अपने जीवन को अपने तरीके से जी रहा हूं। मेरी पत्नी और मेरे बच्चे भी खुश हैं उन्हें भी मैं कभी कोई कमी नहीं करता और ना ही मैंने कभी उन्हें कोई कमी होने दी। एक दिन मैं घर पर बैठा हुआ था मेरी पत्नी मुझे कहने लगी गोलू का एडमिशन किसी अच्छे स्कूल में करवाना है, मैंने अपनी पत्नी से कहा क्यों क्या वह जिस स्कूल में पढ़ रहा है वहां अच्छी पढ़ाई नहीं होती, मेरी पत्नी कहने लगी की वह जिस स्कूल में पढ़ता है वहां पर कोई कमी नहीं है लेकिन मैं चाहती हूं कि वह और अच्छे स्कूल में पढ़े ताकि कल को ऐसा ना हो कि हम अपने बच्चे को एक अच्छी शिक्षा ना दे पाए, मैंने अपनी पत्नी से कहा तुम मुझे दूसरे स्कूल की फीस बता देना उसके बाद मैं वहां पर गोलू का दाखिला करवा दूंगा, मेरी पत्नी कहने लगी कल ही मैं वहां चली जाऊंगी वहां पर फीस पता कर लूंगी, मैं आपको कल ही उसकी जानकारी दे दूंगी।</p>
<p>अगले दिन जब मैं काम पर था तो मेरी पत्नी ने मुझे कहा कि वहां पर तो काफी ज्यादा फीस है, मेरे दिमाग में अब यह बात बैठ चुकी थी कि मुझे अब उसी स्कूल में अपने बच्चे का दाखिला करवाना है लेकिन मेरी पत्नी जया मुझे कहने लगी अब रहने दीजिए वहां पर हमें गोलू को नहीं पढ़ाना परंतु मैंने भी ठान ली थी कि मुझे उसी स्कूल में गोलू का दाखिला करवाना है और किसी भी हालत में मैं उसे वहां पर पड़ा कर रहूंगा, मेरे अंदर एक आदत पहले से ही थी कि यदि मैंने कोई बात अपने दिमाग में बैठा ली तो उसे मैं जरूर पूरा करता हूं।</p>
<p>मैंने भी अब पूरी तरीके से सोच लिया था कि मैं गोलू को दूसरे स्कूल में दाखिला देकर दिखाऊंगा। मैं एक दिन उस स्कूल में चला गया और मैंने वहां पर फीस पता कि तो फीस वाकई में काफी ज्यादा थी, मैंने भी सोचा कि मुझे इस वक्त पैसे कौन देगा क्योंकि मेरा ज्यादा किसी के साथ संपर्क नहीं था। उसी दौरान मुझे एक विधवा महिला मिली मेरी उनसे मुलाकात मेरे एक दोस्त ने करवाई थी। मेरा दोस्त मुझे कहने लगा यह बहुत ही पैसे वाली है, यह तुम्हें पैसे दे सकती है लेकिन तुम्हें इन्हें खुश करना होगा। मैंने जब उन्हें देखा तो उनकी उम्र मुझसे काफी ज्यादा बड़ी थी लेकिन मुझे भी पैसो की आवश्यकता थी मैंने उनसे कहा मुझे पैसों की जरूरत है।वह कहने लगी तुम्हें कितने पैसे चाहिए मैं तुम्हें पैसे दे दूंगी लेकिन तुम्हें उसके बदले मेरी भी कुछ जरूरतों को पूरा करना होगा।</p>
<p>यह कहते हुए वह चली गई कुछ दिनों बाद उन्होंने मुझे फोन किया मैं उनके घर गया तो उनका घर बहुत ही आलीशान था लेकिन उनके घर में कोई भी नहीं था, उनके घर में काफी नौकर थे और सभी पुरुष थे मुझे लगा यह उनसे भी मजे लेती होंगी। मैं उन महिला के पास बैठा हुआ था। उन्होंने मुझसे मेरी समस्या पूछी? मैंने उन्हें सब कुछ बता दिया उन्होंने मुझे कहा तुम चिंता मत करो, उन्होंने अपनी अलमारी से मुझे पैसे निकाल कर दिया और कहा इन पैसे से तुम अपने बच्चे का दाखिला करा देना लेकिन तुम्हें मेरी चूत मारनी होगी।</p>
<p>मैंने उन्हें कहा ठीक है, उन्होंने अपने कपड़े खोल दिए उनके बदन में झुरियां पड़ी हुई थी लेकिन उनकी गांड बड़ी ही टाइट थी और उनकी गांड का सेप बहुत ज्यादा बढ़ा था, मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू किया और काफी देर तक मैं उनकी चूत चाटता रहा। जब मैने अपने लंड को अंदर डाला तो वह पहले ही काफी लंड ले चुकी थी उनकी चूत का भोसड़ा बना हुआ था।मुझे भी उन्हें चोदने में ज्यादा मजा नहीं आ रहा था लेकिन उन्होंने मुझे पैसे दिए थे इसलिए मैंने उन्हें काफी देर तक चोदा, मेरा माल भी गिरने का नाम नहीं ले रहा था लेकिन जैसे ही कुछ मिनट बाद मेरा वीर्य पतन हुआ तो वह मुझे कहने लगी तुम्हारा वीर्य बड़ा ही गरमा गरम है मेरी चूत में जाते ही मेरे अंदर एक ताजगी आ गई।</p>
<p>उन्होंने मुझे कहा अब तुम मेरी गांड मारकर मेंरी इच्छा पूरी कर दो। मैंने आज से पहले कभी किसी की गांड नही मारी थी इसलिए मैं थोड़ा डर रहा था। उन्होंने मेरे लंड पर तेल की मालिश की, मेरा लंड भी इतना कडक हो गया, जैसे ही मैंने अपने लंड को उनकी गांड मे डाला तो उनकी गांड चिकनी हो गई। मुझे ऐसा लगा जैसे कि मेरा लंड घुस जाएगा, जैसे ही मैंने थोड़ा सा अंदर की तरफ धक्का मारा तो मेरा लंड अंदर जा चुका था। वह मुझे कहने लगी तुम्हारा  लंड बहुत मोटा है। मैंने उन्हें बड़ी तेजी से धक्के देने शुरू कर दिया मैं जब उनकी गांड मार रहा था तो वह बहुत खुश हो गई।</p>
<p>वह भी अपनी चूतडो को मुझसे मिलाने लगी और कहने लगी तुम्हारे साथ सेक्स करके बहुत मजा आ रहा है, तुम्हें मेरी गांड मारते रहो। मेरा लंड भी उनकी गांड के अंदर बाहर हो रहा था उनकी गांड का छेद इतना टाइट था कि मुझे बड़ा अच्छा महसूस होने लगा। मैं भी जोश मे आ गया, मैंने काफी देर तक उनकी गांड मारी जब मेरा वीर्य पतन होने वाला था तो मैंने उन्हें काहा मेरे वीर्य पतन होने वाला है।</p>
<p>वह कहने लगी तुम अपने वीर्य को मेरे मुंह के अंदर डालो। उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में लेते हुए चूसना शुरू किया और कुछ ही सेकंड बाद मेरा वीर्य उनके मुंह के अंदर चला गया उन्होंने वह सब अपने अंदर समा लिया।</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b/">अनजान महिला ने जरूरतों को पूरा किया</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आया सावन झूम के चोद गया मेरी गांड रे</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/chod-gaya-meri-gaand-re/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Oct 2021 12:09:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[गुरु घण्टाल]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi ne choda]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[ass]]></category>
		<category><![CDATA[chutad]]></category>
		<category><![CDATA[chuttad]]></category>
		<category><![CDATA[desisexstories]]></category>
		<category><![CDATA[fuddi]]></category>
		<category><![CDATA[gaand]]></category>
		<category><![CDATA[gand]]></category>
		<category><![CDATA[hindi me sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[sexkahaniya]]></category>
		<category><![CDATA[sexkatha]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://freehindisexstories.net/?p=1427</guid>

					<description><![CDATA[<p>मैं उसके घर गई तो मैंने उससे पूछा कि यहाँ तो कोई नहीं है ? तुमने पार्टी के लिए बोला था कहाँ है पार्टी ? तो उसने कहा कि जानेमन पार्टी तो हमारे बीच होगी और उसने मेरी कमर पकड़ के खीच ली अपनी तरफ और सीधा अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दिए और किस करने लगा...</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/chod-gaya-meri-gaand-re/">आया सावन झूम के चोद गया मेरी गांड रे</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Chod daya meri gaand re &#8211; हैल्लो दोस्तों मैं सारिका अमृतसर की रहने वाली हूँ, मैं ऍम.बी.ए की पढाई कर रही हूँ और मैं यहाँ अकेले रह कर पढ़ रही हूँ | वैसे तो हमलोग मेन दिल्ली के रहने वाले है पर मुझे यहाँ आ कर पढाई करने का बहुत मन था इसलिए मैं यहाँ अकेले बिंदास हो कर रहने आ गई थी और पढाई करती हूँ | मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच है और मेरे बोबे का साइज़ 32 है | मेरी कमर 30 है और मेरी गांड 36 की है आप लोग अंदाजा लगा सकते हैं मेरी उभरती जवानी का | मेरा एक सेपरेट रूम है जहाँ मुझे कोई दिक्कत नहीं है और न ही मुझे किसी के ताने पसंद है | वहाँ मुझे कोई बोलने वाला नहीं था | मुझे अपने तरीके से जीना पसंद है | चलो अब मैं आप लोगों को बताती हूँ कि मैं कैसे चुदक्कड़ बनी | चलिए मैं आप लोगों को स्टोरी सुनाती हूँ और उम्मीद करती हूँ कि आप लोगों को मेरी ये कहानी पसंद आयगी |</p>
<p>ये बात तब कि है जब मैं 11 कक्षा की छात्रा थी और मैं कॉमर्स की स्टूडेंट थी तो मुझे पढाई ज्यादा करनी थी नहीं और मैं बस बिंदास जीती थी | मेरे पीछे बहुत सारे लड़के पड़े थे और मुझे चोदना चाहते थे सिर्फ लड़के ही नहीं हमारे स्कूल के सर भी मेरे पीछे पड़े थे | पर मैं किसी को भाव नहीं देती थी क्यूंकि मैं ऐसे ऐरो गैरो से चुदवाना नहीं चाहती थी | फालतू लोगों को अपनी जवानी का स्वाद नहीं चखाना चाहती थी | लोग बेतोड़ कोशिश करते थे मुझे पटाने की पर मैं किसी का भी जवाब नहीं देती थी | सर लोग भी मुझे पटाने के लिए मुझसे कहते थे कि हम तुम्हारे नंबर बढ़ा देंगे तुम्हे पास करवा देंगे |</p>
<p>Sex kahani <a href="https://freehindisexstories.net/college-me-chodu-launda/" rel="bookmark">कॉलेज का मिस्टर फ्रेशर बना चोदु लौंडा</a></p>
<p>पर मैं कहाँ किसी से पटने वाली थी | उसके बाद मैं जब 12 वी कक्षा में पहुंची तब एक लड़का सावन नाम का नया बंदा ट्रांसफर हो कर आया था मैंने उसे देखा तो मैं उसे देखते ही साथ अपना दिल दे बैठी | क्या हैण्डसम बंदा था यार एक दम शाहरुख़ लगता था ? क्या हाईट थी ? क्या पर्सनालिटी थी उस बन्दे की ?  मुझे वो इतना पसंद आया कि मैं खुद जा कर प्रोपोस करने वाली थी कि याद आया कि मैं उससे कम हूँ क्या ? जो मैं उसे प्रोपोस करूँ वो हैण्डसम है तो मैं भी भरे बदन कि मल्लिका हूँ |</p>
<p>ऐसे ही दिन बीते जा रहे थे वो मुझे ज़रा भी भाव नहीं दे रहा था मेरी एक बेस्ट फ्रेंड है सुप्रिया उसने मुझे एक दिन कहा कि यार मुझे सावन बहुत पसंद है और मैं प्रोपोस करना चाहती हूँ | सुप्रिया एक चुदक्कड़ किस्म कि लड़की थी हमारे स्कूल में वो कई लोगों से चुदवा चुकी थी और मैं नहीं चाहती थी वो ऐसा कुछ करे सावन के साथ क्यूंकि मुझे सावन बहुत पसंद था | पर मैं ये कन्फर्म नहीं थी कि उसकी कोई गर्लफ्रेंड होगी या नहीं | फिर मैंने भी सोचा कि चलो हटाओ आजकल कौन प्यार श्यार के चक्कर में पड़ता है सबको तो आज कल चूत ही चाहिए |</p>
<p>फिर सुप्रिया ने उसे प्रोपोस किया और सवान ने उसे मना कर दिया था ये बात पूरे स्कूल में आग कि तरह फ़ैल गई थी | सुप्रिया कि सब हंसी उड़ा रहे थे मैंने भी मन ही मन में सोचा कि चलो अच्छा ही हुआ एक काँटा तो अलग हुआ | फिर मैंने उसे भाव देना चालू कर दिया था पर डर भी रही थी कि कहीं उसने मुझे भी मना कर दिया तो मेरी सारी अकड़ दो मिनट में मिटटी में मिल जायगी | मैं उसे पटाने का प्लान बनाने लगी थी स्कूल के बाद ही मेरी कोचिंग क्लास रहती थी | तो मैं वहाँ गई तो मैंने देखा कि सावन भी उसी कोचिंग क्लास में आने लगा | उसे वहाँ देख कर मेरी आँखे चमक उठी क्यूंकि हमारी क्लास में बस मैं ही उस कोचिंग क्लास में जाती थी | फिर क्या था मैंने उसे हाय कहा उसने भी हाय किया | फिर मैं अपनी जगह पर जा कर बैठ गई कोचिंग के ख़त्म होने के बाद मैं घर कि तरफ जा रही थी पेदल क्यूंकि वहाँ से मेरा घर ज्यादा दूर नहीं था तभी उसने अपनी गाड़ी मेरे पास ला के रोकी और कहा कि हम तो सेम क्लास में पढ़ते हैं मैं भी जवाब में हाँ कह दिया |</p>
<p>फिर उसने मुझसे पूछा कि मैं तुम्हे घर तक छोड़ दूं क्या ? तो मैंने कहा नहीं मेरा घर बस थोडा सा ही आगे है मैं पैदल चली जाउंगी उस दिन बस उससे उतनी ही बात हुई और फिर मैं घर आ गई मैं बहुत खुश थी उस दिन | अगले दिन मैं स्कूल गई और जैसे ही क्लास में गई तो उसने मुझे हाय कहा मैंने भी उसे हाय किया तो ये देख के सुप्रिया बहुत गुस्सा हो गई और मुझसे बोली कि इसने तुझे हाय क्यूँ किया | तो मैंने बताया कि बस ऐसे ही मैं उसे कोई भी बात नहीं बताना चाहती थी | फिर उसके बाद हमारा लंच हुआ तो मैं अकेले ही बैठी थी बाकि सब अपने में मस्ती कर रहे थे | उतने में सावन मेरे पास आया और कहा कि तुम अकेले ही लंच करती हो क्या ? तो मैंने कहा नहीं असल में मैं अकेले रहना चाह रही थी इस वजह से मैं अभी अकेले बैठी लंच कर रही हूँ |</p>
