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	<title>gair mard se chudai Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<title>gair mard se chudai Archives - Hindi Sex stories</title>
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		<title>सेक्सी भाभी की चुदाई</title>
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		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Dec 2020 08:21:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इंडियन बीवी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[भाभी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[मस्तराम]]></category>
		<category><![CDATA[bhabhi ki chudai]]></category>
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		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सभी चूत की दीवनो को मेरा हेलो! मैं आज आपको एक मस्त देसी चुदाई कहानी बताने जा रहा हु जिसमे मैंने अपने पडोसवाली भाभी को चोदा। आज से दो महीने पहले की बात है मैं ... <a title="सेक्सी भाभी की चुदाई" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/bhabhi-ki-naukar-se-chudai/" aria-label="Read more about सेक्सी भाभी की चुदाई">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>सभी चूत की दीवनो को मेरा हेलो! मैं आज आपको एक मस्त देसी चुदाई कहानी बताने जा रहा हु जिसमे मैंने अपने पडोसवाली भाभी को चोदा। आज से दो महीने पहले की बात है मैं अपनी बाईक से बाज़ार जा रहा था, तो मेरे से घर से बाजू वाली संध्या भाभी रास्ते में कही जा रही थी। <span style="color: #ffffff;">naukar se chudai</span></p>
<p>मैंने उससे पूछा, &#8220;संध्या भाभी ! चलो मैं तुम्हें छोड़ दूंगा मैं बाज़ार जा रहा हूँ।&#8221;</p>
<p>वो भी बाज़ार जा रही थी सो तैयार हो मेरे पीछे बाइक पर बैठ गई .बाज़ार में हमने काफी कपड़े खरीदे.</p>
<p>शोपिंग करने के बाद मैंने उसे कहा &#8220;चलो कहीं जूस या काफ़ी पीते हैं।&#8221;</p>
<p>उसने कहा, &#8220;चलो !&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar se chudai</span></p>
<p>सामने के कोफ़ी हाउस में हम पहुंचे।काफी का आर्डर देने के बाद मैंने उससे पूछा कि तुम्हे जल्दी तो घर नहीं जाना है तो वो बोली, &#8220;वो तो पन्द्रह दिन के लिए बाहर गए हुए हैं इसलिए कोई जल्दी नहीं है&#8221;</p>
<p>मैंने संध्या से कहा, &#8221; तो चलो आज खाना मेरे दोस्त के गेस्ट हाउस में खाते हैं।&#8221;</p>
<p>वो तैयार हो गयी।धीरे धीरे हमारी बाते खुलकर होने लगी बातो बातो में उसने बताया मेरे पति मुझे कभी संतुष्ट नहीं कर पाए है।फ़िर<br />
मैं उसको अपने एक दोस्त के गैस्ट हाऊस में ले गया। काफी पीते पीते मैंने दोस्त से कमरे के लिए बात कर ली सो मेरे दोस्त ने मुझे बहुत अच्छा ऐसी कमरा दिया वहा हमने खाना खाकर आराम से कमरे में बेठे थे संध्या उस समय खुबसूरत लग रही थी. ये कहानी आप फ्री हिंदी सेक्स स्टोरीज डॉट नेट पर पढ़ रहे है।</p>
<p><strong><a href="https://hindipornstories.org/">Antarvasna2</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/naukar-ne-choda-biwi-ko/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यासी बीवी, अधेड़ पति</a></strong></p>
<p>मैंने कहा, &#8220;अब हम दोनों कुछ मज़ा ले&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar se chudai</span></p>
<p>वो बोली, &#8220;किसी को पता चल गया तो?&#8221;</p>
<p>मैंने उसे कहा, &#8220;अरे कुछ नहीं होगा, यह मेरे दोस्त का होटल है।&#8221;</p>
<p>वो तैयार हो गयी। मैंने उसको धीरे धीरे सहलाना शुरू किया फिर उसके गले में चूमते चुमते बूब को दबा दिया वो सिसकी-ऊह ! फ़िर मैंने उसकी साड़ी धीरे धीरे प्यार से अलग कर दिया। अब उसके बड़े बड़े बूब्स उसके हाफ ब्लाउज़ से अलग ही नजारा दिखा रहे थे।</p>
<p>फिर मैंने अपना टी शर्ट और जींस दोनों उतार दिए और सिर्फ़ अन्डरवीयर में आ गया। अब मैं और अपने होंठों से उसके होंठों पर<br />
चूमना करना शुरू किया, फ़िर गाल पर, गले पर और हर जगह फ़िर मैंने उसके पेटिकोट को उतार दिया और नीचे से हाथ डाल कर उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से ही सहलाने लगा।</p>
<p>वो सीत्कार करने लगी, &#8220;आह्ह ! आ !&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar se chudai</span></p>
<p>फिर अपना दूसरा हाथ से उसकी पैंटी को खींच कर निकाल दिया। अब उसके ब्लाऊज़ के बटन खोल कर उतार दिया और वो ब्रा में आ गयी। मैंने देर ना करते हुए ब्रा भी उतार दी। ओह! क्या बूब्स थे ! बड़े और सख्त !मैं उन्हें मसलने और जोर से दबाने लगा। ये कहानी आप फ्री हिंदी सेक्स स्टोरीज डॉट नेट पर पढ़ रहे है।</p>
<p>मैंने उसके निप्पल को अपनी उंगलियों में लेकर दबाया, वो जोर से सिसकने लगी, &#8220;उह उह आह मेरी जान आज मुझे पूरी तरह से<br />
चुदाई का मज़ा दो&#8221;</p>
<p><strong>Hindi sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/biwi-ki-adla-badli-gandi-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">बीवियों की अदला बदली करके नंगी चुदाई</a></strong></p>
<p>मैंने अपना अन्डरवीयर निकाल दिया और अपना लण्ड उसके हाथ में दे दिया। वो मेरे लण्ड को रगड़ने लगी अपने हाथ से। मेरी भी आहें निकलने लगी। और मैंने उसको लन्ड मुंह से चूसने को बोला। उसने मेरे लण्ड को अपने मुंह में ले लिया और मैं 69 पोजीसन होकर उसकी चूत के पास पहुंच गया और फ़िर मैं उसकी चूत जीभ से चाटने लगा मेरी जीभ उसकी चूत में इधर उधर हो रही थी और वो मेरा पूरा लण्ड चूस रही थी।</p>
<p>थोड़ी देर बाद वो बोली, &#8220;अब तुम मुझे चोदो अपने लण्ड से, अब मुझसे रहा नहीं जाता!&#8230; चोदो मुझे ! चोदो!&#8221;</p>
<p>मैं सीधा हुआ और अपना लण्ड उसकी चूत के ऊपर सहलाने लगा। उसकी टाईट चूत को चोदने के लिए मैंने पहला झटका ही जोर से दिया&#8230;.</p>
<p>वो चिल्लाई, &#8220;ओह्ह ! मर गई मैं! दर्द हो रहा है मुझे !&#8221;</p>
<p>अभी मेरा आधा लण्ड उसकी चूत में गया था। काफ़ी टाईट चूत थी&#8230;फ़िर एक बार फिर जोर के झटके से अपना पूरा लण्ड उसकी चूत में डाल दिया।</p>
<p>वो सिसकी, &#8220;आह धीरे धीरे !&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar se chudai</span></p>
<p>फ़िर मैं धीरे धीरे अपने लण्ड को आगे पीछे करने लगा। कुछ देर बाद वो अपना दर्द भूल गई थी और मजे लेने लगी.</p>
<p>इधर मैंने अपने झटकों की ताकत बढ़ाई तो वो सीत्कारने लगी,&#8221; ओहो! ह्म्म! आ ! जोर से ! और दे धक्के ! &#8221;</p>
<p>मैं और जोर से उसे चोदने लगा। थोड़ी देर बाद वो झड़ गई। उसकी चूत का रस टपकने लगा मुझे और मज़ा आने लगा। उसे भी काफ़ी मज़ा आ रहा था। उसके झड़ने से कमरे में फ़च फ़च की आवाज़ गूंज़ने लगी। थोड़ी देर बाद मुझे लगने लगा कि मैं भी डिस्चार्ज होने वाला हूं, और उसको बेड पर उल्टा कर से कुतिया बना कर पीछे से उसकी चूत में अपना लण्ड घुसाया। ये कहानी आप फ्री हिंदी सेक्स स्टोरीज डॉट नेट पर पढ़ रहे है।</p>
<p><strong>Hindi sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">इश्क़ और चुदाई</a></strong></p>
