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	<title>group sex stories Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<item>
		<title>बड़ा मोटा लंड मुझे पसंद हैं</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/do-lund-se-chudai-porn-kahani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Jun 2021 14:55:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मेरे पति जब ऑफिस से लौटते थे तो उनके पैर कांपते थे और चेहरे पर थकान होती थी। ये सब ऑफिस की थकान थी, वो बहुत थके हुए दिखते थे। मैं उनसे कई बार कहती ... <a title="बड़ा मोटा लंड मुझे पसंद हैं" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/do-lund-se-chudai-porn-kahani/" aria-label="Read more about बड़ा मोटा लंड मुझे पसंद हैं">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>मेरे पति जब ऑफिस से लौटते थे तो उनके पैर कांपते थे और चेहरे पर थकान होती थी। ये सब ऑफिस की थकान थी, वो बहुत थके हुए दिखते थे। मैं उनसे कई बार कहती थी कि तुम ऑफिस क्यों नहीं जाते? कहीं और काम क्यों नहीं करते? लेकिन ऐसा लगता था जैसे वो उसी ऑफिस में काम करने के लिए बने हैं, वो कहीं और काम करना ही नहीं चाहते थे।</p>
<p>उन्हें वहीं काम करना अच्छा लगता था। मैं अक्सर सोचती थी कि प्रकृति ने क्या तय किया है। मेरी शादी को 5 साल हो चुके थे, लेकिन सुधीर और मैं सिर्फ़ एक ही बात पर बात करते थे, वो था हमारे बच्चे के बारे में।</p>
<p>हमारे 3 साल के बच्चे का नाम सोनू है। हम दोनों ने बड़े प्यार से उसका नाम सोनू रखा। मैं उससे बहुत प्यार करती हूँ और सुधीर भी उससे उतना ही प्यार करता है।</p>
<h5>Do lund se chudai ka mazaa lene wali thi main.</h5>
<p>सुधीर हमेशा उसके लिए चिंतित रहता था क्योंकि वह चाहता था कि उसकी अच्छी परवरिश हो ताकि वह बड़ा होकर एक बड़ा अधिकारी बने। सुधीर हमेशा इस बात को लेकर चिंतित रहता था और हर रात बस यही कहता रहता था कि मीना, कभी-कभी मुझे सोनू की चिंता होने लगती है लेकिन सुधीर को भी नहीं पता था कि उसकी किस्मत जल्द ही बदलने वाली है।</p>
<p>जब एक दिन हमारे गाँव के चाचा ने हमें बताया कि तुम्हारे पिताजी ने एक घर खरीदा है और वह चाहते हैं कि मैं उनके मरने के बाद तुम्हें यह बात बताऊँ। मुझे समझ नहीं आया कि वह क्या बात कर रहे थे। हमने कभी उम्मीद नहीं की थी कि हमारे पिताजी हमारे लिए एक घर छोड़ कर जाएँगे और हम दोनों इस बात से खुश थे। चाचा ने हमें उस घर की चाबियाँ दीं, जब हम वहाँ गए तो हमारी आँखें खुली की खुली रह गईं, वह एक आलीशान घर था।</p>
<p>मुझे ऐसा लगा जैसे अचानक किस्मत हमारी गोद में बरस गई हो, हम दोनों बहुत खुश थे। हमने उस घर में रहने का फैसला किया और जिस छोटे से घर में हम रहते थे उसे बेच दिया।</p>
<p>अब हम एक अच्छी सोसाइटी में रहते थे। हमारे पास पैसे थे इसलिए हमने अपनी ज़रूरत की चीज़ें खरीदनी शुरू कर दीं। सोनू अब 5 साल का हो गया था। हमने उसका एडमिशन एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में करवा दिया। मैं उसे सुबह स्कूल छोड़ने जाता था। सुधीर ने भी अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर दिया। उसे व्यवसाय में लाभ होने लगा।</p>