<p>फिर वो भी मेरे सामने आ कर बैठ गया और हम दोनों बात करते हुए लंच करने लगे | लंच ख़त्म होने के बाद वो अपनी जगह पर चला गया जब क्लास चल रही थी तब तो वो मुझे बार बार देख रहा था मैं भी उसे देख रही थी | मैं समझ चुकि थी कि ये लड़का अब आ रहा है लाइन में  | फिर स्कूल कि छुट्टी के बाद मैं कोचिंग गई तो वो भी बैठा था, उसने मुझसे कहा कि मैं आज बुक लाना भूल गया हूँ तो मैंने कहा कोई बात नहीं तुम मेरे बाजु में आ जाओ साथ में अकाउंट की प्रेक्टिस कर लेंगे | फिर हम दोनों बात भी करते जा रहे थे और और सवाल भी हल करते जा रहे थे | फिर उसके बाद हमने अपने नंबर आपस में बदले और फिर रोज रात में बात करने लगे | अब तो हम रोज रात रात भर बाते करने लगे और धीरे धीरे स्कूल में भी ये बात पता चलने लगी और पूरे स्कूल में अब तो हमारे प्यार के बारे में खबर उड़ चुकि थी |</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/ladko-ke-saath-gay-sex/" rel="bookmark">जब पसंद लड़के हैं तो सेक्स भी लड़कों के साथ ही करेंगे!</a></p>
<p>एक दिन सावन का जन्मदिन था उसने मुझे कॉल किया कि मैं उससे मिलूं आ कर मेरे घर में पार्टी है | तो मैंने उससे कहा कि अभी तो मैं पापा के साथ थोडा काम से जा रही हूँ मैं शाम तक फ्री हो कर आती हूँ उसने कहा ओके | मैं शाम को 7 बजे फ्री हुई मैंने उसे कॉल किया कि हाँ मैं तुम्हारे घर आ रही हूँ | वो बहुत खुश हो गया था मैंने उसके लिए एक वाइट शर्ट खरीदी थी | मैं उसके घर गई तो मैंने उससे पूछा कि यहाँ तो कोई नहीं है ? तुमने पार्टी के लिए बोला था कहाँ है पार्टी ? तो उसने कहा कि जानेमन पार्टी तो हमारे बीच होगी और उसने मेरी कमर पकड़ के खीच ली अपनी तरफ और सीधा अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दिए और किस करने लगा | मैं भी उसका साथ देने लगी फिर उसने मेरे कपडे उतार दिए और उसने अपने भी कपडे उतार दिए |</p>
<p>फिर हम दोनों एक दुसरे को यहाँ वहाँ चूमने लगे फिर चुम्मा चाटी के बाद मैएँ उसके लंड को चूसा | मैंने 20 मिनट तक उसका लंड चूसने के बाद्द उसका वीर्य निकल गया था | मैंने फिर चूस चूस के उसका लंड खड़ा कर दिया | फिर उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और मेरे ऊपर आ कर मेरे दूध पीने लगा |</p>
<p>बहुत देर तक दूध पीने के बाद उसने मेरी चूत चाटी वो बहुत प्यार से मेरी चूत चाट रहा था और मैं अहः अहहः अहहहः अहहहः अहहहः अहहहः अहहहहः अहाहहः आराम चाटो न मेरी चूत आहाहहः अहहहहः अहहहहः अहहहहः बहुत मजा आ रहा है | फिर उसके बाद उसने मेरी चूत चौड़ी करके अपना लंड डाल दिया मेरी चूत में मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं अहहः अहहहः और चोदो अहहहहः चूत फाड़ दो मेरे राजा अहहः अहहः अहहः और चोदो अहहहः अहहः फाड़ दो मेरी चूत | अहहः अहहः अहहः अहहहहभ तुम्हरा लंड बहुत प्यारा है | इसकी दीवानी हो गई हूँ अहहहः अहहहः अहहहः आधे घंटे कि चुदाई के बाद उसने मेरी चूत के ऊपर ही अपना वीर्य छोड़ दिया और हम दोनों ऐसे ही लस्त पड़े रहे फिर मैं उठ कर घर गई |</p>
<p>अब हम दोनों रोज चुदाई करने लगे थे | फिर स्कूल के एग्जाम के बाद सब बिछड़ गये थे मैं भी यहाँ अमृतसर आ गई थी मेरा पुराना मोबाइल गुम गया था जिसमे सावन का नंबर था उसके बाद हमारी कभी बात नहीं हुई | मैंने यहाँ आ के बहुत सारे लंड ले चुकी हूँ अब मैं भी एक चुद्दक्कड़ बन चुकी हूँ | मेरा जीवन अब मेरे हिसाब से जी रही हूँ |</p>
<p>दोस्तों कैसी लगी आप लोगो को मेरी ये स्टोरी कमेंट करना | उम्मीद करती हूँ आप लोगो को मेरी स्टोरी पसंद आई होगी |</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/chod-gaya-meri-gaand-re/">आया सावन झूम के चोद गया मेरी गांड रे</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पहली चुदाई का नशा &#8211; पार्ट 3</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/hindi-desi-sex-kahani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Jul 2020 22:22:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[गन्दी चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[indian biwi ki chudai]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://freehindisexstories.net/?p=396</guid>

					<description><![CDATA[<p>नमस्कार दोस्तो, मे राजेश फिर एक बार आप के लिये एक रोमांच भरी कहानी लेकरं आया हु. मेरी पिछली कहानी आपणे पढी होगी ही अगर नही पढी हो तो उनको सुरुवात से पढे तभी मेरी ... <a title="पहली चुदाई का नशा &#8211; पार्ट 3" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/hindi-desi-sex-kahani/" aria-label="Read more about पहली चुदाई का नशा &#8211; पार्ट 3">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/hindi-desi-sex-kahani/">पहली चुदाई का नशा &#8211; पार्ट 3</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नमस्कार दोस्तो, मे राजेश फिर एक बार आप के लिये एक रोमांच भरी कहानी लेकरं आया हु. मेरी पिछली कहानी आपणे पढी होगी ही अगर नही पढी हो तो उनको सुरुवात से पढे तभी मेरी आगे की कहाणी का मजा आयेगा पहली कहाणी का क्रम कुछ इस प्रकार:- padhiye chut aur gand chudai wali sexy desi hindi sex kahani jisme mujhe mila chudakkad bhabhi ko chodne ka mauka!</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/sucksex-chut-chudai/">पहली चुदाई का नशा &#8211; पार्ट १</a> &amp; <a href="https://freehindisexstories.net/%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/">पहली चुदाई का नशा &#8211; पार्ट २</a>, अब आपके सामने उसके आगे की कहाणी पेश कर रहा हु.</p>
<p>Desi Hindi Sex Katha &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/choti-behan-ki-choot-ki-tadap/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">छोटी बहन की चूत की तड़प</a></p>
<p>मेरा और रेखा सेक्स का चरम सुख पाने के बाद एक दुसरे को चिपके हुवे थे, तभी मुझे अहसास हुवा मेडिकल से जो कंडोम मे बडी मुश्किल से लाया था वह सेक्स के आगोश मे पहन ना ही भूल गया, मे और रेखा कामवासना मे इतने डूब गये थे की मुझे और उसे यह अहसास ही नही रहा की हम सेक्स बिना कंडोम के कर रहे थे. अब मेने रेखा से बोला, अब क्या करे जानू? रेखा भी अब समज गयी थी की हमने जोश मे होश गवा बेठे. वह मुरझाई स्वर मे बोली, जाने दे अब हो गया सो हो गया, अब तू मेरे को मेडिकल से माला-डी गर्भ निरोधक गोली लाके दे. मेने भी हामी भरी और हम लोग थोडे रिलॅक्स हुवे.</p>
<p>कुछ देर बाद हम साथ मे नहा कर फ्रेश हो गये. अब रेखा ने कपडे पेहन कर हम दोनो को नाश्ता लेकरं आई. हम लोगोने नाश्ता किया. उसके बाद मेरा मुड बनने लगा, तो मेने उससे पहल करना चालू की. उसने बी कोई विरोध नही किया , ऊस दिन हमने बिना कंडोम के ही करिब पाच बार सेक्स किया. मे कॉलेज नही गया. अब करीब पाच बजने को गा गये. मेने उससे और पहल करना चाही, मगर अब रेखा ने हार मान ली थी.</p>
<p>Desi Hindi Sex Katha &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/family-sex-story-randi-bhabhi/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी भाभी रंडी निकली</a></p>
<p>वह मुझे फिर्यादी स्वर मे बोली राज बस ना यार कीतना चोदोगे, गरीब की जान लेंगा क्या, चल बस कर अब उसने मेरे पास आकार मेरे होठं चुमते हुवे कहा ,जा जलदी मेडिकल और गोली लेकरं आ. मुझमे अब जोश आ गया था तो उसको मे मनाने लगा, जानू बस एक बार करेंगे , फिर मे तुरंत जाता हु और लेके आता हु, शायद रेखा बहोत थक गयी थी, पुरी उदासी से बोली नही यार अब फिर कभी करेंगे, मेरी चुत मे अब दर्द हो रहा हे, और मुड भी नही हो रहा. मेने अब जादा जोर डालना उचित नही समजा. मेने उसे बोला ठीक हे तू आराम कर ले तब तक मे जाकर मेडिकल से माला-डी गोली लेकरं आता हु, वह बोली ठीक है जा, पैसे हे ना तेरे पास.</p>
<p>मे दरवाजे की कुंडी खोलते हुवे बोला सुबह के है ना बचे हुवे. कितने की रहेगी? वह बोली अरे चार रुपये या पाच की है&#8230;शायद . मेने कहा हा है मेरे पास . मे बाहर आकर मेरी सायकल निकाली. अब मुझे भी थकान महसुस हो रही थी. लेकींन सायकल चलाते समय , मेरे दिमाग मे खाली आज की हुवी चुदाई का मंजर और रेखा का नंगा बदन घुम रहा था. पताही नही चला की मी कब मेडिकल के पास पोहोच गया. मेने सायकल लगाई स्टँड पे और , थोडी देर वही रुक कर मेडिकल का मुआईना करने लगा की कोई आयेगा तो नही ना मे गोली मांगते समय. मेडिकल के काउंटर के सामने कोई नही था.</p>
<p>Desi Hindi Sex <a href="https://hotindiansexstories.com/category/desi-kahani/">Desi kahani</a> &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/jheel-ke-paas-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">झील के पास चुदाई</a></p>
<p>तभी मेरे को वो मेडिकल वाली दिखी , नीचे देख कर कुछ हिसाब कर रही थी शायद. मेने सोचा अब रास्ता साफ हे, कोई हे भी नही, तो फटाफट जा कर गोली ले लेते है.</p>
<p>अब मे काउन्ट पर पोहचा. वह मेडिकल वाली अभी भी अपने काम मे ही व्यस्त थी , मेने मेरे जेब से पाच रुपये का सिक्का निकाला और काच के काउंटर पर नॉक कर के आवाज की, ऊस आवाज से उसने मेरी तरफ देखा और वही जगह पर बैठे उसने मुझे एक कातिल मुस्कान देते पुछा &#8220;बोलो&#8221;. अब उसे जोर से कैसे कहु की मुझे माला डी गोली चाहीये. मे कुछ बोला नही शायद उसको मेरी दिक्कत समज आ गई. उसने अपने हाथ मे का काम छोडकर एक मादक स्टाईल मे, जोर से अपने दोनो हाथ उपर कर आलंस्य देने की मुद्रा मे अपना पेठ आगे और सर पीठ पिछे करके अपने खुर्ची से उठी, और मेरी तरफ अपनी <a href="https://antarvasnasexstories.org/">गांड</a> हिलाते आई. बडी मादकता से उसने काउंटर पर हाथ रखे, वह खडी इस तरहसे थी की, उसके दोनो बुब मानो काउंटर पर हो, और थोडा झुक कर मेरे से स्माईल देते बोली, &#8220;बोलो अब क्या रह गया&#8221;, वह बडी स्माईल करते हुवे ,मुझे छेडनेके हिसाब से पुछा, मेरा ध्यान तो उसके दोनो बुब की दरार पर था, वह समज गयी की मे उसके बुब घुर रहा हु.</p>
<p>अब उसने अपना पल्लू थोडा ठीक किया , थोडी उंची आवाज मे बोली &#8220;अरे बोलो&#8221;, मेरी तो मानो फट गयी, &#8220;जी वो माला डी है?&#8221; मेने एकदम धीमी आवाज मे बोला. वह एकदम मेरी तरह देख कर बोली , &#8216;करंदिया ना कांड&#8217;. मे जैसे उसकी बात सुनीही नही ऐसें मुद्रा मे खडा रहा.</p>
<p>Desi Hindi Sex Katha &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/girlfriend-ko-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">गर्लफ्रेंड को चोदा</a></p>
<p>उसने भी अब अंदर जाकर गोली का पाकीट लाकर मेरे सामने रखकर बोली चार रुपये हो गये, पाकीट जेब मे डाला मेने और वह पाच का सिक्का उसे दे दिया. उसने मुझे 1 रुपये वापस देनेके लिये ड्रॉवर खोला और कुछ सेकंद ढुढते हुवे बोली, अरे खुले नही है, मे तुमको एक रुपये का चोको चॉकलेट दु, क्या पता मेरा ध्यान उसके बुब की गोलाई और मादकता मे खो गया था, मे थोडा सवर थे हुवे बोला &#8216;हा देदो&#8217; जो भी आप को ठीक लगे. उसने मेरी तरफ एक ऐसी मादक भाव से देखा और मुझे एक कॅण्डी दि. ऊस अदा से मेरे को मानो घायल कर दिया.</p>