<p>वो सिसकी-,&#8221;आह ! ओ! ह्ह&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar se chudai</span></p>
<p>फ़िर मैंने पीछे से जोर जोर से धक्के लगाने शुरू किए। उसको बहुत मज़ा आ रहा था.अब मुझे लगा कि मेरा लौड़ा नहीं रुकेगा, मैंने उससे कहा, &#8220;मैं अब झड़ने वाला हूं। &#8221;</p>
<p>वो जोर से बोली,&#8221; मेरी चूत में ही डालना &#8221;</p>
<p>मैं अपनी पूरी ताकत से उसकी टाईट चूत में झटके लगा और झटके के साथ मैंने अपना पूरा माल उसके चूत में छोड़ दिया. उसने मुझे कसकर जकड लिया अब हम थकगए थे सो हम नंगे ही बेड पे पड़े रहे। फ़िर हम एक घंटे बाद अपने कपड़े पहन कर गेस्ट हाउस से निकल गए, मैंने उसको घर छोड़ दिया&#8230;..</p>
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			</item>
		<item>
		<title>रास्ते में चुदाई</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/raste-me-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Mar 2020 22:47:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लड़कियों की गांड चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gair mard se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[hindi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हाय दोस्तो, मेरा नाम रागिनी वर्मा है.. मैं 26 साल की हूँ और आज मेरा फिगर 32-30-34 का है.. बहुत से लड़के मुझ पर आज भी मरते हैं.. उस वक्त मेरा गोरा बदन.. 28-24-28 का ... <a title="रास्ते में चुदाई" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/raste-me-chudai/" aria-label="Read more about रास्ते में चुदाई">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हाय दोस्तो, मेरा नाम रागिनी वर्मा है.. मैं 26 साल की हूँ और आज मेरा फिगर 32-30-34 का है.. बहुत से लड़के मुझ पर आज भी मरते हैं.. उस वक्त मेरा गोरा बदन.. 28-24-28 का मोहक फिगर.. उम्र 20 की थी, मेरा पूरा बदन भरा-पूरा था।</p>
<p>रोहित मेरा बचपन का दोस्त है एक दिन मुझे उसका कॉल आया कि कहीं घूमने चलते हैं।मैंने पहले मना कर दिया.. लेकिन फिर मैं मान गई और मम्मी की ‘हाँ’ भी हो गई। सो हम दोनों ने 2 दिन के लिए आगरा जाने का प्लान बनाया।</p>
<p>मैंने भी अपने 2-3 ड्रेस रख लिए। अगले दिन रोहित बाइक लेकर आया.. तो मम्मी ने कहा- बाइक से नहीं.. कार से जाना है।</p>
<p>रोहित ने हमारी कार निकाल ली और हम दोनों चल दिए।</p>
<p>मैंने शर्ट और टॉप डाला हुआ था.. और रोहित ने जीन्स टी-शर्ट पहनी थी।</p>
<p><strong>Antarvasna Koi mil gaya &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/ajnabi-ne-meri-chudai-ki/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी चूत का उद्घाटन समारोह</a></strong></p>
<p>मैं तो किसी और ‘मूड’ में थी.. रोहित मुझे बहुत अजीब तरीके से देख रहा था।</p>
<p>मैंने बोला- क्या हुआ?</p>
<p>वो बोला- तू बहुत क्यूट लग रही है..उसने मेरी किस्सी ले ली।</p>
<p>उसके बाद वो एक दुकान पर रुका.. कोल्डड्रिंक्स और कुछ सामान लेकर आया। सब सामान उसने पीछे की सीट पर रख दिया और एक छोटी सी डिबिया मुझे दी।</p>
<p>मैंने कहा- इसमें क्या है?</p>
<p>वो बोला- देख ले.. तेरे लिए ही लाया हूँ। मैंने उसको खोल कर देखा.. तो उसमें कन्डोम के 2 पैक थे।</p>
<p>मैंने उससे बोला- रोहित यार ये सब क्या है..</p>
<p>मैं यह कह कर हंसने लगी।</p>
<p>हम चलते रहे.. उसने मुझे बहुत कुछ बताया कि कब से वो मुझे चाहता है और उसने कैसे स्कूल वाली सारी तैयारी की थी..</p>
<p>वो बहुत स्मार्ट निकला.. मैं ये सब नहीं जानती थी।</p>
<p>चलते हुए मैंने रोहित को बोला- यार वॉशरूम जाने की लग रही है।</p>
<p>वो बोला- यहाँ सब खुला है.. कहीं भी कर लो।</p>
<p><strong>Antarvasna Koi Mil Gaya &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padosiwali-mami-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पड़ोसवाली मामी को चोदा</a></strong></p>
<p>मैंने मना कर दिया.. लेकिन बहुत जोरों से आई थी.. क्या करती.. रुकना पड़ा।</p>
<p>मैं एक टीले नुमा पहाड़ी देख कर उधर गाड़ी को रुकवा कर बाहर आई और टीले की आड़ में थोड़ा ऊपर को गई।</p>
<p>मैंने देखा कि वहाँ कोई नहीं था.. सो मैंने सूसू कर ली..</p>
<p>ऐसा खुले में करना बहुत अजीब सा था.. लेकिन क्या करती..</p>
<p>अब जो होने वाला था.. उसका मुझे बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था।</p>
<p>मैं जैसे ही उठी.. रोहित मेरे ठीक पीछे खड़ा हुआ था। यार उस वक्त तो मैं एकदम से बहुत डर गई। सोचा पता नहीं कौन है..</p>
<p>लेकिन जब देखा कि रोहित है तो मैं सम्भल गई।</p>
<p>वो बोला- रागिनी तेरी पैन्टी बहुत अच्छी है।</p>
<p>मैंने बहुत पतली डोरी वाली पैन्टी डाली हुई थी।</p>
<p>उसने मेरे सामने अपनी पैंट उतार दी और अपना लण्ड बाहर निकाल कर सूसू करने लगा।</p>
<p>करने के बाद बोला- यार, तू रुक मैं आता हूँ।</p>
<p>उसके हाथ में पानी की बोतल और टिश्यू पेपर का बॉक्स था।</p>
<p>मैं समझी नहीं कि वो करना क्या चाहता है।</p>
<p>वो सीधा मेरे पास आया और बोला रागिनी एक बार हो जाए।</p>
<p>मैंने बोला- पागल है.. यहाँ खुले में?</p>
<p>बोला- कोई नहीं आएगा यार.. जल्दी कर.. मेरा लण्ड बहुत टाइट हो रहा है.. मुझे पता है तू स्कर्ट क्यों डाल कर आई है.. चल अब जल्दी से चूस ले मेरी जान!</p>
<p><strong>Antarvasna Koi Mil Gaya &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/suhagraat-me-meri-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सुहागरात की कहानी मेरी जुबानी</a></strong></p>
<p>अब मैं क्या करती.. उसने अपना लण्ड और मेरी चूत पानी से साफ़ की और कूद पड़े।</p>
<p>वो पैर चौड़े करके पेड़ से टिक कर खड़ा हो गया और मुझे नीचे बिठा कर अपना लण्ड मेरे मुँह के आगे कर दिया।</p>
<p>मैंने लण्ड को सिर्फ चुम्मा किया था.. उसने अन्दर लेने को कहा। अब तक लण्ड को चूसने का ये पहला अवसर था.. सो मैंने मना कर दिया.. लेकिन वो नहीं माना और वो मेरे मुँह में अपना मूसल डालने लगा।</p>
<p>बहुत मुझे उल्टी आने लगी.. तो वो रुक गया.. फिर मैंने उसको हाथ से हिलाना चालू किया।</p>
<p>तभी उसने कन्डोम निकाला और लण्ड पर लगाने के लिए मुझे दिया।</p>
<p>मैंने कहा- रोहित यहाँ कोई देख लेगा। लेकिन वो नहीं माना।</p>
<p>मैंने लण्ड पर कन्डोम चढ़ा दिया।</p>
<p>अब रोहित बोला- देख रागिनी तेरा पसन्दीदा खुश्बू वाला कन्डोम है.. अब चूस ले।</p>
<p>मैंने अब उसके खड़े लौड़े को बड़े आराम से मुँह में ले लिया। मुझे अब कोई दिक्कत नहीं थी, मैंने लण्ड को चूस-चूस कर और मोटा कर दिया।</p>
<p>अब वो बोला- रागिनी तू पेड़ को पकड़ कर घोड़ी बन जा.. मैं तेरे पीछे से आता हूँ।</p>
<p>मैं मान गई.. और पेड़ को पकड़ कर थोड़ा झुक कर खड़ी हो गई।</p>
<p>उसने मेरी स्कर्ट को ऊपर किया.. मेरी पैन्टी को नीचे किया और बोला- रागिनी तू नाटक कर रही थी साली… तेरी चूत तो बिल्कुल गीली हुई पड़ी है।</p>
<p>मैंने कहा- अब बात मत कर रोहित.. जल्दी कर..</p>
<p><strong>Antarvasna Koi Mil Gaya &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/chachi-ki-chudai-raat/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">चाची की रसीली चूत और मेरा कड़क लंड</a></strong></p>
