<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>पड़ोसी Archives - Hindi Sex stories</title>
	<atom:link href="https://freehindisexstories.net/category/padosi/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://freehindisexstories.net/category/padosi/</link>
	<description>Freehindisexstories.net</description>
	<lastBuildDate>Wed, 31 Jul 2024 15:55:18 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.3</generator>

<image>
	<url>https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2019/08/cropped-fhss-32x32.png</url>
	<title>पड़ोसी Archives - Hindi Sex stories</title>
	<link>https://freehindisexstories.net/category/padosi/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>मेरी पड़ोसी की चुदक्कड़ बेटियाँ</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/padosi-ki-beti-ko-choda-hot-indian-sex-kahani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jul 2024 05:00:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[लड़कियों की गांड चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[Antervasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[free sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[hot indian sex]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[neighbour sex]]></category>
		<category><![CDATA[padosan ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[Padoswali ladki ki chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[xahani]]></category>
		<category><![CDATA[xxxvasna]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://freehindisexstories.net/?p=320</guid>

					<description><![CDATA[<p>आगरा से ट्रांसफर होकर जब मैं कानपुर आया तो मैंने कानपुर में एक मकान किराए पर लिया। गुप्ताईन का मकान मेरे घर के ठीक सामने था। गुप्ताईन की उम्र करीब 45 साल थी लेकिन अच्छे ... <a title="मेरी पड़ोसी की चुदक्कड़ बेटियाँ" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-beti-ko-choda-hot-indian-sex-kahani/" aria-label="Read more about मेरी पड़ोसी की चुदक्कड़ बेटियाँ">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-beti-ko-choda-hot-indian-sex-kahani/">मेरी पड़ोसी की चुदक्कड़ बेटियाँ</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आगरा से ट्रांसफर होकर जब मैं कानपुर आया तो मैंने कानपुर में एक मकान किराए पर लिया। गुप्ताईन का मकान मेरे घर के ठीक सामने था। गुप्ताईन की उम्र करीब 45 साल थी लेकिन अच्छे रख-रखाव और सजावट की वजह से वो करीब 40 साल की लगती थी। गुप्ता जी एक बैंक में मैनेजर थे।</p>
<p>उनका एक 20-22 साल का बेटा था जो ग्रेजुएशन के बाद जॉब की तलाश में था और एक बेटी जो करीब 18 साल की थी जो इंटर में पढ़ रही थी।</p>
<p>जब से मैं इस मोहल्ले में आया था, मुझे गुप्ताईन से प्यार हो गया था, मुझे किसी तरह से उसे चोदने का तरीका खोजना था।</p>
<h5>padosi ki beti ko choda hot indian sex kahani</h5>
<p>जहाँ चाह होती है वहाँ राह निकल ही आती है।</p>
<p>एक सुबह जब मैं कहीं जाने के लिए कार निकाल रहा था तो मैंने देखा कि गुप्ताईन की बेटी डॉली छाता लेकर खड़ी थी और गुप्ता जी अपना स्कूटर निकाल रहे थे।</p>
<p>बूंदा-बांदी हो रही थी, मैंने गुप्ता जी से पूछा- सर इतनी सुबह-सुबह कहाँ हो?</p>
<p>गुप्ता जी बोले- डॉली का एग्जाम है, मैं उसे स्कूल छोड़ने जा रहा हूँ।</p>
<p>मैंने कहा- मैं वहाँ जा रहा हूँ, मैं उसे छोड़ दूँगा।</p>
<p>थोड़ी हिचकिचाहट के बाद उन्होंने डॉली को मेरे साथ भेज दिया।</p>
<p>शाम को जब मेरी नज़र गुप्ताईन से मिली तो मुझे लगा जैसे वो बिना कुछ कहे ही शुक्रिया कह रही हो।</p>
<p>ऐसा तीन-चार बार हुआ जब मैंने डॉली को उसके स्कूल छोड़ा।</p>
<p>इससे गुप्ताईन तो खुश हो गई लेकिन मेरे दिमाग में एक नया ख्याल आया कि अगर मुझे डॉली को चोदने का मौका मिले तो क्या कहने।</p>
<p>हालाँकि डॉली कोई बहुत खूबसूरत लड़की नहीं थी। दुबला पतला शरीर, सांवला रंग, पाँच फुट छह सात इंच लंबी।</p>
<p>दो चीज़ें बहुत आकर्षक थीं, भावपूर्ण आँखें और मुस्कुराते हुए होंठ।</p>
<p>अब मेरा लक्ष्य बदल चुका था।</p>
<p>फिर एक दिन बातों-बातों में गुप्ता जी ने मुझे बताया कि डॉली का शनिवार को लखनऊ में एग्जाम है, मुझे उसे वहाँ ले जाना होगा।</p>
<p>मैंने तुरंत कहा- मैं शनिवार को लखनऊ जा रहा हूँ, दो घंटे का काम है।</p>
<p>मैं उसे उसके सेंटर पर छोड़ दूँगा और अपना काम खत्म करके वापस आते समय उसे ले लूँगा।</p>
<p>गुप्ता जी इतना बड़ा एहसान लेने को तैयार नहीं थे, लेकिन धीरे-धीरे मान गए।</p>
<p>अब मैं डॉली को चोदने की योजना बनाने लगा।</p>
<p>तय कार्यक्रम के अनुसार, मैं और डॉली शनिवार सुबह 7 बजे लखनऊ के लिए निकले, रास्ते में हमने चाय-नाश्ता किया और करीब 9 बजे डॉली के सेंटर पर पहुँच गए।</p>
<p>वहाँ पहुँचकर डॉली ने मेरे फोन से गुप्ताई को अपने आने की सूचना दी।</p>
<p>वो 9:30 बजे अंदर चली गई, उसे 1 बजे निकलना था।</p>
<p>मैं वहाँ से निकला, एक अच्छे होटल में कमरा बुक किया, अपना बैग रखा और थोड़ी देर आराम किया और डॉली को लेने उसके सेंटर पर पहुँच गया।</p>
<p>डॉली बाहर आई, कार में बैठी और मैंने पूछा- पेपर कैसा था?</p>
<p>वो खुशी से उछल पड़ी और बोली- बहुत बढ़िया।</p>
<p>मैंने कहा- मुझे बहुत भूख लगी है, चलो पहले खाना खाते हैं।</p>
<p>हमने एक अच्छे रेस्टोरेंट में खाना खाया।</p>
<p>डिनर के समय मैंने उससे कहा कि मेरा काम अभी नहीं हुआ है, अगर शाम तक हो जाए तो ठीक है, नहीं तो मुझे रात भर रुकना पड़ेगा।</p>
<p>मेरी बहन यहीं रहती है, हम उसके घर रुकेंगे।</p>
<p>मेरे आग्रह पर उसने गुप्ताईं से भी यही कहा।</p>
<p>अब मैंने डॉली से कहा- चार घंटे कैसे कटेंगे, चलो कोई मूवी देखते हैं।</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/do-lund-se-chudai/">दो लंडो से चुदाई</a> की <a href="https://hindipornstories.org/">फ्री सेक्स कहानी</a> जरूर पढ़ें।</p>
<p>कंजूस गुप्ता जी की तुलना में मेरा शाही खर्च देखकर डॉली खुश और प्रभावित हुई।</p>
<p>हमने मूवी देखी, खाया-पीया और मैंने मॉल से ही डॉली के लिए एक बढ़िया मिडी फ्रॉक मंगवाई।</p>
<p>शाम के 7 बज चुके थे। मैंने फर्जी कॉल किया,</p>
<p>थोड़ी देर बात करने के बाद मैंने डॉली से कहा कि हमें रात भर रुकना पड़ेगा, चलो बहन के घर चलते हैं, तुम अपनी मां से कह देना।</p>
<p>डॉली ने गुप्ताईं से कहा, इस बीच मैंने फोन उठाया और गुप्ताईं को भरोसा दिलाया कि हम कल 12 बजे तक वापस पहुंच जाएंगे।</p>
<p>अब मैंने डॉली से कहा- मैं सोच रहा हूँ कि दीदी लखनऊ के दूसरे छोर पर रहती हैं, इतनी दूर उनके घर जाने से अच्छा है कि पास के किसी होटल में रुका जाए, होटल में रुकने का अलग ही मजा है।</p>
<p>डॉली कैसे मना कर सकती थी।</p>
<p>मैंने गाड़ी होटल की तरफ मोड़ दी, कमरे पर पहुँच कर मैंने पूछा- कमरा कैसा है?</p>
<p>उसने आँख मारते हुए कहा- बहुत खूबसूरत है।</p>
<p>हमने खाना खाया और सोना पड़ा. मैंने फ्रिज से कोका-कोला की बोतल निकाली, उसमें मैंने व्हिस्की मिलाई हुई थी, दो घूँट पीने के बाद मैंने बोतल डॉली को दे दी, उसने भी दो-तीन घूँट पीने के बाद मुझे दे दी, इस तरह हम दोनों ने कोका-कोला की बोतल खाली कर दी, दो-दो पैग पी लिए.</p>
<p>अब मैंने उसे वो फ्रॉक दी जो मैंने उसके लिए खरीदी थी और कहा- नहा लो और मुझे दिखाओ कि इसे पहनने के बाद तुम कैसी लग रही हो.</p>
<p>थोड़ी देर बाद वो नहा कर वापस आई, मैंने उसकी तारीफ की और नहाने चला गया.</p>
<p>नहाने के बाद मैं अपने साथ लाया हुआ टी-शर्ट और लोअर पहन कर कमरे में आया, वो पहले से ही सो चुकी थी.</p>
<p>मैं भी उसके बगल में लेट गया.</p>
<p>मैंने फ्रॉक की पीछे की ज़िप खोली और उसकी फ्रॉक उतार दी, फिर उसकी ब्रा और पैंटी.</p>
<p>अब डॉली मेरे सामने पूरी नंगी लेटी हुई थी लेकिन मुझे उसे इस हालत में चोदने में मज़ा नहीं आ रहा था.</p>
<p>मैंने कमरे की लाइट बंद कर दी, खुद को चादर से ढक लिया और डॉली को भी चादर के अंदर ले लिया.</p>
<p>मैं उसके संतरे जैसे छोटे स्तनों को मसलने लगा. कुछ देर बाद निप्पल टाइट होने लगे. अब मैंने एक स्तन को मुंह में लिया</p>
<p>और धीरे-धीरे चूसने लगा.</p>
<p>मैंने एक हाथ डॉली की चूत पर रखा और उसे सहलाने लगा.</p>
<p>आधे घंटे तक दोनों स्तनों को चूसने और बारी-बारी से चूत को सहलाने के बाद डॉली जाग गई या यूं कहिए कि उसे होश आ गया. वो बोली- अंकल, मुझे बहुत नींद आ रही है.</p>
<p>मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करते हुए कहा- मैं आज रात सोने वाली नहीं हूँ.</p>
<p>जब मैं उसके स्तन चूसने में थोड़ा और सख्त हो गया और उसकी चूत में उंगली करने की स्पीड बढ़ा दी तो उसे मजा आने लगा.</p>
<p>अब मैं उठकर बाथरूम गया, पेशाब करके वापस आया और चुपचाप लेट गया. एक मिनट ही बीता था कि डॉली मेरे करीब सरक गई और अपना हाथ मेरी छाती पर फिराने लगी, थोड़ी देर बाद उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी चूत पर रख दिया.</p>
<p>मैं समझ गया कि लोहा गरम है. मैंने फिर से उसके स्तन को अपने मुँह में लिया और उसकी चूत को सहलाने लगा और उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया.</p>
<p>वो मेरी लोअर के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगी.</p>
<p>पड़ोसन की लड़की की चुदाई की सेक्स कहानी अगले भाग में जारी है.</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-beti-ko-choda-hot-indian-sex-kahani/">मेरी पड़ोसी की चुदक्कड़ बेटियाँ</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पडोस्वाली कुंवारी लड़की</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/padosi-ki-sexy-ladki-ko-choda-xxxx-story/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jul 2024 19:48:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[Antervasna]]></category>
		<category><![CDATA[chut chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[ladki ki chodayi]]></category>
		<category><![CDATA[ladki ko chodai]]></category>
		<category><![CDATA[padosan ki ladki]]></category>
		<category><![CDATA[Padosi ki ladki]]></category>
		<category><![CDATA[Padoswali ladki ki chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[samuhik chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[sex kahani]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=594</guid>

					<description><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों, मेरी सेक्सी कहानी में आपका स्वागत है. मैं आपको अपनी पड़ोसन कुंवारी लड़की की चूत चोदने की कहानी बताने जा रहा हूँ. मेरा नाम राज है, मैं लुधियाना से हूँ. मेरी उम्र 24 ... <a title="पडोस्वाली कुंवारी लड़की" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-sexy-ladki-ko-choda-xxxx-story/" aria-label="Read more about पडोस्वाली कुंवारी लड़की">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-sexy-ladki-ko-choda-xxxx-story/">पडोस्वाली कुंवारी लड़की</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों, मेरी सेक्सी कहानी में आपका स्वागत है. मैं आपको अपनी पड़ोसन कुंवारी लड़की की चूत चोदने की कहानी बताने जा रहा हूँ. मेरा नाम राज है, मैं लुधियाना से हूँ. मेरी उम्र 24 साल है और मैं अविवाहित हूँ. Meri is sexy kahani mein padhiye ki kaise maine apni padosi ki ladki ko choda.</p>