<p>ऊस मेडिकल वाली के बारे मे बताने का तो मे भूल ही गया. क्या गजब की थी साली,उसका नाम पल्लवी था जो बाद मे उसने मुझे बताया. करिब 21 साल की, इतनी गोरी थी की टच किया तो लाल हो जाये. उसके शरीर की बनावट ऐसी थी मानो स्वर्ग से कोई अप्सरा उतर आई हो.. भरे उरोज , वह सास लेते समय ऐसें हिलते थे किसींको भी पाणी पाणी कर दे. मदमस्त गांड , मानो उसको किसीं कारागीर ने तराश के आकार दिया है. गोल चेहरा, चेहरे पे एक काली लट झुलती थी और उसकी सुंदरता को और बढा देती थी, गुलाबी होट बिना लिपस्टिक के भी चमकते हुवे दीखते है, किसींको भी लगेगा की उसको चुस चुस्के खा जाऊ. मानो भगवान ने उसे पुरी सिद्दत से बनाया था. साडी मे तो उसका रूप मानो चांद को भी लज्जा दे ऐसें था. मेने जब उसे पहली बार देखा था , तब सोचा यार क्या नसिब लेकरं आया है उसका पती.</p>
<p>Desi Hindi Sex Katha &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/biwi-ki-adla-badli-gandi-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">बीवियों की अदला बदली करके नंगी चुदाई</a></p>
<p>अब मेने वहासे जाने का ही उचित समजा. मे मेरी सायकल की तरफ जा ही रहा था, तभी उसने मुझे आवाज दी, &#8220;अरे सुनो&#8221; मे तो सायकल तक जाने तक उसके बारे मे ही सोच रहा था , तभी उसके आवाज ने मानो मेरा जी घबरा गया. कुछ पल मेरे को ऐसा लगा की मानो मेरे मनमे क्या चल रहा है उसका उसे शक हो गया. मेने पिछे देखा और उससे पुछा , &#8220;हा बोलीये&#8221; .&#8221; इधर आजाओ&#8221; उसने सामान्य स्वर मे बोला. मे काउंटर की तरफ गया. और वापीस पुछा &#8221; जी बोलीये&#8221; . उसने मेरे तरफ मुसकूराते हुवे कहा , अरे मेरा एक काम हे करोगे प्लिज&#8230;. अब मे थोडा सा डर से बाहर आया और बोला , बोलीये ना!!!</p>
<p>उसने मुझसे कहा अरे , वो नीचे के चौहराहे पे वो वडापाव की गाडी लगती है ना वहा से चार वडापाव लाना है. अब कोई इधर रुकने को भी नहीना, नही तो मे जाती थी, मेरे पती भी देर से आते है तब तक गाडी भी बंद हो जाती है, दुसरा कोई नही जाने के लिये और आज बडा मन कर रहा है वडापाव खाने का प्लिज मेरे लिये लाओगे. इतने प्यारे ढंग से बता रही थी की मे ना नही कह पाया. मेने कहा क्यो नही, जरूर लाके देता हु. उसने ड्रॉवर से 50 रुपये निकाल कर मुझे दे दिये. मेने मुस्कुराते हुवे वो लिये और वहा से निकल गया. ऊस वडा पाव वाले के ठेले के पास मे पाच मिनिटं मे पोहच गया. वह वडापाव निकाल ही रहा था. भीड भी बहोत थी. तुरंत मेने चार वडापाव का ऑर्डर दे दिया.</p>
<p>Desi Hindi Sex Katha &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/saheli-ke-doston-ke-sath-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सहेली के चार दोस्तों के साथ चुदाई</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/hindi-desi-sex-kahani/">पहली चुदाई का नशा &#8211; पार्ट 3</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मेरे चाची की जवान लड़की</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/jawan-doodh-sex-stories/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Jul 2020 22:21:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
		<category><![CDATA[चाची की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[bur]]></category>
		<category><![CDATA[lund]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://freehindisexstories.net/?p=423</guid>

					<description><![CDATA[<p>हाय दोस्तो मेरा नाम साजिद है. में यूपी के मिर्जापुर के जिले में रहता हूं मेरे घर में हम 3 लोग रहते है मम्मी अब्बू और मैं ये मेरी पहली कहानी है. एक बार की ... <a title="मेरे चाची की जवान लड़की" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/jawan-doodh-sex-stories/" aria-label="Read more about मेरे चाची की जवान लड़की">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/jawan-doodh-sex-stories/">मेरे चाची की जवान लड़की</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हाय दोस्तो मेरा नाम साजिद है. में यूपी के मिर्जापुर के जिले में रहता हूं मेरे घर में हम 3 लोग रहते है मम्मी अब्बू और मैं ये मेरी पहली कहानी है. एक बार की बात में अपनी कनीज के शादी में वाराणसी जिले में गया था. में शादी के दो दिन पहले ही गया था, तो मेरी मुलाकात एक लड़की से हुयी. padhiye mast mote boobs aur doodh wali mere chachi ki jawan ladki ki chut chudai ki sexy kahani and stories.</p>
<p>उसका नाम में बदल के लिख रहा हु उसका नाम सलिमुन था. म उससे मिला. उसकी उम्र लगभग 18 साल की होगी उसकी साइज 32 34 32 की थी और ओ मुझे बहुत ही ध्यान से देख रही थी. म उसके पास गया और उससे बात की तो ओ बोली म आपको पहली बार देख रहा हु और आपका नाम बहुत बार सुन चूका हूँ</p>
<p>Doodh wali sex stories &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/marriage-hall-me-tight-choot/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मैरिज हॉल में मिली टाइट चूत</a></p>
<p>ज्यादा टाइम न वेस्ट करते हुए सीधे कहानी प आता हूं..</p>
<p>जब म वापिस अपने घर को आ रहा था तब उससे मिलने के लिए गया तो उसने मेरा फ़ोन नम्बर माँगा तो मैंने उससे अपना नंबर दिया और घर चला आया हुआ यु की 15 दिन मेरे माता और पिता की किसी काम से बाहर जाना था तो में घर पे अकेला रह जाता तो माँ को बोल के उसको अपने घर बुला लिया ओ लड़की मेरे चाचा की लड़की थी जब ओ आयी तो आते ही उसने मुझे प्रपोज़ कर दिया.</p>
<p>पर मैंने उसका रिप्लाई नही दिया जब माँ और अब्बू चले गए तब एक रात को ओ सोयी हुयी थी मेरी अचानक से नींद खुली तो मैंने देखा की ओ सोयी हुयी थी और उसका सलवार खुला हुआ था ये देख कर में उसकी सलवार को ठीक करने लगा तभी उसने करवट बदली तो उसका सलवार उसके बुर के नीचे आ गया.</p>
<p>फिर में बैठ कर देखने लगा तभी मैंने अपना एक हाथ उसके बुर पे रख के सहलाने लगा और उसके बाद में मैंने उसकी समीज को धीरे से ऊपर कर दिया जिससे की ओ आधी नंगी हो गयी और में उसकी एक हाथ से बुर और दूसरे हाथ से किसी चूची को सहलाने लगा जिससे की उसकी नींद खुल गयी और उठ के बैठ गयी में डर गया और मेरी हालात खराब हो गयी फिर ओ कुछ नही बोली अपने कपडे ठीक कर के सो गयी</p>
<p>फिर दूसरे दिन में उसके सोने का ईनतेजर कर रहा था रात के12 बजे जब ओ सो गयी तब मै अपने बिस्तर से उठ के उसके पास गया और उसका समीज ऊपर कर के चूची को दबाने लगा जिससे उसकी नींद खुल गयी और ओ मुझे देखने लगी और में रुक गया .</p>
<p>Doodh wali sex stories &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/family-sex-story-randi-bhabhi/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी भाभी रंडी निकली</a></p>
<p>और ओ मुझे पकड़ के किस करने लगी और 5 मिनट तक किस की और मेरे कपडे उतरने लगी मै भी उसका साथ देने लगा था उसके कपडे में उतारने लगा ओ सिर्फ पैंटी और ब्रा में थी म उसके पूरे शरीर प किस किया और धीरे धीरे उसकी पैंटी निकलने लगा और उसके बुर पे किस करते करते दाँते काट लिया और ओ चीला पड़ी उसके बुर को मैंने करीब 15 मिनट तक किस किया और चाटा जिससे उसका पानी निकल गया.</p>
<p>अब में अपना लंड उसके मुंह म डाल दिया और चाटने लगी मेरा भी पानी 10 मिनट में निकल गया फिर ओ मेरे लंड को सहलाने लगी करीब 10 मिनट बाद ओ फिर से खड़ा हो गया तो ओ मेरे ऊपर आके बैठ गयी और धीरे धीरे लंड को बुर में डालने लगी 5 मिनट में पूरा लंड अपने <a href="https://hindipornstories.org/">बुर</a> में डाल के उपर नीचे करने लगी 10 मिनट ऐसे चोदते हुए मैंने पोजिशन बदला उसको झुका दिया 20 मिनट चोदने के बाद मेरा पानी निकल गया और पूरी रात हमने 5 बार चुदाई की.</p>
<p>और वैसे ही हम सो गये सुबह उठे तो ओ मेरे लंड से खेलने लगी और मुह में डाल के चाटने और चूसने लगी जब पानी निकल गया तो उठ कर बाथरूम में चले गये वहां प हमने 3 बार चुदाई की ऐसे ही 15 दिन तक हमारी चुदाई चली फिर 15 दिन बाद मम्मी आबू आ गए और ओ अपने घर चली गयी.</p>
<p>बाद में उसने फ़ोन कर के बताया कि ओ प्रेगेनेट हैऔर बाद में मै उससे मिलने गया और उसके घर प उसकी गाड़ मरी अब अगली कहानी में बताऊंगा की कैसे मारी उसकी गांड!</p>
<p>Doodh wali sex stories &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/bhabhi-ki-antervasna/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">नरम भाभी की गरम चुत</a></p>
<p>दोस्तों कहानी कैसी लगी जरूर बताये</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/jawan-doodh-sex-stories/">मेरे चाची की जवान लड़की</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>धीरे से चोदो</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/dheere-se-chodo/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Apr 2020 05:52:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi ki chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=563</guid>

					<description><![CDATA[<p>दोस्तो, आज मैं अपनी कहानी आप को पहली बार लिख रहा हूँ। उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी आप को अच्छी लगेगी क्योंकि मेरी यह कहानी कहानी न हो करके एक असलियत है जो मेरे ... <a title="धीरे से चोदो" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/dheere-se-chodo/" aria-label="Read more about धीरे से चोदो">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/dheere-se-chodo/">धीरे से चोदो</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दोस्तो, आज मैं अपनी कहानी आप को पहली बार लिख रहा हूँ। उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी आप को अच्छी लगेगी क्योंकि मेरी यह कहानी कहानी न हो करके एक असलियत है जो मेरे साथ घटित हुई है।</p>
<p>मेरा नाम आशीष है । मैं एक मध्यम परिवार का शादीशुदा मर्द हूँ, मेरा भी मन करता था कि मैं भी किसी के साथ सम्भोग करुँ। कोई ऐसी लड़की मिल जाये जो मुझे प्यार करे, जिसके साथ मैं खुल कर बातें कर सकूं और अपने मन की बात कह सकूँ।</p>
<p><strong>Ajnabi se chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/deepa-ko-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मुझे मिला दीपा को चोदने का मौका</a></strong></p>
<p>दोस्तो और सहेलियो, अब आप मेरी कहानी सुनिए : मैं एक बहुत ही शरीफ लड़का था, मेरी शादी को बारह साल हो चुके थे। मैंने अपनी पत्नी के अलावा और किसी भी लड़की की तरफ कभी आँख उठा करके भी नहीं देखा था। करीब गयारह साल के बाद मेरी भी इच्छा हुई कि मेरी भी कोई दोस्त होती जिसे मैं भी आराम से चोद सकता और वो मुझसे चुदाई करवा के खुश हो जाती।</p>
<p>मेरी दोस्ती एक लड़की से हुई जो कि मेरी हम-पेशा है। मैं उसका नाम नहीं बता सकता (कृपया मुझे माफ़ करें) हम लोग करीब साल भर बात ही करते रहे, न मैंने पहल की और न ही उसने कभी कहा कि उसका मन मुझसे मिलने को कर रहा है।</p>
<p>वो भी शादीशुदा है और मैं भी !</p>
<p>हमें अपनी जिम्मेदारी का अहसास भी है, पर पिछले साल अचानक उसने मुझ से कहा कि वो मुझसे अकेले में मिलना चाहती है। मैं तो पहले से ही तैयार था पर डरता था कि कहीं वो गुस्सा न हो जाये। उसके कहने पर तो जैसे मुझे मन मांगी मुराद ही मिल गई हो।</p>
<p>मैंने तुंरत उसे फ़ोन करके पूछा- बताओ कहाँ चलें?</p>
<p>तो उसने कहा- जहाँ आपको अच्छा लगे, वहीं चलते हैं, लेकिन जल्दी वापिस आना होगा !</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है !</p>
<p><strong>Ajnabi ki chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/moti-gaand-wali-bhabhi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मोटी गांड वाली भाभी को उसके घर पे चोदा</a></strong></p>
<p>मैंने तुंरत अपनी कार निकाली, उसे जहाँ उसने कहा था, वहां से लिया और चल पड़े ! मैं कभी बाहर नहीं गया था, मैंने अपने एक दोस्त को फ़ोन किया (जो हर हफ्ते अपनी गर्ल फ्रेंड को लेकर जाता है ) और उसे कहा कि मेरे लिए एक कमरा बुक करवा दो !</p>