<p>तो उसने पीछे से अपना लण्ड मेरी चूत पर रखा और अन्दर डालने लगा।</p>
<p>मुझे थोड़ा दर्द हुआ.. लेकिन थोड़ी देर में उसका आधे से ज्यादा लण्ड मेरी चूत को चीरता हुआ घुस चुका था।</p>
<p>उसने मेरी टी-शर्ट ऊपर की और मेरी ब्रा उतार दी। मुझे लगा आज अगर किसी ने मुझे इस हालत में देख लिया तो गजब हो जाएगा। मैं डर रही थी.. लेकिन रोहित को तो बस चुदाई दिख रही थी।</p>
<p>रोहित ने अपना लण्ड थोड़ा सा बाहर निकाला और पूरी रफ़्तार से एक झटके में अपना पूरा मूसल मेरी चूत में डाल दिया।</p>
<p>उस समय मेरी आँखें भी बाहर आ गई थीं।</p>
<p>वो तेज़-तेज़ चुदाई कर रहा था, कुछ ही मिनट की चुदाई में मैं दो बार झड़ चुकी थी।</p>
<p>अब रोहित अपना पूरा ज़ोर लगा रहा था.. और 5 मिनट बाद उसने मेरी चूत में अपना पानी छोड़ दिया।</p>
<p>फिर उसने अपना लण्ड निकाला.. वो बोला- आज तू पूरी तरह से खुल गई है।</p>
<p>वो मुझे किस करने लगा.. मैं भी उसकी बांहों में सिमट गई।</p>
<p>फिर हम दोनों ने अपने कपड़े सही किए और कार में आकर थोड़ा आराम किया।</p>
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		<title>शिमला में चुदाई</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/shimla-me-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Mar 2020 22:35:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[biwi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[gair mard se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[koi mil gaya]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>दोस्तो, मेरा नाम अनन्या है, मैं शिमला की रहने वाली हूँ। मैं अभी 21 साल की हूँ, रंग गोरा, बदन कच्चा एवं गठीला तथा साईज 34-28-36 है। बात कुछ समय पहले की है जब मैं ... <a title="शिमला में चुदाई" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/shimla-me-chudai/" aria-label="Read more about शिमला में चुदाई">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दोस्तो, मेरा नाम अनन्या है, मैं शिमला की रहने वाली हूँ। मैं अभी 21 साल की हूँ, रंग गोरा, बदन कच्चा एवं गठीला तथा साईज 34-28-36 है। बात कुछ समय पहले की है जब मैं बी एस सी प्रथम वर्ष में थी। मैं इंटरनेट का बहुत प्रयोग करती थी, दिन भर व्हाटस एप और फेसबुक पर लगी रहती थी। <span style="color: #ffffff;">Shimla me chudai</span></p>
<p>आज भी मैं अश्लील साइटें देख लेती हूँ।वैसे मैं बहुत ही कामुक लड़की हूँ।</p>
<p>मैं व्हाटस एप पर लोगों से सेक्स चैट करती थी और अब भी करती हूँ।</p>
<p>एक दिन एक मैसेज आया- हेलो!</p>
<p>मैंने कोई जवाब नहीं दिया।</p>
<p>पर उसके रोज मैसेज आने लगे तो मैंने एक दिन जवाब दिया- हाई…</p>
<p>वो- धन्यवाद जी</p>
<p>मैं- क्यों?</p>
<p>वो- आपने रिप्लाई किया इसलिए… आपका नाम क्या है?</p>
<h2>Chudas biwi ki Shimla me chudai</h2>
<p>मैं- अनन्या! <span style="color: #ffffff;">Shimla me chudai</span></p>
<p>वो- मैं अखिल, आप कहाँ से हो?</p>
<p>Antarvasna <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/suhagraat-me-meri-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सुहागरात की कहानी मेरी जुबानी</a></p>
<p>मैं- शिमला से, पर आपको मेरा नम्बर कहाँ से मिला?</p>
<p>वो- मेरे दोस्त ने दिया, पर नाम नहीं बता सकता!</p>
<p>मैं- ओके</p>
<p>वो- क्या आप मेरे साथ सेक्स चैट कर सकती हैं?</p>
<p>मैं- नहीं!</p>
<p>वो- मैं आपको पैसे दे सकता हूँ सेक्स चैट करने के!</p>
<p>मैं- ओके</p>
<p>इस तरह उसने मुझे पैसे भेज दिये और हम सेक्स चेट करने लग गये।</p>
<p>तब मुझे पता चला कि वो राहुल (ज़िससे मैं सेक्स चैट करती थी) का दोस्त है।</p>
<p>हम दोनों रोज रात को बातें करते, एक दूसरे को अपनी फोटो भेजते थे।</p>
<p>मैं भी उसे पसंद करने लगी थी, जब वो बातें करता तो मेरी पेंटी गीली हो जाती थी, मैं उसके साथ रातें रंगीन करना चाहती थी पर चाहती थी कि पहल वो करे।</p>
<p>और एक दिन चैट पर… <span style="color: #ffffff;">Shimla me chudai</span></p>
<p>अखिल- अनन्या, क्या हम मिल सकते हैं?</p>
<p>मैं- पर आप तो जयपुर से हो!</p>
<p>अखिल- मैं शिमला आ जाऊँगा!</p>
<p>मैं- नहीं!</p>
<p>मैंने चाहते हुए भी मना कर दिया।</p>
<p>अखिल- प्लीज अनन्या, एक बार!</p>
<p>वो मुझे मनाने लगा। <span style="color: #ffffff;">Shimla me chudai</span></p>
<p>मैं मान गई और हाँ कर दी, अगले दिन मिलने का प्लान कर लिया।</p>
<p>मैंने उसे फोन पर बता दिया कि हम पार्क में मिलेंगे।</p>
<p>अगले दिन रविवार था तो मैं मम्मी से सहेली के घर जाने की बोल कर घर से निकल गई और वो रात को ही शिमला के लिए रवाना हो गया था।</p>
<p>11 बजे हम दोनों पार्क में मिले, वो मुझे देख कर मुस्कुराया और मैं भी दिल की धड़कन को काबू में रख कर मुस्कुरा दी।</p>
<p>हम पार्क की बैंच पर बैठ कर बात करने लगे।</p>
<p>Stories in Hindi &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/apne-office-wali-ko-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">नौकरी के जुगाड़ में मिली छोकरी</a></p>
<p>मैंने गौर किया कि उसके चेहरे और आँखों में एक रौनक थी.. ऐसी जैसे वो मुझे देख कर ना जाने कितना खुश है।</p>
<p>हम दोनों आपस में बात करने लगे… वो मेरी जांघों को अपने हाथों से सहला रहा था, मेरा भी रोम रोम उत्तेजित हुए जा रहा था, और तभी अचानक उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे होंटों को चूमने लगा।</p>
<p>मैं भी यही चाहती थी तो मैं भी उसको चूमने लगी।</p>
<p>फिर याद आया कि हम तो पार्क में है तो मैंने उसको अपने से अलग किया और कहा- यहाँ नहीं।</p>
<p>वो बोला- चलो होटल चलते हैं।</p>
<p>और हम होटल आ गए। <span style="color: #ffffff;">Shimla me chudai</span></p>
<p>दिल में अजीब एहसास था… एक तो चुदाई के लिए मेरी चूत मचल रही थी और ऊपर से लोग मुझे ऐसे देख रहे थे जैसे मैं नंगी ही होटल में आई हूँ।</p>
<h3>Biwi ki bhaaya mota lund</h3>
<p>खैर हम अपने कमरे में आ गये।</p>
<p>वो बोला- कुछ खाना है तुम्हें?</p>
<p>मैं- नहीं तुम खा लो!</p>
<p>वो बोला- मेरा तो कुछ और ही खाने का मन है!और अपना हाथ मेरी कमर पर रख दिया।</p>
<p>उसके हाथ में एक अलग ही जादू था, उसके स्पर्श करते ही नाभि के पास एक अजीब सी गुदगुदाहट हुई और ऐसा लगा जैसे मेरी योनि में जाकर खत्म हो गई।</p>
<p>Antarvasna Sex Stories in Hindi &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/saheli-ko-pati-ne-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सहेली की चुत में पति का लंड</a></p>
<p>वो बोला- कितने समय रूकोगी?कहते हुए मुझे बाँहों में भर लिया।</p>
<p>मैंने कहा- मुझे शाम तक जाना है।</p>
<p>यह सुनते ही उसने मेरे होंठों को अपने होंठों में दबा लिया और होंठों को जोर-जोर से चूसने लगा।मैं भी उसका पूरा साथ देने लगी।वो कभी होंठों को हल्का सा काट लेता था।</p>
<p>वो मुझे लगातार चूमे जा रहा था, कभी होंठ, कभी वक्ष तो कभी गर्दन पर चुम्बन लेते हुए प्यार से मेरी नाभि को सहला रहा था और मैं उसके इस कामुक स्पर्श से मदहोश हुए जा रही थी।</p>
<p>उसने मेरे टॉप के अन्दर हाथ डाल कर मेरी चूचियाँ दबानी शुरू की।गजब का अहसास था वो…!!</p>