<p>मेरी एक गर्लफ्रेंड थी, उसका नाम नीलम था. मेरे घर के पास एक और लड़की रहती थी, सिर्फ़ 18 साल की. उसका नाम संध्या था. संध्या और नीलम सहेलियाँ थीं, संध्या को नीलम और मेरे बारे में पता था. मैं संध्या से नीलम के घर फ़ोन करवाता था.</p>
<p>संध्या को सब पता था, नीलम और मैं कहाँ जा रहे हैं, क्या कर रहे हैं.</p>
<p>ये सब सुनकर संध्या को भी सेक्स करने की इच्छा होने लगी.</p>
<p>वो अक्सर मेरे घर आती और मुझसे पूछती- राज भैया, कल आपने नीलम के साथ क्या किया?</p>
<p>मैं- तुम्हारा इन सब से क्या लेना-देना है?</p>
<p>फिर वो शरमा कर चली गई.</p>
<p>मैंने नीलम से पूछा तो उसने बताया कि वह हमारे बीच हुई हर बात संध्या को बताती है।</p>
<p>मैं समझ गया।</p>
<p>एक दिन जब मैं अपने घर में काम कर रहा था, संध्या मेरे पास आई और मुझसे बातें करने लगी।</p>
<p>मैंने उससे कहा- तुम अभी जाओ। थोड़ा देर से आना, मुझे अभी काम करना है।</p>
<p>लेकिन वह नहीं मानी।</p>
<p>मैंने उसे थोड़ी देर के लिए आने को कहा, फिर वह चली गई।</p>
<p>मेरी मां को बाजार जाना था, तो मां ने मुझसे कहा- मैं थोड़ी देर में वापस आऊंगी। अगर तुम्हें चाय पीनी है, तो संध्या से कह देना, वह बना देगी!</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है!</p>
<p>मां के जाने के तुरंत बाद संध्या फिर से मेरे घर आ गई और मुझे परेशान करने लगी।</p>
<p>मैं अपना काम नहीं कर पा रहा था।</p>
<p>इस बीच संध्या ने मेरे हाथ से पेन छीन लिया और मेरे कमरे की तरफ भागने लगी। मैं उसे पकड़ने के लिए खड़ा हो गया, मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया।</p>
<p>जब मैंने उसे पकड़ा तो मेरे हाथ उसके स्तनों पर थे।</p>
<p>संध्या के स्तन बहुत मुलायम थे, लेकिन छोटे भी थे।</p>
<p><a href="https://hindipornstories.org/gaand-me-lund/">मेरा लंड उसकी गांड पर था</a>।</p>
<p>थोड़ी देर तक पकड़े रखने के बाद उसने मुझे पेन दे दिया।</p>
<p>मैं पेन लेना नहीं चाहता था, लेकिन मैंने उसे छोड़ दिया, मैंने उससे कहा- मेरे लिए चाय बनाओ!</p>
<p>वह बोली- ठीक है भैया!</p>
<p>और वह चाय बनाने चली गई।</p>
<p><strong>Padosi ki ladki ko choda kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/suhagraat-par-pehli-baar-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सुहागरात पर पहली बार चुदाई</a></strong></p>
<p>मैं कुछ देर तक सोचता रहा कि क्या करूँ, पर अब मैं सेक्स किए बिना नहीं रह सकता था। मैं धीरे से उसके पास किचन में गया और उसके पीछे खड़ा हो गया, बोला- चाय अभी तक बनी नहीं है क्या?</p>
<p>मेरा लिंग उसके नितम्बों को छू रहा था, तो वो समझ गई, वो मुझसे बचने लगी।</p>
<p>मैं भी समझ गया कि वो अब मुझसे बच रही है।</p>
<p>उसने मुझे चाय दी और कहा- भैया, मैं घर जा रहा हूँ!</p>
<p>मैंने कहा- रुको ना… मैं चाय पी लूँ, फिर तुम जा सकते हो!</p>
<p>वो बोली- ठीक है, पी लो।</p>
<p>मैं उसे अपने कमरे में ले गया। वो चुपचाप मेरे कमरे के एक कोने में खड़ी हो गई। मैं सोच रहा था कि अब क्या करूँ।</p>
<p>मैंने जानबूझ कर उसके सामने नीलम की बात छेड़ी, मैंने उससे पूछा- क्या तुमने नीलम से बात की है?</p>
<p>वो बोली- नहीं!</p>
<p>फिर मैंने उससे कहा- तुम नीलम को फ़ोन करके यहाँ बुलाओ!</p>
<p>वो बोली- क्यों? तुम उसे यहाँ क्यों बुला रहे हो भैया?</p>
<p>मैंने कहा- क्योंकि माँ यहाँ नहीं है!</p>
<p>वो बोली- ठीक है।</p>
<p>फिर उसने कहा- मैं तुम्हें फोन करके आऊँगी।</p>
<p>मैंने कहा- रुको!</p>
<p>मेरे इतना कहने के बाद वह रुकी और पूछा- बताओ क्या?</p>
<p>मैंने उससे पूछा- नीलम तुम्हें क्या-क्या बातें बताती है?</p>
<p>उसने कहा- कुछ नहीं।</p>
<p>मैं समझ गया कि अब वह मुझसे बात करने से डर रही है… मैंने कहा- संध्या, तुम मेरे पास आओ!</p>
<p>उसने कहा- क्यों?</p>
<p>मैंने कहा- चलो!</p>
<p>वो धीरे से मेरे पास आई, मैंने उसे बिस्तर पर बिठाया और कहा- संध्या, तुम मेरे और नीलम के सेक्स के बारे में सब कुछ जानती हो, है न?</p>
<p>वो बोली- भैया, मैं कुछ नहीं जानती, कसम से!</p>
<p>वो उस समय डरी हुई थी.</p>
<p>फिर मैंने कहा- ठीक है. अगर तुम्हें हमारी बातचीत के बारे में जानना है, तो मुझसे पूछो&#8230; लेकिन नीलम से मत पूछो!</p>
<p>उसने तुरंत पूछा- क्यों?</p>
<p>मैंने कहा- अगर नीलम तुम्हारी माँ को बता दे तो?</p>
<p>उसने धीरे से हाँ कहा.</p>
<p>उसके बाद मैंने उससे पूछा- क्या तुम अभी जानना चाहती हो?</p>
<p>उसने धीरे से अपना चेहरा हिलाया और कहा नहीं.</p>
<p>फिर भी मैं उसे पूरी बात बताने लगा. वो थोड़ी देर तक ना कहती रही, उसके बाद वो ध्यान से सुनने लगी. मैंने उसे एक बात पूरी बताई.</p>
<p>उसके बाद वो मुझसे बोली- भैया मुझे इसके बारे में किसी और दिन बताना ना?</p>
<p>जब मैंने उससे कहा- मैं अभी नहीं बताना चाहता.</p>
<p>वो तुरंत खड़ी हो गई.</p>
<p>मैंने उसे आगे से पकड़ लिया और उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया।</p>
<p>वह मुझसे दूर जाने की पूरी कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने उसे जाने नहीं दिया…</p>
<p>थोड़ी देर बाद मैंने उससे कहा- बिस्तर पर लेट जाओ!</p>
<p>लेकिन उसने कहा- मैं चिल्लाऊँगी।</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है, तुम चिल्लाओ!</p>
<p>मैंने उसे अपने हाथों से उठाया और बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर लेट गया. मैंने उसके हाथ पकड़े और उसे चूमने लगा.</p>
<p>थोड़ी देर तक वो ना-ना करती रही, फिर मैंने एक हाथ से उसके दोनों हाथ पकड़े और दूसरे हाथ से उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया.</p>
<p>वो ना-ना कह रही थी.</p>
<p>फिर मैंने अपना हाथ उसकी सलवार में डाला और उसकी चूत को सहलाने लगा. कुछ देर ऐसा करने के बाद वो भी गर्म होने लगी. फिर मैंने उसके हाथ छोड़े और उसके बाद मैं समझ गया कि अब वो भी गर्म हो गई है, अब वो चुदते समय नखरे नहीं करेगी.</p>
<p>फिर मैंने उसकी कुर्ती उतार दी और उसके साथ उसकी शर्ट भी. मैं उसके स्तनों को सहलाने लगा और अपने हाथों से उसकी चूत को सहलाने लगा.</p>
<p>मुझे पता था कि वो पहली बार सेक्स कर रही है.</p>
<p>उसके मुँह से ‘हाहा हाहा हाहा&#8230;’ की आवाज़ें आ रही थीं.</p>
<p>मैंने उससे कहा- मैं नीलम के साथ भी ऐसा ही करता हूँ.</p>
<p>तो उसने अपनी बंद आँखें खोली और बोली- अब आगे क्या करते हो?</p>
<p>मैं समझ गया कि अब वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी है, मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए, अब वो मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी।</p>
<p>फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और तेल की बोतल लाया। मैंने अपने लिंग पर तेल लगाया, उसके बाद मैंने उसकी चूत पर भी तेल लगाया।</p>
<p>मैंने उससे पूछा- क्या मैं अपना लिंग डाल दूँ?</p>
<p>तो वो बोली- डाल दूँ!</p>
<p>जैसे ही <a href="https://freehindisexstories.net/choot-me-lund-hua-bahut-dard/">मैंने अपना लिंग उसकी चूत में थोड़ा सा डाला</a>, वो जोर से चिल्लाई- उउउउउउम्मम्म्म आआआआ ईईईईईई नहीं भैयाआआआ निकालो।</p>
<p>मैंने अपना लिंग बाहर निकाला और कहा- थोड़ा दर्द होगा। इतनी जोर से मत चिल्लाओ!</p>
<p>वो बोली- ठीक है, पर भैया थोड़ा धीरे से डालना!</p>
<p>मैंने फिर से अपना लिंग उसकी चूत में डाला, जैसे ही वो चिल्लाई, मैंने अपना मुँह उसके मुँह पर रख दिया और उसके होंठ चूसने लगा।</p>
<p>थोड़ी देर बाद उसकी चीखें कम हो गईं।</p>
<p>फिर मैंने अपनी कमर को थोड़ा पीछे किया और एक जोरदार झटका दिया और अपना पूरा लिंग उसकी चूत में डाल दिया. उसके बाद वो लगभग मर ही गई, वो बहुत जोर से चिल्लाई- उम्म्ह… आआह्ह… हाआआ… बहुत दर्द हो रहा है… मैं अब और नहीं सह सकती… प्लीज… निकाल लो.</p>
<p>फिर मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में लिया और जोर-जोर से हिलाने लगा.</p>
<p>उसकी चूत से खून निकलने लगा और वो पागल हो गई.</p>
<p>उसके चिल्लाने के बाद भी मैंने उसे चोदना बंद नहीं किया और चोदता रहा.</p>
<p>कुछ देर बाद मेरा वीर्य निकल गया, जिसे मैंने उसकी चूत में नहीं जाने दिया, बाहर निकाल दिया.</p>
<p>और मैं कुछ देर उसके ऊपर लेटा रहा.</p>
<p>अपना लिंग उसकी चूत से बाहर निकालने के बाद ही उसने राहत की सांस ली और बोली- भैया, अब मैं कभी भी तुम्हारे साथ नहीं चुदूँगी.</p>
<p>मैंने उससे कहा- तुम अपना खून साफ ​​करो और अपने कपड़े पहन लो!</p>
<p>मैंने अपने कपड़े पहने और फिर अपना काम करने लगा.</p>
<p>थोड़ी देर बाद वो कमरे से बाहर आई और बोली- भैया, मैं जा रही हूँ.</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है, अब कब आओगी?</p>
<p>वो बोली- जब भी समय मिले.</p>
<p>आज भी जब भी मौका मिलता है, मैं उसे चोदता रहता हूँ.</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-sexy-ladki-ko-choda-xxxx-story/">पडोस्वाली कुंवारी लड़की</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सेक्सी मंजू को रसीली चुत</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/manju-ki-rasili-chut/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Apr 2020 05:38:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[पहली बार चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gandi chudai]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[Mastram Hindi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[samuhik chudai]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=556</guid>

					<description><![CDATA[<p>हाय मेरा नाम जीतू है, मैं २६ साल का हूँ और मैं दिल्ली में रहता हूँ। मैं अपना एक अनुभव आपसे बताना चाहता हूँ। यह बात आज से लगभग दो-ढाई साल पहले की है, हमारे ... <a title="सेक्सी मंजू को रसीली चुत" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/manju-ki-rasili-chut/" aria-label="Read more about सेक्सी मंजू को रसीली चुत">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/manju-ki-rasili-chut/">सेक्सी मंजू को रसीली चुत</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हाय मेरा नाम जीतू है, मैं २६ साल का हूँ और मैं दिल्ली में रहता हूँ। मैं अपना एक अनुभव आपसे बताना चाहता हूँ।</p>
<p>यह बात आज से लगभग दो-ढाई साल पहले की है, हमारे घर में एक किरायेदार रहने आए। उनमें तीन लोग ही थे पति पत्नी और उनका छोटा भाई।</p>
<p>मैं उनको भाई भाभी बोलता था। दोनों भाई ऑटो चलाते थे, दिन में बड़ा भाई और रात को छोटा भाई ऑटो चलाते थे।</p>
<p>एक रविवार, मेरी ऑफिस की छुट्टी थी तो मैं अपने दोस्तों से मिलने निकल गया।</p>
<p><strong>Watch &#8211; <a href="https://desihotmasala.com">Free Indian Sex Videos</a></strong></p>
<p>शाम को जब में घर आया तो देखा कि एक लड़की मेरे घर के आँगन में मेरी मम्मी और बहन के साथ बैठ कर बात कर रही है।</p>
<p>मैने सोचा कि बहन की कोई फ्रेंड होगी तो मैं सीधा बाथरूम में जाकर अपने हाथ मुँह धोकर आया। मैंने महसूस किया कि वो लड़की मुझे घूर घूर कर देख रही थी।</p>
<p>मैं मम्मी की वजह से उसको नहीं देख रहा था।</p>
<p>फ़िर वो उठ कर चली गई तो मैने मम्मी से पूछा कि यह लड़की कौन है?</p>
<p>मम्मी ने बताया कि यह उन भइया की बहन मंजू है।</p>
<p><strong>Mastram Hindi chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/girlfriend-ki-saheli-ko-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">गर्लफ्रेंड की सहेली को घर बुला के चोदा</a></strong></p>
