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	<title>sex story in hindi Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<title>sex story in hindi Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<item>
		<title>प्यासी बीवी, अधेड़ पति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Dec 2019 10:24:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इंडियन बीवी की चुदाई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>दोस्तो, मैं हूँ हनी. मैं अक्सर यहाँ नौकर से चुदाई सेक्स कहानी, हिंदी सेक्स कहानी और सामूहिक चुदाई कहानी पढ़ने आती हूँ। मैं एक पंजाबन हूँ मेरा शहर अमृतसर है, मेरी उम्र है अठाईस साल। ... <a title="प्यासी बीवी, अधेड़ पति" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/naukar-ne-choda-biwi-ko/" aria-label="Read more about प्यासी बीवी, अधेड़ पति">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>दोस्तो, मैं हूँ हनी. मैं अक्सर यहाँ नौकर से चुदाई सेक्स कहानी, हिंदी सेक्स कहानी और सामूहिक चुदाई कहानी पढ़ने आती हूँ। मैं एक पंजाबन हूँ मेरा शहर अमृतसर है, मेरी उम्र है अठाईस साल। मैं एक बच्ची की माँ भी हूँ, मैंने बी.सी.ए के बाद दो साल की एम.एस.सी-आई टी की, मैं बहुत चुदक्कड़ औरत हूँ, स्कूल के दिनों से मैंने चुदाई का रस चख लिया था. <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>मैंने जिंदगी में कई लंड लिए, लेकिन बच्ची होने के बाद मेरी छोटे लंड से तसल्ली नहीं हो पाती, मेरे पति मुझसे उम्र में काफी बड़े हैं, मैंने उनके साथ घरवालों के खिलाफ जाकर शादी की थी, उनके पास बहुत पैसा था.</p>
<p>मैं एक साधारण से घर में पैदा हुई थी. <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>हम तीन बहनें ही हैं, शौक पूरे करने के लिए मैंने शुरु से अमीर लड़कों से चक्कर चलाये थे, पति का बिज़नस बहुत फैला हुआ है, मुझे किसी चीज़ की कमी नहीं। मैं और मेरे पति ही भारत में थे, इनके दोनों भाई अमेरिका में बिज़नेस करते थे, सासू माँ वहीं रहती, ससुर भी !</p>
<p>शादी के बाद भी मैं चुदाई अपने पति तक ज्यादा देर सीमित नहीं रख पाई थी, उम्र के फर्क की वजह से वो रोज़ रात को मुझे सुख नहीं देते थे, बिज़नस के चलते शहर से बाहर, कभी देश से बाहर भी रहना पड़ता था, मेरी तन की आग नहीं बुझती थी, घर से बाहर निकल कर किसी मर्द से इतनी जल्दी संबंध बनाना सही नहीं था। इनका बहुत नाम था, काफी लोग इनको जानते थे, इसलिए डरती थी, इनको भनक भी पड़ गई मुझे छोड़ ना दें, ऐशो आराम की जिंदगी से कहीं वो मुझे निकाल ना फेंके, घर में कई नौकर थे।</p>
<p>एक दिन में अपने कमरे में खड़ी थी.. <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>तभी मेरी नज़र पिछवाड़े में पड़ी, हमारा बावर्ची बनवारी लाल खुले में ताजे पानी से नहा रहा था, उसने सिर्फ अंडी पहना हुआ था, पानी से चिपका पड़ा था, उभरा हुआ देख मेरी फुदी में खुजली होने लगी, सोचा बाहर से अच्छा यही है कि सभी नौकरों को अलग अलग आजमा कर देखूं, कोई तो सैट हो जाए तो घर में गंगा वाला काम होता।</p>
<p>नहाने के बाद उसने दोपहर का खाना बनाने आना ही था, हल्की गुलाबी जालीदार नाईटी काली ब्रा पैंटी ऊपर से खुली रख ली, लाबी में बैठ गई।</p>
<p>आज जब उसने मुझे देखा उसकी नज़र सर से पाँव तक गई, मैंने नशीली आँखों से उसको देखा जब उसकी नज़रें मिली तो मैं होंठ चबाते हुए मुस्कुरा दी।</p>
<p>अनाड़ी तो वो था नहीं, मैं कमरे में आकर लेट गई, उसको मेरे पास आना ही था। सर के नीचे बांह रख दरवाज़े की तरफ पिछवाड़ा करके एक साइड के बल लेट गई, जांघों से ऊपर तक नाईटी उठा रखी थी, वो चाय लेकर आया, दरवाज़ा खटखटाया।</p>
<p><strong>Must read Hindi sex story &#8211; <a href="https://freehindisexstories.net/sasur-ne-ki-bahu-ki-thukai/">समझदार बहू</a></strong></p>
<p>&#8220;आ जाओ !&#8221;</p>
<p>&#8220;मैडम चाय !&#8221;</p>
<p>&#8220;रख दो !&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>&#8220;खाने में क्या बनाना है? साब आयेंगे दोपहर को?&#8221;</p>
<p>&#8220;नहीं, वो शायद रात को लौटेंगे, मेरा दिल नहीं है !&#8221;</p>
<p>मैं सीधी होकर लेटी, नाईटी जांघों तक उठा ली, मेरी पैंटी उसको साफ़ दिख रही थी।</p>
<p>&#8220;सुबह से तबीयत सही नहीं है, बदन दुःख रहा है !&#8221; मैंने अंगड़ाई लेने के बहाने से नाईटी आगे से खोल दी।</p>
<p>&#8220;फिर क्या बनाऊँ?&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>उसकी नजर ब्रा में से झाँक रहे कबूतरों पर थी।</p>
<p>&#8220;क्या देख रहा है? जा ठंडी बीयर के दो मग बना !&#8221;</p>
<p>&#8220;क्या कह रही हो मैडम?&#8221;</p>
<p>&#8220;सही कह रही हूँ, बदन टूट रहा है, रात को तेरेसाब ने जोर देकर अपने साथ स्कॉच पिला दी थी, पीकर खुद शराबी होकर सो गए, गर्म शराब गर्म शवाब को जलाती रही !&#8221;</p>
<p>&#8220;आपके लिए बना देता हूँ !&#8221;</p>
<p>&#8220;नहीं दोनों के लिए !&#8221;</p>
<p>&#8220;कहीं साब आ गए तो वो मुझे नौकरी से निकाल देंगे !&#8221;</p>
<p>अंगड़ाई लेकर मैं बोली- सब दरवाज़े बंद कर ले, जल्दी से आ जा !</p>
<p>वो पांच मिनट बाद ट्रे में दो मग बना कर ले आया, मुझे पकड़ा कर अपना लेकर खड़ा था, बोला- मैं बाहर बैठ पी लूँगा।</p>
<p>मैंने पांच मिनट में मग ख़त्म किया, उसको आवाज़ लगाई- बनवारी, ख़त्म हो गई, दो और बना कर ले आ !</p>
<p>मैंने नाईटी उतार दी चादर लपेट कर बैठ गई।</p>
<p>&#8220;अपने लिए बनाया?&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>&#8220;हाँ मैडम !&#8221;</p>
<p>मुझे सरूर सा होने लगा, मग की बजाए मैंने पजामे के ऊपर से उसके लंड को पकड़ लिया।</p>