<p>फिर उसने मेरे टॉप से हाथ निकाल कर मेरी जाँघों को सहलाना शुरू कर दिया।मैं भी उसकी शर्ट के अन्दर हाथ डाल कर उसके सीने को सहला रही थी।</p>
<p>वो सहलाते हुए मेरी जांघों से मेरी चूत की तरफ बढ़ गया।उस एहसास से मेरी मक्खन जैसी चिकनी चूत ने अपना कामरस छोड़ दिया था।</p>
<p>मैं पूरी मदहोश हो चुकी थी, मेरी गीली चूत लन्ड को निगलने के लिए बेताब थी।</p>
<p>मैंने कहा- अखिल, आज मुझे इतना चोदो कि मुझे ये चुदाई हमेशा याद रहे।</p>
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		<item>
		<title>दो सहेलियां</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/do-saheliyaan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Mar 2020 10:26:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ग्रुप सेक्स स्टोरी]]></category>
		<category><![CDATA[लड़कियों की गांड चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[biwi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[desi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gaand chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gair mard se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[samuhik chudai kahani]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अदिति की जुबानी मैं आपके सामने अपनी 34-28-36 की फिगर का एक नायाब धमाका एक ऐसी स्टोरी के माध्यम से करने जा रही हूँ जो आपकी पेंट को गीला कर देगा। बात गर्मियों के मौसम ... <a title="दो सहेलियां" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/do-saheliyaan/" aria-label="Read more about दो सहेलियां">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अदिति की जुबानी मैं आपके सामने अपनी 34-28-36 की फिगर का एक नायाब धमाका एक ऐसी स्टोरी के माध्यम से करने जा रही हूँ जो आपकी पेंट को गीला कर देगा।</p>
<p>बात गर्मियों के मौसम की है.. जब मैं अपने आपको खीरे मूली से ठंडा करती थी। मेरा एक फ्रेंड था राज.. जो मेरे लिए अपने मन में सेक्स की भावना रखता था।</p>
<p>मुझे यह बात पता थी क्योंकि वो हमेशा मुझे भूखी-नंगी नज़रों से देखता था।</p>
<p>वो बहुत स्मार्ट भी था और थोड़ा हैण्डसम भी था.. और मुझे भी पता नहीं क्यों उसका मुझपे ऐसी नज़रों से देख़ना अच्छा लगता था, मैं उसके सामने जितना एक्सपोज़ कर पाती थी.. करती थी पर वो मुझे कभी छूता नहीं था और उसके सामने मेरी सारी कोशिशें बेकार रह जाती थीं। जबकि मेरी नर्म चिकनी चूत की गर्मी को किसी के लंड की बहुत ज़रूरत थी।</p>
<p><strong>Antarvasna Samuhik Chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padosi-se-chut-chudwai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोसी से चुत चुदवाई</a></strong></p>
<p>मैंने एक प्लान बनाने का सोचा और मुझे पता था कि अगले हफ्ते मेरे घर वाले सब बाहर जा रहे हैं और मेरे एग्जाम की वजह से मुझे कोई नहीं ले जाएगा।मैंने राज को स्कूल में बोल दिया था कि अगले हफ्ते 2 दिन फ्री रहना.. तुम और मैं मेरे घर पर पढ़ाई करेंगे।</p>
<p>पर मुझे उसका जवाब सुन कर लगा कि वो शायद ही आएगा। फिर भी मुझे कुछ तो करना था इसलिए मैंने अपनी सहेली बीना को भी बोल दिया- तू पढ़ाई के बहाने मेरे घर आ जाना और हम मज़े करेंगे और ब्लू फिल्म्स देखेंगे।</p>
<p>आख़िर वो दिन आ ही गया और घर से मम्मी-पापा.. दीदी.. सब दो दिन के लिए दिल्ली चले गए। अब मैं घर पर अकेली थी.. तो मैंने राज को फोन किया।</p>
<p>वो बोला- ठीक है.. मैं आ रहा हूँ।</p>
<p>मेरी तो खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा।</p>
<p>मैं पागल हो रही थी, तो मैं जल्दी से नहा कर नंगी ही बैठ गई और चैन नहीं पड़ा तो मैं पूरे घर में नंगी ही घूमने लगी। फिर मैंने सोचा एक बार कुछ पहन ही लेती हूँ। मैंने अपने कमरे में जाकर पेंटी और इनर पहन लिया, नीचे पापा का बॉक्सर पहन लिया और ऊपर एक टाइट टी-शर्ट पहन कर राज का वेट करने लगी।</p>
<p>कुछ देर बाद घन्टी बजी.. तो मैं खुश हो गई और गेट खोला तो देखा गेट पर बीना थी, मैंने देखा कि उसके हाथ में डिल्डो और ब्लू-फिल्म्स की सीडी थी। वो मुझे ऊपर से नीचे तक देख कर मेरे मम्मों पर हाथ फेरते हुए बोली- आज क्या बात है?</p>
<p>मैंने उससे कहा- राज आ रहा है।</p>
<p>तो वो बोली- तुझे अकेले मज़ा नहीं लेने दूँगी.. मैं भी साथ चुदूँगी।</p>
<p>तो मैं उसे मना नहीं कर पाई। उसका 36-30-38 का फिगर तो मुझसे भी ज्यादा अच्छा था, मैंने कहा- ठीक है।</p>
<p>उसने जीन्स ब्रा और एक कट स्लीव्स का ढीला सा टॉप पहना हुआ था।</p>
<p>हम दोनों ने प्लेयर में सीडी लगाई और सोफे पर एक-दूसरे के ऊपर लेट कर बुरी तरह चूमा-चाटी चालू कर दी।</p>
<p>इतने में घर की फिर से बेल बजी.. तो मैं समझ गई कि राज ही होगा।</p>
<p><strong>Antarvasna Samuhik Chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/desi-wife-fucked-fatherinlaw-hindi-sex-stories/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ससुर ने गांड मारी बरसात में</a></strong></p>
<p>मैंने बीना को कहा- डीवीडी प्लेयर ऑफ कर दे.. पर सीडी मत निकालना और सोफे पर ढंग से बैठ जा।</p>
<p>अब मैंने गेट खोला तो देखा राज खड़ा था, वो आज बहुत मस्त लग रहा था।मैंने उसे अन्दर बुलाया और बिठाया।</p>
<p>वो बीना को वहाँ देख कर परेशान सा हो गया.. पर फिर हम तीनों साथ में पढ़ने लगे। मैंने बीना को देखा और कहा- थोड़ी देर टीवी देखते हैं।</p>
<p>हम तीनों सोफे पर बैठ गए और टीवी ऑन कर दिया। बीना ने डीवीडी प्लेयर ऑन किया और हम बैठे-बैठे बातें कर रहे थे। हम दोनों ने राज को बीच में बिठा लिया था इससे राज को भी मज़ा आ रहा था।</p>
<p>इतने में बीना ने रिमोट से टीवी मोड की जगह डीवीडी मोड सिलेक्ट कर दिया और ब्लू-फिल्म चालू हो गई।</p>
<p>राज देख कर चौंक कर रह गया.. पर वो कुछ नहीं बोला और थोड़ा शर्मा गया।</p>
<p>मूवी में 4 लड़के एक लड़की को बुरी तरह चोद रहे थे। हम तीनों कामुकता से देखने लगे।अब ये सब देख कर राज भी पागल हो रहा था।</p>
<p>मैं उठी और राज की गोद में बैठ गई.. जैसे वो भी सोफा हो। मेरे पैर उसके पैर पर.. मेरी गांड उसके लंड पर और मेरी कमर उसके सीने पर थी, उसका सर मेरे कंधों पर टिका था।</p>
<p>वो कुछ नहीं बोला.. पर उसका लंड मेरी गांड के आगे चूत के एकदम पास खड़ा हो रहा था। अब उसने मुझे पीछे से चूमना चालू कर दिया और पागलों की तरह अपनी जीभ निकाल कर मेरे गले.. कंधे.. सबको चाटने लगा।</p>
<p>बीना ये सब देख कर उठी और अपनी जीन्स और टॉप उतार कर और अपने आपको मसलने लगी।</p>
<p><strong>Antarvasna Samuhik Chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/pati-ke-bhatije-se-aur-punjabi-se-chudwaya/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पति के भतीजे और एक पंजाबी से चुदवाया</a></strong></p>
<p>राज ने आगे से अपना हाथ मेरे टॉप के अन्दर डाला और मेरे बोबे मसलने लगा। तब तक बीना ने अपनी ब्रा भी उतार दी मैंने देखा कि वो साली तो बिना पैन्टी के ही आई थी।</p>
<p>अब बीना मेरे ऊपर चढ़ गई और उसने अपने चूचे मेरे मुँह में डाल दिए और अपने हाथ मेरी कमर से ले जाकर बॉक्सर के अन्दर मेरी चूत में उंगली करने लगी।</p>