<p>यारों क्या मस्त माल थी वो ! लम्बाई ५.४” भरा भरा बदन सांवला रंग एक दम ब्लैक ब्यूटी थी वो ! २-३ दिन ऐसे ही निकल गए मैं कही भी जाता थो वोह मुझे घूर घूर कर देखती। उसकी आँखों में मुझे वासना दिखाई दी।</p>
<p>ऐसे ही एक हफ्ता निकल गया और फ़िर से रविवार आ गया। उस दिन मेरी बहन कुछ चादर पर कुछ फूल पत्ती बना रही थी। मम्मी भी उसका साथ दे रही थी और वो लड़की मंजू, वो चारपाई पर बैठी थी और मेरी बहन नीचे जमीन पर, मम्मी भी उसके साथ चारपाई पर ही बैठी थी। मैं बाहर से घूम कर आया तो देखा कि सब बैठे हैं, मैं भी बैठ गया कुर्सी पर और मैंने अपने पांव चारपाई पर फैला दिए।</p>
<p>तो चादर मेरे पांव के नीचे दब गई। मेरी बहन गुस्सा हो कर बोली कि चादर पांव के ऊपर कर ले नहीं तो गन्दी हो जायेगी।</p>
<p>मैने ऐसा ही किया तो मेरा पाँव अचानक मंजू के हाथ पर लगा। मैने अपना पांव हटा लिया तो वो मेरी तरफ़ देखने लगी जैसे कह रही हो कि क्योँ हटा लिया।</p>
<p><strong>Watch &#8211; Free <a href="https://xnxxshemale.com">XNXX Shemale Porn</a></strong></p>
<p>मैं मुस्करा दिया और दूसरी तरफ़ देखने लगा कि कहीं किसी का ध्यान मेरी तरफ़ तो नहीं, पर किसी ने नहीं देखा।</p>
<p>मुझे मजा आने लगा, मै धीरे से उसके कमर की साइड में अपनी पांव से सहलाने लगा।</p>
<p>चादर पांव के ऊपर होने से किसी को कुछ पता नहीं चला और उसने भी कुछ नहीं कहा।</p>
<p>मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैं पांव की उँगलियों से उसकी बाजू पर और पेट पर चिकोटी काटने लगा उसने कुछ नहीं कहा।</p>
<p>तभी मेरे पापा आ गए और सब लोग उठ गए। फ़िर तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैं जब उसको अकेले देखता तो कभी उसकी चूची दबा देता कभी उसकी गांड में ऊँगली करता और वोह कुछ नहीं कहती।</p>
<p>एक दिन मैं घर पर ही था और वो भी अकेली थी। मेरी मम्मी मार्केट गई थी। मुझे मौका मिल गया। मैं उसके कमरे में गया और उसको पकड़ लिया और जल्दी से उसके कपड़े उतार दिए और अपने भी। वो कुछ नहीं बोली।</p>
<p>फ़िर मैंने उसको किस करना चालू कर दिया। वो भी साथ देने लगी, मुझे मजा आने लगा। मैने पहली बार किसी लड़की को नंगा देखा था, मैं तो पागल ही हो गया।</p>
<p>उसकी कठोर चूचियों को देख कर मैने उनको खूब चूसा और दबाया।</p>
<p>वो बोली- जल्दी करो अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता।</p>
<p><strong>Watch <a href="https://amateurindians.com">Amateur Indian Porn Videos</a></strong></p>
<p>मैं उसकी चूत में ऊँगली डालकर चोदने लगा। उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी, उसको बहुत मजा आ रहा था। उसने अपनी आँखें बंद कर ली थी और मजा ले रही थी अपनी कमर को उठा उठा कर। तभी जोर से चिल्लाई और झड़ गई।</p>
<p>मैने उसका सारा रस चाट कर साफ़ किया और फ़िर अपना ६” लंबा और ३.५” मोटा लंड उसकी चूत में डालने लगा तो वो चिल्लाने लगी।</p>
<p>मैने उसके मुँह पर अपना मुँह रख दिया और उसके होटों को चूसने लगा।</p>
<p>फ़िर उसको मजा आने लगा और वो अपनी कमर उठा उठा कर चुदवाने लगी।</p>
<p>मैं समझ गया कि अब उसको मजा आने लगा है। मैने अपनी धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और उसको तेज तेज चोदने लगा। १० मिनट बाद वो मुझसे लिपट गई और मुझे नोचने लगी।</p>
<p>मैं समझ गया कि इसका पानी निकलने वाला है। मैने अपनी स्पीड और तेज कर दी और ५ मिनट बाद ही हम दोनों ने अपना रस छोड़ दिया। मैं उसके ऊपर ही लेट गया, उसकी आंखे बंद थी, उसके चहरे से पता लग रहा था कि वो पूरी तरह संतुष्ट हो चुकी है।</p>
<p>तभी डोरबेल बज उठी।</p>
<p>मैं जल्दी से उठा और अपना लोअर पहन कर दरवाजा खोला, तो मम्मी थी।</p>
<p>उस दिन तो बच गए।</p>
<p><strong>Read more <a href="https://hotindiansexstories.com">Indian Sex Stories</a> for free!</strong></p>
<p>उसके बाद वो अपने गाँव वापस चली गई। फ़िर उसके बाद उसके भाई ने भी घर खाली कर दिया और मेरा उसके साथ कोई लिंक नहीं रहा।</p>
<p>तो दोस्तों यह था मेरा पहला सेक्स अनुभव. मैं आजकल अकेला हूँ …</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/manju-ki-rasili-chut/">सेक्सी मंजू को रसीली चुत</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चोरी और लंड खोरी</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/chori-aur-lund-khori/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Apr 2020 17:24:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
		<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[chachi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[padosan ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[padosi ki chudai]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=549</guid>

					<description><![CDATA[<p>मैं बचपन से अच्छे माहौल में नहीं रहा हूँ। मैं चोरी बहुत कुशलता से कर लेता हूँ। पर इसके लिये भाग्य का भी आपके साथ होना जरूरी है। शारीरिक सुडौलता एक आवश्यक गुण है। इसके ... <a title="चोरी और लंड खोरी" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/chori-aur-lund-khori/" aria-label="Read more about चोरी और लंड खोरी">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/chori-aur-lund-khori/">चोरी और लंड खोरी</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मैं बचपन से अच्छे माहौल में नहीं रहा हूँ। मैं चोरी बहुत कुशलता से कर लेता हूँ। पर इसके लिये भाग्य का भी आपके साथ होना जरूरी है। शारीरिक सुडौलता एक आवश्यक गुण है। इसके लिये मैं हमेशा कठिन योग भी करता हूँ और जिम भी जाता हूँ। मेरा शरीर एक दम चुस्त और वी शेप का है। मैं सुबह सुबह मैदान के चार से पांच चक्कर लगाता हूँ। मेरी चोरी करने के कपड़े भी एकदम बदन से चिपके हुए होते हैं। तो आईये चलते हैं चोरी करने…</p>
<p>मेरे सामने एक मकान है। उसमें एक छोटा सा परिवार रहता है। सिर्फ़ मियां-बीवी और उनकी एक १८-१९ साल की लड़की वहां रहती है। पैसा अच्छा है… जो सामने वाले कमरे कि अल्मारी में रखा है। उसकी अलमारी की चाबी मालकिन के पास उसके तकिये के नीचे होती है। रात की शिफ़्ट में मालिक काम करता है। मालिक ड्यूटी पर जा चुका है। मैं मकान के पास, कभी पान की दुकान पर या पास की चाय की दुकान पर मंडरा रहा हूँ।</p>
<p><strong>Kamukta Padosan ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/shaadi-me-sasu-ma-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">शादी के दिन सास मां की चुदाई</a></strong></p>
<p>कमरे की लाईट अभी जल रही है… मैने समय देखा रात के साढ़े ग्यारह बज रहे थे। और अब लाईट बन्द हुई है। मैंने टहलते हुये उस घर का एक चक्कर लगाया… सभी कुछ शान्त था। १२ बज चुके हैं।… मैं घर के पिछ्वाड़े में गया और एक ही छलांग में चाहरदीवारी पार कर गया। बिना कोई आवाज किये बाल्कनी के नीचे आ गया। उछल कर बालकनी में आ गया। थोड़ी देर इन्तजार करके खिड़की को धीरे से धक्का दिया…</p>
<p>मेरी आशा के अनुरूप खिड़की खुली मिली…</p>
<p>मैने धीरे से कदम अन्दर बढ़ाया। कमरे मे पूरी शान्ति थी। सामने बिस्तर था। मैं दबे पांव वहां पहुँचा। वहां पर, जैसा मैंने सोचा था, घर की मालकिन सो रही थी। मै चाबी निकालने के लिये ज्यों ही झुका…</p>
<p>“मैने दरवाजा खुला रखा था… खिड़की से क्यों आये…” फ़ुसफ़ुसाते हुये मालकिन ने कहा।</p>
<p>मै घबरा गया। पर मेरा दिमाग कंट्रोल में था। …</p>
<p>“बाहर से कोई देख लेता तो…” मैंने हकलाते हुए कहा…</p>
<p>“लेट क्यो आये … इतनी देर कर दी…”</p>
<p>“लाईट जली थी…मैं समझा कि कोई है……” उसने मुझे अपने बिस्तर पर मुझे खींच लिया…</p>
<p>“तुम मनोज के दोस्त हो ना… क्या नाम है तुम्हारा…”</p>
<p>“जी… सोनू… है…”</p>
<p>“अरे… मनोज तो रवि को भेजने वाला था… तुम कौन हो…”</p>
<p>” जी… मैं रवि ही हूँ…सोनू तो मुझे प्यार से कहते हैं…”</p>
<p><strong>Kamukta Padosi ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padosi-se-chut-chudwai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोसी से चुत चुदवाई</a></strong></p>
<p>“अरे सोनू हो या मोनू … तुम तो बस शुरू हो जाओ… ” उसने मुझे अपनी बांहों मे कस लिया।</p>
<p>मुझे अहसास हुआ वो बिलकुल नन्गी थी। मैं चोरी के बारे में भूल गया। मेरे शरीर मे गर्मी आने लगी। वो किसी का इन्तजार कर रही थी। शायद रवि का…</p>
<p>“दरवाजा खुला है क्या…?”</p>
<p>“अरे हां…” वो जल्दी से उठी और दरवाजा बन्द करके आ गई। मैने भी अपने कपड़े उतार लिये और नंगा हो गया।</p>
<p>“आपका नाम क्या है …” मैने उसका नाम पूछ ही लिया</p>
<p>“कामिनी… क्यों मनोज ने बताया नहीं क्या…”</p>
<p>मैने कुछ नहीं कहा … उसने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया… और बेशर्मी से अपने होंठ मेरे होंठो से चिपका दिये। मेरे बदन में वासना भड़क उठी। उसका नंगा बदन मुझे रोमान्चित कर रहा था। मेरा लण्ड जाग चुका था। और अपने काम की चीज़ ढूंढ रहा था। फ़ड़फ़ड़ाती चिड़िया को कामिनी ने तुरन्त अपने कब्जे में ले लिया। मेरे लण्ड पर उसके हाथ कस चुके थे और अब उसे मसल रहे थे। मेरे मुख से आह निकल गई…</p>
<p>मैंने उसे चूमना जारी रखा… तभी.. “बहन के लौड़े… मेरी चूंचियां तो दबा … ” उखड़ती हुई सांस और एक गाली दी… मैं और उत्तेजित हो गया। उसके बोबे बड़े थे… दबा दिये और उन्हें मसलने लगा।</p>
<p>“मेरी जान… जल्दी क्या है … देख तेरी चूत को कैसा चोद कर भोंसड़ा बना दूंगा”</p>
<p>कामिनी मेरे लण्ड की खाल को ऊपर नीचे मुठ मारने जैसी चलाने लगी। मैने जोश में आकर उसके चूतड़ों को दबा डाला।</p>
<p><strong>Kamukta Padosi ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/pati-ne-chudwakar-randi-banaya/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पति ने रण्डी बनाया</a></strong></p>
<p>“हाय रे… मेरी गाण्ड मसल दी … बहन चोद… मेरी गाण्ड मारनी है क्या…” वो वासना में डूब चुकी थी।</p>
<p>“इच्छा है तो कहो… आपका गुलाम हूँ… ” मैने उसकी चमचागिरी की।</p>
<p>“तो चल चोद दे पहले मेरी गाण्ड… फिर मेरा भोंसड़ा चोद देना…” उसकी भाषा … हाय रे… मुझे उत्तेजित कर रही थी। शायद वो बहुतों से चुदा चुकी थी … और उसकी गाली देने की आदत पड़ गई थी। मैंने उसके मस्त चूतड़ दबाने और मसलने चालू कर दिये। उसके मुख से सिसकियाँ निकलने लगी।</p>
<p>वो सीधी लेटी थी। मैंने उसकी चूतड़ों के नीचे तकिया लगाया और गाण्ड ऊंची कर दी। मैने उसकी गाण्ड पर अपना लण्ड टिका दिया और जोर लगाने लगा। मेरे दोनो हाथ फ़्री थे। मेरा लण्ड उसकी गाण्ड मे उतर गया…</p>
<p>मैने उसके बोबे दबाये और और उसकी गाण्ड को चोदना चालू कर दिया। वो मस्त होने लगी। कुछ देर बोबे मसलने के बाद बोबे छोड़ कर उसकी चूत में अपनी अंगुली घुसा दी।</p>
<p>वो चिंहुक उठी। बोली -”हरामी ये तरीका किसने बताया रे…… मस्त स्टाईल है… अब तो चूत में भी मजा आ रहा है…।”</p>
<p>” कामिनी जी … आपकी चूत मस्त है…अगर इसकी मां चुद जाये तो आपको मजा आ जायेगा ना…”</p>
<p>“हाय मेरे सोनू…… तूने ये क्या कह दिया … मां चोद दे मेरी भोसड़ी की…हाय…सच में बहुत प्यासी है रे…”</p>
<p>मेरा लण्ड अब थोड़ा तेजी पर था। मेरी उत्तेजना बढ़ती जा रही थी, उसकी गाण्ड थोड़ी सी टाईट भी थी। मेरे धक्के उसकी गाण्ड में और उसकी चूत में मेरी अंगुलियां तेजी से चल रही थी। वो लगभग चीखती हुई सिसकारियां भर रही थी। उसे डबल मजा जो मिल रहा था। अब मेरा भी लण्ड फूल कर बहुत ही मस्त हो रहा था।</p>
<p><strong>Kamukta Ajnabi se chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/choot-ka-jugaad/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">चूत का जुगाड़</a></strong></p>
