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	<title>samuhik chudai kahani Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<title>samuhik chudai kahani Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<item>
		<title>पडोस्वाली कुंवारी लड़की</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/padosi-ki-sexy-ladki-ko-choda-xxxx-story/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jul 2024 19:48:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों, मेरी सेक्सी कहानी में आपका स्वागत है. मैं आपको अपनी पड़ोसन कुंवारी लड़की की चूत चोदने की कहानी बताने जा रहा हूँ. मेरा नाम राज है, मैं लुधियाना से हूँ. मेरी उम्र 24 ... <a title="पडोस्वाली कुंवारी लड़की" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-sexy-ladki-ko-choda-xxxx-story/" aria-label="Read more about पडोस्वाली कुंवारी लड़की">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों, मेरी सेक्सी कहानी में आपका स्वागत है. मैं आपको अपनी पड़ोसन कुंवारी लड़की की चूत चोदने की कहानी बताने जा रहा हूँ. मेरा नाम राज है, मैं लुधियाना से हूँ. मेरी उम्र 24 साल है और मैं अविवाहित हूँ. Meri is sexy kahani mein padhiye ki kaise maine apni padosi ki ladki ko choda.</p>
<p>मेरी एक गर्लफ्रेंड थी, उसका नाम नीलम था. मेरे घर के पास एक और लड़की रहती थी, सिर्फ़ 18 साल की. उसका नाम संध्या था. संध्या और नीलम सहेलियाँ थीं, संध्या को नीलम और मेरे बारे में पता था. मैं संध्या से नीलम के घर फ़ोन करवाता था.</p>
<p>संध्या को सब पता था, नीलम और मैं कहाँ जा रहे हैं, क्या कर रहे हैं.</p>
<p>ये सब सुनकर संध्या को भी सेक्स करने की इच्छा होने लगी.</p>
<p>वो अक्सर मेरे घर आती और मुझसे पूछती- राज भैया, कल आपने नीलम के साथ क्या किया?</p>
<p>मैं- तुम्हारा इन सब से क्या लेना-देना है?</p>
<p>फिर वो शरमा कर चली गई.</p>
<p>मैंने नीलम से पूछा तो उसने बताया कि वह हमारे बीच हुई हर बात संध्या को बताती है।</p>
<p>मैं समझ गया।</p>
<p>एक दिन जब मैं अपने घर में काम कर रहा था, संध्या मेरे पास आई और मुझसे बातें करने लगी।</p>
<p>मैंने उससे कहा- तुम अभी जाओ। थोड़ा देर से आना, मुझे अभी काम करना है।</p>
<p>लेकिन वह नहीं मानी।</p>
<p>मैंने उसे थोड़ी देर के लिए आने को कहा, फिर वह चली गई।</p>
<p>मेरी मां को बाजार जाना था, तो मां ने मुझसे कहा- मैं थोड़ी देर में वापस आऊंगी। अगर तुम्हें चाय पीनी है, तो संध्या से कह देना, वह बना देगी!</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है!</p>
<p>मां के जाने के तुरंत बाद संध्या फिर से मेरे घर आ गई और मुझे परेशान करने लगी।</p>
<p>मैं अपना काम नहीं कर पा रहा था।</p>
<p>इस बीच संध्या ने मेरे हाथ से पेन छीन लिया और मेरे कमरे की तरफ भागने लगी। मैं उसे पकड़ने के लिए खड़ा हो गया, मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया।</p>
<p>जब मैंने उसे पकड़ा तो मेरे हाथ उसके स्तनों पर थे।</p>
<p>संध्या के स्तन बहुत मुलायम थे, लेकिन छोटे भी थे।</p>
<p><a href="https://hindipornstories.org/gaand-me-lund/">मेरा लंड उसकी गांड पर था</a>।</p>
<p>थोड़ी देर तक पकड़े रखने के बाद उसने मुझे पेन दे दिया।</p>
<p>मैं पेन लेना नहीं चाहता था, लेकिन मैंने उसे छोड़ दिया, मैंने उससे कहा- मेरे लिए चाय बनाओ!</p>
<p>वह बोली- ठीक है भैया!</p>
<p>और वह चाय बनाने चली गई।</p>
<p><strong>Padosi ki ladki ko choda kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/suhagraat-par-pehli-baar-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सुहागरात पर पहली बार चुदाई</a></strong></p>
<p>मैं कुछ देर तक सोचता रहा कि क्या करूँ, पर अब मैं सेक्स किए बिना नहीं रह सकता था। मैं धीरे से उसके पास किचन में गया और उसके पीछे खड़ा हो गया, बोला- चाय अभी तक बनी नहीं है क्या?</p>
<p>मेरा लिंग उसके नितम्बों को छू रहा था, तो वो समझ गई, वो मुझसे बचने लगी।</p>
<p>मैं भी समझ गया कि वो अब मुझसे बच रही है।</p>
<p>उसने मुझे चाय दी और कहा- भैया, मैं घर जा रहा हूँ!</p>
<p>मैंने कहा- रुको ना… मैं चाय पी लूँ, फिर तुम जा सकते हो!</p>
<p>वो बोली- ठीक है, पी लो।</p>
<p>मैं उसे अपने कमरे में ले गया। वो चुपचाप मेरे कमरे के एक कोने में खड़ी हो गई। मैं सोच रहा था कि अब क्या करूँ।</p>
<p>मैंने जानबूझ कर उसके सामने नीलम की बात छेड़ी, मैंने उससे पूछा- क्या तुमने नीलम से बात की है?</p>
<p>वो बोली- नहीं!</p>
<p>फिर मैंने उससे कहा- तुम नीलम को फ़ोन करके यहाँ बुलाओ!</p>
<p>वो बोली- क्यों? तुम उसे यहाँ क्यों बुला रहे हो भैया?</p>
<p>मैंने कहा- क्योंकि माँ यहाँ नहीं है!</p>
<p>वो बोली- ठीक है।</p>
<p>फिर उसने कहा- मैं तुम्हें फोन करके आऊँगी।</p>
<p>मैंने कहा- रुको!</p>
<p>मेरे इतना कहने के बाद वह रुकी और पूछा- बताओ क्या?</p>
<p>मैंने उससे पूछा- नीलम तुम्हें क्या-क्या बातें बताती है?</p>
<p>उसने कहा- कुछ नहीं।</p>
<p>मैं समझ गया कि अब वह मुझसे बात करने से डर रही है… मैंने कहा- संध्या, तुम मेरे पास आओ!</p>
<p>उसने कहा- क्यों?</p>
<p>मैंने कहा- चलो!</p>
<p>वो धीरे से मेरे पास आई, मैंने उसे बिस्तर पर बिठाया और कहा- संध्या, तुम मेरे और नीलम के सेक्स के बारे में सब कुछ जानती हो, है न?</p>
<p>वो बोली- भैया, मैं कुछ नहीं जानती, कसम से!</p>
<p>वो उस समय डरी हुई थी.</p>
<p>फिर मैंने कहा- ठीक है. अगर तुम्हें हमारी बातचीत के बारे में जानना है, तो मुझसे पूछो&#8230; लेकिन नीलम से मत पूछो!</p>
<p>उसने तुरंत पूछा- क्यों?</p>
<p>मैंने कहा- अगर नीलम तुम्हारी माँ को बता दे तो?</p>
<p>उसने धीरे से हाँ कहा.</p>
<p>उसके बाद मैंने उससे पूछा- क्या तुम अभी जानना चाहती हो?</p>
<p>उसने धीरे से अपना चेहरा हिलाया और कहा नहीं.</p>
<p>फिर भी मैं उसे पूरी बात बताने लगा. वो थोड़ी देर तक ना कहती रही, उसके बाद वो ध्यान से सुनने लगी. मैंने उसे एक बात पूरी बताई.</p>
<p>उसके बाद वो मुझसे बोली- भैया मुझे इसके बारे में किसी और दिन बताना ना?</p>
<p>जब मैंने उससे कहा- मैं अभी नहीं बताना चाहता.</p>
<p>वो तुरंत खड़ी हो गई.</p>
<p>मैंने उसे आगे से पकड़ लिया और उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया।</p>
<p>वह मुझसे दूर जाने की पूरी कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने उसे जाने नहीं दिया…</p>
<p>थोड़ी देर बाद मैंने उससे कहा- बिस्तर पर लेट जाओ!</p>
<p>लेकिन उसने कहा- मैं चिल्लाऊँगी।</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है, तुम चिल्लाओ!</p>
<p>मैंने उसे अपने हाथों से उठाया और बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर लेट गया. मैंने उसके हाथ पकड़े और उसे चूमने लगा.</p>
<p>थोड़ी देर तक वो ना-ना करती रही, फिर मैंने एक हाथ से उसके दोनों हाथ पकड़े और दूसरे हाथ से उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया.</p>
<p>वो ना-ना कह रही थी.</p>
<p>फिर मैंने अपना हाथ उसकी सलवार में डाला और उसकी चूत को सहलाने लगा. कुछ देर ऐसा करने के बाद वो भी गर्म होने लगी. फिर मैंने उसके हाथ छोड़े और उसके बाद मैं समझ गया कि अब वो भी गर्म हो गई है, अब वो चुदते समय नखरे नहीं करेगी.</p>
<p>फिर मैंने उसकी कुर्ती उतार दी और उसके साथ उसकी शर्ट भी. मैं उसके स्तनों को सहलाने लगा और अपने हाथों से उसकी चूत को सहलाने लगा.</p>