<p>तीन-चार सालों में हमारी किस्मत पूरी तरह बदल गई थी। सुधीर और मैं इस बात से बहुत खुश थे लेकिन सुधीर में अभी भी वही मासूमियत थी, वह अब भी पहले जैसा ही सरल था। वह बिल्कुल नहीं बदला था लेकिन मैं बदलने लगा था। शायद यह बदलाव इसलिए था क्योंकि हम एक अच्छे समाज में रहने लगे थे और हम अब पहले से बेहतर जीवन जी पा रहे थे।</p>
<p>एक दिन चाचा हमारे पास आए और उन्होंने कहा, सुधीर बेटा, सब कुछ ठीक चल रहा है न? सुधीर ने बहुत विनम्रता से जवाब दिया और कहा, पिताजी ने मेरे लिए इतना कुछ किया, मैं जीवन भर यही सोचता रहा कि मेरे पास मेरे जीवन में कुछ भी नहीं है। मुझे कभी उम्मीद नहीं थी कि पिताजी मेरे लिए इतनी बड़ी संपत्ति छोड़ जाएंगे, उन्होंने मुझे इस बारे में क्यों नहीं बताया? चाचा ने उस दिन जवाब दिया और कहा, बेटा वह चाहते थे कि तुम मेहनत करो और अपना कुछ करो, लेकिन जब सही समय आया तो मुझे लगा कि मुझे तुम्हें तुम्हारा हक देना चाहिए और उस घर का मालिकाना हक तुम्हारा है। मैंने तुम्हें उस घर की चाबियाँ दीं, यह घर तुम्हारा है।</p>
<p>सोनू भी अच्छे स्कूल में पढ़ता था और सब कुछ बहुत अच्छे से चल रहा था लेकिन इसी बीच एक दिन हमारी पड़ोसन भाभी ने मुझसे झगड़ा कर लिया। जब मैंने उनसे झगड़ा किया तो मुझे नहीं पता था कि वह बहुत बुरे चरित्र की महिला हैं। मैं हमेशा उन्हें अच्छा ही मानता था लेकिन मेरे झगड़े की वजह सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने हमारे पड़ोस में रहने वाली एक महिला से मेरे बारे में कुछ बुरा-भला कहा था।</p>
<p>जब वो मेरे बारे में बुरा-भला कहती थी तो मेरी बिल्कुल भी नहीं सुनती थी और जब मैंने उससे इस बारे में पूछा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। उसे मुझसे बात करना बिल्कुल भी पसंद नहीं था लेकिन मुझे अच्छा नहीं लगता था कि वो मेरे बारे में अपने दिल में क्या सोचती है। एक दिन उसने अपने कुत्ते को खुला छोड़ दिया जिसकी वजह से जब मैं बच्चे को स्कूल ले जा रहा था तो उसका कुत्ता मुझ पर झपट पड़ा और मुझे काट लिया।</p>
<p>मुझे पता था कि उसने ये सब किया है, मैं भाभी को बिल्कुल भी माफ नहीं करने वाला था और मैं चाहता था कि उसके साथ भी कुछ ऐसा ही किया जाए जिससे मुझे एहसास हो कि किसी के साथ भी गलत व्यवहार नहीं करना चाहिए। मैं अपनी भाभी के साथ एक बदलाव चाहता था कि पहले मेरे घाव ठीक हो जाएं क्योंकि उसके कुत्ते ने मुझे काट लिया था और मुझे अस्पताल ले जाया गया और इंजेक्शन के लिए भेजा गया।</p>
<p>जब मेरे पति ने मुझसे पूछा कि ये सब कैसे हुआ तो मैंने उन्हें बताया कि मोटी भाभी की वजह से उसने अपने कुत्ते को खुला छोड़ दिया था जिसकी वजह से वो मुझ पर झपट पड़ा और इस तरह मुझे चोट लग गई।</p>
<p>Group <a href="https://hindipornstories.org/">sexkhani</a> &#8211; <a href="https://freehindisexstories.net/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a4%a5%e0%a4%be/" rel="bookmark">सैक्स – एक चुदाई कथा</a></p>