<p>मुझे लग रहा था कि ऐसे ही अगर गाण्ड चोदता रहा तो मैं झड़ जाऊंगा। मैने अपना लण्ड अब गाण्ड में से निकाला और उसकी चूत में फ़ंसा दिया। मेरा सुपाड़ा उसकी चूत में फ़क से फ़िट हो गया ।</p>
<p>“हाय्…री… गया अन्दर… चुद गई…रे……” वो मस्त होती हुई सिसकने लगी।</p>
<p>मुझे भी तेज आनन्द की अनुभूति हुई… उसे अपनी चूत में लण्ड उतराता हुआ मह्सूस हो रहा था। मेरे लण्ड की चमड़ी रगड़ खाती हुई तेज मजा दे रही थी। मैने अपने धक्के लगा कर चूत की गहराई तक अपना लण्ड गड़ा दिया। अब मै उसके ऊपर लेट गया और अपने हाथो से शरीर को ऊंचा उठा लिया। मुझे लण्ड और चूत को फ़्री करके तेजी से धक्के लगाना अच्छा लगता है। अब मेरी बारी थी तेजी दिखाने की। जैसे ही मैने अपना पिस्टन चलाना चालू किया वो भी बड़े जोश से उतनी ही तेजी से अपने चूतड़ों को उछाल उछाल कर साथ देने लगी।</p>
<p>“तू तो गजब का चोदता है रे… मुझे तू ही रोज़ चोद जाया कर…”</p>
<p>“मत बोलो कुछ भी…… मुझे बस चोदने दो… हाय रे…कितना मजा आ रहा है…”</p>
<p>“मादरचोद…रुक जा…झड़ना मत……वर्ना मेरी चूत को फिर कौन चोदेगा…”</p>
<p>“चुप रहो … छिनाल… अभी तो चुद ले… झड़े तेरी मां… कुतिया…”</p>
<p>मेरे धक्के बढ़ते गये। उसकी सिसकारियां भी बढ़ती गई…उसकी गालियां भी बढ़ती गई… अचानक ही गालियों की बौछार बढ़ गई…</p>
<p>“हरामी … चोद दे……मेरी भोसड़ी फ़ाड़ डाल…… मेरी बहन चोद दे… कुत्ते… मार लण्ड चूत पर… हाय रे मेरी मां…”</p>
<p>मैं समझ गया कि अब कामिनी चरमसीमा पर पहुंच रही है। मैंने भी अपने आप को अब फ़्री छोड़ दिया झड़ने के लिये।</p>
<p><strong>Kamukta Ajnabi se chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/chut-chudai-ganne-ke-khet-me/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">चुत चुदाई गन्ने के खेत में</a></strong></p>
<p>“मर गई रे…… भोंसड़ी के… लगा… दे धक्के… निकाल दे मेरा पानी… मादरचोद रे…अरे…गई… निकला रे……हाऽऽऽऽय री मां…”<br />
और वो झड़ने लगी। मैने भी लण्ड अब उसके भोंसड़े में जोर से गड़ा दिया। और जोर लगाता रहा…दबाव से मेरे लण्ड ने वीर्य की पिचकारी छोड़ दी। मेरा लण्ड झटके मार मार कर वीर्य उसके चूत में छोड़ रहा था। कामिनी ने मुझे अपनी टांगों के बीच मुझे जकड़ लिया था। दोनो का रस एक साथ ही निकल रहा था। हम आपस में चिपके रहे। अब मैं बिस्तर से नीचे उतर गया था।<br />
“बस कामिनी जी… आपने तो मेरा पूरा रस निकाल दिया…”</p>
<p>“……ये लो… कल दरवाजे से आना……” कामिनी ने मुझे ५०० का एक नोट दिया…”तुम बहुत अच्छा चोदते हो…अब मुझे किसी दूसरे की जरूरत नहीं है…”</p>
<p>मैने झिझकते हुए रुपये ले लिये और चुपचाप सर झुका कर दरवाजा खोला और बाहर निकल गया।</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/chori-aur-lund-khori/">चोरी और लंड खोरी</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पडोसी से चुत चुदवाई</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/padosi-se-chut-chudwai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2020 10:01:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[bhabhi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex story]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[padosi ne choda]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=484</guid>

					<description><![CDATA[<p>मेरा नाम रागिनी है मेरी भेजी हुई ये पहली कहानी है मेरा फिगर बहुत कामुक है 36-32-38 . और मैं भी बहुत कामुक लड़की हूँ मुझे हर तरह से सेक्स करना पसंद है। मुझे बहुत ... <a title="पडोसी से चुत चुदवाई" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/padosi-se-chut-chudwai/" aria-label="Read more about पडोसी से चुत चुदवाई">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/padosi-se-chut-chudwai/">पडोसी से चुत चुदवाई</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मेरा नाम रागिनी है मेरी भेजी हुई ये पहली कहानी है मेरा फिगर बहुत कामुक है 36-32-38 . और मैं भी बहुत कामुक लड़की हूँ मुझे हर तरह से सेक्स करना पसंद है। मुझे बहुत सेक्स चढ़ता है इसके लिए मैंने अपने बॉयफ्रेंड की कामुकता को जगाया और मेरे बॉयफ्रेंड ने मेरी चुत चुदाई जमकर की पर बाद में मैरे बॉयफ्रेंड को पढ़ाई के लिए शहर जाना पड़ा।और जब मेरी दोस्त रानी मेरे घर आई और रानी को जब मैंने ये सब बताया तो उसे मुझ पर विश्वास ही नहीं हुआ कि मैंने ये सब कर लिया था।</p>
<p>रानी और मैं, हम दोनों साथ में ही पढ़ाई किया करते थे और वो जब भी मेरे घर पढ़ने के लिए आती तो अपने मोबाइल में सेक्स की वीडियो जरूर लेकर आती थी, क्योंकि हम दोनों का मन अब सेक्स के लिए बहुत बेचैन रहने लगा था।</p>
<p>ऐसा नहीं था कि मेरा बॉयफ्रेंड मेरी रोज चुदाई नहीं करता था, लेकिन तब भी चुत की कामुकता बहुत बढ़ चुकी थी।</p>
<p>यह आप भी जानते हैं कि इस खेल को जितना खेला जाए, उतना ही कम लगता था। तो मेरी और रानी की कामुकता बहुत बढ़ गई थी.. और अब हम दोनों लेस्बियन सेक्स करने लगी थी।</p>
<p><strong>Antarvasna Padosi ne choda &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/junior-ko-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी जूनियर क्या मस्त माल है</a></strong></p>
<p>हम दोनों अपने पूरे कपड़े उतार कर एक-दूसरे की चूत को चूसते, मम्मों को दबाते और इस तरह हम दोनों एक-दूसरे को शांत कर लेती थीं।</p>
<p>रानी ने कहा- रागिनी, तेरे चूचे तो कुछ ही दिनों में काफी बड़े हो गए हैं।</p>
<p>मैंने कहा- ये सब मेरे बॉयफ्रेंड के हाथों का कमाल है।</p>
<p>रानी ने कहा- क्या बात है मेरी जान तेरे चूचे तो एकदम किसी माँ बनने वाली औरत जैसे हो गए हैं।</p>
<p>मैंने कहा- हाँ क्या करूँ यार.. बॉयफ्रेंड रोज मेरे मम्मों को इतना मसलते हैं कि वो इतने बड़े-बड़े हो गए यार!</p>
<p>रानी ने कहा- तेरा बॉयफ्रेंड है ही इतना मस्त कि कोई भी लड़की उससे चुद जाएगी।</p>
<p>मैंने कहा- हाँ यार!</p>
<p>अब मैं अकेली पड़ गई थी। जहाँ मेरी रोज चुदाई होती थी अब बस मुझे चुत में फिंगरिंग करके अपना काम चलाना पड़ रहा था।<br />
मैंने सोचा क्यों न किसी लड़के को पटाया जाए जो मेरी खूब चुदाई कर सके।</p>
<p>मेरे पड़ोस में एक लड़का रहता था। उसका नाम आर्यन था, वो मेरे से दो साल बड़ा था। उसके घर की छत और मेरे घर की छत आपस में लगी हुई थी। वैसे भी मैं ऊपर छत वाले रूम में ही सोती थी, तो उससे चुदना बड़ी आसानी से हो सकता था।</p>
<p>वो लड़का भी मुझ पर लाइन मारता था। वैसे तो मेरी कॉलोनी के सभी लड़के मुझ पर लाइन मारते थे.. मगर मैं किसी को भी ज्यादा भाव नहीं देती थी।</p>
<p>मैंने सोचा क्यों न मैं इसी को पटा लूँ तो मेरी कामुकता का इलाज हो सकता है.</p>
<p>अब मैं भी आर्यन को लाइन देने लगी।</p>
<p><strong>Antarvasna Padosi ne choda &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/bhaiya-se-chut-chudwayi/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">भैया के साथ सुहागरात मनाई</a></strong></p>
<p>बस 3 दिन बाद एक रात को मेरे रूम का दरवाजा किसी ने बजाया.. मैंने गेट खोला तो देखा सामने आर्यन खड़ा था। रात को 11 बज रहे थे और वो मेरे सामने था।</p>
<p>मैंने उससे कहा- यहां से जाओ।</p>
<p>मगर वो मुझे धक्का देकर अन्दर आ गया और उसने मेरे रूम का गेट बंद कर दिया। फिर मुझे पकड़ कर जोर-जोर से किस करने लगा। मेरे दोनों होंठ उसके होंठों के अन्दर थे।</p>
<p>उस टाइम में नाईट ड्रेस में थी। मेरे अन्दर सेक्स की आग लग चुकी थी तो मैं भी उसका साथ देने लगी।</p>
<p>उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझे नंगी करके मुझे धक्का देते हुए बिस्तर पर लेटा कर वो मेरे पूरे शरीर को किस करने लगा। मेरे मम्मों को जोर-जोर से मसलने लगा.. उसे भी बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी।</p>
<p>उसने कहा- रागिनी, तेरे चूचे तो काफी बड़े हैं.. तूने ऐसा क्या किया कि तेरे चूचे इतने बड़े-बड़े हो गए।</p>
<p>मैंने कहा- क्या करूँ, रोज अपने हाथों से इनको खूब दबाया है.. तब जाकर ये इतने बड़े हुए हैं।</p>
<p>उसने कहा- आज के बाद मैं इनको दबाऊंगा और इससे भी बड़े कर दूँगा।</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है दबा लेना, पर अभी तो तू मुझे जल्दी से चोद दे।</p>
<p>आर्यन जोर-जोर से किस करने लगा, मैं भी पागल हो गई।</p>
<p><strong>Antarvasna Padosi ne choda &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/ajnabi-ne-meri-chudai-ki/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी चूत का उद्घाटन समारोह</a></strong></p>
<p>उसने मेरी टांगें चौड़ी की और मेरी चूत को चूसने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। फिर उसने अपने कपड़े उतारे और अपना लंड निकाल कर मेरे मुँह में दे दिया, कहा- रागिनी इसे चूसो।</p>
<p>मैं भी लंड लेने के लिए तरस रही थी इसलिए मैंने भी बिना देर किए आर्यन के लंड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी।</p>
<p>आर्यन का लंड भी एकदम मेरे बॉयफ्रेंड के लंड जैसा था। मुझे ऐसा लगा कि मेरा बॉयफ्रेंड का लंड मुझे फिर से मिल गया हो।</p>
<p>आर्यन ने मेरे सर को पकड़ा और जोर-जोर से अपने लंड से मेरे मुँह की चुदाई करने लगा। कभी-कभी वो अपना लंड मेरे गले तक उतार देता, जिससे मुझे ठसका लग जाता मगर वो अपने काम में लगा रहता।</p>
<p>थोड़ी देर बाद आर्यन ने कहा- रागिनी, मेरे लंड का रस निकलने वाला है।</p>
<p>इतना बोलते ही उसके लंड का रस मेरे मुँह में ही निकल गया और मैं उसके लंड का सारा रस पी गई। बहुत दिन बाद मुझे लंड का रस मिला था.. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।</p>
<p>मैंने फिर से आर्यन के लंड को चूसना शुरू कर दिया, उसका लंड फिर से तन कर खड़ा हो गया।</p>
<p>आर्यन ने कहा- रागिनी मुझे तेरी चूत की चुदाई करनी है।</p>
<p>मैंने कहा- हाँ आर्यन मैं भी अपनी चूत की चुदाई चाहती हूँ.. चोद दो मेरी चूत को।</p>
<p>इतना सुनते ही आर्यन ने मुझे बिस्तर पर पटका और मेरे ऊपर चढ़ गया और बोला- आज तो रागिनी तेरी चूत की ऐसी चुदाई करूँगा कि तू जिंदगी भर याद करेगी।</p>
<p>आर्यन ने अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ना चालू कर दिया, मैं पागल हो गई। तभी आर्यन ने एक झटके में मेरी चूत में अपने लंड को उतार दिया.. मेरे मुँह से आह्हः निकल गई।</p>
<p><strong>Antarvasna Padosi ne choda &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/ladko-ne-ki-meri-samuhik-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">अजनबी लड़के ने टाँगें उठा कर चोदा</a></strong></p>
<p>आर्यन मेरे होंठों को किस करने लगा। मेरे मम्मों को भी मसलने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था कि इतने दिन बाद मेरी चूत में किसी का लंड गया था।</p>
<p>आर्यन मेरी चूत की जोर-जोर से चुदाई करने लगा.. मुझे बहुत मजा आने लगा, मैंने आर्यन से कहा- आर्यन और तेज़ और तेज़ मेरी चूत का रस निकलने वाला है.. अह्ह्ह्ह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह्ह्ह..</p>
<p>आर्यन ने कहा- हाँ मेरी जान ये ले मेरा लंड का पूरा मजा..</p>
<p>आर्यन ये कह कर और जोर-जोर से मेरी चूत में धक्के लगाने लगा।</p>
<p>थोड़ी देर में ही मेरी चूत का रस बह निकला और मैं जोर से चीखी और आर्यन ने मेरा मुँह दबा दिया। आर्यन अपने धक्के लगाता रहा और दस मिनट बाद वो भी आ गया। उसने जल्दी से अपने लंड को बाहर मेरी चूत से निकाला और मेरे मुँह में पेल दिया।</p>
<p>आर्यन ने चीखते हुए अपने लंड का रस मेरे मुँह में छोड़ दिया। मैंने आर्यन का सारा रस पी लिया।</p>