<p>उसने होटल में फ़ोन किया, उसके दो मिनट बाद ही हम वहां पहुँच गए और मैनेजर से बात करके कमरे में चले गए। कमरे में जाते ही हमने अन्दर से बंद कर लिया और जोर से जफ्फी डाली जैसे दो साथी जनम-जनम से बिछडे पता नहीं कितनी देर बाद मिले हों !</p>
<p>इसके बाद हम दोनों ने आपस में मुँह में मुँह डाल कर किस किया और जाने कब तक करते रहे।</p>
<p>फ़िर उसने मेरे कपड़े उतारे और मेरे लण्ड को मुँह में ले लिया। मैं तो सोच भी नहीं सकता था कि वो मुझे इस तरह का मज़ा देगी। उसने मेरे पूरे के पूरे लण्ड को अपने मुंह में भर लिया। मुझे तो बस कुछ मत पूछो कि कितना मज़ा आया ! बता ही नहीं सकता !</p>
<p>थोड़ी देर चूसने के बाद उसने अपनी चूत की तरफ इशारा करके कहा- अब अपना लण्ड इसमें डालो ! पता नहीं कब से प्यासी है यह तुम्हारे लण्ड के लिए !</p>
<p>मैंने उसे सीधा लिटाया और उसकी चूत पर लण्ड रखा और अन्दर डालने लगा तो ऐसे लगा थोड़ी टाइट है, मैंने उससे पूछा- क्या बात है? चूत बहुत टाइट है? (उसके दो बच्चे हैं)</p>
<p>तो उसने कहा- बहुत दिनों से प्यासी है चूत तुम्हारे लण्ड के लिए ! जल्दी डालो ! लेकिन आराम से ! नहीं तो दर्द होगा !</p>
<p>मेरे पूछने पर उसने बताया कि उसका पति उसे संतुष्ट नहीं कर पाता इसलिए उसे मेरे लण्ड की बहुत जरुरत है। मैंने अपने लण्ड को उसकी चूत में डाला। मेरा लण्ड बहुत ही टाइट जा रहा था उसकी चूत में ! मेरा लण्ड 7″ का है और 3″ मोटा है,</p>
<p><strong><a href="https://freehindisexstories.net">Hindi sex stories</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/meri-padosan-jiya-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी पड़ोसन जिया</a></strong></p>
<p>उसने कहा- तुम्हारा तो बहुत मोटा है !</p>
<p>तो मैंने कहा- कोई बात नहीं ! तुम्हारे अन्दर फिट हो जायेगा !</p>
<p>मैंने जैसे ही उसकी चूत में अपना लण्ड डाला, वो चिल्लाने लगी- थोड़ा आराम से करो न ! बहुत दर्द हो रहा है !</p>
<p>मैंने कहा- कोई बात नहीं मेरी जान ! चिंता मत करो ! सब ठीक हो जायेगा !</p>
<p>और उसके होंठ चूसने लगा। थोड़ी देर लण्ड उसकी चूत में रहा तो वो कहने लगी- अब करो न प्लीज़ !</p>
<p>तो मैंने उससे पूछा- अब दर्द कैसा है?</p>
<p>तो उसने कहा- प्लीज़ जल्दी करो ! मेरी चूत को फाड़ डालो ! जल्दी करो ! मेरी चूत को मसल डालो !</p>
<p>तो मैंने अपना काम शुरू कर दिया। थोड़ी देर में ही वो झड़ गई लेकिन मेरा अभी तक नहीं हुआ था। (दोस्तों मैं आप को बात बता दूं कि मेरा तब तक नहीं होता जब तक मैं नहीं चाहता, यह मेरा अनुभव है)</p>
<p>फिर मैंने उसे जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया।</p>
<p>वो बोली- आप बहुत जोर से करते हो और बहुत ज्यादा करते हो ! क्या खाते हो ?</p>
<p>तो मैंने कहा- मैं तो सिर्फ दूध ही पीता हूँ ! और वो भी दो थन वाली गौ का !</p>
<p>वो बोली- धत्त ! बेशरम ! चलो अब जल्दी करो !</p>
<p>मुझे भी जल्दी थी क्योंकि इस बीच मेरे पास दो तीन फ़ोन आ गए थे कि कहाँ हो ?</p>
<p><strong>Hindi sex kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/chut-chudai-ganne-ke-khet-me/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">चुत चुदाई गन्ने के खेत में</a></strong></p>
<p>तो मैंने जल्दी-जल्दी जोरदार शॉट लगाये और 40-50 शॉट लगा के मैं भी झड़ गया। मैंने अपना सारा रस उसकी चूत में ही डाल दिया और 5 मिनट उसके ऊपर ही लेटा रहा। मैं पसीने से नहा गया था। उसने मेरे बदन से पसीना पौंछा और खड़ी हो गई।</p>
<p>मैंने उससे पूछा- कैसे लगा?</p>
<p>तो उसने कहा- आप बहुत जोर से करते हो और बहुत समय लगाते हो !</p>
<p>मैंने पूछा- मज़ा आया या नहीं ?</p>
<p>तो उसने कहा- मज़ा तो बहुत आया ! मैं पूरी तुम्हारी हो गई हूँ।</p>
<p>अब तक हम बहुत बार मिल चुके हैं, एक दो बार वो गर्भवती भी हो गई तो उसने वो गर्भ गिरा दिया क्योंकि वो और बच्चा नहीं चाहती थी और न ही मैं चाहता था।</p>
<p>अब हम जब भी मिलते हैं तो कंडोम इस्तेमाल करते हैं ताकि कोई खतरा न रहे।</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/dheere-se-chodo/">धीरे से चोदो</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सहेली की चुत में पति का लंड</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/saheli-ko-pati-ne-choda/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 21 Mar 2020 21:43:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लड़कियों की गांड चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[koi mil gaya]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[Saheli ki chudai]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=475</guid>

					<description><![CDATA[<p>मेरी शादी हो चुकी है। मेरे पति अजय मुझे बहुत प्यार करते हैं। फिर भी कभी कभी मन मचल जाता है कुछ नया करने का इस बार मन था औरअपने पति को कुछ नया दिखाने ... <a title="सहेली की चुत में पति का लंड" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/saheli-ko-pati-ne-choda/" aria-label="Read more about सहेली की चुत में पति का लंड">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/saheli-ko-pati-ne-choda/">सहेली की चुत में पति का लंड</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मेरी शादी हो चुकी है। मेरे पति अजय मुझे बहुत प्यार करते हैं। फिर भी कभी कभी मन मचल जाता है कुछ नया</p>
<p>करने का इस बार मन था औरअपने पति को कुछ नया दिखाने का। पर समझ में नहीं आ रहा था कि क्या किया जाये।</p>
<p>अजय के ऑफिस चले जाने के बाद कुछ न कुछ सोचती रहती। अचानक एक विचार मन में आया कि क्यों न अजय को कुछ सरप्राईज दिया जाए। बस मन इसी दिशा में काम करने लगा। वो कहते हैं ना कि जहाँ चाह वहाँ राह…</p>
<p>जल्दी ही मेरी मुलाकात मेरी एक फ़्रेंड रानी से हो गई जो मेरी तरह खुले विचारों की थी। हम एक दूसरे से बात करने लगी, सेक्स को लेकर बातें होती। मैं अपने सेक्स के बारे में उसे बताती। मैंने महसूस किया वो शायद सेक्स के बारे में बात करते करते उत्तेजित हो जाती थी।</p>
<p><strong>Antarvasna Saheli ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/bhaiya-se-chut-chudwayi/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">भैया के साथ सुहागरात मनाई</a></strong></p>
<p>जैसे वो अकसर सेक्स के बारे में बात करते वक्त गरमी महसूस करती। मुझे लगा बात बन जायेगी।</p>
<p>एक दिन बातों बातों में पूछ लिया कि वो किस तरह का सेक्स पसंद करती है।</p>
<p>वो बोली- ऐसा सेक्स जिसमें सब कुछ भूल जाएं।</p>
<p>मैंने पूछा कि क्या वो मुझ से ट्रेनिंग लेना पसंद करेगी?</p>
<p>तो वो खुश हो कर बोली- क्यों नहीं।</p>
<p>मेरी योजना का पहला चरण पूरा हो चुका था।</p>
<p>हम योजना बनाने लगे कि कब मिलेंगे और क्या क्या करेंगे।</p>
<p>आखिर वो दिन आ गया। अजय कहीं काम से बाहर जाने वाले थे और देर रात तक वापिसी थी। मैंने रानी को बताया कि मैं दो दिन अकेली हूँ।</p>
<p>रानी शाम तक घर आ गई। उसके आते ही मैंने उसे गले लगा लिया और उसके गालों पर एक चुम्बन जड़ दिया। मैंने देखा रानी के गाल लाल हो गये थे पर वो शर्म के मारे कुछ ना बोली।</p>
<p><strong>Antarvasna Saheli ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/meri-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मुझे चुदना है</a></strong></p>
<p>हम बैड पर बैठ कर बातें करने लगे। मैंने बात करते करते उसका हाथ पकड़ लिया। वो अचानक चुप हो गई और मेरी आँखों में देखने लगी। मैंने देर न करते हुए उसके होठों को चूम लिया। उसने अपनी आंखें बंद कर ली और अपने होंठों को खोल दिया।</p>
<p>मैंने अपनी जुबान उसके मुँह में डाल दी और अंदर बाहर करने लगी।</p>
<p>वो मेरा पूरा साथ देने लगी। मेरी जुबान को जोर जोर से चूस कर सारा रस अंदर लेने लगी। हमारी सांसें एक दूसरे में समा रही थी।</p>
<p>मैंने उसे चूमते हुए बैड पर लिटा दिया। उसके ऊपर आकर उसका चेहरा पकड़ कर उसके दोनों होंठों को मुँह में ले कर अच्छी तरह चूसा।</p>
<p>मेरे पूरे बदन में गुदगुदी सी होने लगी। अगले दो मिनट में हम दोनों के जिस्म नंगे थे। मैं उसके ऊपर आ गई और हमारे नंगे जिस्म एक दूसरे के साथ रगड़ खाने लगे। मैं फ़िर बेतहाशा उसके गुलाबी होंठों का मजा लेने लगी। मेरी योनि में से रस निकल कर उसकी योनि में समा रहा था। मेरे दोनों हाथ उसके मम्मों को तकरीबन कुचल रहे थे। फ़िर धीरे से मैंने अपना हाथ नीचे लिया और उसकी चूत पर रख दिया। उसकी चूत की पखुड़ियाँ हम दोनों के रस से भीग चुकी थी।</p>
<p>मैंने अपनी एक उंगली झटके से अंदर डाल दी। उसके मुँह से एक जबरदस्त आह निकली और उसने मेरे होठों को अपने मुँह में ले लिया। मैं अपनी उंगली से उसे चोदने लगी। उसने अपनी टांगें फ़ैला दी। पूरा रास्ता मिलने पर मैंने दो उंगलियाँ घुसा दीं। पांच मिनट तक चोदने के बाद मैंने वो भीगी हुई उंगलियाँ उसके मुँह में दे दी। वो अपना रस ऐसे चाट रही थी जैसे कब की प्यासी हो।</p>
<p><strong>Antarvasna Saheli ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/truck-driver-hindi-sex-stories/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">चलती ट्रक में चूत और चूची का मज़ा</a></strong></p>
<p>अब तक मेरी हालत खराब हो चुकी थी। मैंने अपना दायाँ मम्मा उसके मुँह में दे दिया। जैसे जैसे वो चूस रही थी मेरी चूत की खुजली बढ़ती जा रही थी। मैंने उसकी टांगें खोल कर अपनी चूत को उसकी चूत के साथ रगड़ना शुरु कर दिया। उसकी आँख़ें बंद थी होंठ खुले। मेरे होंठ उसके होंठों के बिल्कुल ऊपर। अचानक मेरे खुले होंठों से रस उसके मुँह में लार की तरह गिरने लगा। उसने अपना मुँह पूरा खोल लिया और सारा रस पीने लगी। मैं एकदम से उठी और अपनी चूत उसके मुँह से टिका दी।</p>
<p>उसने मेरी चूत को चाटते हुए अपनी गर्म जुबान अंदर घुसा दी। मेरी चूत में जैसे आग लग गई। मैं आगे पीछे हो कर उसके मुँह पर अपनी चूत रगड़ने लगी। मेरे सिसकारियों से वो और जोश में आ गई और अपनी एक उंगली मेरे पीछे डाल दी। मैं अपने चरम तक पहुँचने वाली थी। मुझे लगा मेरा पेशाब निकल जाएगा। मैंने रानी को यह बताया और उसे हटाने की कोशिश की।</p>
<p>पर वो बोली- आज तो जो निकला पी जाऊँगी।</p>
<p>सेक्स उसके सिर चढ़ कर बोल रहा था। मैंने भी अपनी टांगें खोल कर उसके मुँह पर टिका दी। एक गुदगुदी के साथ गरम पेशाब की धार सी निकली और धीरे धीरे रानी के मुँह में समाने लगी। मैंने देखा वो गटागट मेरा पेशाब पी रही थी। मैं भी जैसे एक एक बूंद उसके मुँह में निचोड़ देना चाहती थी। मैंने देखा उसने एक बड़ा सा घूंट भर लिया और उठ कर बैठ गई। मैं समझ नहीं पाई कि वो क्या करना चाहती है।</p>
<p>मेरे कुछ सोचने से पहले उसने होंठ मेरे मुँह से लगा दिया और मुँह में भरा हुआ सब कुछ मेरे मुँह में डाल दिया। न चाहते हुए भी मैं अंदर गटक गई। कुछ कड़वा और नमकीन सा स्वाद था। पर सेक्स के नशे में सब अच्छा लगता है। एक जोरदार चुंबन के बाद फिर से उसने मेरी चूत में अपनी जीभ घुसा दी। मेरे मुँह से निकल रही आहें उसका जोश बढ़ा रही थी। मेरे दाने पर उसकी फिसलती जीभ मुझे जन्नत की तरफ ले गई और मैं जोरदार आह के साथ झड़ गई।</p>
<p><strong>Antarvasna Saheli ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%87%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0-hindi-sex-stories/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">हमारी किरायेदार</a></strong></p>
<p>मैं कुछ थक गई थी पर अभी उसकी बारी थी। मैंने पूरे जोश में उसे उल्टा बैड पर गिरा दिया और उसकी गोरी गोल गोल गांड सहलाने लगी।</p>