<p>मेरी तबीयत ठीक हो रही थी और मैं सोचने लगा कि मैं भाभी के साथ ऐसा कैसे कर सकता हूँ। मैं रोज़ उनके घर के चक्कर लगाता था लेकिन उनका कुत्ता घर के बाहर बैठा रहता था। एक दिन मैंने गेट खोला और उनका पालतू कुत्ता घर से भाग गया। उसके बाद मुझे नहीं पता कि वह कहाँ गया। आज तक कोई भी उसे नहीं ढूँढ पाया। माला भाभी इस बात से दुखी थी कि उसका कुत्ता कहाँ चला गया। वह अपने पालतू कुत्ते से बहुत प्यार करती थी लेकिन अब वह कभी वापस नहीं आने वाला था।</p>
<p>वह इस बात से बहुत दुखी थी। मैं बहुत खुश था कि उसका पालतू कुत्ता घर से भाग गया था और कभी वापस नहीं आने वाला था। भाभी को पूरा शक था कि मैंने यह सब किया है लेकिन उनके पास यह कहने वाला कोई नहीं था कि मैंने यह सब किया है। मुझे माला भाभी के बारे में बहुत सारी जानकारी मिली। मुझे इस बात का पता तब चला जब मैं एक रात भाभी के घर पर नज़र रख रहा था और मैंने देखा कि वहाँ कुछ लोग आए थे और वे घर के अंदर चले गए।</p>
<p>मैं यह देख कर हैरान हो गया क्योंकि रात का समय था और अंधेरा भी हो रहा था। मैं समझ नहीं पा रहा था कि वो लोग कौन थे। उस अंधेरे में जब मैं अपने घर के गेट से बाहर निकला तो भाभी के दरवाजे की तरफ गया। मैंने देखा कि दो-तीन लोग मिलकर भाभी को चोद रहे थे और उनकी अंदरूनी इच्छा को संतुष्ट कर रहे थे। भाभी ने किसी का लंड अपने मुँह में ले रखा था और कोई भाभी की चूत चोद रहा था, लेकिन भाभी तो अपनी गांड मरवाने की भी शौकीन निकली।</p>
<p>वो उन लोगों को अपनी गांड में भी मजा देती थी। मैं अपनी आँखों से ये सब देखता रहा। मेरी योनि से भी पानी टपकने लगा था। मुझे भी मजा आ रहा था। मैं समझ नहीं पा रहा था कि भाभी को ये सब कैसे बताऊँ क्योंकि वो मुझसे नफरत करती थी।</p>
<p>जब मैंने उनसे बात करना शुरू किया तो वो भी अपने सारे गिले-शिकवे भूल कर मुझसे बात करने लगी। मैंने भाभी से अपनी इच्छा जाहिर की और कहा कि एक दिन मैंने आपको और आपके आशिकों को देखा, उन्होंने आपका बहुत बुरा हाल कर दिया, मैं भी कुछ ऐसा ही चाहता हूँ, क्या आपको ये सब करने में मजा आता है? भाभी ने अपने विचार मेरे सामने रखे और कहा, एक बार ऐसा करके देखो, तुम्हें मजा आएगा, अगर मजा न आए तो मेरा नाम बदल देना।</p>
<p>भाभी की बातों में दम था, मैंने उनकी बात मान ली, उन्होंने मेरे लिए सारा इंतजाम कर दिया और एक दिन उन्होंने दो लोगों को अपने घर पर बुलाया। पहले तो वो भाभी को चोदते रहे और जब वो पूरी तरह से संतुष्ट हो गए तो मेरी योनि चाटने लगे। मैं एक का लंड अपने मुँह में ले रही थी, मुझे सेक्स में मजा आ रहा था और मेरी गर्मी बढ़ती जा रही थी।</p>
<p>मेरी उत्तेजना अपने चरम पर पहुँच चुकी थी और इसी बीच एक व्यक्ति ने मेरी दोनों टाँगें खोली और अपना काला लंड मेरी गीली चूत में डाल दिया, जैसे ही लंड मेरी योनि में घुसा तो मेरी चीख निकल गई और मुझे बहुत दर्द होने लगा पर मुझे मजा भी आ रहा था। ये सब काफी देर तक चलता रहा, जब दूसरे ने मेरी गांड चोदना शुरू किया तो मेरे मुँह से चीखें निकलने लगी।</p>
<p>उसने मेरे बड़े-बड़े नितम्बों को ऐसे पकड़ रखा था जैसे मैं उसकी जागीर हूँ। उस व्यक्ति ने मेरी गांड से खून निकाल दिया। मैं दूसरे व्यक्ति का सख्त और मोटा लंड अपने मुँह में लेकर चूस रही थी जिससे मैं अभी भी उतनी ही उत्तेजित थी पर जब वीर्य मेरी गांड के अंदर गया तो मैं पूरी तरह से संतुष्ट हो गई। दूसरे व्यक्ति ने अपने वीर्य की कुछ बूँदें मेरे मुँह पर गिराईं, कुछ बूँदें मेरे मुँह के अंदर भी चली गई थीं।</p>