<p>उस रात आर्यन ने मेरी 3 बार चुदाई की और सुबह 5 बजे वो अपने घर चला गया। उसके बाद वो हर रोज मेरी चुदाई करने लगा.. रोज रात को 12 बजे के करीब वो आता और सुबह 5 बजे चला जाता।</p>
<p><strong>Antarvasna Padosi ne choda &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/suhagraat-me-meri-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सुहागरात की कहानी मेरी जुबानी</a></strong></p>
<p>वो रात में 5 घंटे मेरी जम कर अच्छे से चुत चुदाई करके मेरी कामुकता का इलाज करता और मेरी चुदाई की भूख को मिटाता।</p>
<p>दो महीनों तक मेरी रात में बहुत चुदाई हुई। रोज 5 घंटे की चुदाई से मेरी जिन्दगी में हरियाली आ गई।</p>
<p>थोड़े दिन में मेरी चुदाई का असर मेरे ऊपर भी होने लगा था.. ये देखते हुए मेरी माँ ने मेरी शादी तय कर दी।</p>
<p>और अब मेरा पति मेरी वो प्यास बुझाता है और मेरी जमकर जमकर चुदाई करता है।</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/padosi-se-chut-chudwai/">पडोसी से चुत चुदवाई</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पडोस की सेक्सी भाभी</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/pados-wali-bhabhi-ki-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Mar 2020 21:26:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[भाभी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[bhabhi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[desi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[padosan ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[padosi se chudai]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=465</guid>

					<description><![CDATA[<p>मेरा नाम रवि है।में गुजरात के राजकोट शहर में रहता हूं।में 18 साल का हु।मेरे लंड का साइज 6 इंच है।मुझे भाभी ओर कुवारी लड़की को चोदना बहुत पसंद है। मुझे लड़की यो की गांड ... <a title="पडोस की सेक्सी भाभी" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/pados-wali-bhabhi-ki-chudai/" aria-label="Read more about पडोस की सेक्सी भाभी">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/pados-wali-bhabhi-ki-chudai/">पडोस की सेक्सी भाभी</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मेरा नाम रवि है।में गुजरात के राजकोट शहर में रहता हूं।में 18 साल का हु।मेरे लंड का साइज 6 इंच है।मुझे भाभी ओर कुवारी लड़की को चोदना बहुत पसंद है। मुझे लड़की यो की गांड मारना ओर चूत चाटना बहुत पसंद है।मैं आप सब से मेरी पहली चुदाई की कहानी बताना चाहता हु। कैसे मैंने मेरे पड़ोस में रहने आयी भाभी को कि चोदा।</p>
<p>कहानी सुरु करने से पहले में आपको भाभी के बारे में बताना चाहता हु।</p>
<p>भाभी का नाम अंजलि है।भाभी की उम्र 28 साल की है।और उसका फिगर साइज 34-28-36 है।और उसकी उभरी हुई बड़ी गांड बहोत मस्त है।</p>
<p>वो जब चलती है तो अच्छे अच्छे के लंड खड़े हो जाते है</p>
<p>यह कहानी एक साल पहले की है।जब भाभी मेरे पड़ोस में रहने आयी थी।वो थोड़े दिनों सब लोगो से अच्छे से घुलमिल गयी।अंजली भाभी ओर मेरी मम्मी थोड़े दिनों में अच्छी दोस्त बन गयी।</p>
<p><strong>Antarvasna bhabhi ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padosiwali-mami-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पड़ोसवाली मामी को चोदा</a></strong></p>
<p>इसीलिए भाभी अकसर मेरे घर आया करती है।ओर जैसे ही में उसे देखता तो मेरा लंड सलामी देने लगता है।</p>
<p>भाभी का पति का ट्रांसपोर्ट का बिसनेस है।इसीलिए वो ज्यादा बाहर रहते है हफ्ते में सिर्फ 2-3 बार घर आते है।इसीलिए भाभी घरमे ज्यादातर अकेली होती है ओर मैंने जब से उसे देखा तब से में उसे चोदना चाहता था।</p>
<p>में आप सबका का ज्यादा समय न लएते हुए कहानी सुरु करता हु।</p>
<p>एक दिन मेरे घर मे में अकेला था।तब में आंख बंद करके मुठ मार रहा था तब अचानक भाभी आ गयी और मुझे देखलिया पर मेरी आँख बंद थी ऐसीलिये मुझे कुछ पता ना चला।वो मुझे ऐसे देखकर चली गयी।ओर मुझे कुछ पता नही चला कि भाभी ने मुझे मुठ मरते देख लिया।</p>
<p>फिर दूसरे दिन में कुछ काम से भाभी के घर गया तो उसका देखने का नज़ररिया बदल गया ओर मुझे थोड़ा अजीब सा लग रहा था कि अचानक भाभी को क्या हुआ।और फिर में अपने घर आ गया।</p>
<p>में तब में बाहरवी कक्षा में था। ओर मैथ्स मेरा कमजोर था। तब मेंने मा को ये बताया तब मा ने भाभी को रिक्वेस्ट की के मुझे मैथ्स पठाये क्योंकि भाभी ने बहोत पठाय की है। तब उसी दिन साम को 5 बजे मुझे पठाने आयी।</p>
<p><strong>Antarvasna bhabhi ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/ladko-ne-ki-meri-samuhik-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">अजनबी लड़के ने टाँगें उठा कर चोदा</a></strong></p>
<p>मैं ओर भाभी मेरे रूम में अकेले थे और भाभी मुझे पठा रही थी।पर मेरा ध्यान पढ़ने के अलावा भाभी के बड़े बूब्स पे मेरा ध्यान था।और भाभी को ये पता चल गया और उसने कुछ नही कहा और मुझे मैथ्स सीखाने लगी ओर मुझे एक मैथ्स की प्रॉब्लम सॉल्व करने दे दी।जब मैं प्रॉब्लम सॉल्व कर रहा था तब भाभी ने अचानक कहा कि कल तुम जब घर पर अकेले थे तब तुम जो कर रहे थे वो मैंने देख लिया ।और ये सुनते ही मेरे हाथ से पेन छूट गयी और में कांपने लगा।</p>
<p>तभी भाभी ने कहा के डरो मत में किसीको कुछ नही कहूंगी।तब मुझे थोड़ी राहत मिली।और उसी वक्त भाभी खुल के बात करने लगी।उसने मुझे पूछा के तुम्हारी कोई गर्लफ्रैंड नही है जो तुम ये सब करते हो।मेने कहाँ की कोई मिली ही नही।तब उसने मेरे गाल पर एक किस किया और कहा मैं तो हु तुम्हारी गर्लफ्रैंड तो तुम्हे ओर किसीकी ज़रूरत है।फिर मेने थोड़ी हिम्मत करके उसको भी एक किस कर दिया।</p>
<p>फिर उसने दरवाजा अंदर से बंध किया और मेरे पास आके मुझे जोर से गले लगा दिया और पागलो की तरह मुझे किस करने लगी।<br />
उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि वो सेक्स की बहोत प्यासी है।थोड़ी देर बाद मैंने भी उसका साथ देना सुरु कर दिया।</p>
<p>किस करते हुए मेने उसकी गांड दबाना सुरु कर दिया।पंद्रह मिनट के किस के बाद वो घुटनो के बल बैठ गयी और मेरा पैंट उतारकर लंड मुह में ले और जोर से वो चूस रही।मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था क्योंकि पहली बार किसीने मेरा मुह में लिया ओर लंड पाँच मिनट चूसने के बाद उसने मेरे सभी कपड़े उतार दिए और पूरे बदन को चूमने लगी।</p>
<p><strong>Antarvasna bhabhi ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padosi-ki-beti-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोसी की बेटी का भोसड़ा</a></strong></p>
<p>बादमे उसने मुझे कहाकि तुम क्यू ऐसे ही खड़े हो तुम भी कुछ करो।फिर मैंने उसका ब्लाउज उतार दिया।उसने नीचे पिंक कलर की ब्रा पहनी थी ।में उपरसे ही बूब्स जोर से दबाने लगा और वोह आह ऊह ऐसी आवाजे निकालने लगी फिर मैंने एक जटके में ब्रा उतार दी ओर दोनो बूबस को बारी बारी से चूसने लगा ओर चूस चूस के लाल कर दिए।बादमे में उसके पेट को चूमा ओर धीरे से नीचे की ओर गया।</p>
<p>मेने उसके पेटिकोट का नाड़ा खोल दिया और पेटिकोट नीचे गिरा तो मेने देखा की उसने नीचे भी पिंक पैंटी पहनी थी।मेने उसकी चूत को उपरसे चूमा ओर पैंटी निकल दी।उसकी चूत गीली थी और एक मोहक खुसबू आ रही थी वो मुझे अपनि ओर खींच रही थी।<br />
फिर मेने उसका रस पिया तो भाभी कांप उठी मेंने उसकी चूत में जीभ से चोदता रहा और वो कहने लगी ऐसे ही करते रहो।बहोत दिनों के बाद ऐसा मज़ा मिला है।में आज से तुम्हारी हु तुम जो चाहो वो कर सकते हो।ओर थोड़ी जोर से उसने कहा अब तड़पाओ मत जल्दी से अंदर डाल दो।</p>
<p>फिर उसको बेड पर लिटा दिया ओर उसकी दोनो टांगे चौड़ी कर दी।</p>
<p>फिर लंड का सूपाड़ा चूत के मुँह पर रख के एक जोर से धक्का दिया तो सूपाड़ा अंदर चला गया और भाभी की चीख निकल गयी।उसकी चूत टाइट थी क्युकी उसने बहोत टाइम से नही चुदवाया।उसका पति भी उसको नही चोदता था।</p>
<p>फिर मैंने उसके मुंह पर हाथ रखा और जोर से एक धक्का दिया तो लंड चूत चिर कर अंदर चला गया तो भाभी के आंख में आंसू गए।फिर थोड़ी देर रुकने के बाद जब दर्द कम हुआ तब धीरे धीरे धक्के देने चालू करे बादमे स्पीड बढ़ा दी अब वो भी मजा ले रही थी।<br />
बिस मिनीट में वो 2 बार जड़ी ओर दोनो बार उसकी चूत का पानी मे पी गया। अब मेरा भी होने वाला था तो मैंने कहा कहा पानी छोड़ु , तो उसने कहा अंदर ही छोड़ दो बाद में में गोली खा लूँगी और 5-6 जोरदार जटके के बाद में जड़ गया और उसकी चूत मेरे पानी से भर गई।</p>
<p><strong>Antarvasna bhabhi ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/biwi-ki-adla-badli-nisha-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">अदला बदली की शुरुआत &#8211; निशा के जलवे</a></strong></p>
<p>बादमे हम दोनों थक कर वही लेटे रहे।फिर हमने खुदको साफ किया और कपड़े पहने ओर 10 मिनिट बाद भाभी ने मुझे लिप किस दी ओर कहा अब मैं चलती हु अब कल करेंगे।और वो माँ के पास गई और कहा मैंने रवि को अच्छे से मैथ्स पढा दिया है।अब में कल आउंगी।जब तब रवि बारहवीं में है तब तक मै रोज पढ़ाऊंगी।अब मैं चलती हु ऐसा कहकर वो चली गयी&#8230;</p>
<p>हम सात महीने तक रोज ऐसे सेक्स करते रहे और बादमे वो दूसरी जगह रहने चली गयी।</p>
<p>वो कभी कभी हमारे घर आती है और हम टैब सब करते है।</p>
<p>आप लोगो को ये कहानी कैसी लगी मुझे मेल करके ज़रूर बताये &#8211; Bharadvapragnesh0[at]gmail.com</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/pados-wali-bhabhi-ki-chudai/">पडोस की सेक्सी भाभी</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पड़ोसवाली मामी को चोदा</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/padosiwali-mami-ki-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Mar 2020 08:39:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi chudai]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gandi chudai]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex story]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[padosi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[padosi ne choda]]></category>
		<category><![CDATA[padoswali bhabhi ki chudai]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=427</guid>

					<description><![CDATA[<p>हैलो दोस्तो मेरा नाम प्रणीत है.. अन्तर्वासना, कामुकता और हिंदी सेक्स स्टोरी की दुनिया में आपका स्वागत है.. मेरी उम्र २२ साल है. मैं लम्बा तगड़ा हु, और मेरा लंड मोटा, लम्बा और काला है.. ... <a title="पड़ोसवाली मामी को चोदा" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/padosiwali-mami-ki-chudai/" aria-label="Read more about पड़ोसवाली मामी को चोदा">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/padosiwali-mami-ki-chudai/">पड़ोसवाली मामी को चोदा</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हैलो दोस्तो मेरा नाम प्रणीत है.. अन्तर्वासना, कामुकता और हिंदी सेक्स स्टोरी की दुनिया में आपका स्वागत है.. मेरी उम्र २२ साल है.<br />
मैं लम्बा तगड़ा हु, और मेरा लंड मोटा, लम्बा और काला है.. आज मैं आपको मेरी पड़ोसन मामी को कैसे पटाकर उसे चोदा उसके बारे में आपको बताऊंगा!</p>
<p>मामी का नाम सावित्री है!</p>
<p>वो बहुत हॉट है जब भी मैं उसको देखता हूं मेरा लन्ड खड़ा होने लगता है..</p>
<p>दरहसल हुआ है था कि जब मै आठवीं क्लास में था तब उनके घर पर बैठा हुआ था.. तब मामी घर पर झाड़ू लगा रही थी.</p>