<p>वो घबरा गया- मैडम, यह क्या? छोड़ दो?</p>
<p>मैंने कस के पकड़ लिया। <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>क्या करता? अगर हटता तो दर्द होता ! मुँह आगे करके पजामे के ऊपर से अपने होंठ रगड़े, हल्के से दांतों से काट भी लिया।</p>
<p>उसका तो दिमाग घूम गया कि यह सब?</p>
<p><strong>Hindi Sex Story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/meri-chudai-kahani/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मरीज़ ने की मेरी चुदाई</a></strong></p>
<p>उसको अंदेशा था, लेकिन इतनी जल्दी में इतना कर दूंगी, यह बनवारी ने नहीं सोछ होगा।</p>
<p>&#8220;इसको साइड टेबल पर रख दे ! कैसा मर्द है रे तू?&#8221;</p>
<p>मैंने चादर उतार फेंकी। मेरे गोरे जिस्म को काली ब्रा पैंटी में देख बुड्डों के लुल्लों में जान आ जाती है, मैंने उसके पजामे के नाड़े को खींच दिया। पजामा घिर गया, उसका अंडी फूलता जा रहा था, मैंने अंडी के ऊपर से चूम लिया, धीरे से उसके अंडी की इलास्टिक को प्यार से नीचे सरकाया !</p>
<p>&#8216;उह !&#8217; उसका काला बड़ा सा आधा सोया लंड जो नर्वस होने की वजह से पूरा खड़ा नहीं हो रहा था, कुछ डर की वजह से !</p>
<p>&#8220;देख बनवारी, मर्द बन मर्द ! पूरा घर लॉक है, अपनी कसम तेरे साब शहर में ही नहीं हैं !&#8221;</p>
<p>बोला- मैडम, ड्राईवर तो गाड़ी लेकर आएगा, क्या समझेगा?&#8221;</p>
<p>&#8220;तेरा दोस्त है न वो?&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>&#8220;हाँ !&#8221;</p>
<p>&#8220;फिर बातें भी खुलीं होंगी एक दूसरे से? एक कमरे में रहते हो, मैं बहुत प्यासी हूँ, कैदी की तरह हूँ यहाँ !&#8221;</p>
<p>&#8220;क्यूँ? साब का बिल्कुल ही खड़ा नहीं होता?&#8221;</p>
<p>&#8220;मुश्किल से होता है, सड़क पर चढ़ते ही पंचर हो जाता है !&#8221;</p>
<p>&#8220;आप दोनों की उम्र में कितना अंतर है? आपने शादी क्यूँ करी? पैसे के लिए ना? फिर एक चीज़ मिल जाए, उसके लिए कुछ कमी सहनी पड़ती है !&#8221;</p>
<p>मैंने उसके लंड को मुँह में लेते हुए कहा- अपनी चूतिया बकवास बंद कर, मेरे अंग अंग को चकनाचूर कर डाल !</p>
<p>हौंसला लेते हुए वो चप्पल उतार मेरे डबल बैड पर चढ़ आया, अपना कमीज़ उतार फेंका, मुझे वहीं बाँहों में कस कर मेरे होंठ चूसने लगा साथ में ब्रा के कप में हाथ घुसा मम्मा दबाने लगा।</p>
<p>&#8220;हाँ, यह हुई ना बात ! मसल डाल मेरे राजा ! अंग अंग ढीला कर दे अपनी मालकिन का !&#8221;</p>
<p>&#8220;हाय मेरी जान ! तेरे जैसी औरत को कौन मर्द चोदना नहीं चाहेगा ! मैं बस डरता था, तेरी सूखती हुई ब्रा-चड्डी को बाहर देख हम मुठ मारते हैं !&#8221;</p>
<p>&#8220;हाय, सच्ची?&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p><strong><a href="https://hindipornstories.org/">Hindi sex story</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/maine-chachi-ki-chudai-ki/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मैं चूत का पुजारी</a></strong></p>
<p>&#8220;हाँ मेरी जान, सच्ची !&#8221;</p>
<p>उसने पीठ पर हाथ लेजा कर ब्रा उतारी, खींच कर मेरी कच्छी उतारी, मैंने उसको धकेला और उसके लंड पर होंठ रख दिए, चूसने लगी। अब उसका लंड अपना असली रंग पकड़ने लगा था, काला मोटा लंबा लंड देख मेरी तो फुद्दी में खलबली मच रही थी। उसने भी मजे ले लेकर चुसवाना चालू कर दिया, साथ साथ उसने मेरे दाने को रगड़ना चालू किया ! मैं पागल हो हो कर लंड चूस, चाट, चूम रही थी।</p>
<p>पति का अगर इतना चूसती तो मुँह में पानी निकल जाता, बनवारी मंझा हुआ खिलाड़ी था, उसने अचानक से मेरी टांगें खोल दी, अपनी जुबां को मेरी फुद्दी पर रगड़ने लगा, कभी घुसा कर घुमा देता तो मेरी जान निकल जाती !</p>
<p>मैंने कहा- एक साथ दोनों के अंग चाटते हैं राजा !</p>
<p>69 के एंगल में आकर मैंने उसके लंड को चाटना चालू किया तो उसने मेरी फुद्दी को !</p>
<p>मैं झड़ने लगी लेकिन उसका लुल्ला मैदान में डटा था, क्या औज़ार था उसका !</p>
<p>वो मुझे खींच कर बैड के किनारे लाया, खुद खड़ा होकर अपने बड़े लंड को घुसाने लगा। कई दिन से ऐसा लंड न लेने से मेरी फुद्दी काफी कस चुकी थी, मुझे दर्द हुई लेकिन उस दर्द में सच्चे मर्द की पहचान थी। देखते ही देखते उसका पूरा काला लंड मेरे अंदर था और झटके दे रहा था, उसने किनारे पर ही मुझे पलटा, फुद्दी पर थूका और घोड़ी के अंदाज़ में मेरी फुद्दी मारने लगा।</p>
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		<title>ससुर ने की बहु की ठुकाई</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/sasur-ne-ki-bahu-ki-thukai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Nov 2019 09:10:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इंडियन बीवी की चुदाई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>वैसे तो यह आम सी बात है और बहुतों की जिंदगी आपसी समझ की कमी से कुछ इसी तरह की हो जाती है और अलगाव बढ़ जाता है। पर फिर जिंदगी में कोई आ जाता ... <a title="ससुर ने की बहु की ठुकाई" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/sasur-ne-ki-bahu-ki-thukai/" aria-label="Read more about ससुर ने की बहु की ठुकाई">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>वैसे तो यह आम सी बात है और बहुतों की जिंदगी आपसी समझ की कमी से कुछ इसी तरह की हो जाती है और अलगाव बढ़ जाता है। पर फिर जिंदगी में कोई आ जाता है तो दुनिया महक उठती है रंगीन हो जाती है।मेरी उमर अब लगभग 46 वर्ष की हो चुकी है। मैं अपना एक छोटा सा बिजनेस चलाता हूँ। पढ़िए हिंदी सेक्स स्टोरी हमारी वेबसाइट पर. Hindi chudai kahaniya</p>