<p>मुझे ऐसा लगा जैसे मैं एकदम तरोताजा हो गया हूँ। उसके बाद भाभी ने उन लोगों को कई बार घर पर बुलाया। भाभी और मैंने खूब मस्ती की। अब मुझे भाभी से कोई दुश्मनी नहीं है, हम दोनों की बहुत बनती है।</p>
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		<title>दो चूत, मेरी अन्तर्वासना और चोदम चुदाई</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/do-chut-ki-samuhik-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Feb 2021 10:07:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[गन्दी चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[ग्रुप सेक्स स्टोरी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों आप सब आ गए हो ना देखो कोई रह तो नहीं गया वरना वो ये कहानी का मज़ा नहीं उठा पाएगा &#124; मैं हूँ अंकुर और मैं जबलपुर का रहने वाला ... <a title="दो चूत, मेरी अन्तर्वासना और चोदम चुदाई" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/do-chut-ki-samuhik-chudai/" aria-label="Read more about दो चूत, मेरी अन्तर्वासना और चोदम चुदाई">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों आप सब आ गए हो ना देखो कोई रह तो नहीं गया वरना वो ये कहानी का मज़ा नहीं उठा पाएगा | मैं हूँ अंकुर और मैं जबलपुर का रहने वाला हूँ मुझे सोना और चोदना दोनों बहुत पसंद है | मैंने अपनी जिंदगी में कई लोगों के साथ चुदाई की और उनमे से हिजड़े भी शामिल हैं | पर मुझे लड़किओं को चोदना कुछ ज्यादा ही पसंद है | उनकी चूत अगर टाइट हो तो मज़ा ही आ जाता है | <span style="color: #ffffff;">chut ki chudai</span></p>
<p>मैंने अपने स्कूल में दो लड़कियों को चोदा था.. <span style="color: #ffffff;">chut ki chudai</span></p>
<p>और वही से मेरी कहानी की शुरुआत हुयी क्यूंकि मैंने कभी पढाई के अलावा दूसरी चीजों के बारे में नहीं सोचा और जब सोचना चालु कर दिया तब मेरी ख्वाहिश बढती ही चली गयी | मैंने भी अच्छे अच्छों को पानी पिला दिया है चुदाई में और निकाल भी दिया है | तो आज की कहानी में आप जानेंगे कैसे मैं चुदक्कड़ लड़का बना और कैसे उन दोनों लड़किओं ने मुझे बिगाड़ दिया |</p>
<p>ये कहानी बिलकुल सच्ची है.. <span style="color: #ffffff;">chut ki chudai</span></p>
<p>जो भी इसे झूट समझेगा उसकी माँ की चूत क्यूंकि मुझे तो बताना है और मैं बता के ही रहूँगा | तो चलिए दोस्तों चलते हैं हम उस दौर में जब मैं स्कूल में था और मुझे उन दोनों लड़किओं ने बिगाड़ना चालु किया था |</p>
<p>तो दोस्तों मैं पढता था उमा शाला में और वहाँ पे ज्यादा अच्छे बच्चे नहीं पढ़ते थे सब गाँव के और गरीब प[अरिवार के बच्चे थे | मैं भी गरीब था और मुझे पढने का बहुत शौक था इसलिए मेरे पिता ने मुझे वहाँ पे दाखिला दिला दिया | आज से दस साल पहले वहाँ की फीस करीब 10 रु महिना रही होगी | पर वो सरकारी स्कूल था और वहाँ की मान्यता भी थी इसलिए मैं मन लगाके पढता था | हमारे स्कूल के गुरूजी बहुत अच्छे थे हमलोगों को भले ही मेहेंगे स्कूल जितनी अच्छी सुविधा न मिलती हो पर हमको हमारे विषय में अच्छे से पढ़ाया जाता था |</p>