<p>वो बोली- संजना , काश कोई लड़का भी इस वक्त हमारे साथ होता तो वो गांड को चोदता और मैं तुम्हारी चूत चाटती।</p>
<p>मैंने मन ही मन सोचा- यही तो मैं भी चाहती हूँ।</p>
<p>मैंने उसकी गांड पूरी खोल कर अपनी जीभ को उस पर रगड़ना शुरू कर दिया। रानी की गांड से आ रही महक मुझे पागल कर रही थी। मैंने अपनी जीभ एकदम से अंदर घुसा दी। वो अपनी गांड हिला हिला कर मेरा साथ देने लगी। कुछ देर चाटने के बाद मैंने उसकी चूत में अपनी दो उंगलियाँ डाल दी और उसके दाने को चूसने लगी। उसकी चूत का रस मेरी उंगलियों और होठों पर लग रहा था।</p>
<p>इस सबके बीच हम दोनों को पता ही नहीं लगा कि खुले दरवाजे से मेरे अजय न जाने कब अदंर आ गए। वो अपना लंड निकाल कर हिला रहे थे।</p>
<p>मैं उन्हें देखकर मुस्कुराई और मुझे अपनी योजना कामयाब होती नजर आई। रानी अभी भी आंखें बंद करके लेटी थी। मैंने इशारे से अपने पति को पास बुलाया और रानी की गांड खोल कर आंख मारी। मेरे पति समझ गए और अपना गर्म लंड उसकी गांड के छेद पर टिका दिया।</p>
<p>इससे पहले रानी कुछ समझ पाती, लंड फिसलता हुआ उसकी गांड में घुस गया। रानी चिहुंक उठी और घबरा कर पीछे देखने लगी।</p>
<p>मैं अभी भी मुस्कुरा रही थी। रानी के मुँह पर असमंजस के भाव थे। मैं रानी के पास लेट कर बोली- देख, तेरी ख्वाहिश इतनी जल्दी पूरी हो गई।<br />
और उसके होठों को अपने मुँह में ले लिया। मेरे हाथ उसके पूरे बदन पर चलने लगे।</p>
<p>एक दो मिनट की हिचकिचाहट के बाद वो सारा माजरा समझ गई और बोली- पहले बताती तो हम जीजू को साथ लिटा कर सेक्स करती।</p>
<p><strong>Antarvasna Saheli ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/sasural-me-samuhik-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ससुराल में तीन लंड और मैं अकेली</a></strong></p>
<p>मैंने बोला- अब कर ले।</p>
<p>मेरे इतना कहते ही वो सीधा लेट गई और अपनी दोनों टांगें फैला कर बोली- जीजू, आज मेरी चूत फाड़ दो, मैं आज पूरा मजा लेना चाहती हूँ।</p>
<p>अजय तो पहले ही तैयार थे, झट से अपने सारे कपड़े उतार डाले और अपना छ: इन्च का मोटा लंड मेरी प्यारी सहेली की चूत में डाल दिया। रानी ने मुझसे ऊपर आकर अपनी चूत चटवाने को कहा। मैंने फिर से अपनी गुलाबी चूत उसके होठों पर टिका दी।</p>
<p>वो मजे ले कर चूस रही थी और अजय अपने लंड के जोरदार झटकों से उसकी चूत का कीमा बना रहे थे। मेरी चूत में फिर से गुदगुदी हो रही थी। रानी ने अपनी एक उंगली मेरी गांड में डाल दी और अंदर-बाहर करने लगी।</p>
<p>साथ साथ रानी अपने दाने को रगड़ रही थी। करीब पंद्रह मिनट की जोरदार चुदाई के बाद रानी का पूरा शरीर जोर से कांपा और उसने अपने होंठ मेरी चूत से हटा लिये। उसके मुँह से निकल रही तेज सांसें बता रही थी कि वो झड़ गई थी। पर अजय अभी भी उसे चोद रहे थे। मैंने अजय को इशारे से रुकने को कहा और नीचे लेट गई। अब अजय मुझे चोद रहे थे और रानी मेरे मम्मे चूस रही थी।</p>
<p>मैंने रानी से पूछा कि क्या वो अपना रस मुझे नहीं पिलाएगी तो रानी मेरे ऊपर अपनी चूत टिका कर घुटने के बल हो गई।</p>
<p>अब मैं रानी की चूत और गांड पागलों की तरह चाट रही थी। उसकी चूत से निकल रहा गर्म रस मुझे मदहोश कर रहा था।</p>
<p><strong>Antarvasna Saheli ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padosi-ki-beti-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोसी की बेटी का भोसड़ा</a></strong></p>
<p>अचानक अजय बोले- मैं झड़ने वाला हूँ।</p>
<p>मैं और रानी दोनों उठ कर उनके लंड के आगे बैठ गई। अजय हाथ से अपने लंड को हिलाते हुए चरम पर पहुंच रहे थे। एक दम वीर्य की मोटी पिचकारी सी छूटी और रानी और मेरा मुँह उससे भीग गया। कमल एक एक बूंद निचोड़ रहे थे। मैंने अजय का लंड हाथ में लिया और चूसने लगी। रानी ने भी साथ देना शुरू किया और फिर मैंने और रानी ने एक दूसरे को चूमा।</p>
<p>मैं अभी झड़ी नहीं थी। अजय के कहने पर मना कर दिया और उन दोनों से वादा लिया कि वो दोनों रात भर मुझे जमकर चोदेंगे।</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/saheli-ko-pati-ne-choda/">सहेली की चुत में पति का लंड</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>माउंट आबू में चुदाई</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/mount-abu-me-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Mar 2020 21:39:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इंडियन बीवी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[anjaan se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[biwi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[chachi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=471</guid>

					<description><![CDATA[<p>बिमलेश- हेलो, कैसे हो? राजेश- हेलो, मस्त हूँ यार आप सुनाओ? बिमलेश- हम भी मस्त हैं, और सुनाओ फोटो देखे आपने? राजेश- देखे थे फोटो, आपकी रसीली मुनिया और मस्त मम्मों को देख कर योगीराज ... <a title="माउंट आबू में चुदाई" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/mount-abu-me-chudai/" aria-label="Read more about माउंट आबू में चुदाई">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/mount-abu-me-chudai/">माउंट आबू में चुदाई</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बिमलेश- हेलो, कैसे हो?</p>
<p>राजेश- हेलो, मस्त हूँ यार आप सुनाओ?</p>
<p>बिमलेश- हम भी मस्त हैं, और सुनाओ फोटो देखे आपने?</p>
<p>राजेश- देखे थे फोटो, आपकी रसीली मुनिया और मस्त मम्मों को देख कर योगीराज पागल हो गया था, रात को दो बार मुठ मारी तब जाकर राहत मिली और तब जाकर नींद आई रात को फिर सपनों में तेरी रसीली चूत को अच्छे से चाटा और चूसा वो भी शहद मिला कर चाटी और फिर तुमने भी मेरे योगीराज को भी शहद लगा कर चाटा। फिर हम बाथरूम में साथ नहाये और शावर के नीचे चुदाई की और घोड़ी बना कर सोफे पर लिटा कर गोदी में उठाकर अलग अलग पोजीशन में रात भर सपने में चोदा। और अभी फिर तुम्हारी आवाज सुनकर योगीराज खड़ा हो गया।</p>
<p><strong>Kamukta Biwi ki chudai sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padoswali-ladki-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोसवाली लड़की को चोदा</a></strong></p>
<p>विमलेश- मेरी भी मुनिया तुम्हारी सेक्सी बातें सुनकर पानी छोड़ रही है, पैंटी भिगो दी मेरी इसने!</p>
<p>राजेश- फिर तो जानेमन, अब मुझसे चटवा ही लो इस रसीली मुनिया को… इसका पूरा रस चाट जाऊंगा और चूस लूँगा।</p>
<p>बिमलेश सेक्सी आवाज में- आओ ना राजेश डारलिंग, चाट लो या चूस लो मेरी रसीली को, अब तो बहुत परेशान कर रही है ये मेरी मुनिया, योगीराज अंदर लेने को तड़प रही है।</p>
<p>राजेश हंसते हुए- योगीराज लेने को तड़प रही है या योगीराज से चुदवाने को तड़प रही है।</p>
<p>बिमलेश- हाँ, वही चाहती है पर मुझे शर्म लगती है कहने में!</p>
<p>राजेश- यदि कहने में इतना शर्माएगी तो चुदाई का मजा कैसे ले पायेगी। तुम कहो तो अहमदाबाद आ जाऊ तुमको चोदने?</p>
<p>बिमलेश- सच! क्या तुम आ सकते हो अहमदाबाद?</p>
<p>राजेश- हाँ आ जाऊंगा तुमको चोदने, यदि तुम कहोगी तो?</p>
<p>बिमलेश- डारलिंग पर यहाँ कैसे चुदवाऊंगी, किसी ने देख लिया तो यहाँ तो सब जानकार हैं।</p>
<p>राजेश- फिर कैसे होगा? तुम अपने पति से बात करो, यदि तुम माउंट आबू आ जाओ तो मैं भी माउंट आबू आ जाऊंगा और फिर वहाँ हम लोग चुदाई का आनन्द लेंगे। यदि आपके पति तैयार हो जायें तो!</p>
<p><strong>Kamukta Biwi ki chudai sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/aunty-ko-choda-ghar-pe/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">असंतुष्ट आंटी की गुलाबी चूत</a></strong></p>
<p>बिमलेश- ये कहना तो मुश्किल है, हाँ वो कभी कभी मुझसे मजाक में कह देते है कि हम तुम फोन पर तो चुद ही रही हो तो उससे मिलकर ही चुदवा लो, पर मैं ही मना कर देती हूँ, पर अब तो बहुत दिल करता है तुमसे मिलने को और योगीराज से खेलने को और चुदवाने को भी!</p>
<p>राजेश- फिर तो कर लो बात शायद मान जायें?</p>
<p>बिमलेश- आज रात देखूंगी यदि अच्छे मूड में हुए तो जब हम चुदाई करेंगे तब कहूँगी उनसे… तब ही बता पाऊँगी।</p>
<p>राजेश- ठीक है, तुम बस मिलने की बात कहना, यदि मिलने को मान गए तो फिर जब होटल में मेरे रूम में आओगी तो दरवाजा बंद करके चुदाई कर ही लेंगे, आपके पति को क्या पता चलेगा।</p>
<p>बिमलेश- ठीक है आज रात बात करुँगी, अब खाना बना लेती हूँ वो आते ही होंगे, बाय!</p>
<p>राजेश- ओके डार्लिंग बाय किस यू मुआह हहहह…</p>
<p>बिमलेश- उम्म्ममहहह…</p>
<p>फिर हिम्मत ने मुझसे अगले दिन सुबह बात की और कहा कि मैंने शाम को आकर बताया कि 13 मार्च को मुझे माउंट आबू जाना है एक काम से, चलोगी क्या?</p>
<p>तो उसने कुछ नहीं कहा पर वो खुश दिख रही थी.</p>
<p>जब रात में बिस्तर पर हम दोनों लेटे लेटे ब्लू फिल्म देख रहे थे तो बिमलेश बोली- देखो इस गोरे का लण्ड बिलकुल योगीराज जैसा है, कितना मजा आ रहा होगा इसको!</p>
<p>तो मैं बोला- यदि तुम अपने दोस्त के योगीराज से चुदोगी तो तुमको भी ऐसे ही मजा आएगा.</p>
<p><strong>Kamukta Biwi ki chudai sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/ajnabi-ne-meri-chudai-ki/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी चूत का उद्घाटन समारोह</a></strong></p>
<p>फिर मैंने बिमलेश को कहा- डारलिंग तुम मेरे साथ माउंट आबू चलो और अपने दोस्त को भी बुला लो और मौका देख कर मस्ती भी कर लेना और खूब चुदवा लेना अपनी रसीली मुनिया को खूब चटवाना और चुसवाना और तुम भी योगीराज को चूस कर अपने दोस्त को मजा देना।</p>
<p>बिमलेश बोली- तुमने तो मेरे मन की बात जान ली। तो कल मैं मेरे दोस्त से कह दूं कि माउंट आबू आ जाओ 13 मार्च को?</p>
<p>तो मैंने कहा कि तुम यदि बिना कंडोम के उसके लण्ड का मजा लेना चाहती हो तो उसको एच आई वी टेस्ट करवाने को कह देना।</p>
<p>तो वो बोली- वो तो बिना कंडोम के ही चुदवाऊंगी, कंडोम में वो मजा नहीं आता। मैं कह दूँगी एच आई वी टेस्ट की।</p>
<p>मैंने कहा- उसको बोल देना कि हमको वो आबू रोड बस स्टैंड पर मिल जायेगा सुबह 11 बजे तक…<br />
‘मैं कह दूँगी…’</p>
<p>फिर हमने दो बार चुदाई की और आज हमने एक दूसरे के लण्ड चूत को भी खूब चूसा, जब मैं उसकी चूत चाट रहा था तो वो बड़बड़ा रही थी- राजेश चाटो चूसो मेरी रसीली मुनिया को… और तेरा और तेरे योगीराज का नाम ले लेके चुदवाई। आज तुमसे वो बात करे तो तुम लोग प्लान कर लेना, 10-12 दिन हैं, 13 मार्च के आराम से एच आई वी टेस्ट करवा लो, रिपोर्ट आ ही जायेगी। फिर तुम खूब बिना कंडोम से चोदना मेरी बिमलेश को! फिर हमारी बातें खत्म हो गई।</p>
<p>ग्यारह बजे बिमलेश ने मिस कॉल दी, मैंने हिम्मत को कॉन्फ्रेन्स में लेकर बिमलेश को फोन किया।</p>
<p>बिमलेश- हेलो, डारलिंग कैसे हो?</p>
<p>राजेश- मस्त हूँ डार्लिंग, आज तो काफी सेक्सी मूड में लग रही हो।</p>
<p>बिमलेश- डार्लिंग तुमको एक खुशखबरी सुनानी है, वो रात को उन्होंने मुझे बताया कि वो 13 मार्च को माउंट आबू जा रहे हैं तो मैं भी साथ चलूँ और बोले कि अब फोन पे तो खूब मस्ती कर ली, यदि तुम चाहो तो अपने दोस्त को माउंट आबू बुला के वहाँ पर भी मस्ती कर लेना, तो मैंने कहा दिया कि बात करूंगी।</p>
<p><strong>Kamukta Biwi ki chudai sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/gaon-me-chachi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">गांव में चाची को चोदा</a></strong></p>