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<p>20 साल की उम्र में शादी के बाद मेरी जिंदगी बहुत खूबसूरत रही थी, ऐसा लगता था कि जैसे यह रोमान्स भरी जिंदगी यूं ही चलती रहेगी।</p>
<p>उन दिनों जब देखो तब हम दोनों खूब चुदाई करते थे। मेरी पत्नी सुमन बहुत ही सेक्सी युवती थी।</p>
<p>फिर समय आया कि मैं एक लड़के का बाप बना। उसके लगभग एक साल बीत जाने के बाद सुमन ने फिर से कॉलेज जॉयन करने की सोच ली।</p>
<p>वो ग्रेजुएट होना चाहती थी।</p>
<p>नये सेशन में जुलाई से उसने एडमिशन ले लिया&#8230;</p>
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<p>फिर चला एक खालीपन का दौर&#8230; सुमन कॉलेज जाती और आकर बस बच्चे में खो जाती। मुझे कभी चोदने की इच्छा होती तो वो बहाना कर के टाल देती थी।</p>
<p>एक बार तो मैंने वासना में आकर उसे खींच कर बाहों में भर लिया&#8230; नतीजा &#8230; गालियाँ और चिड़चिड़ापन।</p>
<p>मुझे कुछ भी समझ में नहीं आता था कि हम दोनों में ऐसा क्या हो गया है कि छूना तक उसे बुरा लगने लगा था।</p>
<p>इस तरह सालों बीत गये।</p>
<p>उसकी इच्छा के बिना मैं सुमन को छूता भी नहीं था, उसके गुस्से से मुझे डर लगता था।</p>
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<p>मेरा लड़का भी 21 वर्ष का हो गया और उसने अपने लिये बहुत ही सुन्दर सी लड़की भी चुन ली।</p>
<p>उसका नाम कोमल था। बी कॉम करने के बाद उसने मेरे बिजनेस में हाथ बंटाना चालू कर दिया था।</p>
<p>मेरी पत्नी के व्यवहार से दुखी हो कर मेरे लड़के विजय ने अपना अलग घर ले लिया था।</p>
<p>घर में अधिक अलगाव होने से अब मैं और मेरी पत्नी अलग अलग कमरे में सोते थे।</p>
<p>एकदम अकेलापन &#8230; सुमन एक प्राईवेट स्कूल में नौकरी करने लगी थी। उसकी अपनी सहेलियाँ और दोस्त बन गये थे।</p>
<p>तब से उसके एक स्कूल के टीचर के साथ उसकी अफ़वाहें उड़ने लगी थी&#8230; मैंने भी उन्हें होटल में, सिनेमा में, गार्डन में कितनी ही बार देखा था।</p>
<p>पर मजबूर था&#8230; कुछ नहीं कह सकता था। मेरे बेटे की पत्नी कोमल दिन को अक्सर मुझसे बात करने मेरे पास आ जाती थी।</p>
<p>मेरा मन इन दिनों भटकने लगा था।</p>
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<p>मैं दिनभर या तो सेक्सी कहानियाँ पढ़ता रहता था या फिर पोर्न साईट पर चुदाई के वीडियो देखता रहता था। फिर मुठ मार कर सन्तोष कर लेता था।</p>
<p>कोमल ही एक स्त्री के रूप में मेरे सामने थी, वही धीरे धीरे मेरे मन में छाने लगी थी।</p>
<p>उसे देख कर मैं अपनी काम भावनायें बुनने लगता था।</p>
<p>इस बात से कोसों दूर कि कि वो मेरे घर की बहू है।</p>
<p>कोमल को देख कर मुझे लगता था कि काश यह मुझे मिल जाती और मैं उसे खूब चोदता &#8230; पर फिर मुझे लगता कि यह पाप है&#8230; पर क्या करता&#8230; पुरुष मन था&#8230; और स्त्री के नाम पर कोमल ही थी जो कि मेरे पास थी।</p>
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<p>एक दिन कोमल ने मुझे कुछ खास बात बताई।</p>
<p>उससे दो चीज़ें खुल कर सामने आ गई। एक तो मेरी पत्नी का राज खुल गया और दूसरे कोमल खुद ही चुदने तैयार हो गई।</p>
<p>कोमल के बताये अनुसार मैंने रात को एक बजे सुमन को उसके कमरे में खिड़की से झांक कर देखा तो&#8230; सब कुछ समझ में आ गया&#8230; वो अपना कमरा क्यों बंद रखती थी, यह राज़ भी खुल गया।</p>
<p>एक व्यक्ति उसे घोड़ी बना कर चोद रहा था।</p>
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<p>सुमन वासना में बेसुध थी और अपने चूतड़ हिला हिला कर उसका पूरा लण्ड ले रही थी।</p>
<p>उस व्यक्ति को मैं पहचान गया वो उसके कॉलेज टाईम का दोस्त था और उसी के स्कूल में टीचर था।</p>
<p>मैंने यह बात कोमल को बताई तो उसने कहा- मैंने कहा था ना, मां जी का सुरेश के साथ चक्कर है और रात को वो अक्सर घर पर आता है।</p>
<p>&#8220;हाँ कोमल&#8230; आज रात को तू यहीं रह जा और देखना&#8230; तेरी सासू मां क्या करती है।&#8221;</p>
<p>&#8220;जी , मैं विजय को बोल कर रात को आ जाऊंगी&#8230;&#8221; शाम को ही कोमल घर आ गई, साथ में अपना नाईट सूट भी ले आई&#8230; उसका नाईट सूट क्या था कि बस&#8230; छोटे से टॉप में उसके स्तन उसमे आधे बाहर छलक पड़ रहे थे।</p>
<p>उसका पजामा नीचे उसके चूतड़ों की दरार तक के दर्शन करा रहा था। पर वो सब उसके लिये सामान्य था।</p>
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<p>उसे देख कर तो मेरा लौड़ा कुलांचे भरने लगा था।</p>
<p>मैं कब तक अपने लण्ड को छुपाता। कोमल की तेज नजरों से मेरा लण्ड बच ना पाया। वो मुस्करा उठी।</p>
<p>कोमल ने मेरी वासना को और बाहर निकाला- पापा&#8230; मम्मी से दूर रहते हुए कितना समय हो गया&#8230; ?</p>
<p>&#8220;बेटी, यही करीब 16-17 साल हो चुके हैं !&#8221;</p>
<p>&#8220;क्या ?? इतना समय&#8230; साथ भी नहीं सोये&#8230;??&#8221;</p>
<p>&#8220;साथ सोये ? हाथ भी नहीं लगाया&#8230;!&#8221;</p>
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<p>&#8220;तभी&#8230; !&#8221;</p>
<p>&#8220;क्या तभी&#8230;?&#8221; मैंने आश्चर्य से पूछा।</p>
<p>&#8220;पापा&#8230; कभी कोई इच्छा नहीं होती है क्या?&#8221;</p>
<p>&#8220;होती तो है&#8230; पर क्या कर सकता हूँ&#8230; सुमन तो छूने पर ही गन्दी गालिया देती है।&#8221;</p>
<p>&#8220;तू नहीं और सही&#8230;। पापा प्यार की मारी औरतें तो बहुत हैं&#8230;&#8221;</p>
<p>&#8220;चल छोड़ !!!</p>
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<p>अब आराम कर ले&#8230; अभी तो उसे आने में एक घण्टा है&#8230;चल लाईट बंद कर दे !&#8221;</p>