<p>मुझे पता था कि वो पहली बार सेक्स कर रही है.</p>
<p>उसके मुँह से ‘हाहा हाहा हाहा&#8230;’ की आवाज़ें आ रही थीं.</p>
<p>मैंने उससे कहा- मैं नीलम के साथ भी ऐसा ही करता हूँ.</p>
<p>तो उसने अपनी बंद आँखें खोली और बोली- अब आगे क्या करते हो?</p>
<p>मैं समझ गया कि अब वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी है, मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए, अब वो मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी।</p>
<p>फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और तेल की बोतल लाया। मैंने अपने लिंग पर तेल लगाया, उसके बाद मैंने उसकी चूत पर भी तेल लगाया।</p>
<p>मैंने उससे पूछा- क्या मैं अपना लिंग डाल दूँ?</p>
<p>तो वो बोली- डाल दूँ!</p>
<p>जैसे ही <a href="https://freehindisexstories.net/choot-me-lund-hua-bahut-dard/">मैंने अपना लिंग उसकी चूत में थोड़ा सा डाला</a>, वो जोर से चिल्लाई- उउउउउउम्मम्म्म आआआआ ईईईईईई नहीं भैयाआआआ निकालो।</p>
<p>मैंने अपना लिंग बाहर निकाला और कहा- थोड़ा दर्द होगा। इतनी जोर से मत चिल्लाओ!</p>
<p>वो बोली- ठीक है, पर भैया थोड़ा धीरे से डालना!</p>
<p>मैंने फिर से अपना लिंग उसकी चूत में डाला, जैसे ही वो चिल्लाई, मैंने अपना मुँह उसके मुँह पर रख दिया और उसके होंठ चूसने लगा।</p>
<p>थोड़ी देर बाद उसकी चीखें कम हो गईं।</p>
<p>फिर मैंने अपनी कमर को थोड़ा पीछे किया और एक जोरदार झटका दिया और अपना पूरा लिंग उसकी चूत में डाल दिया. उसके बाद वो लगभग मर ही गई, वो बहुत जोर से चिल्लाई- उम्म्ह… आआह्ह… हाआआ… बहुत दर्द हो रहा है… मैं अब और नहीं सह सकती… प्लीज… निकाल लो.</p>
<p>फिर मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में लिया और जोर-जोर से हिलाने लगा.</p>
<p>उसकी चूत से खून निकलने लगा और वो पागल हो गई.</p>
<p>उसके चिल्लाने के बाद भी मैंने उसे चोदना बंद नहीं किया और चोदता रहा.</p>
<p>कुछ देर बाद मेरा वीर्य निकल गया, जिसे मैंने उसकी चूत में नहीं जाने दिया, बाहर निकाल दिया.</p>
<p>और मैं कुछ देर उसके ऊपर लेटा रहा.</p>
<p>अपना लिंग उसकी चूत से बाहर निकालने के बाद ही उसने राहत की सांस ली और बोली- भैया, अब मैं कभी भी तुम्हारे साथ नहीं चुदूँगी.</p>
<p>मैंने उससे कहा- तुम अपना खून साफ ​​करो और अपने कपड़े पहन लो!</p>
<p>मैंने अपने कपड़े पहने और फिर अपना काम करने लगा.</p>
<p>थोड़ी देर बाद वो कमरे से बाहर आई और बोली- भैया, मैं जा रही हूँ.</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है, अब कब आओगी?</p>
<p>वो बोली- जब भी समय मिले.</p>
<p>आज भी जब भी मौका मिलता है, मैं उसे चोदता रहता हूँ.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>सरदी की रात आंटी के साथ</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/sardi-ki-raat-aunty-ki-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Apr 2020 05:09:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिंदी सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[chachi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[desi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हैलो, दोस्तो ये मेरी पहली कहानी है जो मैं आप को बताने जा रहा हूं। मेरा नाम राजा है। मैं जब स्कूल में था तो काफ़ी शर्मीला हुआ करता था लेकिन जब मैं कोलेज पहुंचा ... <a title="सरदी की रात आंटी के साथ" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/sardi-ki-raat-aunty-ki-chudai/" aria-label="Read more about सरदी की रात आंटी के साथ">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हैलो, दोस्तो ये मेरी पहली कहानी है जो मैं आप को बताने जा रहा हूं। मेरा नाम राजा है। मैं जब स्कूल में था तो काफ़ी शर्मीला हुआ करता था लेकिन जब मैं कोलेज पहुंचा तो वहां पर जो दोस्त मिले उनके साथ मैन एक चालू औरत के साथ उसके घर पर उसके पियक्कड पति के सामने चुदाई की और तब से यह सिलसिला आज तक चल रहा है। वैसे तो मैने अपनी ज़िंदगी में कई लड़कियों, कई आंटियों और भाभियों को चोदा है लेकिन आज जो घटना मैं आप लोगों को बताने जा रहा हूं वो मेरी ज़िंदगी में बिल्कुल अचानक घटी थी जब मैने अपनी आंटी को ही चोद डाला।</p>
<p>पहले तो मैं आप लोगों को अपनी आंटी के बारे में बता दूं। वो 30 साल की, गोरा रंग, टाइट बोडी, बड़ी बड़ी चूचियां, ऐसा की जो भी देखे देखता ही रह जाये। वो दिल्ली में रहती है। उसके 2 बच्चे हैं। पिछले दिसम्बर में उनके घर गया था ओफ़िस के काम से, मैं मुम्बई में जोब करता हूं। और मेरा काम ऐसा है कि पूरा हिंदुस्तान घूमना पड़ता है।</p>
<p><strong>Mastram Chachi ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/mera-pehla-sex-anubhav/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरा पहला सेक्स अनुभव</a></strong></p>
<p>दिल्ली में दिसम्बर के महीने में काफ़ी ठंड होती है। अंकल नाइट शिफ़्ट की ड्युटी करने गये था। घर छोटा होने के कारण हम एक ही रूम में सोये था। मैं बेड पर सोया था और आंटी बच्चों के साथ नीचे लेटी थी। ठंड काफ़ी थी इसलिये बेड पर सोते ही मुझे नींद आ गयी। रात के 2 बजे पेशाब करने के लिये अचानक मेरी नींद खुली तो मैने देखा आंटी एक पतली सी चादर ओढ़ी हुई है और बुरी तरह से कांप रही थी और बच्चे एक कम्बल में सो रहे थे। शायद घर में दो ही कम्बल थे, एक उन्होने मुझे दिया था और दूसरा बच्चों को उढ़ाया था। मैं ने लाइट जलाई तो आंटी उठ कर बैठ गयी लेकिन वो बुरी तरह से कांप रही थी। मैं ने कहा आप ऊपर बेड में चली जायें मैं नीचे सो जाता हूं, तो उन्होने कहा ठंड बहुत है तुम्हें ठंड लग जायेगी। मैने कहा आप तो बुरी तरह से कांप रही है ठीक से बोल भी नहीं पा रही हैं आप ऊपर बेड पे सो जाओ।</p>
<p>और इतना कह कर मैं ने उनका हाथ पकड़ कर ऊपर बेड पे बैठा कर पेशाब करने चला गया। वापस आ कर देखा तब भी वो कम्बल के अन्दर बुरी तरह से कांप रही थी। तभी उन्होने कांपते हुए कहा राजा लाइट बंद करके तुम भी बेड पर सो जाओ।</p>
<p>मैने लाइट बंद की और उनके पास आ कर सो गया। बेड छोटा होने के कारण हम एक दूसरे से बिल्कुल सटे हुए थे। तभी उनका हाथ मैने छुआ तो वो काफ़ी ठंडा था और वो अब भी कांप रही थी ठंड से।</p>
<p>फिर आंटी ने मुझ से कहा राजा मुझे ज़ोर से पकड़ो मुझे बहुत ठंड लग रही है। मैं ने उनको कहा कि आप घूम कर सो जाओ और उनके सर को मैने अपने एक हाथ के नीचे रखा और दूसरा उनके पेट पर रखा।अब हम दोनो की पोजिशन कुछ इस तरह थी कि उनकी गांड मेरे लंड पे पूरी तरह से चिपकी हुई थी और मैं पूरी तरह से उसे दोनो हाथों से पकड़े हुआ था।</p>
<p>मेरा लंड आंटी की गांड की दरार के बीच में घुस कर टाइट होने लगा था। मैं अपनी कमर को पीछे ले जाने लगा और अपनी पकड़ को भी ढीला करने लगा। लेकिन आंटी बहुत बुरी तरह से कांप रही थी और मेरे हाथ को अपने हाथ से ज़ोर से पकड़े हुई थी। मैं आंटी के साथ कुछ गलत सोच भी नहीं सकता था लेकिन मेरा लंड मेरी बस में नहीं था। मेरा लंड अब बेकाबू हो रहा था और वो पूरी तरह से आंटी की चूत में घुसने को तैयार था।</p>
<p><strong>Mastram Chachi ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padosiwali-mami-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पड़ोसवाली मामी को चोदा</a></strong></p>