<p>मेरे स्कूल में जो 12 वीं क्लास में पढ़ते थे. <span style="color: #ffffff;">chut ki chudai</span></p>
<p>उनमे से सारे के सारे बच्चे अच्छे अच्छे कॉलेज में चले गए और आज कई लोग अच्छी सरकारी नौकरी भी कर रहे हैं | मैंने भी सोचा था मैं भी उनके जैसा बनूँगा और उसके लिए मैंने बहुत मेहनत भी की और 10 वीं में अव्वल स्थान हासिल किया और उसके बाद जैसे ही 11 कक्षा में पहुंचा मेरी किस्मत के लौडे लग गए | उस क्लास में दो लड़कियां जो तीन बार फेल हो चुकी थी |</p>
<p>वो पहले तो अच्छी थी पर जैसे ही उनकी नज़र मुझ जैसे सीधे साधे बन्दे पर पड़ी उनकी नियत डोल गयी | अब मुझे वो परेशान करने लगी और मुझे क्लास में और स्कूल के बाहर भी छेड़ने लगी | मैंने अपने मास्साब से शिकायत की पर उसका भी कुछ असर नहीं हुआ क्यूंकि मैंने नहीं सोचा था वो इस हद तक गिर गयी होंगी | एक बार की बात है वो लोग क्लास में व्हिस्पर से खेल रही थी और जैसे ही मैं क्लास में गया और उन्होंने वो मेरे मुह पे लगा दिया |</p>
<p>मैं रोने लगा पर मैं कुछ नहीं कर सकता था.. <span style="color: #ffffff;">chut ki chudai</span></p>
<p>क्यूंकि लड़कियों और औरतों पे मैं हाथ नहीं उठाता | उनकी बदतमीजी लगातार बढती जा रही थी और एक बार तो मैं जब टॉयलेट गया था तब उन्होंने मुझे अन्दर ही बंद कर दिया | मैंने कई बार आवाज़ लगाई फिर कही जाके चपरासी ने दरवाज़ा खोला और मैंने सोचा इनकी शिकायत करना तो बेकार है इसलिए यहाँ से चले चलो | मैं बड़ा उदास हो गया था और अन्दर से टूट भी गया था क्यूंकि ऐसा मेरे साथ कभी हुआ नहीं था |</p>
<p><a href="https://desibahu.com/tag/village-sex-stories/">Indian Village Sex Stories</a> &gt; <a href="https://freehindisexstories.net/mast-gand-ki-chudai/" rel="next">उसकी चूचियाँ और मस्त गांड</a></p>
<p>पर मुझे नहीं पता था ये सब ख़त्म होने की कगार पे है और असली मज़ा शुरू होने वाला है | एक दिन मैं टॉयलेट में था और वो दोनों भी टॉयलेट में आ गयी और चुपके से दरवाज़ा बंद कर दिया | एक ने मेरे हाथ पीछे से पकडे और दूसरी ने मेरा लंड हिलाना शुरू किया | मैंने कहा ये क्या कर रही हो और उसने कहा चुप रह मादरचोद मरवाएगा क्या | वो मेरा लंड हिला रही थी और थोड़ी देर बाद मेरा लंड खड़ा हो गया और उसने कहा अनीता देख साले का लंड कितना बड़ा है | उसने कहा हाँ यार इसको तो अपन अब हर बार अपनी चूत में लेंगे |</p>
<p>मैंने कहा क्या बोल रही हो उसने कहा चुप और वो मेरा लंड हिलाने लगी | <span style="color: #ffffff;">chut ki chudai</span></p>
<p>थोड़ी देर हिलाने के बाद मेरे लंड से माल निकला और मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करते हुए दो बार झड़ गया |</p>
<p>उन्होंने कहा वाह क्या माल है तेरा यार हम तो तुझे गलत समझ रहे थे तू तो हमारे बहुत काम का है | मैंने कहा यार क्या बोल रहे हो तुम लोग तो दूसरी लड़की सुनीता उसने मुझे किस किया और करती रही | 5 मिनट तक किस किया उसने और कहा बस आज से तुझे तंग नहीं करेंगे | तेरे साथ मस्ती करेंगे हमलोग बस समझा अब जा पढ़ाई करले | अब अगले दिन दूसरे पीरियड में मैं टॉयलेट गया और वो दोनों पीछे से आ गयी और कहा आए हाय देखो तो इस लंड को और इतना बोलके ही मेरा लंड सुनीता ने मुह में ले लिया |</p>