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		<title>चचेरी बहन की चुदाई की कहानी &#8211; 3</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/chacheri-behan-ki-chudai-3/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 02 Jun 2019 05:55:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[रिश्तों में चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[लड़कियों की गांड चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी सेक्स कहानी]]></category>
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		<category><![CDATA[mastram]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों! मैं आज आपके सामने एक मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी पेश करने जा रहा हु.. यह कहानी है मेरी और मेरी चचेरी बहन की जिसका नाम रीना है। हम लोग बचपन से ही साथ ... <a title="चचेरी बहन की चुदाई की कहानी &#8211; 3" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/chacheri-behan-ki-chudai-3/" aria-label="Read more about चचेरी बहन की चुदाई की कहानी &#8211; 3">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों! मैं आज आपके सामने एक मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी पेश करने जा रहा हु.. यह कहानी है मेरी और मेरी चचेरी बहन की जिसका नाम रीना है। हम लोग बचपन से ही साथ साथ रहे। वो मुझसे सात साल छोटी है पर हम लोगों की खूब बनती थी। बाद में मैं अपनी पढ़ाई और फिर जॉब के कारण वो शहर छोड़ के दूसरी जगह आ गया पर जब भी अपने घर जाता मैं और रीना बहुत बातें करते। (Hindi sex story, Hindi chudai kahani, desi kahani, mastram)</p>
<p>पिछले कहानी से आगे&#8230;</p>
<p>मैंने उसकी स्कर्ट एक झटके में उतार कर फेंक दी। एक जवान खूबसूरत लड़की मेरे बिस्तर पर सिर्फ पेंटी में थी। एकदम गोरा रंग, बिना बालों का नमकीन सा जिस्म।</p>
<p>सहा नहीं गया मुझसे और मैंने अपना मुँह उसकी चूत पे रख दिया। पाव जैसे उसकी चूत पेंटी के अन्दर थी जो मैं खाने क़ी पूरी कोशिश कर रहा था। अब मेरा लंड यह सब बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था, मैं अपनी उंगली उसकी पेंटी के अन्दर डाल कर उसकी चूत को महसूस करने लगा। उसकी चूत क़ी फाकों पर मेरी उंगली चल रही थी।</p>
<p>रीना क़ी आवाजें अब सेक्सी सिसकारियों में बदल गई थी।</p>
<p><strong>Gandi kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/maine-chachi-ki-chudai-ki/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मैं चूत का पुजारी</a></strong></p>
<p>मैंने अब बिना इंतजार किये उसकी पेंटी उसके जिस्म से अलग कर दी। उसकी चूत पर हल्के हल्के बाल थे जो साफ़ बता रहे थे कि उसने हम लोगों के पहले वाले मिलन के बाद ही इनको साफ़ किया था।</p>
<p>मैंने अब उसकी नंगी चूत को अपने मुँह में ले लिया और उसके पाव के मज़े लेने लगा। मेरा बस चलता तो उसकी पूरी चूत खा जाता पर उसकी चूत बहुत फूली हुई थी। मैं उसकी एक एक फाकों को मुँह में लेकर चूसने लगा।</p>
<p>अब मैं उसकी टांगों के बीच में आ गया, वो लेटी हुई थी सो मैंने उसकी टाँगें उठा कर अपने कंधों पर रख ली और उसकी चूत पर अपना मुँह लगा दिया। मेरा जीभ उसकी चूत क़ी फाकों को अलग कर के उसके अन्दर घुसी जा रही थी। वो सिसकियाँ ले रही थी और उसके हाथ मेरे सर पर आ गये थे और मेरे सर को अपनी चूत क़ी ओर धकेल रहे थे।</p>
<p>मेरे हाथ उसके चूतड़ों पर थे और उनको उठा उठा के अपने मुँह और उसकी चूत के बीच क़ी दूरी को कम करने क़ी कोशिश कर रहे थे। मेरी जीभ उसकी चूत में काफी अन्दर जा चुकी थी, पर कहते हैं ना जहाँ सुई क़ी जरुरत होती है वहाँ तलवार काम नहीं करती। यहाँ जरुरत मेरे लंड क़ी थी तो जीभ कहाँ वो काम कर पाती।</p>
<p>फिर भी मेरी जीभ के असर से उसका पानी निकलना शुरु हो गया था। अब मैं खड़ा हुआ और अपनी चड्डी निकल दी। मेरा खड़ा हुआ लंड हवा में झूल रहा था। मैंने अपना लंड रीना के पूरे नंगे जिस्म पर फेरना शुरु किया। मेरा मन अपना लंड उसके मुँह में डालने का था सो मैंने अपना लंड उसके मुँह और होंठों पे लगाना शुरु किया। अब बारी उसके काम करने क़ी थी।</p>
<p>मैं पलग पर टेक लेकर बैठ गया और वो अब मेरी टांगों के बीच आ गई। मेरा लंड मोबाइल टावर क़ी तरह खड़ा था। उसने बिना देर किये मेरे लंड पर जीभ फेरना शुरु किया। वो मेरे लंड को जड़ से लेकर टोपे तक चाट रही थी। उसने अपने हाथो से लंड को पकड़ कर उसकी खाल ऊपर नीचे करके मेरा मुठ मारने लगी। उसको यह सब कैसे आता था, जब मैंने उसको पूछा तो उसने बताया  किया नहीं तो क्या हुआ नेट पर देखा बहुत है।</p>
<p><strong>Gandi kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/sexy-bhabhi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सेक्सी भाभी की चुदाई</a></strong></p>
<p>मैंने उससे लंड मुँह में लेने को बोला तो वो मना करने लगी। मैंने भी ज्यादा जोर नहीं दिया पर मैं थोड़ा उदास हो गया। यह देख कर वो मुस्कुराई और अपना मुँह खोल कर मेरे टोपे को अपने मुँह के अन्दर लेना शुरु कर दिया। उसके मुँह क़ी गर्मी और गीलापन मेरी हालत खराब कर रहा था। उसको उल्टी सी आ रही थी पर अगर उस वक़्त मैं उसको रोक देता तो वो कभी लंड चूसना नहीं सीख पाती। वो धीरे धीरे मेरा पूरा लंड अपने मुँह में ले गई। मेरा लंड उसके गले तक पहुँच गया। अब वो आराम से मेरे लंड को मुँह के अन्दर-बाहर करने लगी थी जैसे बच्चे लोलीपॉप खाते हैं उसी तरह वो मेरा लंड चूस रही थी।</p>
<p>पहली बार में ही उसने मुझको मस्त कर दिया था। सोचा नहीं था मैंने ककि मेरे लंड क़ी ऐसे तरह भी चुसाई होगी। मन तो किया कि अपना सारा पानी उसके मुँह में ही निकाल दूँ पर मैं नहीं चाहता था कि वो आगे कभी लंड चूसने की सोचना तक छोड़ दे। जितना उसने किया था उतना ही बहुत था मेरे लिए।</p>