<p>तभी आंटी ने मेरे हाथ को अपनी कमीज़ के नीचे घुसा कर अपने पेट पर रख दिया उनका पेट बर्फ़ की तरह ठंडा हो रहा था। मेरा गर्म हाथ रखने से उनको काफ़ी अच्छा लग रहा था आंटी मेरे हाथ को पकड़ कर अपने पेट पेर और ज़ोर से रगड़ने लगी। मैं धीरे धीरे उसके पेट को सहलाने लगा। सहलाने के कारण कई बार मेरा हाथ उनकी चूचियों से टकराया लेकिन उन्होने कुछ नहीं कहा। मैने हिम्मत करके उसके एक दूध को पकड़ कर सहलाने लगा। उसकी दूध का निप्पल बिल्कुल टाइट हो कर बाहर निकल गया था। मैं उनके निप्पल को उंगलियों के बीच रख कर धीरे धीरे घुमाने लगा। अब उसके मुंह से सिसकियां निकलनी शुरू हो गयी थी।</p>
<p>फिर मैने उनकी कमीज़ पीछे से पूरी उठा कर उसके गर्दन तक कर दिया और उसकी ब्रा के हुक भी खोल दिये फिर मैने भी अपना बनियान उतार कर अपने पेट और सीने को उसकी नंगी पीठ पर सटा कर पुरी तरह से चिपक गया।</p>
<p>उसे मेरे जिस्म की गरमी अच्छी लग रही थी वो भी मुझसे पूरी तरह से चिपक गयी थी। अब मेरे लंड को और रोक पाना मेरे लिये मुश्किल हो रहा था। मैं उसके पायजामे को धीरे धीरे नीचे करने लगा तो वो थोड़ी थोड़ी कमर उठाने लगी। मैं समझ गया कि आंटी को अब लंड की गरमी की ज़रूरत है वो अब पूरी तरह से तैयार थी।</p>
<p>मैने अब उसे पायजामे को पूरा उतार दिया और अपनी लुंगी को भी उतार दिया। फिर मैने अपने लंड को उसकी चूत पे रख कर धीरे से एक धक्का मारा और लंड पूरा का पूरा चूत में घुस गया। मैं अब उसकी चूचियों को अपने हातों से ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था। थोड़ी देर के बाद वो मेरी तरफ़ घूम गयी। मैं अब उसके दोनो पैरों को खोल कर बीच में बैठ गया और उसकी चूचियों को मुंह से चूसने लगा। तभी उसने मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत की तरफ़ खीचने लगी। मैं समझ गया कि उसकी चूत चुदवाने के लिये बेताब हो रही है।</p>
<p>मैने अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर रख कर एक जोर का झटका मारा और पूरा का पूरा लंड उसकी बुर में घुस गया। वो पूरी मस्ती में आ चुकी थी। उसके मुंह से ऊह आह की आवाज़ निकल रही थी। मैं पूरी स्पीड में अपने लंड को पूरा बाहर कर के अंदर डाल रहा था। लंड और बुर के टकराने से थप थप की आवाज़ आ रही थी। आंटी भी अपनी कमर को उठा उठा कर पूरा साथ दे रही थी।</p>
<p>फिर अचानक वो मेरे कमर को पकड़ का ज़ोर ज़ोर से खीचने लगी मैं भी ज़ोर ज़ोर से उसे चोदने लगा और फिर अचानक मेरे लंड ने 8-10 झटके में पिचकारी की तरह पूरी गरमी आंटी के बुर में भर दिया। आंटी भी पूरी ताकत से मेरे सीने से चिपक गयी। हम दोनो आधे घंटे तक वैसे ही पड़े रहे। आधे घंटे के बाद मेरे लंड में फिर से जोश आने लगा। मैने आंटी को उल्टा लिटा दिया और पीछे से उसके बुर को चोदने लगा। पीछे से चोदने में मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी कुंवारी लड़की की चुदाई कर रहा था।</p>
<p><strong>Mastram Chachi ki chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/desi-virgin-wife-fucked-landlord/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">किरायेदार की बीवी की सील तोड़ी</a></strong></p>
<p>उसकी गोल गोल गांड मेरे लंड के दोनो तरफ़ इस तरह से फ़िट हो रही थी मानो मेरे लिये ही वो गांड बनी हो। मैं फ़ुल स्पीड में उसकी चुदाई करने लगा और इस बार भी लंड ने सब गरमी बाहर निकाली तो उसकी बुर मेरे वीर्य से भर गयी। अब वो पूरी तरह से नोर्मल हो चुकी थी।</p>
<p>फिर हम सो गये। सुबह वो मुझे जगाई तो मैं उनसे नज़र नहीं मिला पा रहा था। लेकिन वो मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी। बच्चे भी स्कूल जा चुके थे। तभी अचानक दरवाजे पर किसी ने खटखटाया। मैं समझा अंकल आ गये। दरवाज़ा खुला तो एक खूबसूरत लड़की, बिल्कुल टाइट जीन्स और टी-शर्ट में अन्दर आयी और आंटी से कहा की अंकल ने फोन किया था अभी और कहा है कि वो ओवरटाइम पर हैं। मैं खुश हो गया। फिर वो लड़की चली गयी। मैने आंटी से पूछा कि ये लड़की कौन है तो उन्होने कहा कि मकान मालिक की बेटी है।</p>
<p>मैं आंटी को मुस्कुराते हुए देखा और कहा आंटी मुझे इसे चोदना है। तुम कुछ करो न प्लीज़। आंटी बोली नहीं नहीं मैं कुछ नहीं कर सकती। इतना सुनते ही मैने आंटी को बेड पर पटक दिया और उसकी चूचियों को ब्रा से निकाल कर चूसने लगा और कहा बोलो अब उसे मुझसे चुदवाने के लिये तैयार करोगी या नहीं। आंटी हंसते हुए बोली, अच्छा बाबा मैं उसे तुम्हारे लिये तैयार करती हूं।</p>
<p>मैने कहा ये हुई न बात और फिर आंटी के सारे कपड़े उतार कर फिर से उसकी चुदाई करने के लिये उसे गरम करने लगा। दिन के उजाले मैं उसकी खूबसूरती बिल्कुल साफ़ साफ़ दिख रही थी। उसकी नंगे जिस्म को देकते ही मेरा लंड लुंगी से बाहर आने को बेताब होने लगा। मैने अपनी लुंगी निकाली और आंटी की ऐसी चुदाई की कि वो मेरी दिवानी बन गयी।</p>
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		<title>मसाज़ वाले से चुद गयी</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/massage-wale-se-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 29 Mar 2020 10:49:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इंडियन बीवी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[Biwi ka massage aur chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[Desi chudai akhani]]></category>
		<category><![CDATA[Gandi kahnai]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मैं रीता हु मैं दिल्ली की रहने वाली हु. मेरा फिगर ३२ २८ ३६ है. और में दावे से कह सकती हु की मुझे देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो सकता है. यह ... <a title="मसाज़ वाले से चुद गयी" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/massage-wale-se-chudai/" aria-label="Read more about मसाज़ वाले से चुद गयी">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>मैं रीता हु मैं दिल्ली की रहने वाली हु. मेरा फिगर ३२ २८ ३६ है. और में दावे से कह सकती हु की मुझे देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो सकता है.</p>
<p>यह मेरे बर्थडे से २ दिन पहले की बात है. मेरा बर्थडे आने वाला था सो मैंने एक पार्टी ऑरगेनाइज़ करी थी इसलिए मुझे सब से अच्छा लगना था. सो मैंने तय किया की मैं पार्लर जाकर बॉडी मसाज़ ले लेती हु. मैंने दिन के २:३० के बजे की बुकिंग कर ली. में टाइम से पार्लर पहुच गयी और वह जाकर अपनी अपोइन्मेनट के बारे में पूछा तो पता चला की कोई लेडी म्साज़र अवेलेबल नहीं है.</p>
<p>और उन्होंने जेंट्स मसाजर का आप्शन मुझे दिया. मैंने दो मिनट सोचा और हां कर दिया क्यूंकि मुझे लगा की लेडीज से जयादा ताकत जेंट्स में होती है सो मेरी मसाज़ अच्छे से होगी. पार्लर के मालिक ने मुझे मसाज़ रूम में भेज दिया. और २ मिनट में मसाज़ बॉय भी आ गया. वो जैसे ही एन्टर हुआ आई ऍम शॉकड…. ओ ऍम जी… वो बहुत हैण्डसम और डैशइंग पर्सनालिटी का था.</p>
<p>हमने एक दुसरे को इन्त्रोडीयुस करा… उसका नाम निशांत था… फिर उसने मुझे कपडे चेंज करने के लिए कहा तो में चेंजिंग रूम में गयी और ड्रेस चेंज कर ली….मैंने जो कोसटीयुम पहनी थी वो सिर्फ ब्रा और पेंटी थी और वो भी रेड कलर की. तो मैंने उसके ऊपर बाथिंग गाउन पहना और बाहर आ गयी. मुझे देख कर निशांत बोला की आपको यह बाथिंग गाउन उतरना पड़ेगा. और इसको उतर कर आप लेट जायो.</p>
<p><strong>Biwi ka massage aur chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/pados-wali-bhabhi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोस की सेक्सी भाभी</a></strong></p>