<p><strong>Kamukta Hindi sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padosi-ki-beti-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोसी की बेटी का भोसड़ा</a></strong></p>
<p>उस वक़्त उसने मैक्सी पहनी थी तभी वो नीचे झुकी और उसके दोनों निपल्स पूरी तरह से मुझे दिखाई दिए&#8230; निपल्स की चूचियां भी दिखाई दी बस वो लम्हा जब भी याद आता है तब तब उसे चोदने का बड़ा मन करता है ..</p>
<p>अब मुझसे और कंट्रोल नहीं हो रहा था.. मैंने ठान लिया था इसकी चूत में अपना लन्ड डालकर रहूंगा&#8230; मैं बस मौका ढूंढ रहा था..</p>
<p>तभी मुझे एक आइडिया आया.. मैंने सोचा कि मामी के साथ दोस्ती बढ़ता हूं.. मैं हमेशा उनके साथ बातें करता था ..</p>
<p>उनके घर जाकर बस कुछ दिन बाद मौका देखकर मैंने उनका व्हाट्सप्प नंबर मांग लिया.. उसने मुझे अपना नंबर दे दिया..</p>
<p>एक दिन मैंने मामी के व्हाट्सअप नंबर पर सनी लियोन का बिकनी फोटो भेज दिया ..</p>
<p>तभी मामी ने बोला कि क्या तुम ऐसी तस्वीर देखते हो नेटपर..?</p>
<p>मैंने हां कहा तो वो कुछ नहीं बोली&#8230; बस अभी वो लाइन पर आ रही थी ..</p>
<p>वहीं दूसरे दिन मै सिर्फ टॉवल लपेटकर उनके घर गया.. तब वो अकेले घर पर थी&#8230;</p>
<p>अंदर मैंने चड्डी नहीं पहनी थी.</p>
<p><strong>Kamukta Hindi sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/maa-ko-train-me-ajnabi-ne-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ट्रैन में माँ को अजनबी ने चोदा</a></strong></p>
<p>तभी मामी ने मुझसे पूछा क्या हुआ.. कुछ काम है ..?</p>
<p>मैंने कहा हां और तभी मैंने जान बूझकर अपने टॉवल खोल लिया..</p>
<p>तभी उसने शरमाते हुए कहा जल्दी अपने टॉवल पहन लो &#8230;</p>
<p>अब उसने मुझे नंगा देख लिया था &#8230;</p>
<p>अब मै भी उसे नंगा करे चोदना चाहता था..</p>
<p>मैं घर गया और कपड़े पहनकर वापस मामी के पास आया वो किचन में खाना बना रही थी .. मुझसे अब कंट्रोल नहीं हो रहा था..</p>
<p>मै पीछे से जाकर उसे पकड़ लिया और उसे पीठ पर चुम्मिया देने लगा&#8230;</p>
<p>मामी बोली छोड़ो मुझे ये क्या कर है तुम ..?</p>
<p>पर मै कहा सुनने वाला था &#8230;</p>
<p><strong>Kamukta Hindi sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/biwi-ki-adla-badli-nisha-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">अदला बदली की शुरुआत &#8211; निशा के जलवे</a></strong></p>
<p>मैंने उसे और जोर से पकड़ लिया &#8230;अब वो भी गरम हो रही थी &#8230; तभी मैंने रूम के सारे दरवाजे और खिड़की बंद लिए और मामी को उठाकर बेडरूम ले गया&#8230;</p>
<p>अब मेरी मनोकामना पूर्ण होने वाली थी&#8230; मैंने जल्दी उसकी साडी खोल दी .. वो लहंगा और ब्लाउस में थी&#8230;</p>
<p>उसका पेट बहुत मुलायम था &#8230; अब उसके निपल्स पर मेरी अब नजर थी&#8230; तो मैंने जल्दी जल्दी उसके ब्लाउस के हुक खोल दिए..</p>
<p>उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी ..  मै उस पर टूट पड़ा ..</p>
<p>मैंने जितना सोचा था उसके निपल्स उससे काफी बड़े थे&#8230; मैंने उसे जोर जोर से चूसने लग गया..</p>
<p>मामी मेरा भरपूर साथ दे आवाज निकाल रही थी ..आह ..आह ..आह ..आह.. आह ..आह&#8230;. पर मेरा मन इतने से कहा भरने वाला था..</p>
<p>मैं अपने सारे कपड़े उतारकर नंगा हो गया और मामी को भी पूरी तरह से नंगा कर दिया..</p>
<p>मेरा ६ इंच का लन्ड खड़ा हो चुका था..</p>
<p>फिर मैंने बिना सोचे अपना लन्ड मामी के चू त में घुसा दिया</p>
<p>मामी- चोद मुझे साले और जोर से चोद आह आह आह</p>
<p>मैं -रण्डी तुझे इतने दिन तक चोदने के सपने देखता था आज तेरी चूत फाड़ दूंगा</p>
<p>मामी &#8211; चोद और जोर से रण्डी बना दे मुझे</p>
<p><strong>Kamukta Hindi sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padoswali-bhabhi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पड़ोसवाली भाभी की गुलाबी चुत</a></strong></p>
<p>मै &#8211; मामी मुझे रोज चोदने दोगी ना</p>
<p>मामी &#8211; पहले मेरी चूत अपनी जीभ से चाट फिर रोज दूंगी..</p>
<p>फिर मैंने अपना लन्ड चूत से बाहर निकाला और उसकी चूत चाटने लग गया&#8230; बहोत टेस्टी थी उसकी चूत&#8230;</p>
<p>उस दिन बाद मैंने मामी को लगातार १ महीने तक रोज चोदता था&#8230;</p>
<p>उसका निपल्स चूसता था&#8230; में बहोत खुश था&#8230; मामी भी बहुत खुश थी &#8230;</p>
<p>ठीक २ महीने बाद मामी प्रेगनेंट हुई &#8230;</p>
<p>उसके पति को लगता था कि ये बच्चा मेरा दिया हुआ है लेकिन वो मेरा दिया हुआ बच्चा था..</p>
<p>तो ठीक है दोस्तो अगली बार एक नई कहानी सुनाऊंगा की कैसे मैंने भाभी अपना दीवाना बनाया</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/padosiwali-mami-ki-chudai/">पड़ोसवाली मामी को चोदा</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पडोसी के लुगाई की ठुकाई</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/padosi-ki-lugaai-ki-thukai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jan 2020 10:00:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[मस्तराम]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[indian sex comics]]></category>
		<category><![CDATA[indian sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[xossip hindi]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://freehindisexstories.net/?p=262</guid>

					<description><![CDATA[<p>दोस्तो, आज यह कहानी मेरे पडोस की भाभी की है जो मुझसे प्रकाशित करवाना चाहती उन्ही की जुबानी. आप सभी को मेरा नमस्कार, मेरा नाम सुनीता है. मैं थोड़ी प्यासी औरत हूँ. वैसे मेरे पति ... <a title="पडोसी के लुगाई की ठुकाई" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-lugaai-ki-thukai/" aria-label="Read more about पडोसी के लुगाई की ठुकाई">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-lugaai-ki-thukai/">पडोसी के लुगाई की ठुकाई</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दोस्तो, आज यह कहानी मेरे पडोस की भाभी की है जो मुझसे प्रकाशित करवाना चाहती उन्ही की जुबानी. आप सभी को मेरा नमस्कार, मेरा नाम सुनीता है. मैं थोड़ी प्यासी औरत हूँ. वैसे मेरे पति तो मुझे चोदते ही हैं लेकिन मुझे और ज्यादा चुदवाने का मन करता है. मेरा अन्दर बहुत सेक्स है. मेरे पति जब भी मुझे चोदते हैं तो वो जल्दी झड़ जाते हैं जबकि मैं और सेक्स के लिए तड़पती रहती हूँ. <span style="color: #ffffff;">xossip hindi</span></p>
<p>मेरी सेक्स की तड़प ने ही मुझे अपनी चूत में उंगली करने के लिए मजबूर कर दिया और मैं अपनी चूत में उंगली करके अपनी चूत को शांत करती हूँ. मेरा मन जब नहीं लगता है तो कभी कभी अन्तर्वासना सेक्स कहानियां पढ़ती हूँ जिससे मुझे बहुत अच्छा लगता है.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-lugaai-ki-thukai/">Xossip Hindi</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/bua-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">बुआ की चूत चुदाई</a></p>
<p>मैं आप अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रही हूँ जो मेरे और मेरे देवर की है. जब पति से चुदकर मेरी चूत को शांति नहीं मिली तो मैं अपने देवर से अपनी चूत शांत करवाने लगी. वो भी क्या दिन थे जब मैं अविवाहिता थी तो मुझे बहुत लंड मिलते थे चुदवाने के लिए … लेकिन ससुराल में तो डर लगता है. किसी का लंड अपनी चूत में लेने से! अगर मेरे ससुराल वालों को पता चल गया तो कितनी बदनामी होगी. वैसे मैं मौका देख कर किसी न किसी को पटा लेती हूँ और उससे चुदवा लेती हूँ. ज्यादातर लोग तो मुझे ही पटाते हैं मुझे चोदने के लिए. और मैं भी अपने जिस्म का बहुत ध्यान रखती हूँ.</p>
<p>मेरे पति थोड़ा पैसा भी कम कमाते हैं और मेरा देवर मेरे पति से ज्यादा पैसा कमाता है. वैसे मुझे यह पता था कि मेरा देवर मुझे शुरू से ही पसंद करता था क्योंकि वो हमेशा मेरे लिए कुछ न कुछ बाजार से लाता रहता था, मुझे त्योहार पर उपहार भी देता था. मैं अपने देवर को कभी गलत नजरिये से नहीं देखती थी. मैं भी अपने देवर को बहुत मानती थी. मेरे पति मुझे अच्छे से नहीं चोद पाते थे या मैं ही थोड़ा ज्यादा चुदासी थी कि मुझे अपने पति के लंड के अलावा भी दूसरे के लंड से चुदवाने का मन करता था.</p>
<p>मैं अपने देवर से पहले से ज्यादा बातें करने लगी. मैं जब भी अपने देवर को सुबह में चाय देने जाती थी तो उनका खड़ा लंड देखती थी.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-lugaai-ki-thukai/">Xossip Hindi</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/bhabhi-ki-frock-uthake-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">भाभी की फ्रॉक उठा के चोदा</a></p>
<p>एक दिन देवर ने मुझे उनका खड़ा लंड देखते हुए देख लिया और बोले- भाभी क्या हुआ, आपको कुछ चाहिए?</p>
<p>मेरे देवर अपने लंड की तरफ देख कर मुझसे बातें कर रहे थे. मेरे देवर ने पहली बार मुझसे डबल मीनिंग में बात की थी.</p>
<p>अब तो उसी दिन से हम दोनों लोग गंदे गंदे मजाक करने लगे. अब तो मेरे पति जब जॉब करने जाते थे तो मैं घर का सारा काम करके अपने रूम में आराम से सोती थी. दोपहर में मेरा यही काम था कि मैं दोपहर में सोती थी.</p>
<p>एक दिन मैं दोपहर में अपने रूम में सो रही थी. उस दिन मेरे देवर अपने जॉब पर नहीं गए थे. मैं सोते समय अपनी साड़ी खोल एक ब्लाउज और पेटीकोट में सोती हूँ. इससे मुझे सोने में आराम रहता है और नींद भी अच्छी आती है. मैं रात को भी ब्लाउज और पेटीकोट में ही सोती हूँ.</p>
<p>मैं अपने रूम में दोपहर को सो रही थी और मेरी पेटीकोट मेरे जांघों तक आ गयी थी. मेरी पेंटी दिख रही थी और मैं सो रही थी. मेरा देवर मेरे कमर में आकर मेरी पेंटी को देख रहे थे. मैं जब थोड़ा नींद में उठी तो देखा कि मेरा देवर मेरी पेंटी को बहुत ध्यान से देख रहा है.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-lugaai-ki-thukai/">Xossip Hindi</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/marriage-hall-me-tight-choot/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मैरिज हॉल में मिली टाइट चूत</a></p>
<p>मैंने अपने देवर की तरफ देखा तो मेरा देवर मुझे देख कर मुस्कुराने लगा और बोलने लगा- भाभी, आप सोते समय बहुत सेक्सी लगती हो. आप कभी मेरे साथ भी सो लिया करिए.</p>
<p>मैं अपने देवर की डबल मीनिंग बात समझ गयी. मैं समझ गयी कि मेरा देवर भी मुझे चोदना चाहता है. मेरी उभरे हुए चुचे और बड़ी गांड जो थोड़ी सी उभरी हुई है.</p>
<p>मेरा देवर मेरे जिस्म को देख कर दीवाना हो गया. मेरा देवर मेरे जिस्म की तारीफ करने लगा- भाभी आप बहुत सुन्दर हो. भईया तो आपको खूब रात में प्यार करते होंगे. मैं यह बात सुनकर थोड़ा उदास हो गयी क्योंकि मुझे अपने पति से चुदाई का सुख नहीं मिल पाता था जैसा मैं चाहती थी. वैसा मेरा पति मुझे नहीं चोदता था.</p>
<p>मेरे देवर मेरे पास आया और बोला- भाभी क्या बात है. आप मुझे बताओ मैं हूँ न आपकी सहायता करने के लिए!</p>
<p>मैंने अपने देवर को बताया- मेरे पति को अब ज्यादा मुझमे रूचि नहीं है. मेरे पति अब मुझसे ज्यादा प्यार नहीं करते हैं जैसा वो पहले करते थे.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-lugaai-ki-thukai/">Xossip Hindi</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/daaru-aur-choot-ka-maza/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">दारू और चूत का मजा</a></p>