<p>मेरा थोडा सा मूत उसके मुह में गिर गया | <span style="color: #ffffff;">chut ki chudai</span></p>
<p>वो मेरे लंड को चोस रही थी और मेरा टोपा हटा के चाट रही थी | अनीता मेरे गोटे चूस रही थी और गांड चाट रही थी | मेरा लंड खड़ा हो गया तो मुझे भी मज़ा आने लगा | मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगा और वो दोनों बारी बारी मेरा लंड चूसती रही |</p>
<p>थोड़ी देर बाद मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करते हुए सुनीता के मुह में झड़ गया | फिर अनीता ने मेरा लंड चूसा और मैं उसके मुह में भी झड़ गया | फिर हम लोग चले गए और उन्होंने कहा कल तुझे जन्नत दिखाएंगे जल्दी आना |</p>
<p>अब तो मुझे भी मज़ा आ रहा था और अगले दिन मैं फिर उसी समय टॉयलेट में गया | <span style="color: #ffffff;">chut ki chudai</span></p>
<p>अब वो दोनों आई और मेरा लंड खोला और मुझे पूरा नंगा कर दिया और चूस के मेरा लंड खड़ा कर दिया | फिर वो दोनों भी नंगी हो गयी और उन दोनों मेरे हाथों को अपने दूध पे रखा और कहा अब दबा इनको और पीना शुर कर | वो दोनों बारी बारी मुझसे अपने दूध दबवाने लगी और मैं उनके निप्पल को चूस रझा था | वो दोनों आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगी |</p>
<p>फिर उन्होंने मेरा हाथ नीचे लगा दिया और मैंने कहा ये क्या है | उन्होंने कहा ये चूत है इसको अपने लंड से चोद | मैंने कहा ये गीली है | इतने में सुनीता मेरा मुह अपनी चूत पे लगा दिया और कहा चाट इसको | मैंने अपनी जीभ से चाटना चालु किया और वो अनीता की चूत चाटने लगी |</p>
<p>दोनों आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रही थी और मैं बारी बारी उनकी चूत चाट रहा था और वो दोनों आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रही थी |</p>
<p>फिर अनीता ने मेरा लंड अपनी चूत के छेद में डाला और कहा मार ढाका और..</p>
<p>मैंने एक धक्के में पूरा लंड अन्दर कर दिया | <span style="color: #ffffff;">chut ki chudai</span></p>
<p>उसके बाद मैं उसको धक्के मार मार के जोर जोर से चोदने लगा और अनीता सुनीता की चूत चटके ऊँगली से चोद रही थी | हम सब आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रहे थे |</p>
<p>ऐसे ही मैंने दोनों को चोदा और चार साल तक चोदा जब तक मैं बाहर नही आ गया और अब मैं चुदक्कड़ बन चूका हूँ |</p>
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		<title>पड़ोस की मस्त भाभी</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/pados-ki-mast-bhabhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Dec 2019 14:57:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[भाभी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna hindi]]></category>