<p>अब अपने पे और काबू रख मेरे बस में नहीं रह गया था। मैंने उसको बिस्तर पर लेटा दिया। मेरे सपनों की रानी मेरे सामने मेरे बिस्तर पर नंगी लेटी थी। एकदम मस्त फिगर, गोरा रंग, पूरे जिस्म पे एक भी बाल नहीं था उसके, एकदम चिकना बदन, चमचमाते जिस्म की मालकिन थी मेरी बहन।</p>
<p>मैं भी पूरा नंगा था और उसी हालत में उसके ऊपर चढ़ गया। आज मेरी परीक्षा भी थी। वो आज पहली बार अपनी चूत में लण्ड लेने वाली थी और मुझको सब कुछ ऐसा करना था कि उसको ज्यादा परेशानी न हो और दर्द न हो।</p>
<p>मुझको पता था कि इसके लिए पहले मुझको उसकी चूत को पानी निकाल कर चिकना करना था सो मैं उसके उसके बगल में लेटा और उसके शरीर को सहलाने लगा। मेरी हाथ जल्दी ही उसकी चूत पर चला गया और उसको सहलाने लगा।</p>
<p>मैं अपनी उंगली उसकी चूत की दरार में डाल के रगड़ने लगा। मैंने धीरे धीरे अपनी उंगली उसकी चूत में डाल दी और आगे पीछे करने लगा। वो हल्के-हल्के दर्द से सिसकारी ले रही थी। मैंने कोई जल्दी न दिखाते हुए उसकी चूत में उंगली करना जारी रखा।</p>
<p>थोड़ी देर की मेहनत के बाद मेरी उंगली उसकी चूत में समां गई थी। उसकी चूत ने पानी छोड़ना शुरु कर दिया था। मेरा काम उसकी चूत को इतना चौड़ा करने का था कि जब मैं उसमे अपना लंड डालूँ तो उसको ज्यादा दर्द न हो।</p>
<p><strong>Gandi kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/meri-chudai-kahani/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मरीज़ ने की मेरी चुदाई</a></strong></p>
<p>मैंने उसकी चूत में अपनी एक और उंगली डाल दी। अब मैं उसकी चूत में अपनी दो उंगली डाल के आगे पीछे कर रहा था, बार बार उसके दाने को मसल रहा था, वो उत्तेजना से सिसकारी ले रही थी। उसकी चूत ने पानी चोड़ दिया था और वो एकदम से निढाल हो गई। पानी उसकी चूत से बह कर बाहर आ रहा था। अब मौका सही था, झड़ने के कारण उसकी आँखें मस्ती में बंद थी।</p>
<p>अब मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी टांगों के बीच में आकर बैठ गया। मैंने उसकी टाँगें हवा में उठा दी और अपने कंधों पर रख ली। दोस्तों ऐसा करने से लड़की की चूत थोड़ी खुल जाती है। अब मैं अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रख कर रगड़ने लगा। मेरा टोपा उसकी चूत के मुँह पर था और पानी की चिकनाहट से फिसल रहा था।</p>
<p>मैंने अपने एक हाथ से लंड को पकड़ा और दूसरा हाथ उसकी कमर पे रख दिया, लंड को उसके चूत के छेद पे रखा, मेरा लंड एकदम डण्डे की तरह टाईट था। मैंने धीरे धीरे अपना लंड उसकी चूत में डालना शुरु किया। मैंने सारा काम धीरे धीरे करना शुरु किया क्योंकि मैं जानता था कि उसको थोड़ा दर्द तो होगा। धीरे धीरे मेरा लंड उसकी चिकनी चूत की फांकों में घुसने लगा था। जैसे ही उसको दर्द होता तो मैं अपने लंड को वही रोक लेता और थोड़ी देर बाद फिर से लंड अंदर-बाहर करने लगता।</p>
<p>अभी तक मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस चुका था पर काम अभी काफी बाकी था। मैंने उसको एक बार दर्द देने का तय करके अपना पहला जोर का झटका मारने का तय किया। जब तक मैं जोर से झटका नहीं मारता मेरा लंड उसके अन्दर पूरा नहीं जाता। सो मैंने अपने लंड को पूरा बाहर निकला और निशाना लगाते हुए पूरे जोर से उसकी चूत में घुसा दिया। मैंने उसको मेरे इस धक्के के बारे में बताया नहीं था वरना वो पहले ही डर जाती और उसको ज्यादा दर्द होता।</p>
<p>मेरी इस हरकत से उसको दर्द हुआ और वो चिल्लाने वाली थी पर मेरा हाथ उसके मुँह पर चला गया और उसकी आवाज नहीं निकल पाई। मैंने लंड अन्दर डाल कर उसको वहीं छोड़ दिया। उसके आँसू निकल गए थे।</p>
<p>मैंने अपना हाथ हटाया तो वो लंड बाहर निकलने को कहने लगी पर मैंने उसकी बात पे ध्यान दिए बिना उसके मम्मों को दबाना जारी रखा। थोड़ी देर तक ऐसा करते रहने से उसका ध्यान दर्द से हट के मेरी हरकतों की तरफ लग गया। जब मुझको लगा कि उसका दर्द कुछ कम हुआ है तो मैंने बहुत धीरे धीरे अपना लंड हिलाना शुरु किया ताकि उसकी चूत मेरा लंड खाने लायक चौड़ी हो जाये।</p>
<p>थोड़ी देर में ही मेरा लंड उसकी चूत के अन्दर-बाहर होने लगा था। उसका दर्द भी काफी कम हो गया था। इतनी टाईट चूत में एकदम से लंड डालने से मेरे लंड में भी हल्का सा दर्द हो रहा था पर मिलने वाला मज़ा उस दर्द से काफी ज्यादा था।</p>
<p><strong>Gandi kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/biwi-ne-naukar-se-chudwaya/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यासी बीवी, अधेड़ पति</a></strong></p>
<p>रीना मुझको कहने लगी- जब मैंने लंड निकालने को बोला तो अपने सुना नहीं?</p>
<p>तो मैंने कहा- मेरी जान, उस वक़्त अगर लंड निकाल लेता तो तुम दुबारा लेने की हिम्मत नहीं कर पाती और दुबारा डालने पर तुमको उतना ही दर्द सहना पड़ता और मैं अपनी रीना को और दर्द कैसे देता।</p>
<p>यह कहते हुए मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए। मेरा लंड अब अपनी पूरी तेजी से उसकी चूत को पेल रहा था, मेरी गोटियाँ उसकी चूत के फलक से टकरा कर दोनों को मस्त कर रही थी।</p>
<p>मैंने उसकी टाँगें सीधी कर दी और उस पर चढ़ गया। उसका नंगा जिस्म मेरी बाहों में था और वो मेरी बाहों में मचल रही थी जैसे जल बिन मछली ! मेरा एक हाथ उसकी पीठ पर दूसरा उसकी गांड पर।</p>
<p>दोस्तो, उम्मीद है आप अपनी कल्पना के सहारे वो फील कर रहे होगे जैसा मैं उस वक़्त महसूस कर रहा था।</p>
<p>मेरा लंड अब पिस्टन की तरह उसकी चूत के अन्दर-बाहर हो रहा था और हाथ उसके पूरे जिस्म को मसल रहे थे। वो मुझसे इतना चिपकी थी कि उसके तीखे मम्मे मेरे सीने में गड़ रहे थे। मैं कभी उसकी टाँगें चौड़ी करके लंड डालता, कभी एक टांग उठा देता। मैंने जितने भी आसन कामसूत्र में देखे थे आज सब उस पर आजमा रहा था।</p>