<p>राज सोफे पर बैठा हुआ था और मैं भी उस पर लेटी हुई सी थी, बीना मेरे दूधों से चिपकी हुई बैठी थी, हम तीनों पागलों की तरह एक-दूसरे को चाट चूम रहे थे।</p>
<p>फिर बीना ने अपने पैर राज की कमर पर कस कर लपेट लिए और मैं दोनों के बीच में फंस सी गई। कमरे का पंखा चल रहा था.. फ़िर भी हम तीनों पसीने से तर-बतर हो चुके थे, पहले ही गर्मी का मौसम था और इस पर हम बहुत अधिक गर्म हो चुके थे।</p>
<p>राज मुझे पीछे से चाट रहा था और मेरे मम्मों को दबा रहा था। बीना मेरी चूत के बाल और चूत को सहला रही थी। मैं भी बीना के मम्मों को चूस रही थी।</p>
<p>तभी मैंने अपने हाथ राज की पैन्ट पर रखा और उसके लंड को सहलाने लगी.. उसे मज़ा आने लगा।</p>
<p>मैं और बीना ‘अया.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह हाय..’ कर रहे थे।</p>
<p>अब राज और जोश में आ गया और उसने हम दोनों को उठा कर सोफे पर पटक दिया। हम दोनों ने उसकी टी-शर्ट उतारी और उसकी पैन्ट खोल कर उसके अंडरवियर से ही लंड निकाल लिया।</p>
<p>जब मैंने उसका अंडरवियर उतारा तो मैं दंग रह गई। उसका लंड खीरे जैसा लम्बा और मोटा था। हम दोनों खुशी से उसकी गोटियों को सहलाने और चूसने लगे।</p>
<p>उसने अपना लंड बीना के मुँह के अन्दर डाल दिया और मुझे उठा कर सोफे पर पटक कर बेरहमी से मेरे कपड़े खींचते हुए उतारने लगा।</p>
<p>उसने मेरे बॉक्सर को खींच कर उतार फेंका और मेरी पेंटी को मुँह से उतारने लगा, मेरे टॉप को पूरी तरह ऊपर से खींच कर फाड़ दिया।</p>
<p><strong>Antarvasna Samuhik Chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/bhabhi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">भाभी ने चोदना सिखाया</a></strong></p>
<p>उसका लंड बीना के मुँह को भी बहुत ज़ोर-ज़ोर से चोद रहा था।कुछ ही पलों में उसके सामने मैं पूरी नंगी हो गई थी।</p>
<p>वो बीना के मुख चोदन के कारण झड़ने वाला था। उसने बीना के सर को ज़ोर से अपने लंड पर दबा लिया और एक ‘आह्ह..’ करते हुए झड़ गया।</p>
<p>बीना के मुँह में उसका पूरा माल आ गया और वो साली उस माल को निगल भी गई।</p>
<p>फिर राज ने मुझे उठाया और मुझे चित्त लिटा कर अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा, उसके मोटे लंड से मुझे बहुत दर्द हुआ।<br />
अभी मैं कुछ कह पाती कि तभी उसने एक तेज धक्का मार दिया। मैं चिल्ला उठी उम्म्ह… अहह… हय… याह… और मेरी चूत से खून निकलने लगा जबकि उसका लंड अभी 2 इंच ही घुसा था।</p>
<p>उसने फिर एक ज़ोरदार धक्का मारा, मैं ‘उईहही.. आआहह.. माँआ..’ करके चिल्लाने लगी।अगले ही पल उसका पूरा लंड मेरी चूत में अन्दर था।</p>
<p>शायद उसको भी दर्द हुआ और वो मुझे लेकर मेरे ऊपर सोफे पर लेट गया, उसका लंड मेरी चूत के अन्दर ही था। बीना ये सब देख कर अपना डिल्डो अन्दर डाल कर ‘अयायाह.. अया..’ चिल्लाने लगी और राज के बाजू में लेट कर अपने मम्मों को उसकी कमर से रगड़ने लगी।</p>
<p>राज उठा और बीना को आगे खड़ा करके उसकी चूत चाटने लगा। जबकि बीना अपने मुँह में डिल्डो को अन्दर बाहर कर रही थी। राज का लंड मेरी चूत में था और उसने ज़ोर से लंड को मेरी चूत में अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया।</p>
<p>मुझे बहुत चोदा.. मैं भी बहुत मज़े से चूत चुदवा रही थी। वो काफी देर तक मुझे चोदने के बाद मेरी चूत में अन्दर ही झड़ गया।</p>
<p>कुछ देर आराम करने के बाद राज उठ कर बीना को चोदने के लिए आगे बढ़ा, उसने बीना को भी काफी देर तक चोदा।</p>
<p>जब बीना चुद रही थी तो मैं बीना के मम्मों को चाट रही थी।उसने बीना के अन्दर भी अपना सारा माल झाड़ दिया।</p>
<p><strong>Antarvasna Samuhik Chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/padosi-ki-beti-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोसी की बेटी का भोसड़ा</a></strong></p>
<p>अब हम तीनों एक साथ बाथरूम में जा कर नहाने लगे। इधर राज हम दोनों के मम्मों को चाट रहा था.. चूस रहा था। हम दोनों उसके लंड से खेल रही थीं।</p>
<p>ठंडा पानी हमारा मज़ा और बढ़ा रहा था। हम तीनों लोगों ने 4 घंटे तक खूब चोदम चोदी की, साथ में ब्लू-फिल्म भी देखते रहे।</p>
<p>फिर वो दोनों अगले दिन फिर से आने की कह कर चले गए।<br />
अगले दिन बीना और मैं एक-दूसरे से साथ में एक घंटे नंगे मज़े से खेले और फिर राज और उसके साथ उसके तीन दोस्त भी आ गए।</p>
<p>उन चारों ने हम दोनों को खूब चोदा.. कभी मुँह में लंड डाल कर.. कभी चूत में डाल कर खूब चुदाई हुई। हम सभी ने बहुत मज़े किए और मेरा राज से चुदवाने का सपना भी पूरा हो गया।</p>
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		<item>
		<title>नशीली चूत का रस</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/nasheeli-choot-ka-ras/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Aug 2019 10:00:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[gair mard se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[gandi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[koi mil gaya]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[teacher ki chudai]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>बात उन दिनो की है जब मैं १२वीं की बोर्ड की परीक्षा देकर फ़्री हुआ था और रिजल्ट आने में तीन महीने का समय था। ये वो समय होता है जब हर लड़का अपने बढ़े ... <a title="नशीली चूत का रस" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/nasheeli-choot-ka-ras/" aria-label="Read more about नशीली चूत का रस">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बात उन दिनो की है जब मैं १२वीं की बोर्ड की परीक्षा देकर फ़्री हुआ था और रिजल्ट आने में तीन महीने का समय था। ये वो समय होता है जब हर लड़का अपने बढ़े हुए लंड के प्रति आकार्षित रहता है साथ-साथ बढ़ती हुई काली-काली घुंघराली झांटे उसका मन जल्दी से किसी नशीली चूत का रस पान करने को प्रेरित करती हैं।</p>
<p>मैने फ़्री टाइम को सही इस्तेमाल करने के लिये एक इंगलिश स्पीकिंग कोर्स ज्वाइन कर लिया। हमारे घर से थोड़ी दूर पर एक नये इंगलिश कोचिंग सेंटर खुला था जहां मैं अपना एडमीशन लेने पहुंच गया।</p>
<p>मेरे लौड़े की किस्मत अच्छी थी वहां जाते ही मेरा सामना एक कमसिन, अल्हड़, मदमस्त, जवान, औरत से हुआ जो पता चला वहां की टीचर है।</p>
<p>उसके गोरे-गोरे तन बदन को देखते ही मेरा तो लौड़ा चड्ढी में ही उचकने लगा। उसकी खुशबूदार सांसो ने मन मे तूफ़ान पैदा कर डाला था। मन तो उसके तुरंत चोदने को कर रहा था पर क्या करता वहां तो पढ़ने गया था।</p>
<p>एडमीशन देते हुए वो भी मुझे आंखों ही आंखों में तौल रही थी। वो २७ साल की भरे बदन वाली मैडम थी। शादी-शुदा, उसकी दोनो बूब्स (चूचियां) आधा किलो की थी और उसके गद्देदार मोटे चूतड़ (गांड) उभार लिये संगमरमर की मूरत से तराशे हुए हिलते ऐसे लगते थे जैसे कह रहे हो- “आजा राजा इस गांड को बजा जा”</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/bhabhi-ki-frock-uthake-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">भाभी की फ्रॉक उठा के चोदा</a></strong></p>
<p>मैने एडमीशन लेकर पूछा “कितने बजे आना है मैडम?”</p>
<p>वोह मुस्करा कर बोली “सुबह ७ बजे आना।”</p>