		<category><![CDATA[bhabhi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[desi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[group sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>बात उन दिनों की है जब मैं गाँव में रहता था, उस समय मेरी पड़ोस में एक नयी नहीं शादी हुई थी रिश्ते में वो भाई लगता था नाम था कौशल, शादी के कुछ दिन ... <a title="पड़ोस की मस्त भाभी" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/pados-ki-mast-bhabhi/" aria-label="Read more about पड़ोस की मस्त भाभी">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बात उन दिनों की है जब मैं गाँव में रहता था, उस समय मेरी पड़ोस में एक नयी नहीं शादी हुई थी रिश्ते में वो भाई लगता था नाम था कौशल, शादी के कुछ दिन बाद यानी की ५ दिन बाद ही वो अपने काम पे यानी की दिल्ली लौट आया था! उनके घर में सिर्फ कौशल भैया की माँ और वाइफ ही रहने लगी थी. मैं कभी कभी उनके घर जाया करता था, और हसी मजाक भी होता था क्यों की वो भाभी थी, अक्सर मेरे यहाँ हसी मजाक देवर भाभी में होता है.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/biwi-ne-naukar-se-chudwaya/">Bhabhi ki chudai</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/aankh-khuli-to-lund-dikha/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">आँख खुली तो लंड दिखा</a></p>
<p>एक दिन जब मैं उनके घर गया गर्मी का दिन था वो अकेले ही घर पे थी उनकी सास अपने मायके गयी हुई थी एक दिन के लिए, पहले मैं आपको भाभी के बारे में बता दू भाभी करीब २१ साल की थी रंग गेहुआ चेहरा गोल, टाइट चूची गोल गांड और जब वो साड़ी पहनती तो वो नाभि की निचे सारे बांधती थी उनका गोल गोल पेट पे नाभि एक गदम सुराही के तरह पेट लगता था, लाल लाल होठ कस हुआ बदन. बहुत ही सेक्सी लगती थी. जब मैं उनके घर गया तो वो कुछ काम कर रही थी और मैं वही चारपाई पे बैठ गया, वो अपना काम खत्म करके वो कमरे में चली गयी और मुझे भी बोली अंदर ही आ जाओ बहार बरामदे पे बहुत धुल उड़ रहा है,</p>
<p>मैं भी अंदर चला गया और वही बैठ गया, हम दोनों में बात चीत होने लगी वो बोल रही थी की मैं आपकी शादी अपने ही मायके में करवाउंगी एक बड़ी ही ख़ूबसूरत लड़की है मेरी चचेरी बहन लगती है, मुझे भी आनंद आ रहा था क्यों की किसी भी कुंवारे को शादी के बारे में बात करते अच्छा लगता है, फिर वो काफी देर इधर उधर की बात करने के बाद मैं जाने ही बल था की वो कमरे के दरवाजे पे ही बैठ गयी उनका आँचल सरका हुआ था ब्लाउज टाइट होने की वजह से उनका चूच ऊपर से निकलने की कोशिश कर रहा था, ये सब देख के मेरा लैंड खड़ा हो गया मैं थोड़ा शर्मा भी रहा था क्यों की लग रहा तो अगर वो देख लेगी तो कैसा लगेगा, क्यों की मेरे लैंड का उभर पता चल रहा था.</p>
<p>मैं जैसे ही दरवाजे से निकलने की कोशिश किया मैंने कहा भाभी थोड़ा पैर हटाना वो थोड़ा और भी चौड़ी होकर बैठ गयी फिर मैंने उनको फिर कहा वो मुस्कुरा रही थी पर हटाई नहीं मैं वैसे ही जाने लगा की वो बैठी थी मेरे लैंड काफी टाइट था उस समय जससे ही मैं एक पैर उनसे आगे रखा वो मेरे लैंड को पकड़ ली मैं पीछे कमरे में हो गया और फिर वो हुस्ने लगी, मुझे अच्छा लगा पर मैं बहाना बनाने लगा “मुझे जाना है प्लीज हटो ना वह से” पर जैसे ही जाने की कोशिश करता फिर लैंड पकड़ लेती, मैंने कहा मैं भी कुछ छु दूंगा, वो बोली क्या छुओगे बताओ और फिर उसने लैंड को छु दी, मैंने उनके गाल पे चुटी काटा वो फिर मेरे लैंड को छू ली.</p>