<p>वो मस्ती से अपनी चुदाई में लगी थी। मेरे होंठ उसके मुँह और होंठों को चूस रहे थे।</p>
<p>करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद मेरा पानी निकलने को हुआ तो मैंने उसको कहा- क्या पसंद करेगी? अन्दर या बाहर?</p>
<p>उस पर तो पोर्न साइट्स का भूत था तो बोली- जैसे उसमें होता है आप मेरे ऊपर सारा पानी गिरा दो।</p>
<p>मैंने अपना लंड निकाला और मुठ मारते हुए अपना सारा पानी उसके पेट, सीने और मुँह पर गिरा दिया। उसने अपने पेट, मम्मों पर सारा पानी रगड़ लिया।</p>
<p>पहले ही दो बार झड़ चुकी थी। मैं अभी भी उसके जिस्म को चूम रहा था और अपने ही पानी का मज़ा ले रहा था। मेरा ध्यान उसकी चूत पर गया जहाँ से पानी के साथ हल्का सा खून भी निकल रहा था। मैंने अपनी चड्डी से उसकी चूत साफ़ कर दी और उसको मूत के आने को कहा।</p>
<p><strong>Gandi kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/biwi-ko-naukar-ne-choda-2/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यासी बीवी, अधेड़ पति &#8211; २</a></strong></p>
<p>वो नंगी ही खड़ी हुई और मूतने चली गई।</p>
<p>उसका नागा पिछवाड़ा और मटकती हुई कमर बहुत मस्त लग रही थी और जब वो मूत कर आई तो सामने से उसका नंगा बदन ऐसे लग रहा था मानो अप्सरा मेनका मेरे सामने नंगी खड़ी हो।</p>
<p>वो वापस मेरे पास आकर लेट गई और हम दोनों एक दूसरे के जिस्म से खेलने लगे। अब उसकी शर्म चली गई थी और वो बिंदास हो कर मेरे लंड को अपने हाथों से मसल रही थी और मुठ मर रही थी। मैं भी उसके मम्मों, होंठों और जिस्म का रसपान कर रहा था।थोड़ी देर तक ऐसे ही करते रहने से मेरा लंड फिर से अपने बड़े रूप में आ गया था और वो भी गरम हो चुकी थी। मैंने उसको उठ कर मेरे लंड पे बैठने को कहा।</p>
<p>वो बैठने की कोशिश करने लगी पर मेरा लंड बार बार उसकी चूत से फिसल रहा था। मैंने अपना लंड पकड़ कर फिर से उसको निशाने पे लगाया और उसको बैठने को कहा। इस बार जैसे ही वो बैठी मेरा लंड उसकी चूत के दरवाजे खोलता हुआ उसमें उतर गया। वो मेरे लंड पर बैठ कर उचकने लगी। मैं मन ही मन इन्टरनेट का शुक्रिया कर रहा था जहाँ से वो ये सब पहले ही देख कर सीख चुकी थी और उसका यूज यहाँ कर रही थी।</p>
<p>वो जैसे ही नीचे आती उसके चूतड़ मेरी टांगों से टकराते। उसकी चूत अभी तक पानी छोड़ रही थी जिससे पूरे कमरे में पच पच की आवाज गूँज रही थी। उसके उचकने से उसके मम्मे भी जोर जोर से ऊपर नीचे हो रहे थे जो मादकता को और बढ़ा रहे थे।</p>
<p>मैंने उसके मम्मों को पकड़ लिया और मसलने लगा। थोड़ी देर बाद वो अपना पानी निकाल कर मेरे ऊपर गिर गई। पर मेरा मन नहीं भरा था सो मैंने उसको लेटाया और उस पर चढ़ गया चुदाई करने को।</p>
<p>मेरा लण्ड पिस्टन की तरह उसकी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था और वो उचक उचक कर मज़े से लंड खा रही थी। वो मेरी बाहों में बिन पानी की मछली की तरह तड़प रही थी और मेरे हाथ उसके नंगे जिस्म को सहला रहे थे।</p>
<p>क्या मस्त सीन था, ऐसा आज तक मैंने सिर्फ कंडोम के एड में ही देखा था लड़की को इस तरह तड़पते हुए लंड के लिए। मैं उसकी गांड पर हाथ रख कर उसको अपनी ओर उछाल रहा था ताकि उसकी चूत में अंदर तक लंड पेल सकूँ।</p>
<p>यह सारा चुदाई का प्रोग्राम आधे घंटे तक चलता रहा। तब कही जाकर मेरा पानी निकला। मन तो था सारा पानी उसकी चूत में निकाल दूँ पर रिस्क नहीं लेना चाहता था तो सारा पानी उसके शरीर पर निकाल दिया। उसको बहुत तेज मूत आ रहा था तो वो उठ कर जाने लगी, मैंने उसका हाथ पकड़ कर रोक लिया और मेरे सामने वहीं मूतने को कहा।</p>
<p><strong>Gandi kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यार, इश्क़ और चुदाई</a></strong></p>
<p>वो शरमा गई पर मेरे जिद करने पर उसने भी अपनी मूत की धार छोड़ दी।</p>
<p>वो खड़ी थी और उसकी चूत से उसका मूत निकल कर दोनों टांगो के बीच से नीचे गिर रहा था। ऐसा लग रहा था मानो कोई झरना नीचे गिर रहा हो।</p>
<p>अब बहुत देर हो चुकी थी सो मैंने उसको कपड़े पहन कर तैयार होने को कहा। उसको नहाना था क्योंकि मेरे लंड का पानी उसके जिस्म पर था और वो उससे महक रही थी।</p>
<p>हम दोनों बाथरूम में घुस गए और साथ साथ नहाने लगे। मैंने एक बार फिर उसके पूरे जिस्म को मसल दिया और शावर के नीचे उसकी चूत लेने का सपना पूरा किया।</p>
<p>हम लोग नहा कर तैयार हो गए। हमने कमरा साफ़ किया, एक दूसरे को किस किया और अपने घर आ गये।</p>
<p>रीना आज बहुत खुश थी और मैं भी। आज मेरी प्यारी बहन मेरे बिस्तर की रानी बन चुकी थी।उस दिन के बाद मैंने कई बार रीना की चूत के मज़े लिए। उसको हर तरह से चोदा, कुतिया बना के, रंडी बना के। एक बार वो मेरे घर रहने के लिए आई जहाँ मैं जॉब करता था। वहाँ वो और मैं तीन दिन के लिए अकेले थे। दोस्तों कसम से तीन दिन तक ना वो घर के बाहर निकली ना मैं। तीन दिन तक मैंने उसको कपड़े नहीं पहनने दिए। सारा समय उसको नंगा रखा और चोदा।</p>
<p>जाते वक़्त उसकी आँखों में मुझसे दूर जाने के गम में आँसू थे। उसने भी वो तीन दिन बहुत मज़े किया। उन दिनों में हमने क्या किया, कैसे किया, वो अगली बार।</p>
<p>आपको कहानी कैसी लगी, कृपया जरुर बतायें। एक बार और कहूँगा, मेरी कहानी का मज़ा लेने के लिए अपनी कल्पना का पूरा सहारा लें, कल्पना वो नहीं जिसको आप नंगा करके अपने बिस्तर में चोदते हैं, कल्पना आपकी सोच&#8230;</p>
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		<title>चचेरी बहन की चुदाई की कहानी &#8211; 2</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/chacheri-behan-ki-chudai-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 May 2019 05:45:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मस्तराम]]></category>