<p>“साथ क्या लाना है?”</p>
<p>“वो बोली एक कोपी बस”।</p>
<p>मैं घर वापस आ गया पर सारी रात सुबह होने के इंतज़ार में सो न सका। रात भर मैडम की हसीन मुस्कान और चेहरा सामने था। मैं बार-बार उनके ब्लाउज़ में कैद उन दो कबूतरों का ध्यान कर रहा था जो बाहर आने को बेताब थे।</p>
<p>उनकी चूत कैसी होगी?</p>
<p>गुलाबी चूत पे काला सिंघाड़ा होगा, उनकी चूत का लहसुन मोटा होगा या पतला, मुलायम मीठा या नमकीन, कितना नशा होगा उनके चूत के रस में? उनकी बुर की फांके गुलाब की पत्तियों सी फैला दूं तो क्या हो?</p>
<p>ये कल्पना और मदहोश कर रही थी जिससे मेरे लंड फूल कर लम्बा और मोटा हो गया था और मेरी चड्ढी में उसने गीला पानी छोड़ दिया।</p>
<p>अगले दिन सुबह, जल्दी से नहा कर मैं इंगलिश की कोचिंग में टाइम से पहुंच गया। उस क्लास में और भी कुछ हसीन लड़कियां थीं। कुछ खूबसूरत शादी-शुदा औरतें भी थी जो हाई क्लास सोसाइटी में अपनी धाक जमाने के लिये इंगलिश सीखना चाह रही थीं ताकि हाई क्लास की रंगीनियों का मज़ा उठाया जा सके।</p>
<p>मैं पीछे की सीट पर बैठ गया।</p>
<p>थोड़ी देर में मैडम वहां आयी और गूड मोर्निंग के साथ मुझ पर नज़र पड़ते ही बोली –“तुम आगे आकर बैठो”।</p>
<p>उनके कहने पर मैं आगे की सीट पर बैठ गया।</p>
<p>वो सबको अपना परिचय हुए बोली – हाय मै निशा हूँ। अब आप लोग अपना परिचय दीजिये।</p>
<p>हम सबने अपना-अपना परिचय दिया।</p>
<p>फिर वो ब्लैक बोर्ड की तरफ़ मुड़कर लिखने लगी। जैसे ही वो मुड़ी उनकी गांड मेरे सामने थी और मन फिर उनकी गांड मारने के ख्याल में खो गया।</p>
<p>क्या करुं जवानी १८ साल की कहां शांत रहती।</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/bhabhi-ke-choot-pe-lund-ragda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">खड़ा लंड को भाभी के चूत पे रगड़ा</a></strong></p>
<p>वो बहुत सुंदर लाइट कलर की साड़ी पहने थी। लाइट पिंक ब्लाउज़ के नीचे उनका काला ब्रा साफ़ दिख रहा था। साड़ी के पल्लु से उनकी चूची का बोर्डर ज़बान पे पानी ला रहा था। लालच मन में जगा रहा था। दोनो चुचियों के बीच की गहरी लाइन ब्रा के ऊपर से लंड को मस्ती दिला रही थी।</p>
<p>वो मुड़ कर वापस क्लास को बोलने लगी ग्रामर के बारे में और मेरे एकदम पास चली आयी। मैं बैठा था और वो मेरे इतने करीब खड़ी थी कि उनका खुला पेट वाला हिस्सा मेरे मुंह के पास आ चुका था जिसमे से उनकी गोल-गोल गहरी टोंडी (नाभि) की महक मेरे नथुनो मे मीठा ज़हर घोल रही थी।</p>
<p>फिर उनका पेन हाथ से गिरकर मेरे सामने टपक गया जिसे लेने वो नीचे झुकी तो दोनो चुचियां मेरे मुंह के सामने परस गये। उस दिन क्लास ऐसे ही चलता रहा। फिर जब क्लास खत्म हुआ तो जब सब चलने लगे तो मैडम ने मुझे रुकने को कहा। मैं अपनी कुरसी पर बैठा रहा।</p>
<p>सबके चले जाने के बाद मैडम मेरे पास आयी और बोली-“ हेंडसम लग रहे हो”</p>
<p>मैने कहा “थैंक यू”।</p>
<p>तुम अभी क्या करते हो?</p>
<p>मैं बोला- अभी १२वीं का एक्साम दिया है अब मैं फ़्री हूं।</p>
<p>मैडम बोली –मतलब अब तुम बालिग (एडल्ट) हो गये हो।”</p>
<p>“यस मैडम”, मैं बोला।</p>
<p>“हूऊऊऊउम……। वो कुछ सोच कर बोली, तुम्हारा केला तो काफ़ी काफ़ी बड़ा है।</p>
<p>‘केला???’ मैं समझ तो गया था कि मैडम मेरे लंड की तरफ़ इशारा कर रही हैं पर मैं अंजान बना रहा।</p>
<p>मैने पूछा किस केले की बात कर रही हैं आप?</p>
<p>“अरे अब इतने अंजान मत बनो मेरे राजा, तुम्हारा लौड़ा जो काफ़ी बड़ा है और जो इस पैंट के नीचे से फूल कर बाहर हवा खाने को बेताब है। शायद इसने अभी तक गुझिया (चूत) का स्वाद नहीं चखा।</p>
<p>असल में मैं क्लास जल्दी पहुंचने के चक्कर में नहा कर पैंट के नीचे अंडरवेअर पहनना भूल गया था, जिससे मोटा लौड़ा तन कर पैंट में अपनी छाप दिखा रहा था।</p>
<p>मैडम को फ़्री और फ़्रेंक होता देख कर मैने भी कह दिया “हां मैडम अभी तक किसी की चूत का स्वाद नहीं चखा है।”</p>
<p>वो बोली शनिवार की सुबह ६ बजे मेरे घर आ सकते हो, मैं अकेली रहती हूं। दरअसल मेरे पति नेवी में हैं और हमारे कोई औलाद नहीं हैं। तुम आजाओगे तो मुझे कम्पनी हो जायेगी।</p>
<p>मैने फ़ौरन हामी भर दी।</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/chooto-ka-mela-aur-main-akela/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">चूतो का मेला और अकेला</a></strong></p>
<p>मैं जानता तो था कि मैडम को मेरी कम्पनी क्यों चाहिये थी। उनको अपनी बुर की खुजली मिटानी थी और फिर जब पति नेवी में गांड मराये तो पत्नी दिन भर जब टीचिंग से लौट कर आये तो चूत चोदने को कोई लौड़ा तो चाहिये ही। इसमे कुछ गलत नहीं हैं। हर औरत की, हर लौंडिया की चूत में गरमी चढ़ती है और उसकी चूत की आग सिर्फ़ और सिर्फ़ लंड ही शांत कर सकता है।</p>
<p>सारी रात मैडम का ध्यान कर मैं सो न सका। सुबह घड़ी में अलार्म लगा दिया ५ बजे का।</p>
<p>मम्मी भी सुबह अलार्म की आवाज़ से उठ गयी और बोली इतने सुबह कहां जा रहे हो??</p>
<p>मैने कहा सुबह रोज़ अब मैं जल्दी उठ कर जोगिंग करने जाउंगा और फिर वहीं से क्लास अटेंड कर वापस आउंगा।</p>
<p>अब उनसे क्या कहता कि मैडम की चूत की खुजली शांत करने जा रहा हूं। सुबह चाय पीकर मैं तुरंत टैक्सी कर मैडम के पते पर कोपी लिये पहुंच गया। डोरबेल की घंटी बजायी तो थोड़ी देर बाद मैडम ब्लैक नाइटी पहने मुस्करा कर दरवाजा खोलती नज़र आयी।</p>
<p>उनके नाइटी के दो बटन ऊपर के खुले थे और ब्रा नहीं पहने होने के कारण दोनो चूचियां मुझे साफ़ दिख रहीं थीं।</p>
<p>नीचे पेटीकोट भी नहीं था क्योंकि उन्होने मेरा हाथ कमर पे रख मुझे अंदर बुलाया जिससे उनका बदन मेरे हाथ में आ गया था।</p>
<p>सामने खुला हुआ सीना मेरे दिल की धड़कन बढ़ा रहा था।</p>
<p>वो मुसकरा कर बोली अब ऐसे ही खड़े-खड़े मेरी सूरत देखते रहोगे या मुझे अपनी बाहों में उठा कर बिस्तर पे भी ले चलोगे। मेरी जवानी कबसे मोटे लंड की आग में जल रही है, मेरी जवानी के मज़े नहीं लूटोगे???</p>
<p>मैने तुरंत कोपी पास पड़ी टेबल पर फेंक दी और मैडम को झट से अपनी बाहों में उठा लिया। उनके खुले बाल मेरे हाथ पर थे और उन्होने मेरे होंठों को अपने लिप्स में कैद कर लिया। उनका बेडरूम सामने ही था।</p>
<p>मौसम थोड़ा गरम था इसलिये मैं उनको पहले बाथरूम में ले आया जहां उनको थोड़ा नहला कर मालिश कर गरम कर सकुं।</p>
<p>मैने मैडम को बाथरूम में खड़ा कर दिया और फिर उनकी काली नाइटी के ऊपर से पूरा मांसल बदन दबाया फिर सहलाया। उनके हाथ ऊपर कर उनकी काली नाइटी धीरे से उतार दी। अब वो पूरी नंगी मेरे सामने खड़ी थी। दूधिया बदन गोरी-गोरी-मोटी चूचियां और हल्के काले घुंघराले बालों के बीच गुलाबी मुलायम चूत।</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/saali-ki-chudai-biwi-ne-karwai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">साली साहेबान बीवी मेहरबान</a></strong></p>
<p>मैने शोवर चालु कर दिया पानी ऊपर से नीचे हर अंग को भिगो रहा था। मैने उनको चूमना चाटना शुरु कर दिया। होंठों से होंठ फिर गाल सब पर ज़बान फेर कर मज़ा देता गया। दोनो चूचियां बार बार दबा कर निप्पलों को मुंह में भर लिया।</p>
<p>उनके पिंक निप्पल मोटे और बहुत सोफ़्ट थे। ज़बान निकाल कर गोल-गोल निप्पल पर घुमा कर चाट कर पिया।</p>