<p>राजेश- डारलिंग, तुमने तो दिल खुश कर दिया, दिल कर रहा है इस खुशी के मौके पर तेरी चूत चाट लूँ। ठीक है 13 मार्च को आ रहे हो तो मुझे मिलोगे कहाँ?</p>
<p>बिमलेश- हाँ, वो कह रहे थे कि तुम हमको आबू रोड बस स्टैंड मिल जाना सुबह 11 बजे! और हाँ यार, एक काम कर लेना, अपना एच आई वी टेस्ट करवा के लाना क्योंकि हम लोग चुदाई बिना कंडोम के करेंगे।</p>
<p>राजेश- ठीक है, एच आई वी तो… पर यदि चूत के भीतर लण्ड रस निकल गया और तुम गर्भ से हो गई तो?</p>
<p>बिमलेश- उसकी चिंता मत करो, मेरी नसबन्दी हो चुकी है तो तुम चाहे चूत को अपने योगीराज के पानी से भर देना मुझे भी मजा आएगा।</p>
<p>राजेश- पर मैं आप लोगों से आबू रोड बस स्टैंड कैसे मिलूंगा?</p>
<p>बिमलेश- मेरा फोन नम्बर है ना… इस पर फोन कर देना आबू रोड आकर!</p>
<p>राजेश- फिर तो मेरी जानेमन, तुम भी एक काम करना माउंट आबू आओ तब!<br />
बिमलेश- कौन सा काम?</p>
<p>राजेश- डारलिंग मुनिया को एकदम सफाचट करके लाना जिससे जीभ फिसले जब मैं चाटूँ तो!</p>
<p>बिमलेश- डारलिंग, उसकी चिंता मत करो, तुमको मुनिया एकदम साफ़ सुथरी मिलेगी, दिल खोल कर चाटना, तुम भी योगीराज को साफ़ रखना मैं भी चाटूँगी, चूसूँगी और प्यार करूँगी अपने योगीराज को?</p>
<p>राजेश- जरूर डारलिंग, 69 में होकर एक दूसरे के योगीराज मुनिया को चाटेंगे चूसेंगे।</p>
<p>बिमलेश- 69 में कैसे?</p>
<p><strong>Kamukta Biwi ki chudai sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/choot-ka-jugaad/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">चूत का जुगाड़</a></strong></p>
<p>राजेश- डारलिंग जैसे मैं नंगा लेटा हूँ बेड पर और तुम मेरे ऊपर मेरे मुंह की तरफ चूत करके और मेरे योगीराज की तरफ मुंह करके लेतो… फिर हम एक दूसरे के लण्ड चूत चाटें और चूसें! अब समझी उल्टे पुल्टे होकर एक दूसरे को मजा देना!</p>
<p>बिमलेश- हाँ डारलिंग, ऐसे तो हम दोनों एक दूसरे के योगीराज मुनिया को एक साथ चाट और चूस सकते हैं।</p>
<p>राजेश- हाँ जान, तभी तो ज्यादा मजा आएगा। मुझे अभी चुसवा दो न अपनी रसीली चूत को?</p>
<p>बिमलेश- चाटो ना, खूब चाटो चूसो, बहुत गीली हो गई है, अब तो माउंट आबू का इंतज़ार है मुझे जान कि कब आओगे और कब चोदोगे।</p>
<p>राजेश- डारलिंग, अब तो इंतज़ार का समय तय है कि 13 मार्च को तेरी मुनिया का रस चुसवाना और दिल खोलकर चुदवाना।</p>
<p>बिमलेश- अब तो मुझे एक दिन भी साल के बराबर लग रहा है।</p>
<p>फिर हम फोन सेक्स करने लगे।</p>
<p>शाम को हिम्मत से बात हुई तो हिम्मत को मैंने 2000 रुपये मेरे खाते में डालने को कहा, आने जाने के लिए!<br />
हिम्मत ने मुझे बताया- कल डाल दूँगा। मैं अपना लेपटोप और ब्लू फिल्म की सी डी भी लाऊंगा जिनको तुम बिमलेश को दिखाना, जिससे वो ज्यादा गर्म हो जायेगी और तुमसे खूब चुदवाएगी!</p>
<p>फिर अगले दिन मैंने एच आई वी टेस्ट करवा लिया। रिपोर्ट पांच दिन बाद आ गई तो मैंने बिमलेश और हिम्मत दोनों को बता दिया।</p>
<p>अब तो बिमलेश मुझसे खुलकर फोन सेक्स करती, कहती- अब खुल के फोन पे मजे लूंगी, तभी तो जब मिलेंगे तब खुल कर मजे के पाएंगे बेशर्म बनकर… और अब तो तुमने मुझे पूरी बेशर्म बना दिया है.</p>
<p><strong>Kamukta Biwi ki chudai sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/maya-ki-office-me-samuhik-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ऑफिस में माया की सामूहिक चुदाई</a></strong></p>
<p>मैंने 12 मार्च को बिमलेश को फोन कर दिया कि मैं शाम को निकलूंगा तो सुबह आबू रोड पहुँच जाऊंगा।<br />
बिमलेश बोली- योगीराज को चमका लेना!</p>
<p>तो मैं बोला- वो तो चमक रहा है… तुमने मुनिया चमकाई?</p>
<p>तो बोली- आज ही वीट क्रीम लगा कर साफ़ की है. और हम सुबह निकलेंगे तो एक बार सुबह भी वीट लगा लुंगी तो बिल्कुल चिकनी हो जायेगी। तुम आबू रोड आकर फोन कर लेना।</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है!</p>
<p>फिर फोन रख दिया.</p>
<p>और मैंने हिम्मत को भी बता दिया.</p>
<p>तो हिम्मत बोला- यार, हम सुबह निकलेंगे और एक घण्टा मेहसाणा रुकेंगे, 11 बजे तक आबू रोड पहुंच जाएंगे. ठीक है. मेरा बेटा भी साथ आएगा। तुम अपनी रिपोर्ट लाना साथ में… और होटल में हम आमने सामने के दो रूम बुक करवाएंगे। होटल में जाने के एक घण्टे बाद मैं बेटे को लेकर काम का बहाना करके निकल जाऊंगा एक डेढ़ घण्टे के लिए तो तुम उस बीच आराम से बिमलेश को एक बार चोद लेना. मैं अपना मोबाइल रख जाऊंगा जिसमें तुम लोगों की चुदाई रिकॉर्ड करनी है तुमको, जिससे मैं वापस आकर देख सकूँ कि कैसे चोदा तुमने और बिमलेश को कितना मजा आया चुदवाने में!</p>
<p><strong>Kamukta Biwi ki chudai sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/makaan-maalik-ki-beti-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मकान मालिक की बेटी को चोदा</a></strong></p>
<p>मैंने कहा- ठीक है!</p>
<p>फिर हिम्मत बोला- यदि बाद में बिमलेश मान गई तो रात को तेरे कमरे में भेज दूँगा, तुम दरवाजा बंद मत करना, मैं पर्दे के पीछे से तुम लोगों की चुदाई देखूँगा।</p>
<p>मैंने कहा- जैसी आपकी मर्जी!</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/mount-abu-me-chudai/">माउंट आबू में चुदाई</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चाची ने चूत</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/chachi-ne-choot/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Jan 2020 10:59:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चाची की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[chachi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[gaand chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[rishton me chudai]]></category>
		<category><![CDATA[samuhik chudai]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://freehindisexstories.net/?p=246</guid>

					<description><![CDATA[<p>सभी आंटियों, भाभियों और जवान कड़क लौंडियों को मेरे खड़े लंड की तरफ से नमस्ते. मैं राहुल अपनी और अपनी चाची की चुदाई लेकर फिर से हाज़िर हूँ. मेरी पिछली कहानी में आपने पढ़ा कि ... <a title="चाची ने चूत" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/chachi-ne-choot/" aria-label="Read more about चाची ने चूत">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/chachi-ne-choot/">चाची ने चूत</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>सभी आंटियों, भाभियों और जवान कड़क लौंडियों को मेरे खड़े लंड की तरफ से नमस्ते. मैं राहुल अपनी और अपनी चाची की चुदाई लेकर फिर से हाज़िर हूँ. मेरी पिछली कहानी में आपने पढ़ा कि चाची ने मुझे चोदना सिखा कर मर्द बना दिया था. चाची ने मेरे लंड से चुद कर अपनी चूत की प्यास को तो बुझा लिया था, लेकिन उनके बार बार कहने पर भी मैंने उनकी चूत की नहीं चाटा था.  <a href="https://freehindisexstories.net/chachi-ne-choot-chatna-sikhaya/">Indian sex stories</a></p>
<p>अब आगे..</p>
<p>उस रात मैंने अपनी अच्छी को 3 बार चोदा था और उन्हीं के साथ नंगा सो गया था.</p>
<p>अगले दिन सुबह उठते ही मैंने चाची को बोला- संगीता रानी, आज मैं आपकी चूत के बालों को साफ करके चोदूंगा.</p>
<p>इस पर चाची बोलीं- अबकी बिना चूत चूसे चोदने नहीं दूँगी.</p>
<p>मैं बोला- ठीक है देखते हैं.</p>
<p>चाची ने मुझे किस कर लिया. मैंने चाची के दूध दबा से बोला- अभी आप बिना कपड़ों के ही रहो.</p>
<p>फिर उठ कर हमने अपना काम किया चाची अपने बेटे को नहलाने लगीं. लेकिन आज चाची पूरे घर में बिना कपड़ों के ही घूम रही थीं. अपने बेटे को नहलाकर खिला कर खेलने के लिए घर में छोड़ दिया और बोलीं- आ जा अब मेरी चूत के बालों को साफ कर दे.</p>
<p>मैं तुरंत कैंची लेकर आया और चाची के चूत के लम्बे बालों को काटने लगा. क्योंकि चाची ने 5-6 महीनों से अपनी चूत के बालों को साफ नहीं किया था. इसलिए अभी तो रेजर से भी झांटें साफ़ करना मुश्किल दिख रहा था. उन्हें पहले कैंची से काटना जरूरी था.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/chachi-ne-choot-chatna-sikhaya/">Indian sex stories</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/did-ke-saath-sex/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">दीदी के साथ सेक्स</a></p>
<p>चाची की चूत पर उगी हुई लम्बी लम्बी झांटों को बड़े ध्यान से कैंची से काटने के बाद मैंने चूत पर शेविंग क्रीम को लगा दिया. फिर हाथ से चूत पर क्रीम को मल कर झाग बनाया. चूत पर हाथ से शेविंग क्रीम के झाग बनाने से जहां मुझे मजा आ रहा था, वहीं चाची ने भी चूत खोल दी थी और मेरे हाथ की रगड़ का मजा ले रही थीं.</p>
<p>झाग बन जाने के बाद मैं चाची की चूत की झांटों को ट्विन ब्लेड वाले रेजर से साफ करने लगा.</p>
<p>चाची चूत उठाए हुए झांटें साफ़ करवा रही थीं. वो बोलीं- आराम से साफ़ करना.. धीरे धीरे, कहीं काट मत देना.</p>
<p>मैंने कहा- डार्लिंग ये ट्विन ब्लेड वाला रेजर है, इससे लगने कटने की गुंजाइश न के बराबर होती है, फिर भी मैं ध्यान रखूंगा.</p>
<p>थोड़ी देर बाद उन्होंने खुद रेजर ले लिया और बालों को साफ करने लगीं.</p>
<p>चूत को साफ करने के बाद मैं उनकी चूत को सहलाने लगा. चाची और मैं दोनों गर्म हो चुके थे. चाची के मुँह से कामुक सिसकारियां निकल रही थीं. मैं उनको बाथरूम में ही किस किए जा रहा था और उनकी चूत को सहलाए जा रहा था.</p>
<p>चाची कुछ ही देर में झड़ गईं. वे मेरे लंड को सहलाने लगीं. मेरा 6 इंच का लंड पूरा टाइट हो चुका था.</p>
<p>मैंने बोला- संगीता डार्लिंग थोड़ा झुको. <span style="color: #f7eee1;"><a style="color: #f7eee1;" href="https://freehindisexstories.net/chacha-ke-beti-ko-akele-me-choda/">Hindi sex stories</a></span></p>
<p>चाची समझ न सकीं और नल के सहारे झुक गईं. मैंने तुरंत चाची की चूत में पूरा लंड एक ही बार में पेल दिया. वो ‘उई.. राहुल..’ बोलते हुए चिल्ला उठीं और अपने होंठों को काटने लगीं. मैंने उनकी पीठ को धीरे धीरे सहलाना, गर्दन पे किस करना चालू रखा.</p>
<p>चाची मादक सिसकारियां भरने लगीं- अह … उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह.. अहह!</p>
<p>चाची की चुदासी आवाजों से मैं और गर्म होने लगा. मैं आगे हाथ बढ़ा कर उनके 36 इंच के चुचों को अपने दोनों हाथों से दबाए जा रहा था. साथ ही अपने होंठों से उनके पीठ को चाटे और चूमे जा रहा था.</p>
<p>कुछ ही देर में चाची गांड का दबाव देते हुए बोलीं- अब जोर से चोद भोसड़ी के.. अपनी रंडी चाची को.</p>
<p>इस तरह मुझे व खुद को गाली देते हुए मैंने पहली बार सुना था. इस तरह से उन्मुक्त होती चाची की चुदाई करते समय मेरे ऊपर हवस और बढ़ती जा रही थी.</p>
<p>थोड़ी देर में ही चाची बोलीं- राहुल मैं बस छूट रही हूँ.</p>
<p>उन्होंने इतना भर कहा और मेरे पूरे लंड को अपनी चूतरस की बरसात से भिगो दिया.</p>
<p>मैं भी अब चाची को जोर जोर से चोदने लगा. चाची बस ‘अहह … ओहह … आह्ह्ह …’ करती रहीं और उनकी सांसें तेज़ होने लगीं. फिर थोड़ी देर में 7-8 झटकों के साथ मैंने अपना माल चाची की चूत में भर दिया.</p>
<p>चुदाई से तृप्त होने के बाद नंगे ही रह कर हम दोनों ने खाना खाया.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/chachi-ne-choot-chatna-sikhaya/">Indian Sex Stories</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/maine-chachi-ki-chudai-ki/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मैं चूत का पुजारी</a></p>
<p>खाना खाते वक़्त चाची बोलीं- राहुल आज मार्केट से मिठाई ले आ.</p>