		<category><![CDATA[रिश्तों में चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[लड़कियों की गांड चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[bahen ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[brother sister sex story in hindi]]></category>
		<category><![CDATA[desi chudai]]></category>
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		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
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		<category><![CDATA[hindi sex story]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों! मैं आज आपके सामने एक मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी पेश करने जा रहा हु.. यह कहानी है मेरी और मेरी चचेरी बहन की जिसका नाम रीना है। हम लोग बचपन से ही साथ ... <a title="चचेरी बहन की चुदाई की कहानी &#8211; 2" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/chacheri-behan-ki-chudai-2/" aria-label="Read more about चचेरी बहन की चुदाई की कहानी &#8211; 2">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों! मैं आज आपके सामने एक मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी पेश करने जा रहा हु.. यह कहानी है मेरी और मेरी चचेरी बहन की जिसका नाम रीना है। हम लोग बचपन से ही साथ साथ रहे। वो मुझसे सात साल छोटी है पर हम लोगों की खूब बनती थी। बाद में मैं अपनी पढ़ाई और फिर जॉब के कारण वो शहर छोड़ के दूसरी जगह आ गया पर जब भी अपने घर जाता मैं और रीना बहुत बातें करते। (Hindi sex story, Hindi chudai kahani, desi kahani, mastram)</p>
<p>पिछले कहानी से आगे&#8230;</p>
<p>वक़्त देखते हुए मैंने ज्यादा आगे ना बढ़ने का विचार किया और उसको पजामा और अपने कपड़े सही करने को कहा। वो उठी और अपना पजामा चढ़ाने लगी। मैंने उसको रोका और उसके चूतड़ों पर चूम लिया और पजामा ऊपर कर दिया और अपने कपड़े भी सही कर लिए।</p>
<p>मैंने उससे पूछा- कैसा लगा?</p>
<p>तो वो मुस्कुराने लगी।</p>
<p>मैंने एक बार और उसको किस किया और हम नीचे आ गये। अब मुझको इंतजार था अगले सही मौके का जब मैं अपनी परी को अपने बिस्तर के रानी बना सकूँ। प्लान मेरे पास था और जल्दी ही वो काम भी कर गया।</p>
<p><strong>Desi kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/meri-chudai-kahani/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मरीज़ ने की मेरी चुदाई</a></strong></p>
<p>2-3 दिन के इंतजार के बाद ही एक दिन हम लोग चाचा के घर गए। मैंने रीना को एक तरफ ले जाकर सब कुछ समझा दिया और सब लोगो के साथ आकर बैठ गया। थोड़ी देर में रीना आई और चाची को कहा कि उसको किसी काम से बाहर जाना है।</p>
<p>मैंने कहा- मैं भी चलता हूँ, यहाँ बोर हो जाऊँगा। तुमको जहाँ जाना है, वहाँ छोड़ कर मैं अपने दोस्तों से मिलने निकल जाऊँगा। वापसी में तुमको लेता आऊँगा। मेरी यह बात सबको सही लगी।</p>
<p>रीना ने कहा- मैं तैयार होकर आती हूँ।</p>
<p>थोड़ी देर में रीना लम्बा स्कर्ट और टॉप पहन के आ गई। मैंने अपनी बाइक उठाई और रीना को पीछे बैठा के अपने योजना के अनुसार अपने घर आ गया। घर के चाबी पहले ही मैंने अपने पास रखी थी ताकि कोई भी मेरे वापस आने तक घर आने की सोच भी ना सके।</p>
<p>मैंने घर का ताला खोला और अन्दर आ गया, मेरे पीछे पीछे रीना भी अन्दर आ गई। मैंने दरवाजा बंद कर दिया। रीना घर के अन्दर जा रही थी, मैंने पीछे से रीना को अपनी बाहों में भर लिया और उसके गले पर चुम्बन करने लगा। वो भी आँखें बंद करके मज़े ले रही थी। मैं उसके पेट पर हाथ से सहला रहा था, उसके गालों और गले को चूम रहा था।</p>
<p>मेरा लंड जो अब तक उत्तेजना से खड़ा हो चुका था, उसकी कूल्हों क़ी दरार में घुस रहा था।</p>
<p>थोड़ी देर में वो बोली- भईया, अन्दर चलते हैं, यहाँ मुझको शर्म आ रही है।</p>
<p>मैंने रीना को अपनी गोद में उठा लिया। चूंकि उसने स्कर्ट पहनी थी तो उसको उठाते समय मेरा हाथ उसकी स्कर्ट के अन्दर चला गया और उसकी नंगी टाँगें मेरे हाथ में आ गई। इससे वो और शरमाने लगी और उसने आँखें बंद कर ली।</p>
<p><strong>Desi kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यार, इश्क़ और चुदाई</a></strong></p>
<p>मैं उसको अपने कमरे में ले आया और बिस्तर में बैठा दिया और खुद नीचे उसके घुटनों पर हाथ रख कर बैठ गया। उसकी आँखों में शर्म साफ़ साफ़ दिख रही थी पर शर्म के साथ वासना भी अपना असर दिखा रही थी।</p>
<p>मैंने उससे पूछा- शुरु से सब कुछ करें या जहाँ छोड़ा था, वहाँ से आगे?</p>
<p>तो वो कुछ नहीं बोली।</p>
<p>मैंने सोचा कि यह अभी नई है इस खेल में और अभी तक उसने कुछ किया भी नहीं है तो उसको पहले उत्तेजित करना होगा। एकदम करने से उसको दर्द भी ज्यादा होगा और काम खराब होने का डर भी रहेगा।</p>
<p>सो मैंने उसको उठा कर अपनी गोद में बैठा लिया जैसा हमारे साथ पहली बार हुआ था। वो मेरे लंड पर बैठ गई और मैं उसकी कमर पकड़ कर आगे पीछे करने लगा।</p>
<p>आज चूंकि घर में कोई नहीं था सो हमको कोई डर भी नहीं था। वो भी अपने चूतड़ आगे पीछे करके मेरा साथ देने लगी। आज मेरे हाथ उसके पूरे जिस्म को सहला रहे थे और बार बार उसके मम्मों पर आकर रुक जाते थे। अब चूंकि वो अपनी कमर हिला कर मेरा साथ दे रही थी तो मैंने अपने दोनों हाथ उसके मम्मों पर रख दिए और उनको धीरे धीरे सहलाने लगा। मैं उसके मम्मों को कभी पकड़ता, दबाता और कभी उसकी नई नई चूचियों को मसल देता। जब भी मैंने ऐसा करता वो सिसक जाती। मेरे होंठ उसके गले और गालों परबराबर घूम रहे थे।</p>
<p>मैंने अपने हाथों से उसका मुँह अपनी ओर किया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। एकदम पतले, गुलाब क़ी पंखुड़ियों से लाल रसीले होंठ थे उसके। मैंने उसके होंठ अपने मुँह में लेकर उसको चूसना शुरु कर दिया। फिर मैं कभी उसके ऊपर का होंठ चूसता, कभी नीचे वाला।</p>