<p>वो आअह्हह्हह…।।उह्हह्हह…ईईस्सस्सस…मज़ा आ गया बोली।</p>
<p>और पियो ये निप्पल कब से तरस रहे थे कि कोई इनको पिये।</p>
<p>मैने कस कर चूची मर्दन किया दबा दबा कर निप्पलों उकेर कर दोनो निप्पलों पर जबान से खूब खुजली की। मैडम भी अपनी ज़बान निकाल कर मेरे ज़बान के साथ अपने निप्पलों चाट रहीं थी। उनकी चूचियां फूल कर बड़ी हो गयी थी और मैं नीचे उनके नाभि पर आ गया था।</p>
<p>गोल नाभि की गहरायी नापने में २ मिनट लगा इससे पहले चूचियों का मसाज और निप्पलों को चूस कर १० मिनट तक उनको प्यार के नशे में डुबाता चला गया। इस क्रिया से मेरा लौड़ा भी नागराज की तरह फुंकारता हुआ खड़ा हो कर ७ इंच का हो चुका था जिस पर मैडम का हाथ पहुंच गया था।</p>
<p>मैने धीरे से मैडम को बाथरूम के फ़र्श पर लिटाया ताकि उनकी चूत खुल कर मेरे सामने आ सके और मैं उनकी गुलाबी गुझिया में उंगली डाल सकूँ।</p>
<p>मैं धीरे से उनकी चूत का रस पीने के इरादे से नीचे गया।</p>
<p>उनकी झांटों पर पड़ी पानी की बूंदों ने मुझे उनके झांटों पर चांदी की तरह चमकती बूंदों को पीने की चाह जगा दी। मैं उनकी काली, मुलायम घुंघराली झांटों को अपने होंठों में कैद कर अपने लिप्स से पीने लगा।</p>
<p>उनकी जब झांटें खिंचती तो वो अह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्ह……।।ऊऊऊऊऊह्हह्हह …।।ह्हहाईईइ………।ज्जज्जजाआअन्नन्नन्नन्नन्न…।।स्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस… करती जिससे मेरा लंड और कड़क हो जाता।</p>
<p>उनकी झांटों से पानी साफ़ करने के बाद मैने दोनो उंगलियों से उनकी चूत की गहरायी को नापा मतलब दोनो उंगलियां अंदर गुलाबी छेद में डाल दी गहरायी तक। फिर ज़बान पास लाकर उनके चूत का सिंघाड़ा अपने मुंह में कैद कर लिया। करीब १० मिनट तक उनकी नशीली चूत का रस अपनी ज़बान से पीता रहा और उनकी गरम चूत में अपनी ज़बान चलाता रहा। ऊपर से नीचे फिर नीचे से ऊपर और फिर ज़बान को कड़ा कर अंदर बाहर भी।</p>
<p>ज़बान से चूत रस चाटते वक्त मैने एक उंगली नीचे खूबसुरत से दिख रहे गांड के छेद पे लगा दी। उनको तैयार कर मैने अपना अंडरवेअर उतारा जिससे मैडम बाथरूम के फ़र्श पर उठ कर मेरे ऊपर मेरी तरफ़ गांड कर ६९ की पोजीशन में लेट गयी और मेरा लंड अपने मुंह में डाल लिया।</p>
<p>मैं मैडम की चूत मैं नीचे से पीछे से ज़बान डाल कर उनका रस चाटे जा रहा था और मैडम को मेरा गुलाबी सुपाड़ा बहुत मज़ा दे रहा था। वो बच्चो की तरह उसे चूसे जा रहीं थी। क्योंकि उनको लंड बहुत दिनो बाद नसीब हुआ था।</p>
<p>मेरा तना लंड उनको बहुत मज़ा दे रहा था वो ५ मिनट तक मेरा लौड़ा अपने होंठों में कैद कर चूसती रहीं ज़बान से लंड के सुपाड़े को चाट-चाट कर लाल कर दिया था और लंड तन कर रोड की तरह पूरा कड़ा हो गया था पर मैडम छोड़ ही नहीं रहीं थी।</p>
<p>मैने बोला मैडम मैं झड़ने वाला हूं तो उन्होने मुझे खड़ा कर दिया और खुद भी मेरे ऊपर से हट गयी।</p>
<p>बोली-आओ राजा मेरी ज़बान पर गिरा दो।</p>
<p>वो मेरे लंड के पास मुंह खोल कर ज़बान निकाल कर बैठ गयीं। मैने अपने हाथ से हिला कर जल्दी से अपना सारा गरम गरम शहद उनकी ज़बान पे गिराया जिसे उन्होने अपनी आंखे बंद कर जन्नत का मज़ा लिया। वो मेरे गरम वीर्य की आखिरी बूंद तक चाट गयी।</p>
<p>फिर उन्होने अपना मुंह धोया और मुझे बोली अब मुझको बेडरूम में ले चलो राजा। मैं भी उनकी चूत चोदने को बेताब था।</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi chudai kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/chacha-ke-beti-ko-akele-me-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">चाचा की बेटी को अकेले में चोदा</a></strong></p>
<p>मैने उनको उठा लिया और बेड पर चित लिटा दिया। उनकी दोनो गोरी टांगो को खूब फैला दिया ताकि उनकी गुलाबी चूत मेरे सामने खुल जाये और मुझे उनकी चूत को चाटने में ज़रा भी कठिनाई न हो। वो फिर से मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ कर आगे पीछे हिलाने लगी।</p>
<p>उनके ये करने से मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा। मैने उनकी नशीली चूत को चाट कर अपने थूक से चिकना किया। वैसे उनकी चूत बहुत मक्खन सी मुलायम और मलमल सी चिकनी थी। वो गरम-गरम मलाई से भरपूर चूत मुझे अब जन्नत सी लग रही थी जिसको अब चोदना बहुत ज़रूरी हो गया था।</p>
<p>मेरे लप-लप कर उनकी चूत को चाटने से वो अपने मुंह से सी…सी…ऊऊऊओ…।अह्हह्हह्हह्हह्ह कर रही थी।</p>
<p>बोली मेरे राजा जल्दी से अपना ७ इंच का शेर मेरी प्यार की गुफ़ा में घुसा दो।</p>
<p>जल्दी से इस चूत की खुजली शांत करो। बहुत तड़प रहीं हूं।</p>
<p>मैने जल्दी से उनकी गोरी मांसल जांघो को दूर दूर किया और लौड़ा पकड़ कर अपना सुपाड़ा चूत के मुंह पे टिका कर सहलाया।</p>
<p>फिर एक धीरे से ज़ोर लगाया जिससे लंड खच की आवाज़ से अंदर गरम गरम चूत में अंदर तक समा गया। वो आंखें बंद कर मस्त होने लगी। मैं बोला निशा तुम बहुत मस्त हो। वो मुस्कुरा दी। मैने अपने लंड का वेग बढ़ा दिया।</p>
<p>लंड जल्दी जल्दी अंदर बाहर चलने लगा। लंड पूरे ज़ोर से अंदर बाहर आ जा रहा था जिससे निशा की चूचियां भी हिल रही थीं। दोनो बूब्स को मैने हाथ में भर कर मसलना शुरु कर दिया था और उनके निप्पल भी अपने होंठों में चूसने लगा।</p>
<p>निशा की जवानी लूट कर १० मिनट तक गरम लंड रोड सा उसकी बुर को फाड़ता रहा। फिर मैने उसकी चूत से लंड बाहर निकाला और अपना गरम वीर्य उसकी चूत के ऊपर और टोंढी के छेद में डाल दिया।</p>
<p>अब वो शांत हो चुकी थीं और मेरा पहला प्यार का क्लास १ घंटे में खतम हुआ था।</p>
<p>सेक्स की इस क्लास में मुझको मज़ा मिला था। अनोखा मज़ा।</p>
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		<title>मैरिज हॉल में मिली टाइट चूत</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/marriage-hall-me-tight-choot/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 Aug 2019 10:00:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[bhabhi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[gair mard se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[hindi chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[koi mil gaya]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://freehindisexstories.net/?p=145</guid>

					<description><![CDATA[<p>कुछ दिन पहले, मेरे फ्रेंड के घर में मैरिज थी. रात को मैरिज हॉल में, मैं पहले ही पहुच गया था. बारात आने को अभी आधा घंटा था. जैसे ही बारात आई, मैं बाहर देखने ... <a title="मैरिज हॉल में मिली टाइट चूत" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/marriage-hall-me-tight-choot/" aria-label="Read more about मैरिज हॉल में मिली टाइट चूत">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>कुछ दिन पहले, मेरे फ्रेंड के घर में मैरिज थी. रात को मैरिज हॉल में, मैं पहले ही पहुच गया था. बारात आने को अभी आधा घंटा था. जैसे ही बारात आई, मैं बाहर देखने गया. मेरे फ्रेंड के ब्रदर की शादी थी. दोस्त भांगड़ा मार रहा था. वोजब रुका, तो मैं उसके पास गया और उसे मुबारकबाद दी.</p>