<p>मैंने जैसे ही अपना बाथिंग गाउन उतारा निशांत मुझे ऊपर से निचे तक देखने लगा. पर में उसको इगनोर कर के लेट गयी. उसने मेरी बेक मसाज़ से मसाज़ करनी शुरू करी और मेरी नज़र उसके लंड पर गयी उसका लंड मुझे देखते ही खड़ा हो गया था एसा लग रहा था की मानो मेरी चूत में जाकर मुझे चोदना चाहता हो. बेक के बाद उसने मेरी गांड पर तेल लगाना शुरू करा और मेरी गांड को दबाने लगा. मुझे भी अच्छा लग रहा था इसलिए मैंने उसे कुछ नहीं कहा और मसाज़ लेती रही. फिर उसने मुझे पलटने को कहा और मेरे पेट पर तेल लगाया और मेरे हैंड्स और लेग्स की भी मसाज़ की. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. और में थोड़ी एक्साइट हो गयी थी.</p>
<p>तभी वो बोला मैम.</p>
<p>मैंने उसे रोक दिया और बोला रीता बोलते है सो यु आल्सो कॉल मी रीता. उसने फिर बोला रीता बूब्स की मसाज़ कर दू क्या ? मैंने बोला जहा की मसाज़ करनी है कर दो. उसने मेरी ब्रा उतार दी और बहुत सारा तेल मेरे बूब्स पर डाला और बूब्स को दबाने लगा और में एक्साइटीड होने लगी. मैंने बोला और जोर से दबायो बहुत आनन्द आ रहा है. और मेरा हाथ उसके लंड पर चला गया तो उसने उसकी अंडरवियर से अपना लंड निकाला.</p>
<p>में उसके लंड को देखती ही रह गयी. उसका लंड ७ इंच का होगा २ सेकंड के लिए तो में डर गयी उसका लंड देख कर. उसने अपना लंड मेरे हाथ में पकड़ा दिया और में लंड को सहलाने लगी. उसने मुझसे पुछा कैसा लगा मेरा लंड तो मैंने उसको उसके ही अंदाज़ में जवाब दिया अभी तुमने मेरी चूत कहा देखी है. तो उसने कहा तुम कहो तो दर्शन कर लू. मैंने कहा मैंने कहा रोका है… फिर वो मेरी पेंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को हाथ लगाने लगा… मैंने कहा ऐसे मज़ा नहीं आएगा.</p>
<p><strong>Biwi ka massage aur chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padosi-se-chut-chudwai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोसी से चुत चुदवाई</a></strong></p>
<p>उसने मेरी पेंटी के अन्दर हाथ दाल दिया और मेरी चूत में उंगली करने लगा. मैंने बोला अच्छे से करो… उसने मेरी पेंटी उतर दी और मेरी चूत पर बहुत सारा तेल डाल दिया. और मेरी चूत को मसलने लगा. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था तो मैंने भी उसका लंड अपने मुह में ले लिया और लंड को चूसने लगी. वो भी चूत में एक हाथ से उंगली करने लगा और दुसरे हाथ से मेरे बूब्स मसलने लगा करीब १० मिनट बाद मेरी चूत से कण्ट्रोल नहीं हो रहा था.</p>
<p>फिर मैंने निशांत से कहा अपने इस लम्बे से और बड़े से लंड से मेरी चूत की प्यास नहीं बुझायोगे क्या… उसने भी बिना देर करे मेरी चूत में अपना लम्बा सा ७ इंच का लंड डाल दिया और जोर जोर से अन्दर बहार करने लगा और में आह्ह्ह्ह…. आआआ आह्ह्हह्ह…. आआआ अह्ह्ह्हह …. करने लगी. मेरे मुह से आवाज़े निकलना बंद ही नहीं हो रही थी . मुझे उसके साथ चुदाई में बहुत मज़ा आ रहा था. फिर ३० मिनट बाद उसने मुझे डॉग पोजीशन में कर के और मेरी गांड में उंगली करने लगा और फिर अपना लंड अन्दर डाल दिया. में बोलने लगी और जोर से गांड फाड़ दे मेरी और तेज़ तेज़ लंड अन्दर बहार कर लगा. उसने अपनी स्पीड और तेज़ कर दी.</p>
<p>अब मेरी चूत और गांड शांत हो गयी थी पर उसके लंड को अभी और चोदना था मेरी चूत को. उसने अपना लंड मेरे मुह में दाल दिया और अन्दर बहार करने लगा. और उसी स्थिति में मेरी चूत पर और तेल डाला और मसलने लगा. ५ मिनट में ही मेरी चूत फिर से चुदने को तैयार हो गयी. वो फिर से मुझे चोदने लगा और इस बार भी मुझे बहुत मज़ा आ रहा था आआह्ह्ह्ह…. आआह्ह्हाअ…. करके मेरे मुह से आवाज़े निकल रही थी और में साथ साथ बोल रही थी की निशांत तुम्हारा लंड एक दम मस्त है, मुझे बहुत आनन्द दे रहा है…</p>
<p>और जोर से… निशांत… और जोर से निशांत… aaahhhhh…. आआआ…. वो भी बोला तुम्हारी चूत भी कुछ कम नहीं है. २० मिनट बाद उसने पोज चेज़ करा और मुझे टेबल के सहारे खड़ा कर के और मेरी गांड में लंड डाल कर हिलाने लगा करीब २५ मिनट के बाद हम दोनों थक गए ओर लेट गए. लेकिन न ही मेरी चूत को और न उसके लंड को शांति मिली थी तो हम ६९ की पोजीशन में हो गए. वो मेरी चूत चाटने लगा और में उसका लंड चूस रही थी. १५ मिनट बाद मेरी मेरी चूत का पानी भी निकल गया और उसका लंड का भी और हम दोनों को बहुत मज़ा आया.</p>
<p><strong>Biwi ka massage aur chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/desi-wife-fucked-fatherinlaw-hindi-sex-stories/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ससुर ने गांड मारी बरसात में</a></strong></p>
<p>अब में उठी और चंगे करने चली गयी . लेकिन में जैसे ही कपडे पहनने लगी निशांत का लंड मुझे देख कर फिर चोदने को करने लगा. उसने अपने हाथ में तेल लिया और आकर मेरे बूब्स पर लगा कर उसे चूसने लगा. मैंने बोला बस करो अब बहुत हो गया तो उसने कहा रीता मेरे लिए एक बार और, और अब वो मज़ा दूंगा जो तुम हमेश याद रखोगी. मैंने कहा ओके ट्राई करते है. तुम कितना मज़ा देते हो… उसने मुझे ज़मींन पर ही लिटा दिया और मेरे मुह में अपना लंड डाल दिया और खुद थोडा सा उठा और मेरी चूत में बहुत सारा तेल लगाकर उंगली करने लगा और मसलने लगा.</p>
<p>उसने जैसे ही मेरी चूत को मसला मेरी स्पीड उसके लंड को चूसने की और बढ़ गयी. उससे भी रुका नहीं गया और उसने मेरी चूत चाटनी शुरू कर दी और बोला क्या चूत है तुम्हारी बार बार चोद के भी मन कर रहा है और चोदु. मेरे लंड को शांत ही नहीं होने दे रही तुम्हारी चूत… मैंने भी कहा तुम्हारा लंड भी बहुत अच्छा है मेरी चूत को कितना आनंद दिया है उसने… अब मेरी चूत चुदना चाहती थी तो मैंने निशांत से कहा चोदो मुझे मेरी चूत चुदना चाहती है तुम्हारे लंड से… उसने बोला चलो कोई नया पोज ट्राई करते है. तो मैंने कहा जो करना है करो पर प्लीज जल्दी से चोदो मुझे. अब में भी एक्साइट हो चुकी थी. और मुझे बस उसका लंड चाहिए था.</p>
<p><strong>Biwi ka massage aur chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/bade-chuchi-wali-mausi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">बड़े चुचे वाली मौसी</a></strong></p>
<p>उसने मुझे उठा लिया और पीछे की तरफ से अपन लंड मेरी चूत में डाला और साथ ही साथ मेरी बूब्स जोर जोर से दबाने लगा. में और एक्साइटेद हो गयी. मैंने बोला निशांत पुरे दम से चोदो मुझे… और जोर लगायो… . वो भी पूरी ताकत लगा कर चोदने लगा. मुझे इतना मज़ा आने लगा की मैंने कहा मेरी गांड को भी ऐसे ही चोदना. वो बोला पहले तुम्हारी चूत अच्छे से चोद दू. फिर गांड भी चोदुंगा. ५० मिनट बाद मेरी चूत को शांति मिली और अब वो मेरी गांड चोदने लगा.</p>
<p>उसका पूरा ७ इंच का लंड मेरी गांड को आनंद दे रहा था. मैंने कहा मुझे मज़ा और मज़ा चाहिए. और उसने अपनी दो ऊँगली भी मेरी गांड में दाल दी और मेरी चूत में भी उंगली करने लगा. मैंने कहा निशांत इतना माँ मुझे पहले कभी नहीं आया. और मैंने कहा की तुम्हारा लंड बहुत शानदार… है. मज़ा ला दिया इसने तो. उसने भी जवाब दिया तुम्हारे बूब्स जैसे बूब्स मैंने आज तक नहीं दबाये, तुम्हारी गांड जैसे गांड को अभी तक नहीं चोदा, और क्टुम्हारी चूत जैसी चूत को आज तक नहीं चाटा.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>स्कूल के लड़कों से चुदाई</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/school-ke-ladko-se-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Mar 2020 10:37:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ग्रुप सेक्स स्टोरी]]></category>