<p>फिर मैंने कहा आप ऐसे नहीं मानोगे, तबी वो भाग के अंदर हो गयी मैंने उनके चूची को पकड़ने की कोशिश कर रहा था पर वो इससे बचने की कोशिश कर रही थी मैंने उनको पीछेः से पकड़ के दोनों चूचियों को अपने हाथ में ले लिया उनके कपडे अस्त व्यस्त हो गए थे, वो दब्बाये जा रही थी और हुस रही थी फिर मैंने उनके गर्दन पे किश करना शुरू कर दिया मैंने कहा भाभी क्या मुझे दोगे “वो बोली हां किसी को बोलना नहीं इसके बारे में” मैंने कहा नहीं नहीं ये कोई बाोलने की बात है फिर वो कमरे से बहार आयी और इधर उधर देखि सड़क के तरफ और बहार शायद वो ये देख रही थी कोई बाहर है तो नहीं. बहार लू चल रही थी और हवा की आवाज़ आ रही थी सारे लोग अपने अपने घरो में थे.</p>
<p>फिर वो २ तीन मिनट में आ गयी और मुझे पकड़ के किश करने लगाई आँचल उनका जमीं पे गिर रहा था चुचिया तनी हुई थी मदहोश कर देने बाली पसीने की खुसबू उनके कांख से आ रही थी हल्का हलका पसीना उनके माथे पे था, ये पहली बार था जब किसी ने मेरे जिस्म की और लैंड को छुई थी, मेरा गाला सुख रहा था मैंने पानी पि फिर मैंने उनके टाइट गाल और नरम नरम होठ पे चुम्मा लेना शुरू किया, ऐसा लग रहा था की जन्नत में हु, मेरे लैंड में तो ऐसा लग रहा था कोई विद्युत की धरा प्रवाह हो रहा था, क्या हसीं पल था.</p>
<p>फिर वो वही निचे चटाई पे लेट गयी और अपने ब्लाउज का हुक खोल के पीछे से ब्रा का भी हुक खोल के अलग कर दी, दोनों बड़ी बड़ी चुचिया कैद से आज़ाद हो चूका था वो अपने होठ को अपने दातो का काट रही थी अपनी जीव्ह से अपने होठो पे फ़िर रही थी मैंने उनकी साडी को ऊपर उठा दिया वो उस समय पेंटी नहीं पहनी थी जब मैंने साडी उठाया उनका बूर (चुत) नहीं दिखाई दे रहा था जांघ से सटा हुआ था ऊपर थोड़ा थोड़ा भूरा भूरा बाल दिखा रहा था और गोल गोल जांघे, जब उनकी और देखा तो उनकी आँखे लाल हो चुकी थी चुचिया तन चुकी थी निप्पल टाइट था, मैंने दोनों पैर को अलग किया ताकि बूर की देख सके छोटा से बूर दिखा मैंने अपना लैंड निकला और उनके ऊपर लेट गया पर मेरी पहली चुदाई थी पता नहीं था कैसे डालते है फिर उन्होंने थोड़ा उठने के लिए कहा और अपनी चुडिओं की खनकती हुयी हाथो से मेरे लैंड को पकड़ के अपने बूर के मुहाने पे ले गयी और बोली चोदो.</p>
<p>मैंने जोर से धक्का लगाया और मेरा लौड़ा बूर के अंदर चला गया उनकी चीख निकल गयी ” हाई मैं मर गयी” कितना बड़ा लौड़ा है, आआआआआआआ&#8230;. , ओईईईईईईईईईईए मेरी माआआआआआआआ, मैंने अपने लैंड को अंदर बाबर करना शुरू किया और चुचिया की निप्पल को अपने दातो से दबाने लगा वो अपना दोनों हाथ ऊपर कर दी उनकी कांख की बाल दिखाई देने लगा और उस समय की सीन की आप कल्पना कर सकते है कैसी लग रही होगी. करीब १० मिनट तो चुदाई करने के बाद मैं झड़ गया क्यों वो वो काफी कामुक हो गयी थी और अपनी गांड को उठा उठा के चुदवा रही थी वो भी निढाल हो गयी और एकदम शांत हो गयी मैं भी उन्ही के ऊपर पड़ा रहा फिर थोड़ी देर बाद उठा दोनों ने एक दूसरे को किश किया फिर आज तक कभी मौका नहीं मिला चोदने का क्यों की उसके बाद उनकी सास आ गयी और मैं भी पढ़ाई करने के लिए शहर चला गया अब तो जब भी मैं गाँव जाता हु एक हलकी सी मुस्कान देती है, ये मेरी सच्ची कहानी है,</p>
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