<p>फिर हम जब हॉल में इंटर करने लगे. तो मैंने देखा, कि मुझे एक औरत बड़ी अजीब सी निगाहों से देख रही थी. जैसे वो मुझे कब से जानती हो. दिखने में बहुत खुबसूरत थी. और सेक्सी भी लग रही थी. सर्दी का मौसम था. मैंने जाकेट और उसने एक पतला सा सूट पहना हुआ था.</p>
<p>जिसमे से उसके बूब्स के पार्ट्स साफ़ नज़र आ रहे थे. उसने ब्लैक ब्रा और ब्लैक पेंटी पहनी हुई थी. मैं थोडा आगे गया, तो वो मुझे पलटकर देखने लगी.मुझे कुछ अजीब सा लगा.</p>
<p>मैंने दोस्त से कहा – यार, वो औरत मुझे अजीब सी तरह से देख रही है.</p>
<p>उसने कहा – ऐसा कुछ नहीं है. कुछ गलती लगी होगी. मैंने फिर इग्नोर कर दिया.</p>
<p><strong>Antarvasna Ajnabi se chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/mast-bhabhi-ki-samuhik-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मस्त भाभी और सामूहिक चुदाई</a></strong></p>
<p>पर, फिर दिल में आया, कि कुछ तो चाहती है वो. मैं फिर जब पलटा, तो वो मुझे ही देख रही थी. अब मुझसे नहीं रहा गया और मैंने उसे इशारा किया और उसे साइड पर आने को कहा. मैं साइड में चला गया और मौका देखकर वो भी मेरे पास चली आई.</p>
<p>मैंने उससे पूछा, आप मुझे जानते हो?</p>
<p>उसने कहा – नहीं, मैं आपको नहीं जाती.</p>
<p>मैंने कहा – तुम मुझे बहुत देर से देख रही हो?</p>
<p>उसने कहा – मुझे ऐसा लगा, कि मैं शायद आपको जानती हु.</p>
<p>इलसिए, मैं मजाक में बात ले गया.</p>
<p>मैंने कहा, चलो अब जान लो. मेरा नाम साहिल है.</p>
<p>उसने अपना नाम शालू बताया.</p>
<p>मैंने कहा – तुम बहुत खुबसूरत हो. मुझसे दोस्ती करोगी?</p>
<p>उसने कहा – ओके. बट, मैं डीवोर्सी हु.</p>
<p>मैं चौका, क्योंकि उसे देखकर लग ही नहीं रहा था, कि वो शादीशुदा औरत है. फिगर भी जबरदस्त था ३६-२८-३८ का.</p>
<p>मैंने उससे नंबर मनागा और उसने दे दिया.</p>
<p>मैंने उससे कहा, मुझे तुमसे कोई बात करनी है. पर यहाँ नहीं, हॉल के बेकसाइड जा रहा हु. तुम मुझे वहां मिलो.</p>
<p>मैं बेकसाइड में चला गया. वो भी मौका देखकर बेकसाइड में आ गयी.</p>
<p>उसने कहा – हाँ बोलो, क्या बात करनी है.</p>
<p><strong>Antarvasna Ajnabi se chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/bhabhi-ki-frock-uthake-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">भाभी की फ्रॉक उठा के चोदा</a></strong></p>
<p>मैंने कहा – जब तुम मुझे देख रही थी, तो मुझे बड़ा अजीब सा लगा था और फील हुआ था. तुम बहुत सेक्सी हो. मैं तुम्हे अपना दोस्त बनाना चाहता हु. क्या मेरी दोस्त बनोगी?</p>
<p>मैंने उसका हाथ पकड़ लिया.</p>
<p>उसने कहा – ओके साहिल.</p>
<p>उसके ओके कहते ही, मैंने उसे हग कर ली और कहा – थैंक्स शालू.</p>
<p>उसने भी मुझे हग किया. उसके बदन पर हाथ सहलाने लगा. जो शायद उसे भी अच्छा लग रहा था. उसने कुछ नहीं कहा और नहीं ही मुझे रोका. मेरी हिम्मत हो बढ़ गयी और मैंने उसे और कसकर पकड़ लिया और फिर उसकी पीठ को सहलाने लगा.</p>
<p>शालू ने कहा – छोड़ो साहिल, क्या कर रहे हो?</p>
<p>मैंने कहा – कुछ नहीं, बस मिलने का अहसास कर रहा हु. क्या तुम्हे अच्छा नहीं लग रहा?</p>
<p>उसने कहा – अच्छा तो लग रहा है. पर ये जगह ठीक नहीं है. कोई आ गया, तो क्या होगा?</p>
<p>मैंने कहा – कोई नहीं आएगा.</p>
<p>मैंने उसे रगड़ना शुरू कर दिया.</p>
<p>वो मदहोश होने लगी और कहने लगी .. प्लीज साहिल छोड़ो मुझे. कोई आ जाएगा.</p>
<p>मैंने कहा – अच्छा, एक शर्त पर.. मैं अभी तुम्हे यहीं पर चोदुंगा..</p>
<p>उसने कहा – नहीं, नहीं… यहाँ नहीं. प्रॉब्लम हो जायेगी.</p>
<p>मैंने कहा – अगर तुमने मेरी बात नहीं मानी, तो मैं जबरदस्त करूँगा. चल अपनी सलवार उतार. काले रंग की पेंटी उतार.</p>
<p>उसने कहा – तुम्हे कैसे पता, कि मैंने ब्लैक कलर की पेंटी पहनी है….</p>
<p>मैंने कहा – शालू, जो तुमने ड्रेस पहनी है, उसमे से तुम्हारी काली ब्रा और पेंटी साफ़ दिखाई दे रही है.</p>
<p>उसने कहा – तुम बहुत बेशर्म हो.</p>
<p>मैंने कहा – अब ड्रामे ना कर, जल्दी से खोल.</p>
<p>उसने कहा – प्लीज यार, यहाँ नहीं.</p>
<p>मैंने झटके से उतार दिया और उसकी सलवार का नाडा खोल दिया. उसकी कच्छी को नीचे कर दिया और उसे घोड़ी बनने को बोला.</p>
<p>वो नहीं बन रही थी.</p>
<p>मैंने झटके से उसको कमर से पकड़कर झुकाया और पीछे से उसकी चूत पर अपना लंड टिकाया.</p>
<p>उसे लगा, जैसे कोई मोटी सी रोड उसकी चूत में अटक गयी हो. उसने हाथ पीछे करके मेरा लंड पकड़ा तो चौक गयी. इससे पहले वो संभालती, मैंने उसकी कमर को कसके पकड़ लिया और एक और झटका जोर का लगाया और अपना लंड उसकी टाइट चूत में घुसा दिया.</p>
<p>उसकी चीख निकल गयी. आहाहहः अहहहः अहहहः ओह्होहोहोहोहूह…</p>
<p>मैंने झट से एक हाथ से उसका मुह कर दिया और वो अपने को छुड़ाने की कोशिश करने लगी. पर नाकामयाब रही. मैंने अपने धक्के जारी रखे.</p>
<p><strong>Antarvasna Ajnabi se chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/chooto-ka-mela-aur-main-akela/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">चूतो का मेला और अकेला</a></strong></p>
<p>थोड़ी ही देर में, उसे मजा आने लगा और वो मेरे हर धक्के का साथ देने का साथ देने लगी.</p>
<p>मुझे भी मज़ा आ रहा था.मैंने उसकी कमर पर हाथ रखकर उसे कसकर धक्के लगाता रहा.</p>
<p>कुछ ही देर में उसने कहा; कि वो झड़ने वाली है.</p>
<p>मैं रुक गया और अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया.</p>
<p>उसने पीछे मुड़कर देखा और बोली क्या हुआ, रुक क्यों गये?</p>
<p>मैंने कहा – मुझे तुम्हारी चूत चाटनी है और उसका पानी चाटना है.</p>
<p>उसने कहा – क्या?</p>
<p>मैं वैसे ही नीचे बैठ गया और पीछे से उसकी चूत को चाटने लगा.</p>
<p>मैं अपनी जीभ उसकी फुद्दी में घुसाकर उसे चोदने लगा.</p>
<p>मेरा ऐसा करने से उसे बहुत ज्यादा मज़ा आने लगा था. और उसने मेरा सर पकड़ा और अपनी चूत पर दबाने लगी.</p>
<p>उसने कहा – मैं झड़ने वाली हु.</p>
<p>मैंने कहा – कॉम ओन, शालू. मेरे मुह में झाड़ना.</p>
<p>उसने जोर की आवाज़ निकाली… और अहहहः आआआआआअ मुह्ह्ह्हह्ह्ह मर गयीईईईईईइ…. मैं झड़ रही हु… अहहहः और वो झड़ गयी.</p>
<p>मैंने उसकी चूत को चाट- चाट कर साफ़ कर दिया.</p>
<p>मैं उसके बम पर स्लेप मार रहा था और कहा रहा था –शालू, मज़ा आ गया. तेरी चूत का स्वाद बहुत अच्छा है.</p>
<p>उसने अपने कपड़े ठीक किये और बोली – तुमने तो मुझे पहली ही मुलाकात में अपना बना लिया.</p>
<p>मैंने कहा – ऐसा ही मैं तुझे क्या क्या मज़ा देता हु, देखती जा.</p>
<p>काफी टाइम हो गया था.</p>
<p><strong>Antarvasna Ajnabi se chudai &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/didi-ki-chudai-kahani/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">दीदी के कारनामे</a></strong></p>
<p>उसने कहा – अब मुझे जाना है. काफी टाइम हो गया. सब ढूढ़ रहे होने.</p>
<p>मै कहा – ओके. मैं तुम्हे कॉल करूँगा, अगला प्रोग्राम सेट करने के लिए.</p>
<p>उसने मेरे गाल पर चूमा और कहा – कोई बात नहीं, साहिल.</p>
<p>वो चली गयी.</p>
<p>मेरा लंड खड़ा था.</p>
<p>मुझे मुठ मारकार अपना लंड शांत करना पड़ा और फिर मैं भी वापिस हॉल में आ गया.</p>
<p>शादी का फंशन ख़तम होते ही, मैं घर चले आया.</p>
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