<p>वो भी मेरा साथ दे रही थी। अब तो हम लोगो क़ी जीभ एक दूसरे के मुँह में सैर कर रही थी। मैंने अपने हाथ उसको घुटनों पर रख दिए और उसकी स्कर्ट ऊपर करना शुरु कर दी। जल्दी ही उसकी स्कर्ट उसके घुटनों तक आ गई थी। मैंने उसकी स्कर्ट के अन्दर हाथ डाला और उसकी जांघों को सहलाने लगा।</p>
<p><strong>Desi kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/biwi-ki-adla-badli-gandi-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">बीवियों की अदला बदली करके नंगी चुदाई</a></strong></p>
<p>मेरा हाथ उसकी दोनों जांघों के बीच वाले भाग को छू रहा था जिसको हम आम भाषा में चूत कहते है। अब मैंने उसको खड़ा किया और अपनी पैंट निकाल दी और पीछे से उसका स्कर्ट पूरा ऊपर करके उसको अपने ऊपर बैठा लिया। मेरा लंड उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी गांड में सेट हो के आगे पीछे हो रहा था। थोड़ी देर तक ऐसा करने के बाद जब मेरे हाथों ने उसकी चूत को छुआ तो उसकी पैंटी के बीच वाली जगह गीली हो चुकी थी। अपने अनुभव से मैं इतना समझ गया कि अब लड़की मेरे नीचे आने को तैयार है।</p>
<p>मैंने रीना को उठा कर बिस्तर पर लेटा दिया और खुद उसके ऊपर चढ़ गया। मेरे शरीर का सारा भार उसके ऊपर था जिसके कारण हमारे बीच जगह कम हो गई थी और उसके उभार मेरे शरीर में घुस रहे थे। नए नए उभरे हुए मम्मे मेरे सीने में गड़ रहे थे जो मुझको और उत्तेजित कर रहे थे। मेरा लण्ड पहली बार उसकी चूत के मुँह पर छू रहा था।</p>
<p>मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया और उसके होंठों का रस पीने लगा। उसके हाथ मेरी पीठ पर जमे हुए थे और मुझको अपने से और चिपकाने की उसकी कोशिश मुझको साफ़ पता चल रही थी।</p>
<p>हम लोग ऐसे चिपक रहे थे मानो दोनों अपने बीच में हवा तक नहीं आने देना चाहते हो।</p>
<p>दोस्तो, मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा हूँ कि आप लोगों को सारी बातें महसूस करा सकूँ पर मेरा निवेदन है कि आप लोग अपनी कल्पना का पूरा इस्तेमाल करें ताकि आप वो फीलिंग महसूस कर सके जो हम लोगों के बीच उस वक़्त थी।</p>
<p>मेरे होंठ उसके होंठों से लगे थे और मेरे हाथ उसके टांगों से लेकर उसके सीने तक पूरे जिस्म पर घूम रहे थे और उसके उभारों और गहराइयों को टटोल रहे थे। उसका स्कर्ट काफी ऊपर हो चुका था और मेरे हाथ उसकी नंगी जाँघों को छू रहे थे जो किसी मक्खन जैसी थी।</p>
<p>मैंने उसको करवट लेकर लिटा दिया और उसके पीछे आकर उसके टॉप में हाथ डाल दिए। मेरे हाथ उसके नंगे पेट को सहलाते हुए उसके मम्मों तक चले गए जो ब्रा क़ी कैद में थे।</p>
<p>मैंने ब्रा के ऊपर से उसके मम्मों को दबाना शुरु कर दिया। सहलाने का वक्त अब जा चुका था और अब वक्त था जंगली सेक्स करने का।<br />
मैं उसके मम्मों को मसलने लगा और वो आँखें बंद करके उसके मज़े ले रही थी। मैंने बिना समय गंवाए उसका टॉप ऊपर कर के उतार दिया और अपनी टीशर्ट भी अलग करके उसके पीछे से चिपक गया। मैं उसकी नंगी पीठ पर किस करने लगा और हाथों से उसके पेट, नाभि, मम्मों को सहलाने और दबाने लगा। मैंने उसकी ब्रा का स्ट्रेप उसके कंधों से नीचे कर दिया और उस जगह किस किया।</p>
<p>अब उसके सीधे होने का समय था। मैंने जब उसको सीधा किया तो उसने अपने हाथों से अपने मम्मों को छिपाने क़ी कोशिश क़ी। उसके ब्रा के स्ट्रेप उसकी कोहनी तक गिर चुके थे और मम्मे आधे चाँद क़ी तरह ब्रा के बाहर झांक रहे थे।</p>
<p>दोस्तो, आप लोगों ने महसूस किया हो तो लडको को लड़की के वो अंग जो पूरे खुले हों, उतने उत्तेजित नहीं करते जितने कि वो अंग करते हैं जो दिख कर भी नहीं दिख पा रहे हों। वही हालत मेरी थी। उसके आधे मम्मे मेरे सामने थे, पूरे दिख नहीं रहे थे। मैंने उसके आधे मम्मों को चूमना शुरु किया और उसकी ब्रा को उसके शरीर से अलग करना शुरु किया।</p>
<p><strong>Desi kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/biwi-ne-naukar-se-chudwaya/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यासी बीवी, अधेड़ पति</a></strong></p>
<p>थोड़ी देर में ही उसका ब्रा उसके जिस्म से अलग होकर मेरे हाथ में झूल रही थी।</p>
<p>ब्रा अलग होते ही उसके आधे कच्चे आम जैसे मम्मे मेरे सामने थे जिन पर छोटी छोटी भूरे से रंग क़ी निप्पल थे। मैंने अपनी जीभ निकाली और उसके निप्पल पर लगा कर उनको चाटने लगा।</p>
<p>थोड़ी देर में ही उसके मम्मे मेरे मुँह में थे, मैं उनको पूरा अपने मुँह में लेना चाहता था पर हो नहीं पा रहा था। मेरे हाथ उसकी स्कर्ट के अन्दर घुस चुके थे और उसके चूतड़ सहला रहे थे।</p>
<p>मैंने काफी देर तक उसके मम्मों का रस पिया फिर अपनी जीभ से उसके पूरे नंगे जिस्म को चाट चाट कर गीला कर दिया। बाकी काम मेरे हाथ ने उसकी स्कर्ट में कर दिया था। वो सिर्फ आँखें बंद करके सबका मज़ा ले रही थी। हालांकि मुझको यह सब अच्छा लग रहा था क्योंकि जिस लड़की को मैं अपने बिस्तर में लाने क़ी सोच रहा था वो आज मेरे बिस्तर क़ी रानी बन के पूरी नंगी होने को तैयार थी।</p>
<p>मैंने अपनी पैंट उतार दी और उसकी नंगी टांगों चाटने लगा। चाटते चाटते मैं उसकी स्कर्ट पूरी ऊपर कर चुका था और मेरा मुँह उसकी चूत के बिल्कुल पास था जहाँ से मैं उसकी चूत क़ी खुशबू ले रहा था। काला रंग वैसे भी मुझको उत्तेजित करता है और उसने काले रंग क़ी पेंटी पहन रखी थी।</p>
<p>मैंने उसकी स्कर्ट एक झटके में उतार कर फेंक दी। एक जवान खूबसूरत लड़की मेरे बिस्तर पर सिर्फ पेंटी में थी। एकदम गोरा रंग, बिना बालों का नमकीन सा जिस्म। कहानी जारी रहेगी।</p>
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