<p>मैंने पूछा- ठीक है … पर कौन सी मिठाई लाऊं?</p>
<p>चाची बोलीं- रबड़ी ले आना.</p>
<p>मैं कुछ देर बाद कपड़े पहन कर मार्केट से रबड़ी ले आया.</p>
<p>उस वक्त दोपहर के 2 बज रहे थे. चाची एक डीवीडी ले आईं और वो उन्होंने टीवी में लगा दी. ये एक ब्लू पिक्चर थी, जिसमें एक लड़का लड़की की चूत को चाट रहा था.</p>
<p>चाची तो सुबह से ही पूरी नंगी थीं. वे गांड हिलाते बोलीं- राहुल रबड़ी ले के आ.</p>
<p>मैं रसोई से रबड़ी ले आया.</p>
<p>मैं चाची की दूध मसलते हुए कहा- चाची आप इतनी सुंदर हैं, चाचा आपको छोड़ कर कैसे चले गए.</p>
<p>तब चाची बोलीं- तेरे लिए ही छोड़ कर गए हैं … ले संभाल मुझे.</p>
<p>चाची ने ये कहते हुए रबड़ी को अपनी चूत पर रगड़ा और अपनी दोनों टांगें चौड़ी करके बोलीं- चाट मेरी चूत को.. वरना आज समझ लेना.</p>
<p>चाची ने एक पूरी रबड़ी को अपनी चूत पर रखा और बोलीं- ले अब चाट मेरी चूत को.</p>
<p>मैं धीरे धीरे चाची की चुचियों पे किस करता हुआ नीचे आने लगा और रबड़ी को चाटने लगा, जो चाची ने अपनी चूत की फांकों के बीच लगाई हुई थी. रबड़ी की वजह से चाची की चूत बहुत मीठी लग रही थी. अब मैं चाची की चूत को चाटने लगा और चूत के ऊपर के दाने को हल्का हल्का काटने लगा.</p>
<p>चाची वासना से जोर जोर से सिसकारियां भरने लगी और बोलने लगीं- आह खा जा अपनी संगीता की चूत को … दोनों हाथों से खोल के चाट.</p>
<p>वो मेरे सिर को अपने चूत पर दबाने लगीं और बड़बड़ाने लगीं- चाट अपनी चाची की चूत को मादरचोद … चोद अपने चाची की चूत को … मुँह से चोद कर खा जा इसे.</p>
<p>मैं भी न जाने किस मदहोशी में चाची की चूत को चूसे जा रहा था. चाची की चूत को चाटते हुए मुझे बड़ा मजा आने लगा था.</p>
<p>मेरे बालों को चाची ने पकड़ लिया और मेरे सर जोर से अपनी चूत पर दबाने लगीं. चाची चिल्लाते हुए गांड उठा कर बोलीं- आह राहुल … मैं झड़ने वाली हूँ.</p>
<p>चाची ने अपनी चूत का पूरा पानी मेरे मुँह पे झाड़ दिया. मैं कुत्ते जैसा चाची की चूत को चाटता रहा. मैं उनकी चूत का सारा पानी पी गया.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/chachi-ne-choot-chatna-sikhaya/">Indian Sex Stories</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/badi-behan-ko-dost-ne-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">बड़ी बहन को मेरी दोस्त ने चोदा</a></p>
<p>उसके बाद मैंने चाची को बोला- इतनी स्वादिष्ट होती है चूत … मुझे मालूम होता तो मैं पहले ही आपकी चूत को खा गया होता.</p>
<p>चाची निढाल पड़ी अपनी सांसों को काबू में करते हुए हंस रही थीं.</p>
<p>मैं चाची से बोला- मैं दुबारा से आपकी चूत को चाटना चाहता हूँ.</p>
<p>वो बोलीं- अब बाद में चाट लेना … अभी पहले चोद दे मुझे.</p>
<p>मैं नहीं माना और ज़बरदस्ती फिर से चाची की चूत को चाटने लगा. इस बार अपनी जीभ को मोड़ कर जीभ से चोदने लगा और एक उंगली को चाची की चूत में डाल दिया.</p>
<p>थोड़ी देर में चाची फिर से झड़ गईं. वे बोलीं- अब तो चोद दे अपनी चाची को!</p>
<p>मैं बोला- संगीता आज से तू मेरी टीचर है … तू जो बोलगी, मैं करूँगा.</p>
<p>चाची मुझे चूमने लगीं.</p>
<p>मैं बोला- आपका नमकीन पानी मुझे बहुत पसंद आया. अब मैं आपका नमकीन पानी रोज पियूंगा.</p>
<p>चाची बोलीं- तूने बहुत अच्छे से मेरे चूत को चाटा. इसका तुझे कोई न कोई इनाम मिलेगा.</p>
<p>मैंने जानना चाहा कि इनाम क्या मिलेगा.</p>
<p>तो चाची ने मुझे नहीं बताया.</p>
<p>चाची बोलीं- तू अब लेट जा.</p>
<p>मेरे लेटने के बाद चाची मेरे मुँह पर बैठ गईं. हम दोनों 69 की पोज़िशन में थे. मैं फिर से चाची की चूत को चाटने लगा और चाची ने मेरे लंड को चूसना चालू किया. चाची ने फिर से थोड़ी देर में अपना पानी मेरे मुँह पे छोड़ दिया. अब तक चाची बिना लंड के 3 बार झड़ चुकी थीं. थोड़ी देर में मैं भी चाची के मुँह में झड़ गया और चाची किसी रंडी की तरह मेरे लंड का पूरा माल पी गईं.</p>
<p>हम दोनों दस मिनट यूं ही चिपके लेटे रहे. फिर चाची बोलने लगीं- अब तो चोद से मुझे राहुल … वरना तेरे <a href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/">लंड </a>को कभी इस चूत के दीदार नहीं होने दूँगी.</p>
<p>मैंने तुरंत चाची को बेड पर लेटा दिया और दोनों टांगों को फैला कर लंड चूत के मुँह पर सैट करने के बाद जोर जोर से चोदने लगा.</p>
<p>चाची जोर जोर से ‘अहह … ह… हह ह … अहहह.. इसस्सस्स … इसस्स …’ की आवाज निकालने लगीं.</p>
<p>धकापेल चुदाई की वजह से फ़च फ़च की आवाज़ से पूरा कमरा गूंजने लगा. चाची गांड उठा उठा कर मुझे गालियां दिए जा रही थीं- आह मादरचोद … चोद दे मुझे … साले बहुत महीनों बाद मेरी चूत का इतना पानी निकला है.</p>
<p>गालियों की वजह से मैं और जोश में आ गया और मैं भी चाची को गालियां देते हुए जोर जोर से चोदने लगा.</p>
<p>मैं भी बोल रहा था- संगीता रंडी.. आज के बाद में तुझे अपने चाचा की कमी कभी महसूस नहीं होने दूँगा.<br />
कुछ देर बाद मैंने चाची को बोला- अब तू कुतिया बन जा.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/chachi-ne-choot-chatna-sikhaya/">Indian Sex Stories</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/pados-ki-mast-bhabhi/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पड़ोस की मस्त भाभी</a></p>
<p>चाची तुरंत कुतिया बन गईं. मैंने चाची को पीछे से डॉगी पोज़िशन में चोदना चालू किया. उधर सामने टीवी में चुदाई चल रही थी, इधर में चाची को कुतिया की तरह चोद रहा था. चाची मादक सिसकारियां लिए जा रही थीं. वे जोर जोर से हांफे जा रही थीं.</p>
<p>मैं बोल रहा था- कुतिया आज के बाद तू मुझसे रोज़ चुदेगी.</p>
<p>थोड़ी देर में चाची फिर से झड़ गईं. अब रस टपकाने की मेरी बारी थी. मैंने अपनी रफ़्तार को और तेज़ किया और दो ही मिनट में मैंने फिर से चाची की चूत को अपने लंड के लावा से लबालब भर दिया.</p>
<p>चाची को मेरी चूत चुसाई और लंड से चुदाई इतनी अधिक भा गई थी कि हम दोनों एक दिन में कम से कम पांच बाद चुदाई किये बिना रह ही नहीं पाते थे.</p>
<p>उन दस दिनों में चाची ने मुझे पूरा जवान मर्द बना दिया. मुझे भी चूत चाटने की ऐसी लत लगी कि मैं अब जब भी किसी को भी चोदता हूँ, तो पहले चूत चाट कर उसे 2 से 3 बार झड़ा देता हूँ, तभी लंड लगाता हूँ.</p>
<p>मुझे और चाची को जब भी मौका मिलता है. हम लोग चुदाई का खेल खेलने लगते है.</p>
<p>चाची की चुदाई के बाद बाकी की कहानी मैं बाद में लिखूंगा. कैसे अपनी गर्लफ्रेंड को चोदा. इनाम के तौर पर चाची ने सैटिंग करवा के मुझे ऋतु मामी की चूत चोदने का मौका भी दिलाया और एक लड़की की कुंवारी चूत भी दिलाई.</p>
<p>चाची मेरी सेक्स गुरु हैं.</p>
<p>आप सभी को मेरी चाची की चूत चटाई की चटर पटर कैसी लगी.. कॉमेंट ज़रूर करें.</p>
<p>Incoming searches &#8211; indian sex stories, best indian sex stories, free indian sex stories, hindi sex stories, hindi chudai kahani, chachi k chudai, ghar me chudai, rishton me chudai kahani, rough indian sex stories, desi indian sex stories</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/chachi-ne-choot/">चाची ने चूत</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सेक्सी चाची</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/sexy-chachi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Oct 2019 10:26:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चाची की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[chachi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[gaand chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[rishton me chudai]]></category>
		<category><![CDATA[samuhik chudai]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://freehindisexstories.net/?p=214</guid>

					<description><![CDATA[<p>मै और मेरे चाचा-चाची पास-पास रहते थे, मेरे चाचा की शादी को तीन साल हो चुके हैं। चाची के बड़े-बड़े स्तन देखकर मेरे मादरचोद लंड में पॉवर आ जाती थी, उनकी उम्र उस समय लगभग ... <a title="सेक्सी चाची" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/sexy-chachi/" aria-label="Read more about सेक्सी चाची">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/sexy-chachi/">सेक्सी चाची</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मै और मेरे चाचा-चाची पास-पास रहते थे, मेरे चाचा की शादी को तीन साल हो चुके हैं। चाची के बड़े-बड़े स्तन देखकर मेरे मादरचोद लंड में पॉवर आ जाती थी, उनकी उम्र उस समय लगभग 26 साल थी लेकिन देखने में वो 21 साल की लगती थी।</p>
<p>मेरे चाचा को अक्सर ऑफिस टूर से हर 3-4 महीने बाद बाहर जाना पड़ता था, वो किराये के कमरे में रहते थे, वे चाची को अकेला नहीं छोड़ना चाहते थे इसलिए वे मुझे उनके घर पर रुकने को कहते थे। सच बताऊँ तो यह सुनकर तो मेरे मन में लड्डू फूटने लगते थे, यह मुझे नहीं पता था कि क्या चाची भी वही चाहती हैं जो मैं चाहता हूँ लेकिन मैंने ठान रखा था कि कुछ भी हो, चाची की जवानी का रस तो ज़रूर लेना है।</p>
<p><strong>Chachi ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/saas-ke-saath-masti/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सास के साथ मस्ती</a></strong></p>
<p>मैं रोज चाची के घर में सोता था मगर हिम्मत नहीं हो पा रही थी कि कुछ करूँ। और फिर चार दिन बाद चाचा जी वापस आ गए तो लगा यार अपनी किस्मत ही झंड है।</p>
<p>फिर चार महीने बाद चाचा का फिर से टूर लगा, अब सोचा कि कुछ भी हो, इस बार ज़रूर कुछ करना है।<br />
रात को मैं और चाची एक ही कमरे में सो रहे थे कि मुझे जोर की मुताश लगी तो मैं मूतने के लिए उठा। मैंने लाईट जलाई तो जो मैंने देखा वह देखकर मै दंग रह गया !</p>
<p>चाची सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में सो रही थी क्योंकि उनको गर्मी बहुत लगती थी। यह देखकर तो मेरा छः इंच लंड शेषनाग के जैसा फुफकारने लगा। लेकिन मै पहले टॉयलेट गया। फिर जब मैं वापस आया तब तक मेरी नीद उड़ चुकी थी और मेरे अन्दर वासना जागने लगी। मैं चुपचाप चाची की बगल में जाकर लेट गया, धीरे-धीरे उनके पीछे पूरे शरीर से चिपक गया और फिर मैंने धीरे से उनकी ब्रा के हुक खोल दिए, यह सब करते हुए मेरे पूरे शरीर में कंपकंपाहट हो रही थी लेकिन मैंने हिम्मत करते हुए उनके चूचियों पर धीरे से हाथ रखा और लगभग एक मिनट तक हाथ स्थिर रखे रहा ताकि उनको यह न लगे कि उनके साथ कुछ हो रहा है।</p>
<p><strong>Chachi ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/lund-ki-holi-aur-bhabhi-ki-gaand/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">लंड की होली और भाभी की गांड</a></strong></p>
<p>फिर मैंने अपने हाथ उनके पैरों की तरफ बढ़ाये और धीरे से उनके पेटीकोट को ऊपर किया तो मैंने देखा कि उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी। पहले तो मेरा लण्ड सिर्फ खड़ा था लेकिन अब तो मेरे लण्ड से पानी आ गया। मैं अपने मिशन को पूरा करने की फ़िराक में था, मैंने धीरे-धीरे उनकी जांघों के बीच में हाथ रखा और उनकी टांग को हल्का सा ऊपर उठाकर मैंने अपना लण्ड उनकी चूत में डाल दिया।</p>
<p>लेकिन चाची झटके से उठ गई और मेरे लण्ड को बाहर निकल दिया और कहने लगी- यह तुम क्या कर रहे हो? तुम्हारे चाचा को पता चलेगा तो वो तुम्हे छोड़ेंगे नहीं !</p>
<p>मैं यह सोचकर सकपका गया लेकिन मेरे दिमाग में अपना मिशन पूरा करने का भूत सवार था तो मैंने चाची से कहा- तुम्हें देखकर तो मुझमें मर्दानगी आई है !</p>