		<category><![CDATA[मेरी चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मेरा नाम पूजा है, मैं एक अभी ताजा-ताजा जवान हुई लड़की हूँ।मैं और मेरे ही गाँव का आकाश एक साथ पढ़ने जाते थे। आकाश 12 वीं में पढ़ता था और मैं 11वीं की स्टूडेंट थी। ... <a title="स्कूल के लड़कों से चुदाई" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/school-ke-ladko-se-chudai/" aria-label="Read more about स्कूल के लड़कों से चुदाई">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मेरा नाम पूजा है, मैं एक अभी ताजा-ताजा जवान हुई लड़की हूँ।मैं और मेरे ही गाँव का आकाश एक साथ पढ़ने जाते थे।</p>
<p>आकाश 12 वीं में पढ़ता था और मैं 11वीं की स्टूडेंट थी। मेरे मम्मी पापा भी आकाश से बहुत खुश रहते थे।</p>
<p>पास के गाँव का विकास भी आकाश के साथ पढ़ता था।</p>
<p>आकाश से विकास बड़ा और लंबा था, विकास का जिस्म कसरती था, मुझे उसको देख कर डर सा लगता था इसलिए मैं कभी उससे बात नहीं करती थी।</p>
<p>आकाश मेरा पढ़ाई का काम पूरा करा देता था, वो बहुत अच्छा लड़का है।पापा भी ऐसा बोलते थे।</p>
<p>मैं आकाश और विकास स्कूल से एक साथ ही आते थे।</p>
<p>जुलाई 26 को विकास स्कूल नहीं आया। छुट्टी से पहले मौसम काफ़ी खराब हो गया था। प्रिंसीपल ने खराब मौसम के कारण एक घंटा पहले ही छुट्टी कर दी थी।</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/saheli-ko-pati-ne-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सहेली की चुत में पति का लंड</a></strong></p>
<p>हम दोनों लोग अपने-अपने बैग लेकर जल्दी-जल्दी घर के लिए जाने लगे।अभी हम लोग स्कूल से एक किलोमीटर ही पहुँचे थे कि पानी बरसने लगा।घर जाने का रास्ता एकदम सुनसान था।</p>
<p>पास में एक पुराना सा फॉर्म हाउस था.. जो बंद पड़ा रहता था, उसमें कोई नहीं रहता था।उसके सामने छोटा सा बरामदा था, हम लोग पानी से बचने के लिए उसी घर में रुक गए।</p>
<p>उसमें बने हुए घर के दरवाज़े काफ़ी खराब हो गए थे.. उसकी कुण्डी बंद ही नहीं होती थी।</p>
<p>अब तो हवा भी काफ़ी तेज़ चलने लगी थी। अचानक बहुत जोर से बिज़ली कड़की.. मुझे ऐसा लगा कि जहाँ मैं खड़ी हूँ.. वहीं गिर गई हूँ।</p>
<p>दरअसल मैं बहुत घबरा गई थी तो मैं डर कर आकाश से चिपक गई।</p>
<p>मैं थोड़ी देर तक उससे चिपकी रही और वो भी मेरी पीठ पर हाथ घुमाता रहा.. मेरे कन्धों को दबाता रहा।</p>
<p>अचानक मैं चेतन हुई और आकाश से अलग हो गई।उसने कहा- मेरा कोई ग़लत इरादा नहीं था.. मैं तो तुमको शांत कर रहा था।</p>
<p>आकाश से चिपकना मुझे मन ही मन अच्छा लगा था.. पर मैं चुप रही।</p>
<p>तभी फिर से बिज़ली कड़की.. इस बार उसने मुझे पीछे से पकड़ कर चिपका लिया।</p>
<p>वो अपने दोनों हाथ मेरी छाती से थोड़ा नीचे रखे हुए था, मैंने कोई विरोध नहीं किया, मुझे अच्छा लग रहा था।</p>
<p>फिर मैंने उसके हाथ पर अपना हाथ रखा और सहला कर हाथ हटा दिया।उसने फिर से मेरी दोनों छातियों पर हाथ रख दिए.. मैं कुछ नहीं बोली।</p>
<p>अब वह मेरी चूचियों को दबाने लगा.. और मसलने लगा।</p>
<p>मैंने कहा- ये क्या कर रहे हो.. मैं पापा से बोलूँगी।</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/junior-ko-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी जूनियर क्या मस्त माल है</a></strong></p>
<p>तभी बहुत तेज हवा चलने लगी, पानी की बौछार में हम लोग भीगने लगे।आकाश ने उस कमरे के दरवाजे को धक्का दिया.. वो खुल गया।हम दोनों अन्दर चले गए।</p>
<p>अन्दर एक किचन जैसा एक पत्थर लगा था, हम दोनों ने अपने बैग उस पर रख दिए।</p>
<p>उसने फिर उसने मुझे बांहों में भर लिया और मेरी दोनों चूचियों को दबा दिया।मैं उससे दिखावटी नाराज होने लगी।</p>
<p>वो बोला- जानेमन बहुत मज़ा आएगा.. मौसम भी साथ दे रहा है.. मज़ा ले लो।मैं चुप थी..</p>
<p>आकाश ने अपनी पैंट की ज़िप खोली और अपना लंड मुझे हाथ में पकड़ा दिया।</p>
<p>उसका लौड़ा पहले ढीला था.. फिर एकदम से सख़्त हो गया।मेरा मन उसका लंड लेने को हो गया.. पर मैं नाराज़ हो रही थी।</p>
<p>उसने मेरी ब्रा को पीछे से खोल दिया, अपने हाथ उसने मेरे कुरते में डाल कर मेरे चूचों को दबाने लगा।मैं मादकता से सिसकार कर रह गई।</p>
<p>मुझे अब अच्छा लगने लगा था, मैं चुदास के चलते उसके साथ सेक्स का खेल खेलने लगी थी।</p>
<p>मैंने उसकी पैन्ट को खोल दिया। अब उसका लंड एकदम तन गया था और मेरी चूत में घुसने को बेताब था।</p>
<p>उसने मेरी सलवार खोल कर मुझे नंगा कर दिया और मेरे तनबदन को चूमने लगा।कुछ ही देर में मेरी चूत पानी छोड़ने लगी।</p>
<p>मेरा मन उससे चुदवाने के लिए तैयार था। ज़मीन पर कहीं भी लेटने लायक जगह नहीं थी।</p>
<p>उसने कहा- जानेमन किचन के पत्थर पर झुक जाओ.. मैं पीछे से पेल देता हूँ।</p>
<p>मैं झुक गई.. उसने मेरी चूत में लंड लगा दिया और रगड़ने लगा।</p>
<p>मैं बहुत गर्म हो गई थी, मैंने उसका खड़ा लंड पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर रख लिया।</p>
<p>आकाश ने ज़ोर से धक्का दिया, उसका लंड मेरी चूत में पूरा घुस गया, मुझे दर्द होने लगा।इसी के साथ चूत की सील टूट गई और खून रिसने लगा।</p>
<p>मुझे घबराहट हुई.. ऐसा लगा कि मेरी चूत फट गई हो।</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/office-me-madhuri-ki-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ऑफिस में माधुरी को चोदा</a></strong></p>
<p>आकाश ने कहा- बस हो गया.. अब कभी दर्द नहीं होगा।</p>
<p>मैं उससे खुद को छुड़ाने की कोशिश करने लगी.. पर आकाश ने मेरी कमर में हाथ डाल कर मुझे भींच लिया।</p>
<p>वो बोला- रानी, दो मिनट डला रहने दो।</p>
<p>कुछ पलों बाद मुझे ठीक सा लगने लगा तो उसने लंड को ज़ोर-ज़ोर से आगे-पीछे करना शुरू कर दिया।मैं दर्द से क़राह रही थी।</p>
<p>फिर उसने गरम आग सा पानी मेरी चूत में छोड़ दिया।इसके बाद ही उसने मुझे छोड़ा।</p>
<p>मैंने कहा- अब कभी ऐसा नहीं करूँगी।</p>
<p>अब तक बारिश भी बंद हो गई थी, बैग लेकर मैं आकाश के साथ घर आ गई।</p>
<p>इसके बाद मैं गुस्से से आकाश से दो दिन तक नहीं बोली।</p>
<p>पर एक बार चूत खुल चुकी थी तो जब भी कभी मौका लगा.. मैं आकाश का लंड लने लगी, मुझे मज़ा आने लगा।</p>
<p>एक दिन सर्दी का मौसम था, आकाश और विकास दोनों साथ थे, उस दिन काफी घना कोहरा पड़ रहा था।</p>
<p>हम सभी लोग उसी फार्म हॉउस में रुक गए।</p>
<p>आकाश ने कमरे में अन्दर जाकर दरवाज़ा भिड़ा दिया।</p>
<p>मैं समझ गई कि आज मेरी चूत चुदेगी.. पर विकास साथ था। मैं समझ रही थी आज कोई नहीं बोलेगा।</p>
<p>कमरे में अन्दर आकर आकाश ने अपनी जिप खोली और मुझे लंड पकड़ा दिया।</p>
<p>मेरा दूसरा हाथ विकास ने पकड़ कर लंड थमा दिया।</p>
<p>मैं गुस्से से आकाश से बोली- यह क्या है.. तुम लोगों के साथ आने का मतलब क्या यही है?</p>
<p>लेकिन विकास का मोटा लंड देखने के बाद मेरा उसे अपनी चूत में लेने का मन हो गया।</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/pehla-chudai-anubhav/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पहला चुदाई अनुभव</a></strong></p>
<p>कुछ देर यूं ही नानुकुर के बाद मैं उन दोनों के लंड पकड़ कर आगे-पीछे करने लगी।</p>
<p>विकास ने मुझे गोदी में उठा लिया।मैं गिरने के डर से उसके गले में बांहें डाल कर लटक गई।</p>
<p>अब विकास का लंड मेरी चूत से गाण्ड तक रगड़ रहा था। विकास ने दोनों हाथों से मुझे उठाया हुआ था।</p>