<p>मेरा देवर यह बात सुनकर बोला- भाभी मैं हूँ ना आपका देवर … मैं आपसे प्यार करूँगा. मैं और मेरा देवर हम दोनों लोग एक दूसरे से नज़रें मिलाकर बात कर रहे थे. मेरा देवर मुझे देख कर थोड़ा हवस भरी नजरों से मुझसे बातें कर रहा था. मेरे सास और ससुर दोनों लोग बाहर गए हुए थे.</p>
<p>मेरा देवर मुझसे बातें करते करते मुझे किस करने लगा. मैं भी अपने देवर के बालों में अपना हाथ फिराने लगी और हम दोनों लोग एक दूसरे को किस करने लगे. हम दोनों लोग एक दूसरे को बहुत अच्छे से किस कर रहे थे और मेरा देवर मेरे होंठों को चूस रहा था. मेरा देवर मुझे किस करते करते मेरी चूची को मेरे ब्लाउज के ऊपर से दबाने लगा.</p>
<p>मैं भी अब चुदासी हो गयी थी और मेरे अन्दर की सेक्स की बहार आ गयी थी. मेरे देवर ने मेरी ब्लाउज निकाल दी और उसके बाद वो मेरे ब्रा को भी निकाल कर मेरी बड़ी बड़ी चूची को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा. मेरे पति तो मेरी चूची को ठीक से चूसते भी नहीं थे.</p>
<p>मेरे देवर ने मेरी दोनों चूची को बहुत देर तक चूसा और उसके बाद वो मेरी पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया, मेरी पेटीकोट को निकाल दिया और मैं उसके सामने बस एक पेंटी में थी. मेरा देवर भी अपने कपड़े निकालने लगा और वो भी कुछ देर के बाद नंगा हो गया.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-lugaai-ki-thukai/">Xossip Hindi</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/bhai-ne-uthaya-mauke-ka-fayda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">भाई ने उठाया मौके का फायदा</a></p>
<p>देवर ने मेरी पेंटी को निकाल कर मुझे एकदम नंगी कर दिया और मुझसे बोलने लगा- भाभी, मैं आपको बहुत पहले से पसंद करता था लेकिन आपके साथ ये सब करने की हिम्मत नहीं होती थी. मैं आपको बहुत पहले ही चोदना चाहता था. मेरा भाई बहुत किस्मत वाला कि उसको आप जैसे खूबसूरत बीवी मिली है.</p>
<p>मेरा देवर मेरी चूत को सूंघने लगा लगा और मेरी चूत को सूंघने के बाद वो मेरी पेंटी को भी सूंघने लगा. मेरा देवर मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा. वो मेरी चूत की दरार को बहुत देर तक अपनी जीभ से चाटता रहा और उसके बाद वो मेरी चूत को खोलकर मेरी चूत को अन्दर तक चाट रहा था. मेरी चूत पानी छोड़ने लगी, मेरा देवर मेरी चूत के पानी को पी रहा था और मेरी चूत को चाट रहा था.</p>
<p>मेरे देवर ने मेरी चूत को बहुत देर तक चाटा जिससे मेरे अन्दर की सेक्स की आग बाहर निकल गयी और मुझे अपने देवर से चुदवाने का मन करने लगा. मैं अपने देवर को बोलने लगी- आप मेरी चूत कब तक चाटोगे? मेरी चूत में अपना लंड डाल कर मेरी चूत को चोदो! प्लीज मुझे अब मत तड़पाओ. मेरा देवर मेरी चूत को चाट रहा था और मेरी चूत से अब थोड़ा ज्यादा पानी निकलने लगा और मैं एक बार झड़ गयी.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-lugaai-ki-thukai/">Xossip Hindi</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/choot-ka-mela-aur-main-akela-3/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">चूतो का मेला और अकेला</a></p>
<p>मेरा देवर मेरी चूत चाटने के बाद अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगा. मेरी चूत के पानी से मेरे देवर का लंड भी भीग गया था और उसके बाद मेरे देवर ने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया. मेरे देवर का लंड मेरी चूत में जाते ही मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. मेरी प्यासी चूत को लंड मिल गया था और हम दोनों लोग सेक्स करने लगे. मेरा देवर मेरी गर्दन पर किस कर रहा था और मेरे गर्दन को चाट रहा था. मेरी देवर मुझे चोदते चोदते मेरी चूची चूस रहा था.</p>
<p>हम दोनों लोगों का कामुक जिस्म एक दूसरे से मिल रहा था. मैं क्या बताऊँ कि मुझे अपने देवर से चुदवाने में कितना मजा आ रहा था. वो भी बहुत जोश से मुझे चोद रहा था. मैं उसके नीचे थी वो मेरे ऊपर था और अपना लंड मेरी चूत में डाल कर अपना लंड अन्दर बाहर कर रहा था.</p>
<p>चुदाई से हम दोनों की आवाज भी निकल रही थी. जब उसका लंड मेरी चूत में जा रहा था तो चट चट की आवाज आ रही थी. हम दोनों की चुदाई से पूरे कमरे में गर्मी हो गई थी.</p>
<p>अचानक मेरे देवर ने मुझे चोदते चोदते अपना लंड बाहर निकल दिया और अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया और मैं अपने देवर के लंड को चूसने लगी. मैं अपने मुलायम होंठों से अपने देवर का लंड चूस रही थी और वो मुझे अपना लंड चुसवा रहा था और अपनी आँखें बंद करके लंड चुसवाने का मजा ले रहा था.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-lugaai-ki-thukai/">Xossip Hindi</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/pados-ki-mast-bhabhi/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पड़ोस की मस्त भाभी</a></p>
<p>कुछ देर तक लंड चुसवाने के बाद मेरे देवर ने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मुझे चोदने लगा. हम दोनों चुदाई कर रहे थे और हम दोनों के पसीने से बिस्तर भी भीग गया था. साथ में बिस्तर भी गर्म हो गया था. इस बार मेरा देवर मुझे बहुत ताकत के साथ चोद रहा था. वो अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल रहा था और बाहर निकाल रहा था.<br />
हम दोनों लोग सेक्स करते करते थोड़ा थक गए लेकिन हम दोनों की सेक्स करने की आग और बढ़ती जा रही थी. हम दोनों चुदाई करते करते एक दूसरे के होंठों को भी कभी कभी चूस रहे थे. मेरा देवर मुझे चोद रहा था और मैं कामवासना भरी आवाजें निकाल रही थी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’</p>
<p>हम दोनों देवर भाभी एक दूसरे को जोर से पकड़ कर चुदाई कर रहे थे. मेरा देवर मुझे जोर जोर से चोदने लगा और मैं अपनी गांड उछाल उछाल कर अपने देवर से चुदवाने लगी. हम दोनों लोग चुदाई करते करते चरम सीमा पर पहुँच गए और हम दोनों चुदाई करते करते झड़ गए. हम दोनों का पानी निकल गया और हम बिस्तर पर थक कर सो गए.</p>
<p>हम दोनों की कब नींद लग गयी, हमें पता भी नहीं चला.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-lugaai-ki-thukai/">Xossip Hindi</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/pregnant-didi-ko-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्रेग्नेंट दीदी को चोदा</a></p>
<p>अब हम दोनों लोग शाम को सो कर उठे, चुदाई करने के बाद मैं बहुत फ्रेश महसूस कर रही थी. मैं जल्दी से अपनी साड़ी पहनने लगी क्योंकि अब मेरे सास ससुर का आने का समय हो गया था. मेरे सास ससुर खेत में काम करने जाते हैं और शाम को घर आते हैं. मैंने और मेरे देवर ने एक दूसरे को किस किया और उसके बाद अपने अपनी साड़ी पहन कर घर का काम करने लगी.</p>
<p>उस दिन के बाद से तो मैं और मेरा देवर हम दोनों का जब भी चुदाई करने के मन करता था और जब भी हम दोनों घर में अकेले रहते थे तो चुदाई करते थे. मेरा देवर कभी कभी रात में मुझे बाहर बुलाकर मेरी चूची चूसता था और मेरी चूत में उंगली करता था.</p>
<p>मेरी चूत तो हमेशा लंड लेने के लिए तैयार रहती है और जब हम दोनों को चुदाई करने के मौका नहीं मिलता था तो हम दोनों लोग रात छत पर जाकर चुदाई करते थे. मेरा देवर मुझे छत पर ले जाता था और मुझे छत पर चोदता था.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-lugaai-ki-thukai/">Xossip Hindi</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>incoming searches &#8211; xossip hindi, hindi sex kahani, desi kahani, mastram, <a href="https://hindipornstories.org/">kamukta</a>, antarvasna</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-lugaai-ki-thukai/">पडोसी के लुगाई की ठुकाई</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पड़ोस की मस्त भाभी</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/pados-ki-mast-bhabhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Dec 2019 14:57:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[भाभी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna hindi]]></category>
		<category><![CDATA[bhabhi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[desi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[group sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://freehindisexstories.net/?p=231</guid>

					<description><![CDATA[<p>बात उन दिनों की है जब मैं गाँव में रहता था, उस समय मेरी पड़ोस में एक नयी नहीं शादी हुई थी रिश्ते में वो भाई लगता था नाम था कौशल, शादी के कुछ दिन ... <a title="पड़ोस की मस्त भाभी" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/pados-ki-mast-bhabhi/" aria-label="Read more about पड़ोस की मस्त भाभी">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/pados-ki-mast-bhabhi/">पड़ोस की मस्त भाभी</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बात उन दिनों की है जब मैं गाँव में रहता था, उस समय मेरी पड़ोस में एक नयी नहीं शादी हुई थी रिश्ते में वो भाई लगता था नाम था कौशल, शादी के कुछ दिन बाद यानी की ५ दिन बाद ही वो अपने काम पे यानी की दिल्ली लौट आया था! उनके घर में सिर्फ कौशल भैया की माँ और वाइफ ही रहने लगी थी. मैं कभी कभी उनके घर जाया करता था, और हसी मजाक भी होता था क्यों की वो भाभी थी, अक्सर मेरे यहाँ हसी मजाक देवर भाभी में होता है.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/biwi-ne-naukar-se-chudwaya/">Bhabhi ki chudai</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/aankh-khuli-to-lund-dikha/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">आँख खुली तो लंड दिखा</a></p>
<p>एक दिन जब मैं उनके घर गया गर्मी का दिन था वो अकेले ही घर पे थी उनकी सास अपने मायके गयी हुई थी एक दिन के लिए, पहले मैं आपको भाभी के बारे में बता दू भाभी करीब २१ साल की थी रंग गेहुआ चेहरा गोल, टाइट चूची गोल गांड और जब वो साड़ी पहनती तो वो नाभि की निचे सारे बांधती थी उनका गोल गोल पेट पे नाभि एक गदम सुराही के तरह पेट लगता था, लाल लाल होठ कस हुआ बदन. बहुत ही सेक्सी लगती थी. जब मैं उनके घर गया तो वो कुछ काम कर रही थी और मैं वही चारपाई पे बैठ गया, वो अपना काम खत्म करके वो कमरे में चली गयी और मुझे भी बोली अंदर ही आ जाओ बहार बरामदे पे बहुत धुल उड़ रहा है,</p>
<p>मैं भी अंदर चला गया और वही बैठ गया, हम दोनों में बात चीत होने लगी वो बोल रही थी की मैं आपकी शादी अपने ही मायके में करवाउंगी एक बड़ी ही ख़ूबसूरत लड़की है मेरी चचेरी बहन लगती है, मुझे भी आनंद आ रहा था क्यों की किसी भी कुंवारे को शादी के बारे में बात करते अच्छा लगता है, फिर वो काफी देर इधर उधर की बात करने के बाद मैं जाने ही बल था की वो कमरे के दरवाजे पे ही बैठ गयी उनका आँचल सरका हुआ था ब्लाउज टाइट होने की वजह से उनका चूच ऊपर से निकलने की कोशिश कर रहा था, ये सब देख के मेरा लैंड खड़ा हो गया मैं थोड़ा शर्मा भी रहा था क्यों की लग रहा तो अगर वो देख लेगी तो कैसा लगेगा, क्यों की मेरे लैंड का उभर पता चल रहा था.</p>
<p>मैं जैसे ही दरवाजे से निकलने की कोशिश किया मैंने कहा भाभी थोड़ा पैर हटाना वो थोड़ा और भी चौड़ी होकर बैठ गयी फिर मैंने उनको फिर कहा वो मुस्कुरा रही थी पर हटाई नहीं मैं वैसे ही जाने लगा की वो बैठी थी मेरे लैंड काफी टाइट था उस समय जससे ही मैं एक पैर उनसे आगे रखा वो मेरे लैंड को पकड़ ली मैं पीछे कमरे में हो गया और फिर वो हुस्ने लगी, मुझे अच्छा लगा पर मैं बहाना बनाने लगा “मुझे जाना है प्लीज हटो ना वह से” पर जैसे ही जाने की कोशिश करता फिर लैंड पकड़ लेती, मैंने कहा मैं भी कुछ छु दूंगा, वो बोली क्या छुओगे बताओ और फिर उसने लैंड को छु दी, मैंने उनके गाल पे चुटी काटा वो फिर मेरे लैंड को छू ली.</p>