<p>और यह कह कर मैं अपने होंठों को उनके होंठों से मिलाकर जबरदस्त चुम्बन करने लगा और अपने हाथों से उनके मम्मे दबाने लगा जिससे चाची भी उत्तेजना की चरम सीमा पर पहुँचने लगी। फिर वो भी मेरा साथ देने लगी।</p>
<p><strong>Chachi ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/daaru-aur-choot-ka-maza/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">दारू और चूत का मजा</a></strong></p>
<p>मैं उन्हें लिटाकर उनकी चूत को चाटकर उंगली करने लगा तो चाची के मुंह से आह्ह्ह्ह&#8230;.. आह्ह्ह की आवाज आने लगी जिसे सुनकर मैं बेकाबू हो गया और फिर मैंने अपने शेषनाग को बिल में प्रवेश कराया तो आवाज आई&#8230;. ओह हो हो&#8230; आहह्ह्ह</p>
<p>मैंने अपने मिशन को आगे बढ़ाया और जोर-जोर धक्का मारने लगा। तब चाची की आवाज आने लगी&#8230; ओह भगवान, ओह माय गाड&#8230;</p>
<p>फिर चाची बोली- आज तो लग रहा है राहुल, तू मेरी चूत फाड़ डालेगा ! सच में आज मुझे सेक्स का असली मज़ा मिल रहा है।</p>
<p>फिर सेक्स के बाद मैंने अपने लंड को चाची की चूत में डाले-डाले उनसे चिपक कर पूरी रात बिताई।<br />
सच में उस दिन लगा कि जन्नत वाकई में धरती पर ही है।</p>
<p><strong>Chachi ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/bua-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">बुआ की चूत चुदाई</a></strong></p>
<p>फिर सुबह चाची मुझसे बोली- मुझे मॉर्निंग-विश नहीं करोगे?</p>
<p>तो मैंने उनको मोर्निंग-विश रात के अंदाज में किया तो चाची फिर से बहुत खुश हो गई।</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/sexy-chachi/">सेक्सी चाची</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चूत का कर्ज़</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/chut-ka-karz/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Oct 2019 15:10:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[Gair se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[hindi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[sex stories in hindi]]></category>
		<category><![CDATA[sex with stranger]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://freehindisexstories.net/?p=208</guid>

					<description><![CDATA[<p>जी हाँ, मेरी अभी तक की सब कहानियों को मेरे अनुसार लिखने वाला मेरा अज़ीज़ राज कार्तिक असल में मैं अपने साथ घटी हुई सारी चुदाई की दास्ताँ उसे सुनाती थी और वो कहानी लिखा ... <a title="चूत का कर्ज़" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/chut-ka-karz/" aria-label="Read more about चूत का कर्ज़">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/chut-ka-karz/">चूत का कर्ज़</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जी हाँ, मेरी अभी तक की सब कहानियों को मेरे अनुसार लिखने वाला मेरा अज़ीज़ राज कार्तिक असल में<br />
मैं अपने साथ घटी हुई सारी चुदाई की दास्ताँ उसे सुनाती थी और वो कहानी लिखा करता था और ऐसे ही चुदाई की बातें करते करते हम एक दूसरे के बहुत ज्यादा करीब आ गये थे और कई बार उसने फोन पर मेरे साथ चुदाई की बातें करते करते हम दोनों ने ही हस्तमैथुन भी किया है।</p>
<p>वो मेरी कहानियाँ लिखता था, यह उसका बहुत बड़ा अहसान था मुझ पर और अब मेरा मन था कि मैं<br />
उसका यह क़र्ज़ इस तरह से चुकाऊँ कि वो खुश हो जाए ! और मैं उस पर अपनी सबसे अनमोल चीज़ यानि मेरी चूत उस पर न्यौछावर कर देना चाहती थी।</p>
<p>मैं जयपुर से थी और वो दिल्ली से था, ज्यादा दूर नहीं था पर बस हम अभी तक मिल नहीं पाए थे। फिर मैं<br />
उसके पीछे पड़ी कि वो जयपुर आये क्यूंकि मेरा परिवार था, मैं दिल्ली नहीं जा सकती थी। और फिर एक दिन उसका फोन आया कि वो अपने काम के सिलसिले में जयपुर आ रहा है। मैं तो ख़ुशी के मेरे पागल ही हो गई लेकिन जब उसने अपने आने का दिन बताया तो मेरी ख़ुशी गायब हो गई क्यूँकि उस दिन मेरे पति का कोई टूर नहीं था और वो भी उस दिन जयपुर में ही थे, लेकिन मैं उससे मिलने को मरी जा रही थी तो उसे आने से मना ही नहीं किया, सोचा मैं कुछ ना कुछ जुगाड़ निकाल ही लूँगी।</p>
<p><strong>Ajnabi se chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यार, इश्क़ और चुदाई</a></strong></p>
<p>वो बिल्कुल सुबह वाली ट्रेन से जयपुर आ गया और मेरे घर से थोड़े ही दूर के एक होटल में रुक गया था,<br />
उसका प्लान था कि वो पहले अपने काम को निपटायेगा और फिर हम मिलेंगे।</p>
<p>लेकिन मेरे पति के ऑफिस निकलते ही मैंने उसे एक बार कॉफ़ी केफे डे में मिलने को कहा। उस समय घर पर काम वाली बाई काम कर रही थी, उसे बेबी को थोड़ी देर के लिए संभालने के लिए कहा और घर से निकल पड़ी।</p>
<p>वो मुझसे पहले ही वहाँ मौजूद था।</p>
<p>दोस्तो, लिखते मुझे हुए शर्म आ रही है लेकिन उसे सामने देखते ही मेरी चूत गीली हो गई और मैं पगला सी गई, वो भी मुझे देख कर व्याकुल सा हो गया। हमने हाथ मिलाया, पूरे शरीर में झुरझुरी सी छूट गई।</p>
<p>वो मुझे लेकर केफे में जाने लगा, मैंने उसे रोकते हुए कहा- तुम रुके कहाँ हो? क्या अपना कमरा नहीं दिखाओगे?</p>
<p>वो बोला- वो सामने रहा !</p>
<p>मैंने कहा- तो फिर कॉफ़ी बाद में पियेंगे।</p>
<p>वो राज़ी हो गया और दोस्तो, हम दोनों ही इतनी फुर्ती से उसके होटल रूम में पहुँचे कि मैं बता नहीं सकती।</p>
<p>और जैसे ही रूम में दाखिल हुए, मैं उसकी बाहों में झूल गई, उसने भी मुझे कस के पकड़ लिया जैसे और हम दोनों के ही दोनों हाथ, दोनों पैर और मुँह एक दूसरे के बदन पे रगड़ा रगड़ी, चूमाचाटी में व्यस्त हो गए, ऐसा लग रहा था कि हम दोनों एक दूसरे में अभी ही घुस जाएँ क्यूँकि उसने मुझे बहुत ही ज्यादा कस के पकड़ा हुआ था, उसने मेरे बाल कस के पकड़ कर मेरा चेहरा पीछे की तरफ खींच दिया और मेरे<br />
चेहरे ओअर चुम्बनों की बरसात सी कर दी, मेरे होंठ, मेरे गाल, मेरी नाक, मेरी ठोड़ी, कोई जगह नहीं छोड़ी उसने, और अब वो गर्दन के रास्ते नीचे की तरफ बढ़ चला और अब उसके मुँह का गीलापन मैं<br />
अपनी छातियों पर महसूस कर रही थी।</p>
<p><strong>Ajnabi se chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/aakhir-chud-gayi-nakhrili-saali/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">आखिर चुद ही गई नखरीली साली</a></strong></p>
<p>मित्रो, आपको यह तो मालूम ही है कि तुम्हारी यह भाभी वैसे ही बहुत खुले गले के ब्लाउज पहनती है, जिसमें से मेरे गदराये हुए चूचे बाहर दीखते रहते हैं, और अभी इस राज़ की इस हरकत की वजह से मेरे उरोन इतने बाहर आ गये कि निप्पल भी दर्शायमान होने लफ़े थे ! मेरे उस बदमाश आशिक़ ने दूसरे हाथ से निप्पल को बाहर निकाल दिया, बूब्स इस समय ब्रा और ब्लाउज़ में भी फंसे थे, इस वजह से मुझे दर्द होने लगा था क्यूँकि वो बहुत ही ज्यादा तन गए थे और ऐसे फूले गुब्बारे जैसे मेरे बूब्स अब उसने अपने मुँह में भर लिए।</p>
<p>अब जब वो इतना ज्यादा आगे बढ़ ही चुका था, तो ऐसे में आपकी यह भाभी भी कहाँ पीछे रहने वाली थी, मैंने भी उसकी शर्ट उसकी पैंट से बाहर खींच दी और अपने हाथ उसके अंदर डाल दिए। अब मेरे हाथ<br />
उसकी नंगी पीठ, उसकी बालों से भरी हुई छाती पे फिसल रहे थे, मैं उस रगड़ रही थी, नोच रही थी,<br />
जहाँ मेरी चूत बिल्कुल गीली हो गई थी, वही राज़ का भी लंड बुरी तरह से तन गया था, जो मुझे अपनी जांघों में महसूस भी हो रहा था।</p>
<p>अब मैंने उसके लंड का नाप लेने के लिए आगे के रास्ते अपना हाथ उसकी पैंट और अंडरवियर में अंदर तक घुसा दिया। उसका भी लंड का सुपाड़ा बहुत गीला हो रहा था और लंड सचमुच बहुत ही फौलादी था, क्यूँकि उसके लंड की जड़ में झांटों वाली जगह पर मेरी उंगलियाँ पहुँच गई तो उसका लंड मेरी कलाई तक आ गया यानि काफी लम्बा था, और जब मैंने उस पर अपने हाथ से ग्रिप बनाई तो मालूम पड़ा कि वो बहुत मोटा भी था, लेकिन मेरी इस हरकत ने उसे विचलित कर दिया शायद मेरे इस तरह से उसके लंड को ग्रिप बना के रगड़ने से उसे डिस्चार्ज होने का डर हुआ हो, वो फ़ौरन मुझे अलग हो गया, हमारी साँसें तेज़ हो गई थी, पूरा बदन पसीने में भीग गया था।</p>
<p><strong>Kamukta &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/biwi-ne-naukar-se-chudwaya/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यासी बीवी, अधेड़ पति</a></strong></p>
<p>वो थोड़ा संयत होने के बाद बोला- शालू मेरी जानू, तुम मुझे पूरी तरह से कब मिलोगी, मैं मरा जा रहा हूँ यार, और ऐसे आधा अधूरा मिलन मुझे और पागल बना देता है।</p>
<p>मैं फिर उससे लिपट गई और बोली- हाँ यार, तुम सच कहते हो, मैं घर जाकर कुछ जुगाड़ करती हूँ। यार मेरे पति यहीं जयपुर में हैं, वरना वो अक्सर टूर पर रहते हैं।</p>
<p>र हम बाहर आये, कॉफ़ी पी, वो जिस काम से जयपुर आया था, वो करने चला गया और मैं रात के मिलन<br />
का जुगाड़ सोचती हुई अपने घर आ गई। और कहते हैं ना कि जहाँ चाह, वहाँ राह !</p>
<p>ऐसा ही हुआ, घर आने के थोड़ी ही देर बाद मेरी जोधपुर वाली ननद का फोन आया कि वो जयपुर आना चाह रही है लेकिन कोई साथ ही नहीं मिल रहा, क्या करूँ?</p>
<p>मुझे तुरंत एक आईडिया सूझा, मैंने उसे कहा- मैं &#8216;इन&#8217; से बोलती हूँ, ये तुम्हें लेने आ जायेंगे, और तुम भी अपनी तरफ से उन्हें फोन कर दो।</p>
<p>मेरी यह ननद मेरे पति की सबसे चहेती बहन है, उनसे छोटी है, मुझे उम्मीद थी कि वो उसकी बात को टाल नहीं पाएँगे और इस तरह मुझे अपने ही घर में पूरी रात का एकांत मिल जाएगा अपने राज़ के साथ !<br />
क्यूँकि होटल में मेरे अपनी बेबी के साथ जाने और पूरी रात रुकने में खतरा था और होटल वालों को शक<br />
हो सकता था और घर पर मेरे पति का फ़ोन लैंडलाइन फोन पर भी आ जाता था कभी कभी, तो यह सब घर पर ही करना सही था।</p>
<p>और फिर मैंने जब इन्हें फोन किया तो उसके पहले ही ननद उन्हें फोन कर चुकी थी और वो जाने का मन<br />
बना चुके थे, लेकिन फिर भी मैंने झूठमूठ का गुस्सा दिखाया और कहा- क्या यार? इसका मतलब मुझे आज रात अकेले ही रहना होगा?</p>
<p>वो मुझे समझाते रहे, मनाते रहे और उनकी रात के सफर  तैयारी करने को कहा। वो शाम 7 बजे वाली ट्रेन से ही निकलने वाले थे। मैं उनके सफ़र की तैयारी में लग गई और शाम 6.30 पर जैसे ही उनकी कैब उन्हें लेकर निकली, मुझे ना जाने होने लगा।</p>
<p><strong>Kamukta &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/daaru-aur-choot-ka-maza/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">दारू और चूत का मजा</a></strong></p>
<p>दोस्तो, मैंने जिंदगी में बहुत सेक्स किया है, नए नए लंड लिए हैं लेकिन हर बार सेक्स के पहले में इतनी ज्यादा उतावली और उत्तेजित हो जाती हूँ, न जाने मेरे साथ ऐसा क्यूँ है।</p>
<p>मैंने राज़ को फोन लगाया और उसे जल्दी से जल्दी आने को बोला। उसने 8.30 तक आने को बोला। तब तक मैंने उसके लिए डिनर बनाने का सोचा और बेबी के लिए तैयारी की जिससे वो टाइम से सो जाए और फिर अपने आप को सजाने संवारने में लग गई।</p>
<p>मैंने बिना बाहों वाला काला ब्लाउज़ जिसका गला काफी गहरा था, काले रंग की ही नेट वाली पारदर्शी सी साड़ी पहनी जिसे नाभि के काफी नीचे बांधा, अंदर मेरी पैंटी और ब्रा भी आज मैंने सेट वाले ही पहनी जो काले ही थी, मेरा रंग बहुत गोरा है इसलिए मुझ पर काली ड्रेस बहुत अच्छी लगती है।</p>
<p>और अब मैं बालकॉनी में आकर अपने राजा यानि अपने राज़ का इंतज़ार करने लगी।</p>
<p>दोस्तो, इसके आगे रात की असली कहानी अगले भाग में जरूर पढ़ना।</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/chut-ka-karz/">चूत का कर्ज़</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