<p>आकाश ने विकास का लंड मेरी चूत के छेद पर रख दिया।उसका लोहे की रॉड सा लंड मेरी चूत के अन्दर घुस गया।</p>
<p>वो अपने लंड को आगे-पीछे करते हुए झटके मारने लगा।मैं उसके गले में बाँहें डाल कर लंड लेने लगी और उसका साथ देने लगी।</p>
<p>वह बड़बड़ा रहा था- आह्ह.. तेरी चूत बहुत मज़ेदार है।</p>
<p>आकाश मेरी चूचियों को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा.. मुझे और मज़ा आने लगा।</p>
<p>फिर विकास ने मुझे कुतिया की तरह झुका कर चोदा और मेरा पानी निकाल दिया।</p>
<p>अपना गर्म पानी उसने मेरी चूत में छोड़ दिया।</p>
<p>मैं उससे चुदा कर बहुत थक गई थी।</p>
<p>आकाश बोला- जानेमन मेरा भी तो लो।मैंने मना किया.. पर वो नहीं माना।</p>
<p>विकास ने मुझे पकड़ कर अपने ऊपर झुका लिया और आकाश पीछे से मेरी चूत चोदने लगा।</p>
<p>मैं दुबारा झड़ गई।उस दिन उन दोनों से चुदवाने में मज़ा आ गया।</p>
<p>उन दोनों से अपनी चूत चुदवाने का सिलसिला लगभग 6 माह में कई बार चला।</p>
<p>आकाश का लंड पतला था.. पर विकास का लौड़ा बहुत मोटा था, मुझे विकास का लंड लेने में ज्यादा मज़ा आता था।</p>
<p>विकास आकाश दोनों इंटर पास हो गए और स्कूल छोड़ कर कॉलेज में पढ़ने चले गए।</p>
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		<title>दो सहेलियां</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/do-saheliyaan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Mar 2020 10:26:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ग्रुप सेक्स स्टोरी]]></category>
		<category><![CDATA[लड़कियों की गांड चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[biwi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[desi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gaand chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gair mard se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[samuhik chudai kahani]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अदिति की जुबानी मैं आपके सामने अपनी 34-28-36 की फिगर का एक नायाब धमाका एक ऐसी स्टोरी के माध्यम से करने जा रही हूँ जो आपकी पेंट को गीला कर देगा। बात गर्मियों के मौसम ... <a title="दो सहेलियां" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/do-saheliyaan/" aria-label="Read more about दो सहेलियां">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अदिति की जुबानी मैं आपके सामने अपनी 34-28-36 की फिगर का एक नायाब धमाका एक ऐसी स्टोरी के माध्यम से करने जा रही हूँ जो आपकी पेंट को गीला कर देगा।</p>
<p>बात गर्मियों के मौसम की है.. जब मैं अपने आपको खीरे मूली से ठंडा करती थी। मेरा एक फ्रेंड था राज.. जो मेरे लिए अपने मन में सेक्स की भावना रखता था।</p>
<p>मुझे यह बात पता थी क्योंकि वो हमेशा मुझे भूखी-नंगी नज़रों से देखता था।</p>
<p>वो बहुत स्मार्ट भी था और थोड़ा हैण्डसम भी था.. और मुझे भी पता नहीं क्यों उसका मुझपे ऐसी नज़रों से देख़ना अच्छा लगता था, मैं उसके सामने जितना एक्सपोज़ कर पाती थी.. करती थी पर वो मुझे कभी छूता नहीं था और उसके सामने मेरी सारी कोशिशें बेकार रह जाती थीं। जबकि मेरी नर्म चिकनी चूत की गर्मी को किसी के लंड की बहुत ज़रूरत थी।</p>
<p><strong>Antarvasna Samuhik Chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padosi-se-chut-chudwai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोसी से चुत चुदवाई</a></strong></p>
<p>मैंने एक प्लान बनाने का सोचा और मुझे पता था कि अगले हफ्ते मेरे घर वाले सब बाहर जा रहे हैं और मेरे एग्जाम की वजह से मुझे कोई नहीं ले जाएगा।मैंने राज को स्कूल में बोल दिया था कि अगले हफ्ते 2 दिन फ्री रहना.. तुम और मैं मेरे घर पर पढ़ाई करेंगे।</p>
<p>पर मुझे उसका जवाब सुन कर लगा कि वो शायद ही आएगा। फिर भी मुझे कुछ तो करना था इसलिए मैंने अपनी सहेली बीना को भी बोल दिया- तू पढ़ाई के बहाने मेरे घर आ जाना और हम मज़े करेंगे और ब्लू फिल्म्स देखेंगे।</p>
<p>आख़िर वो दिन आ ही गया और घर से मम्मी-पापा.. दीदी.. सब दो दिन के लिए दिल्ली चले गए। अब मैं घर पर अकेली थी.. तो मैंने राज को फोन किया।</p>
<p>वो बोला- ठीक है.. मैं आ रहा हूँ।</p>
<p>मेरी तो खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा।</p>
<p>मैं पागल हो रही थी, तो मैं जल्दी से नहा कर नंगी ही बैठ गई और चैन नहीं पड़ा तो मैं पूरे घर में नंगी ही घूमने लगी। फिर मैंने सोचा एक बार कुछ पहन ही लेती हूँ। मैंने अपने कमरे में जाकर पेंटी और इनर पहन लिया, नीचे पापा का बॉक्सर पहन लिया और ऊपर एक टाइट टी-शर्ट पहन कर राज का वेट करने लगी।</p>
<p>कुछ देर बाद घन्टी बजी.. तो मैं खुश हो गई और गेट खोला तो देखा गेट पर बीना थी, मैंने देखा कि उसके हाथ में डिल्डो और ब्लू-फिल्म्स की सीडी थी। वो मुझे ऊपर से नीचे तक देख कर मेरे मम्मों पर हाथ फेरते हुए बोली- आज क्या बात है?</p>
<p>मैंने उससे कहा- राज आ रहा है।</p>
<p>तो वो बोली- तुझे अकेले मज़ा नहीं लेने दूँगी.. मैं भी साथ चुदूँगी।</p>
<p>तो मैं उसे मना नहीं कर पाई। उसका 36-30-38 का फिगर तो मुझसे भी ज्यादा अच्छा था, मैंने कहा- ठीक है।</p>
<p>उसने जीन्स ब्रा और एक कट स्लीव्स का ढीला सा टॉप पहना हुआ था।</p>
<p>हम दोनों ने प्लेयर में सीडी लगाई और सोफे पर एक-दूसरे के ऊपर लेट कर बुरी तरह चूमा-चाटी चालू कर दी।</p>
<p>इतने में घर की फिर से बेल बजी.. तो मैं समझ गई कि राज ही होगा।</p>
<p><strong>Antarvasna Samuhik Chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/desi-wife-fucked-fatherinlaw-hindi-sex-stories/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ससुर ने गांड मारी बरसात में</a></strong></p>
<p>मैंने बीना को कहा- डीवीडी प्लेयर ऑफ कर दे.. पर सीडी मत निकालना और सोफे पर ढंग से बैठ जा।</p>
<p>अब मैंने गेट खोला तो देखा राज खड़ा था, वो आज बहुत मस्त लग रहा था।मैंने उसे अन्दर बुलाया और बिठाया।</p>
<p>वो बीना को वहाँ देख कर परेशान सा हो गया.. पर फिर हम तीनों साथ में पढ़ने लगे। मैंने बीना को देखा और कहा- थोड़ी देर टीवी देखते हैं।</p>
<p>हम तीनों सोफे पर बैठ गए और टीवी ऑन कर दिया। बीना ने डीवीडी प्लेयर ऑन किया और हम बैठे-बैठे बातें कर रहे थे। हम दोनों ने राज को बीच में बिठा लिया था इससे राज को भी मज़ा आ रहा था।</p>
<p>इतने में बीना ने रिमोट से टीवी मोड की जगह डीवीडी मोड सिलेक्ट कर दिया और ब्लू-फिल्म चालू हो गई।</p>
<p>राज देख कर चौंक कर रह गया.. पर वो कुछ नहीं बोला और थोड़ा शर्मा गया।</p>
<p>मूवी में 4 लड़के एक लड़की को बुरी तरह चोद रहे थे। हम तीनों कामुकता से देखने लगे।अब ये सब देख कर राज भी पागल हो रहा था।</p>
<p>मैं उठी और राज की गोद में बैठ गई.. जैसे वो भी सोफा हो। मेरे पैर उसके पैर पर.. मेरी गांड उसके लंड पर और मेरी कमर उसके सीने पर थी, उसका सर मेरे कंधों पर टिका था।</p>
<p>वो कुछ नहीं बोला.. पर उसका लंड मेरी गांड के आगे चूत के एकदम पास खड़ा हो रहा था। अब उसने मुझे पीछे से चूमना चालू कर दिया और पागलों की तरह अपनी जीभ निकाल कर मेरे गले.. कंधे.. सबको चाटने लगा।</p>
<p>बीना ये सब देख कर उठी और अपनी जीन्स और टॉप उतार कर और अपने आपको मसलने लगी।</p>
<p><strong>Antarvasna Samuhik Chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/pati-ke-bhatije-se-aur-punjabi-se-chudwaya/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पति के भतीजे और एक पंजाबी से चुदवाया</a></strong></p>