<p>फिर मैंने कहा आप ऐसे नहीं मानोगे, तबी वो भाग के अंदर हो गयी मैंने उनके चूची को पकड़ने की कोशिश कर रहा था पर वो इससे बचने की कोशिश कर रही थी मैंने उनको पीछेः से पकड़ के दोनों चूचियों को अपने हाथ में ले लिया उनके कपडे अस्त व्यस्त हो गए थे, वो दब्बाये जा रही थी और हुस रही थी फिर मैंने उनके गर्दन पे किश करना शुरू कर दिया मैंने कहा भाभी क्या मुझे दोगे “वो बोली हां किसी को बोलना नहीं इसके बारे में” मैंने कहा नहीं नहीं ये कोई बाोलने की बात है फिर वो कमरे से बहार आयी और इधर उधर देखि सड़क के तरफ और बहार शायद वो ये देख रही थी कोई बाहर है तो नहीं. बहार लू चल रही थी और हवा की आवाज़ आ रही थी सारे लोग अपने अपने घरो में थे.</p>
<p>फिर वो २ तीन मिनट में आ गयी और मुझे पकड़ के किश करने लगाई आँचल उनका जमीं पे गिर रहा था चुचिया तनी हुई थी मदहोश कर देने बाली पसीने की खुसबू उनके कांख से आ रही थी हल्का हलका पसीना उनके माथे पे था, ये पहली बार था जब किसी ने मेरे जिस्म की और लैंड को छुई थी, मेरा गाला सुख रहा था मैंने पानी पि फिर मैंने उनके टाइट गाल और नरम नरम होठ पे चुम्मा लेना शुरू किया, ऐसा लग रहा था की जन्नत में हु, मेरे लैंड में तो ऐसा लग रहा था कोई विद्युत की धरा प्रवाह हो रहा था, क्या हसीं पल था.</p>
<p>फिर वो वही निचे चटाई पे लेट गयी और अपने ब्लाउज का हुक खोल के पीछे से ब्रा का भी हुक खोल के अलग कर दी, दोनों बड़ी बड़ी चुचिया कैद से आज़ाद हो चूका था वो अपने होठ को अपने दातो का काट रही थी अपनी जीव्ह से अपने होठो पे फ़िर रही थी मैंने उनकी साडी को ऊपर उठा दिया वो उस समय पेंटी नहीं पहनी थी जब मैंने साडी उठाया उनका बूर (चुत) नहीं दिखाई दे रहा था जांघ से सटा हुआ था ऊपर थोड़ा थोड़ा भूरा भूरा बाल दिखा रहा था और गोल गोल जांघे, जब उनकी और देखा तो उनकी आँखे लाल हो चुकी थी चुचिया तन चुकी थी निप्पल टाइट था, मैंने दोनों पैर को अलग किया ताकि बूर की देख सके छोटा से बूर दिखा मैंने अपना लैंड निकला और उनके ऊपर लेट गया पर मेरी पहली चुदाई थी पता नहीं था कैसे डालते है फिर उन्होंने थोड़ा उठने के लिए कहा और अपनी चुडिओं की खनकती हुयी हाथो से मेरे लैंड को पकड़ के अपने बूर के मुहाने पे ले गयी और बोली चोदो.</p>
<p>मैंने जोर से धक्का लगाया और मेरा लौड़ा बूर के अंदर चला गया उनकी चीख निकल गयी ” हाई मैं मर गयी” कितना बड़ा लौड़ा है, आआआआआआआ&#8230;. , ओईईईईईईईईईईए मेरी माआआआआआआआ, मैंने अपने लैंड को अंदर बाबर करना शुरू किया और चुचिया की निप्पल को अपने दातो से दबाने लगा वो अपना दोनों हाथ ऊपर कर दी उनकी कांख की बाल दिखाई देने लगा और उस समय की सीन की आप कल्पना कर सकते है कैसी लग रही होगी. करीब १० मिनट तो चुदाई करने के बाद मैं झड़ गया क्यों वो वो काफी कामुक हो गयी थी और अपनी गांड को उठा उठा के चुदवा रही थी वो भी निढाल हो गयी और एकदम शांत हो गयी मैं भी उन्ही के ऊपर पड़ा रहा फिर थोड़ी देर बाद उठा दोनों ने एक दूसरे को किश किया फिर आज तक कभी मौका नहीं मिला चोदने का क्यों की उसके बाद उनकी सास आ गयी और मैं भी पढ़ाई करने के लिए शहर चला गया अब तो जब भी मैं गाँव जाता हु एक हलकी सी मुस्कान देती है, ये मेरी सच्ची कहानी है,</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/pados-ki-mast-bhabhi/">पड़ोस की मस्त भाभी</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मैं चूत का पुजारी</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/maine-chachi-ki-chudai-ki/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Dec 2019 09:55:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
		<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[chachi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex story]]></category>
		<category><![CDATA[koi mil gaya]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[sex stories in hindi]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://freehindisexstories.net/?p=18</guid>

					<description><![CDATA[<p>नमस्कर दोस्तों.. मेरा नाम रणजीत है.. मैं अक्सर हिंदी चुदाई कहानी पढ़ने यहाँ आता हूँ। न जाने कब से यह मेरे ख्याल में बस गया था मुझे याद तक नहीं, लेकिन अब 35 साल की ... <a title="मैं चूत का पुजारी" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/maine-chachi-ki-chudai-ki/" aria-label="Read more about मैं चूत का पुजारी">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/maine-chachi-ki-chudai-ki/">मैं चूत का पुजारी</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नमस्कर दोस्तों.. मेरा नाम रणजीत है.. मैं अक्सर हिंदी चुदाई कहानी पढ़ने यहाँ आता हूँ। न जाने कब से यह मेरे ख्याल में बस गया था मुझे याद तक नहीं, लेकिन अब 35 साल की उम्र में उस ख्वाहिश को पूरा करने की मैंने ठान ली थी। जीवन तो बस एक बार मिला है तो उसमें ही अपनी चाहतों और आरजू को पूरा करना है। (Hindi sex story, Chachi ki chudai, Mastram)</p>
<p>क्या इच्छा थी यह तो बताना मैं भूल ही गया। तो सुनिए। मेरी इच्छा थी कि दुनिया की हर तरह की चूत और चूची का मज़ा लूँ ! गोरी बुर, सांवली बुर, काली बुर, जापानी बुर, चाइनीज़ बुर !</p>
<p>यूँ समझ लीजिये कि हर तरह की बुर का स्वाद चखना चाहता था। हर तरह की चूत के अंदर अपने लंड को डालना चाहता था।</p>
<p>लेकिन मेरी शुरुआत तो देशी चूत से हुई थी, उस समय मैं सिर्फ बाईस साल का था। मेरे पड़ोस में एक महिला रहती थी, उनका नाम था अनीता और उन्हें मैं अनीता आंटी कहता था। अनीता आंटी की उम्र 45-50 के बीच रही होगी, सांवले रंग की और लम्बे लम्बे रेशमी बाल के अलावा उनके चूतड़ काफी बड़े थे, चूचियों का आकार भी तरबूज के बराबर लगता था। मैं<br />
अक्सर अनीता आंटी का नाम लेकर हस्तमैथुन करता था।</p>
<p>एक शाम को मैं अपना कमरा बंद करके के मूठ मार रहा था। मैं जोर जोर से अपने आप बोले जा रहा था. यह रही अनीता आंटी की चूत और मेरा लंड &#8230;</p>
<p>आहा ओहो ! आंटी चूत में ले ले मेरा लंड &#8230;</p>
<p>यह गया तेरी बुर में मेरा लौड़ा पूरा सात इंच &#8230; चाची का चूची .. हाय हाय .. चोद लिया &#8230; अनीता .. पेलने दे न &#8230; क्या चूत है &#8230; !</p>
<p>अनीता चाची का क्या गांड है &#8230;!</p>
<p>और इसी के साथ मेरा लंड झड़ गया।</p>
<p><strong>Hindi sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यार, इश्क़ और चुदाई</a></strong></p>
<p>फिर बेल बजी &#8230;मैंने दरवाज़ा खोला तो सामने अनीता आंटी खड़ी थी, लाल रंग की साड़ी और स्लीवलेस ब्लाउज में, गुस्से से लाल !</p>
<p>उन्होंने अंदर आकर दरवाज़ा बंद कर लिया और फिर बोली- क्यों बे हरामी ! क्या बोल रहा था?</p>
<p>गन्दी गन्दी बात करता है मेरे बारे में? मेरा चूत लेगा ?</p>
<p>देखी है मेरी चूत तूने&#8230;? है दम तेरी गांड में इतनी ?</p>
<p>और फिर आंटी ने अपनी साड़ी उठा दी। नीचे कोई पैंटी-वैन्टी नहीं थी, दो सुडौल जांघों के बीच एक शानदार चूत थी&#8230; बिलकुल तराशी हुई. बिल्कुल गोरी-चिट्टी, साफ़, एक भी बाल या झांट का नामो-निशान नहीं, बुर की दरार बिल्कुल चिपकी हुई !</p>
<p>ऐसा मालूम होता था जैसे गुलाब की दो पंखुड़ियाँ आपस में लिपटी हुई हों..</p>
<p>हे भगवान ! इतनी सुंदर चूत, इतनी रसीली बुर, इतनी चिकनी योनि !</p>
<p>भग्नासा करीब १ इंच लम्बी होगी।</p>
<p>वैसे तो मैंने छुप छुप कर स्कूल के बाथरूम में सौ से अधिक चूत के दर्शन किए होंगे, मैडम अनामिका की गोरी और रेशमी झांट वाली बुर से लेकर मैडम उर्मिला की हाथी के जैसी फैली हुई चूत !</p>
<p>मेरी क्लास की पूजा की कुंवारी चूत और मीता के काली किन्तु रसदार चूत। लेकिन ऐसा सुंदर चूत तो पहली बार देखी थी।<br />
आंटी, आपकी चूत तो अति सुंदर है, मैं इसकी पूजा करना चाहता हूँ .. यानि चूत पूजा !</p>
<p>मैं एकदम से बोल पड़ा।</p>
<p>&#8220;ठीक है ! यह कह कर आंटी सामने वाले सोफ़े पर टांगें फैला कर बैठ गई।</p>
<p>अब उनकी बुर के अंदर का गुलाबी और गीला हिस्सा भी दिख रहा था।</p>
<p>मैं पूजा की थाली लेकर आया, सबसे पहले सिन्दूर से आंटी की बुर का तिलक किया, फिर फूल चढ़ाए उनकी चूत पर, उसके बाद मैंने एक लोटा जल चढ़ाया।</p>
<p>अंत में दो अगरबत्ती जला कर बुर में खोंस दी और फिर हाथ जोड़ कर बुर देवी की जय ! चूत देवी की जय ! कहने लगा ..</p>
<p>आंटी बोली- रुको मुझे मूतना है !</p>
<p><strong>Hindi sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/biwi-ko-naukar-ne-choda-2/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यासी बीवी, अधेड़ पति &#8211; २</a></strong></p>
<p>&#8220;तो मूतिये आंटी जी ! यह तो मेरे लिए प्रसाद है,</p>
<p>चूतामृत यानि बुर का अमृत !&#8221;</p>
<p>आंटी खड़ी हो कर मूतने लगी, मैं झुक कर उनका मूत पीने लगा। मूत से मेरा चेहरा भीग गया था। उसके बाद आंटी की आज्ञा से मैंने उनकी योनि का स्वाद चखा।</p>
<p>उनकी चिकनी चूत को पहले चाटने लगा और फिर जीभ से अंदर का नमकीन पानी पीने लगा .. चिप चिपा और नमकीन ..</p>
<p>आंटी सिसकारियाँ लेती रही और मैं उनकी बूर को चूसता रहा जैसे कोई लॉलीपोप हो.. मैं आनंद-विभोर होकर कहते जा रहा था- वाह रसगुल्ले सरीखी बुर !</p>
<p>फिर मैंने सम्भोग की इज़ाज़त मांगी !</p>
<p>आंटी ने कहा- चोद ले .. बुर ..गांड दोनों ..लेकिन ध्यान से !</p>
<p>मैं अपने लंड को हाथ में थाम कर बुर पर रगड़ने लगा ..</p>
<p>और वोह सिसकारने लगी- डाल दे</p>
<p>बेटा अपनी आंटी की चूत में अपना लंड !</p>
<p>अभी लो आंटी ! यह कह कर मैंने अपना लंड घुसा दिया और घुच घुच करके चोदने लगा।</p>
<p>&#8220;और जोर से चोद.. &#8221;</p>
<p>&#8220;लो आंटी ! मेरा लंड लो.. अब गांड की बारी !&#8221;</p>
<p>कभी गांड और कभी बुर करते हुए मैं आंटी को चोदता रहा करीब तीन घंटे तक &#8230;</p>
<p>आंटी साथ में गाना गा रही थी :<br />
&#8220;तेरा लंड मेरी बुर &#8230;<br />
अंदर उसके डालो ज़रूर &#8230;<br />
चोदो चोदो, जोर से चोदो &#8230;<br />
अपने लंड से बुर को खोदो &#8230;<br />
गांड में भी इसे घुसा दो &#8230;<br />
फिर अपना धात गिरा दो &#8230;&#8221;</p>
<p><strong>Hindi sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/biwi-ne-naukar-se-chudwaya/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यासी बीवी, अधेड़ पति</a></strong></p>
<p>इस गाने के साथ आंटी घोड़ी बन चुकी थी और और मैं खड़ा होकर पीछे चोद रहा था। मेरा लंड चोद चोद कर लाल हो चुका था.. नौ इंच लम्बे और मोटे लंड की हर नस दिख रही थी। मेरा लंड आंटी की चूत के रस में गीला हो कर चमक रहा था।</p>
<p>&#8220;जोर लगा के हईसा &#8230;<br />
चोदो मुझ को अईसा &#8230;<br />
बुर मेरी फट जाये &#8230;<br />
गांड मेरी थर्राए &#8230;&#8221;</p>
<p>आंटी ने नया गाना शुरू कर दिया।</p>
<p>मैं भी नये जोश के साथ आंटी की तरबूज जैसे चूचियों को दबाते हुए और तेज़ी से बुर को चोदने लगा .. बीच बीच में गांड में भी लंड डाल देता &#8230; और आंटी चिहुंक जाती .. चुदाई करते हुए रात के ग्यारह बज चुके थे और सन्नाटे में घपच-घपच और घुच-घुच की आवाज़ आ रही थी ..</p>
<p>यह चुदने की आवाज़ थी &#8230; यह आवाज़ योनि और लिंग के संगम की थी &#8230;</p>
<p>यह आवाज़ एक संगीत तरह मेरे कानों में गूँज रही थी और मैंने अपने लंड की गति बढ़ा दी। आंटी ख़ुशी के मारे जोर जोर से चिल्लाने लगी- चोदो &#8230; चोदो &#8230; राजा ! चूत मेरी चोदो &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/maine-chachi-ki-chudai-ki/">मैं चूत का पुजारी</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