<p>राज ने आगे से अपना हाथ मेरे टॉप के अन्दर डाला और मेरे बोबे मसलने लगा। तब तक बीना ने अपनी ब्रा भी उतार दी मैंने देखा कि वो साली तो बिना पैन्टी के ही आई थी।</p>
<p>अब बीना मेरे ऊपर चढ़ गई और उसने अपने चूचे मेरे मुँह में डाल दिए और अपने हाथ मेरी कमर से ले जाकर बॉक्सर के अन्दर मेरी चूत में उंगली करने लगी।</p>
<p>राज सोफे पर बैठा हुआ था और मैं भी उस पर लेटी हुई सी थी, बीना मेरे दूधों से चिपकी हुई बैठी थी, हम तीनों पागलों की तरह एक-दूसरे को चाट चूम रहे थे।</p>
<p>फिर बीना ने अपने पैर राज की कमर पर कस कर लपेट लिए और मैं दोनों के बीच में फंस सी गई। कमरे का पंखा चल रहा था.. फ़िर भी हम तीनों पसीने से तर-बतर हो चुके थे, पहले ही गर्मी का मौसम था और इस पर हम बहुत अधिक गर्म हो चुके थे।</p>
<p>राज मुझे पीछे से चाट रहा था और मेरे मम्मों को दबा रहा था। बीना मेरी चूत के बाल और चूत को सहला रही थी। मैं भी बीना के मम्मों को चूस रही थी।</p>
<p>तभी मैंने अपने हाथ राज की पैन्ट पर रखा और उसके लंड को सहलाने लगी.. उसे मज़ा आने लगा।</p>
<p>मैं और बीना ‘अया.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह हाय..’ कर रहे थे।</p>
<p>अब राज और जोश में आ गया और उसने हम दोनों को उठा कर सोफे पर पटक दिया। हम दोनों ने उसकी टी-शर्ट उतारी और उसकी पैन्ट खोल कर उसके अंडरवियर से ही लंड निकाल लिया।</p>
<p>जब मैंने उसका अंडरवियर उतारा तो मैं दंग रह गई। उसका लंड खीरे जैसा लम्बा और मोटा था। हम दोनों खुशी से उसकी गोटियों को सहलाने और चूसने लगे।</p>
<p>उसने अपना लंड बीना के मुँह के अन्दर डाल दिया और मुझे उठा कर सोफे पर पटक कर बेरहमी से मेरे कपड़े खींचते हुए उतारने लगा।</p>
<p>उसने मेरे बॉक्सर को खींच कर उतार फेंका और मेरी पेंटी को मुँह से उतारने लगा, मेरे टॉप को पूरी तरह ऊपर से खींच कर फाड़ दिया।</p>
<p><strong>Antarvasna Samuhik Chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/bhabhi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">भाभी ने चोदना सिखाया</a></strong></p>
<p>उसका लंड बीना के मुँह को भी बहुत ज़ोर-ज़ोर से चोद रहा था।कुछ ही पलों में उसके सामने मैं पूरी नंगी हो गई थी।</p>
<p>वो बीना के मुख चोदन के कारण झड़ने वाला था। उसने बीना के सर को ज़ोर से अपने लंड पर दबा लिया और एक ‘आह्ह..’ करते हुए झड़ गया।</p>
<p>बीना के मुँह में उसका पूरा माल आ गया और वो साली उस माल को निगल भी गई।</p>
<p>फिर राज ने मुझे उठाया और मुझे चित्त लिटा कर अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा, उसके मोटे लंड से मुझे बहुत दर्द हुआ।<br />
अभी मैं कुछ कह पाती कि तभी उसने एक तेज धक्का मार दिया। मैं चिल्ला उठी उम्म्ह… अहह… हय… याह… और मेरी चूत से खून निकलने लगा जबकि उसका लंड अभी 2 इंच ही घुसा था।</p>
<p>उसने फिर एक ज़ोरदार धक्का मारा, मैं ‘उईहही.. आआहह.. माँआ..’ करके चिल्लाने लगी।अगले ही पल उसका पूरा लंड मेरी चूत में अन्दर था।</p>
<p>शायद उसको भी दर्द हुआ और वो मुझे लेकर मेरे ऊपर सोफे पर लेट गया, उसका लंड मेरी चूत के अन्दर ही था। बीना ये सब देख कर अपना डिल्डो अन्दर डाल कर ‘अयायाह.. अया..’ चिल्लाने लगी और राज के बाजू में लेट कर अपने मम्मों को उसकी कमर से रगड़ने लगी।</p>
<p>राज उठा और बीना को आगे खड़ा करके उसकी चूत चाटने लगा। जबकि बीना अपने मुँह में डिल्डो को अन्दर बाहर कर रही थी। राज का लंड मेरी चूत में था और उसने ज़ोर से लंड को मेरी चूत में अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया।</p>
<p>मुझे बहुत चोदा.. मैं भी बहुत मज़े से चूत चुदवा रही थी। वो काफी देर तक मुझे चोदने के बाद मेरी चूत में अन्दर ही झड़ गया।</p>
<p>कुछ देर आराम करने के बाद राज उठ कर बीना को चोदने के लिए आगे बढ़ा, उसने बीना को भी काफी देर तक चोदा।</p>
<p>जब बीना चुद रही थी तो मैं बीना के मम्मों को चाट रही थी।उसने बीना के अन्दर भी अपना सारा माल झाड़ दिया।</p>
<p><strong>Antarvasna Samuhik Chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padosi-ki-beti-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोसी की बेटी का भोसड़ा</a></strong></p>
<p>अब हम तीनों एक साथ बाथरूम में जा कर नहाने लगे। इधर राज हम दोनों के मम्मों को चाट रहा था.. चूस रहा था। हम दोनों उसके लंड से खेल रही थीं।</p>
<p>ठंडा पानी हमारा मज़ा और बढ़ा रहा था। हम तीनों लोगों ने 4 घंटे तक खूब चोदम चोदी की, साथ में ब्लू-फिल्म भी देखते रहे।</p>
<p>फिर वो दोनों अगले दिन फिर से आने की कह कर चले गए।<br />
अगले दिन बीना और मैं एक-दूसरे से साथ में एक घंटे नंगे मज़े से खेले और फिर राज और उसके साथ उसके तीन दोस्त भी आ गए।</p>
<p>उन चारों ने हम दोनों को खूब चोदा.. कभी मुँह में लंड डाल कर.. कभी चूत में डाल कर खूब चुदाई हुई। हम सभी ने बहुत मज़े किए और मेरा राज से चुदवाने का सपना भी पूरा हो गया।</p>
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		<title>दीदी की गोल गांड</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/didi-ki-gol-gaand/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Oct 2019 10:22:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लड़कियों की गांड चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[Anal sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मैं एक अच्छे घर-परिवार से हूँ। मेरी उम्र 25 साल, कद 6 फीट, मेरे लिंग की लम्बाई 6.5 ईंच और मोटाई 1.5 ईंच है। मेरे घर में मेरे अलावा माँ और एक बड़ी बहन भारती ... <a title="दीदी की गोल गांड" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/didi-ki-gol-gaand/" aria-label="Read more about दीदी की गोल गांड">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मैं एक अच्छे घर-परिवार से हूँ। मेरी उम्र 25 साल, कद 6 फीट, मेरे लिंग की लम्बाई 6.5 ईंच और मोटाई 1.5 ईंच है। मेरे घर में मेरे अलावा माँ और एक बड़ी बहन भारती हैं जिसकी उम्र 30 साल हैं। वो बहुत ही फेशनेबल है। मेरी दीदी की फिगर 24-36-24 बहुत ही मस्त हैं उसकी चूचियाँ भी मस्त बड़ी हैं। बड़ी दीदी की शादी कुछ चार साल पहले हुई थी पर अब वो विधवा हो गई हैं।</p>
<p>मुझे मेरी दीदी बचपन से ही बहुत चाहती थी क्यूंकि मैं घर में सबसे छोटा हूँ। हम दोनो एक ही कमरे में सोते थे और दीदी के 20 साल की होने तक तो हम एक ही बेड प़र सोते थे।</p>
<p>प़र एक दिन माँ ने हमे अलग-अलग बिस्तर प़र सोने को कहा। मैंने हमेशा से ही दीदी को चोदने की सोची थी और रात को दीदी के सोते समय उनकी चूचियाँ और चूत कभी कभी दबा लेता था। प़र डर के कारण आगे कुछ नहीं कर पाता था। हाँ, बाथरूम में मुठ ज़रूर मार लेता था। दीदी को चोदने को मेरा बहुत मन करता था।</p>
<p><strong>Kamukta &amp; Anal sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/phone-se-chudai-tak/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">फ़ोन से चुदाई तक</a></strong></p>
<p>अब भारती दीदी वापस आ गई थी। सो मैं रोज उससे अच्छी अच्छी बातें करने लगा ताकि दीदी को किसी पुरानी घटना की याद न आये।</p>
<p>एक दिन भारती दीदी बाथरूम से नहाकर आ रही थी तो अचानक मेरी नज़र उन पर पड़ गई, शायद बाथरूम में तौलिया नहीं था, वो गीले बदन पर गाउन पहने थी। भारती दीदी के कपड़े शरीर से चिपके हुऐ थे और वो बहुत ही सुन्दर लग रही थी।</p>
<p>उस दिन फिर से मैंने मुठ मारी।</p>
<p>हम दोनों हमेशा कंप्यूटर प़र गेम और चैट करते रहते थे। एक दिन दीदी साथ वाले कमरे में सो रही थी। मैंने कंप्यूटर प़र जानबूझ कर अन्तर्वासना की एक कहानी &#8216;दीदी की चुदाई&#8217; पढ़नी शुरू की।</p>
<p>अचानक दीदी पास आकर बैठ गई और उसने वो कहानी पढ़ ली उसने मुझसे कहा- तुम यह सब पढ़ते हो क्या?<br />
मैं चुपचाप उनको देखने लगा। मैंने मौका देख कर उसके होठों पर चूम लिया।</p>
<p>भारती दीदी ने मुझे पकड़ कर अलग कर दिया और कहा- मार खाएगा तू !</p>
<p>और दीदी वहाँ से उठ कर जाने लगी। जाते समय मेरी तरफ देख रहस्यमयी मुस्कान दी। मैंने भी मुस्कुराते हुए दीदी की तरफ देखा।</p>
<p><strong>Kamukta &amp; Anal sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/pregnant-didi-ko-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्रेग्नेंट दीदी को चोदा</a></strong></p>
<p>थोड़ी देर में दीदी ने मुझे आवाज़ दी और सोने के लिए कहा। मैं सोने आ गया। बातों बातों में दीदी ने मुझे अन्तर्वासना की कहानी के बारे में मुझे पूछा। मैने भी सब बता दिया।दीदी ने मेरी तरफ देखा, मैंने मौका देख कर फ़िर उसके होठों पर चूम लिया। भारती दीदी ने मुझे पकड़ कर अलग करने की कोशिश की लेकिन मैंने उन्हें छोड़ा नहीं और चूमता रहा।</p>
<p>मैं भारती दीदी के होठों को अपने होठों से चिपका कर चूमे जा रहा था, वो बेतहाशा पागल हो रही थी।<br />
फिर मैंने दीदी के स्तनों की तरफ हाथ बढ़ाया। दीदी के स्तनों अग्र भाग को अपनी उँगलियों से चुटकियों से पकड़ कर गोल गोल घुमाया तो दीदी सिसिया उठी। मैंने दीदी के चुचूक पकड़ लिए थे। उनके चुचूकों को जोर से मींसा तो दीदी फिर से सिसिया उठी, मगर दर्द से। दीदी के चुचूक तन गए थे, जो ब्रा में उभर आये थे। मैंने उन पर अपनी उँगलियों के पोर को गोल गोल नचाते हुए छेड़ा, इसी बीच मैंने दीदी का गाउन उतार कर फेंक दिया। दीदी के कोमल गौर-बदन की एक झलक देखने को मिली।</p>
<p>अन्दर दीदी ने काले रंग की ब्रा पहन रखी थी। दीदी ने अन्दर सफ़ेद रंग की पैंटी पहनी थी। मैंने जिंदगी में पहली बार किसी लड़की को इस रूप में देखा था। भारती दीदी का पूरा शरीर जैसे किसी सांचे में ढाल कर बनाया गया था। काली ब्रा में उनके शरीर की कांति और भी बढ़ गई थी। ब्रा के अन्दर दीदी के बड़े बड़े स्तन कैद थे, जो बाहर आने को बेकरार लग रहे थे। मैंने ब्रा के स्ट्रेप को कंधे से नीचे उतार कर स्तनों को ब्रा की कैद से पूरी तरह आजाद कर दिया। भारती दीदी को नग्न देख कर मेरी हालत खराब हो गई। मैंने कभी किसी के स्तनों को छूकर नहीं देखा था फिर से बड़ी बुरी तरह उन्हें मसला।</p>
<p><strong>Kamukta &amp; Anal sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/saali-ki-chudai-biwi-ne-karwai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">साली साहेबान बीवी मेहरबान</a></strong></p>
<p>फिर दीदी ने मेरी टी-शर्ट को ऊपर की ओर उठा दिया। दीदी ने अपने हाथों से मेरा अंडरवियर उतार दिया, फिर लिंग को पकड़ लिया। भारती दीदी मेरे लिंग को देखकर आश्चर्यचकित रह गई। दीदी ने लिंग को प्यार से सहलाया। दीदी के हाथ के स्पर्श से ही लिंग में कसाव बढ़ गया। दीदी ने मुस्कुराते हुए मुझको को चूमा। फिर दीदी तुरंत उसे चूसने लगी। दीदी को इस तरह से करते हुए देख मजा आ रहा था। दीदी ने बाकी लिंग को बाहर से चाट चाट कर चूसा तो मैं भी उत्तेजना से कांप गया।</p>
<p>मैंने उनकी जांघों के ठीक बीच में अपना हाथ फिराया और दीदी की पैंटी की इलास्टिक में उँगलियाँ फंसा कर पैंटी को उतार लिया और हाथों से हल्के हल्के दीदी के योनि प्रदेश को सहलाने लगा तो दीदी गुदगुदी के मारे उत्तेजित हो रही थी।</p>
<p>कुछ देर बाद भारती दीदी बहुत ही उत्तेजित हो गई थी हम दोनों ही अब काफी उत्तेजित हो गए थे। अब मैं दीदी की टांगों को फैला कर खुद बीच में लेट गया। मैंने भारती दीदी की योनि को सहलाया, उनके चूत की खुशबू मस्त थी। फिर उस पर पास में पड़ी बोतल से वैसेलिन निकाल कर लगाई। भारती दीदी की चूत का छेद काफी छोटा था। मुझे लगा कि मेरी प्यारी भारती दीदी मेरे लण्ड के वार से कहीं मर न जाये।</p>
<p>दीदी उत्तेजना के मारे पागल हो रही थी। दीदी ने मुझे लण्ड अन्दर डालने के लिए कहा।</p>
<p>भारती दीदी की योनि को अच्छी तरह से वैसेलिन लगाने के बाद फिर से दीदी की टांगों के बीच बैठ गया। मैंने दीदी की कमर को अपने मजबूत हाथों से पकड़ लिया। मैंने कोशिश करके थोड़ा सा लिंग अन्दर प्रवेश करा दिया। दीदी हल्के हल्के सिसकारियाँ ले रही थी। फिर मैंने एक जोरदार झटका मारकर लिंग को काफी अन्दर तक योनि की गहराई तक अन्दर पहुँचा दिया कि दीदी की चीख निकल गई।</p>
<p><strong>Kamukta &amp; Anal sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/badi-behan-ko-dost-ne-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">बड़ी बहन को मेरी दोस्त ने चोदा</a></strong></p>
<p>मैंने दीदी के चेहरे को देखा तो मैं समझ गया कि दीदी को दर्द हो रहा है। मैंने दोबारा वैसा ही झटका मारा, तो दीदी इस बार दर्द से दोहरी हो गई। मैंने यह देख कर उनके होठों पर चूम लिया वरना दीदी की आवाज़ दूर तक जाती।</p>
<p>दीदी एक मिनट में ही सामान्य नज़र आने लगी क्योंकि उनके मुँह से हल्की हल्की उत्तेजक सिसकारियाँ निकल रही थी। मैंने फिर से एक जबरदस्त धक्का मारा, दीदी इस बार दहाड़ मार कर चीख पड़ी। मैंने देखा कि इस बार दीदी की आँखों में आँसू तक आ गए थे। मैंने दीदी के होठों को अपने होठों से चिपका लिया और जोर-जोर से उन्हें चूमने लगा और साथ ही दीदी के स्तनों को दबाने लगा। दीदी भी उतनी तेजी से मुझे चूम रही थी।</p>
<p>मैं हल्के हल्के अपनी कमर चला रहा था। अब दीदी धीरे धीरे सामान्य होती लग रही थी। मुझे इतना समझ आया कि जब दीदी को दर्द कम हो रहा है। दीदी ने अपने टांगों को मेरी कमर के चारों ओर कस लिया। मैंने ने दीदी के होठों को छोड़ दिया और पूछा- अब मज़ा आ रहा है क्या ? दर्द तो नहीं है ?</p>
<p>दीदी बोली- आराम से करते रहो ! मैंने एक जोरदार झटका मारकर अपना लिंग दीदी की योनि में काफी अन्दर तक ठूंस दिया। इस बार दीदी के मुँह से उफ़ भी नहीं निकली बल्कि वो आह.. सी.. स्स्स्स&#8230;सस&#8230; की आवाज़ें निकाल रही थी।</p>
<p>दीदी बोली- मुझे बहुत अच्छा लग रहा है !</p>
<p><strong>Kamukta &amp; Anal sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/daaru-aur-choot-ka-maza/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">दारू और चूत का मजा</a></strong></p>
<p>यह देखकर तीन चार जोरदार शॉट मारे और लिंग जड़ तक दीदी की योनि में घुसा दिया और अपने होठों को दीदी के होठों से चिपका उनके ऊपर चित्त लेटा रहा।</p>
<p>अब झटकों की गति और गहराई दोनों ही बढ़ा दी। आधे घंटे त़क दीदी के रास्ते में मैं दौड़ लगाता रहा फिर दीदी ने अपनी टाँगें ढीली कर ली। दीदी स्खलित हो गई थी। कुछ ही देर में मेरा शरीर ढीला हो गया। काफी देर मैं दीदी के ऊपर लेटा रहा। दीदी मेरे होठों को बार बार चूम रही थी और आत्मसंतुष्टि के भाव के साथ मुस्कुरा रही थी। मैंने दीदी के कामरस को खूब पिया उन्होंने मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत में चिपका दिया था।</p>
<p>भारती दीदी को रात में 3 बार चोदा। हर रात मजा कर रहा हूँ।</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/didi-ki-gol-gaand/">दीदी की गोल गांड</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
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