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	<title>desisex Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<title>desisex Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<item>
		<title>पहली चुदाई का नशा &#8211; पार्ट 2</title>
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		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Jul 2020 06:00:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
		<category><![CDATA[desisex]]></category>
		<category><![CDATA[incest]]></category>
		<category><![CDATA[jawan ladki]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हॅलो दोस्तो, मेरा नाम राजेश, फिर एक बार आपके सामने मेरी अधुरी रह गयी कहानी लेकरं आया हु। अब तक मैने कैसे मेरी सोते हुवे बुवा की लंडकी रेखा को मध्यरात्री चोदा. जब उसको पता चला तो ... <a title="पहली चुदाई का नशा &#8211; पार्ट 2" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/" aria-label="Read more about पहली चुदाई का नशा &#8211; पार्ट 2">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/">पहली चुदाई का नशा &#8211; पार्ट 2</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हॅलो दोस्तो, मेरा नाम राजेश, फिर एक बार आपके सामने मेरी अधुरी रह गयी कहानी लेकरं आया हु। अब तक मैने कैसे मेरी सोते हुवे बुवा की लंडकी रेखा को मध्यरात्री चोदा. जब उसको पता चला तो उसने मेरे सामने एक शर्त रखी वो सब आप मेरी पिछाली सेक्स काम कहानी <a href="https://freehindisexstories.net/sucksex-chut-chudai/">पहले चुदाई का नशा</a> मैं पढे.</p>
<p>अब आगे&#8230;</p>
<p>सेक्स काम चुदाई कहानी &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/hot-indian-sex-padosan-ki-betiyaan/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पड़ोसन की जवान बेटियाँ</a></p>
<p>मैं सायकल लेकरं रेखा दीदी ने बताई चिजें कंडोम और इरेजर लेने मेडिकल निकला, पर मेडिकल जा कर इरेजर मांगने मे कोई आपत्ती नही थी ,पर कंडोम मांगने मे मेरे को झिजक महसुस हो रही थी. करिब 10 मिनिट सायकल चलाकर मे मेडिकल दुकान मे पहुच गया. मे मेडिकल की और बढा तभी मेने देखा मेडिकल मे तो एक लेडी थी. मे मेडिकल के पास पहुचकर वापस अपनी सायकल की और मुडा, मेरे मैं हिम्मत ही नही हो पा रही थी की कैसे जाकर वो औरत को कंडोम मागू , वो क्या समजेगी, तरह तरह के सवाल मनमे आने लगे, दुसरे मेडिकल जाने का सवाल ही नही आ रहा था, क्योकी वो करिब और 5 किलोमीटर लंबा था. तभी मेने सोचा चलो एक बार प्रयास करके देखते है. मे वापस मेडिकल की और बढा..</p>
<p>जैसे ही मे काउंटर पर पोहचा, ऊस मेडिकल वाली औरत ने मुझसे पुछा ,क्या चाहीये , मेने इरेजर मांगा , उसने मुझे इरेजर लाके दिया, मैं उधर ही खडा सोच रहा था को कंडोम कैसे मागू , तभी वो बोली और क्या चाहीये , मे को.को&#8230;..कुछ नही. शायद वह समज गयी थी, स्माईल करके बोली और कुछ नही चाहीये ना? मैं नही बोला , तीस रुपये हो गये वो बोली. मेने 100 का नोट दिया , उसने बाकी का पैसा वापस दिया , मेने बिना उसकी तरफ देखे वहा से निकल गया और सायकल के पास जाकर खडा हुवा , करिब 10 मिनटं खडे रह कर मैने निश्चय किया अभि कुछ भी हो अब कंडोम लेके ही आने का.मे वापस मेडिकल की तरफ बढा. काउन्ट पर जाकर रुका तभी. वहा पर एक लंडकी आई</p>
<p>मेडिकल वाली:- तुम को अब क्या चाहीये,</p>
<p>मैं:- आप ऊस लंडकी को देखो पहले क्या चाहीये बाद मैं मे बता देता हु.</p>
<p>सेक्स काम चुदाई कहानी &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/saheli-ke-doston-ke-sath-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सहेली के चार दोस्तों के साथ चुदाई</a></p>
<p>शायद वो मेडिकल वाली समज गयी थी, एक प्यारी स्माईल करते हुवे , उसने वह लंडकी को जो मेडिसिन चाहीये वो देकर मेरे पास आई,</p>
<p>मेडिकल वाली:- अब बोलो</p>
<p>मैं:- जी वो को&#8230; को..</p>
<p>मेडिकल वाली:- क्या?</p>
<p>मैं:- (धीमी आवाज मैं) कंडोम</p>
<p>मेडिकल वाली:- क्या , समजा नही</p>
<p>शायद वो मेरी फिरकी ले रही थी, उसकी हसी से मे समज गया और जोर से बोल दिया कंडोम.</p>
<p>मेडिकल वाली एक प्यारी स्माईल देकर बोली, कोणास दु?</p>
<p>मैं &#8211; क्या मतलब</p>
<p>मेडिकल वाली- अरे कभी लिया नही क्या पहले, मेने पुछा कोणास फ्लेवर या कंपनी का?</p>
<p>मैं &#8211; जो सही लगे वो दे दिजीए.</p>
<p>सेक्स काम चुदाई कहानी &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/hotsex-haseen-mehbooba/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">हसीन मेहबूबा</a></p>
<p>मेडिकल वाली ने एक पॅकेट पेपर मैं बांध कर मुझे दे दिया और बोली 5 रुपये, मेने उसे पैसे दिये. वह मेरे तरफ हसके देख रही थी, वो भी क्या माल थी , उसकी सेटिंग कैसे हुवी और मेने उसे कैसे चोदा वह आपको दुसरे कहाणी मैं बताउनगा और मैं वहा से निकल गया. मैं सायकल के पास जाकर उसने लगाया कागद निकाला, उसने मुझे डीलक्स का कंडोम दिया था, ऊस समय यही चलता था, और जादा मेहंगा भी नही था. कंडोम जेब मैं रख कर सायकल पर बेठ कर मे घर की तरफ निकल गया. अब मुझे कब घर पोहचकर रेखा दीदी को चोदता हु इसकी आतुरता लगी थी. इस रोमांचित अनुभव से मेरा लंड तन चुका था. सायकल का पेडल मारने से मुझे वह जादा महसुस हो रहा था.</p>
<p>घर पोहचकर मैने बेल बजाई, रेखा दीदी ने दरवाजा खोला तो मे तुरंत अंदर घुस गया और दरवाजा बंद करके ,उसके उपर तूट पडा, मगर उसने मुझे रोकते हुवे कहा राज अपना क्या तय होगया था? मैं रुक कर बोला जैसे आप चाहो वैसे ही होगा दीदी. वह मुझे टोकते हुवे बोली , मुझे दीदी मत बुला गांडू , अबसे, जब कोई नही होगा तब तुम मुझे जानू बुलाते जा? मैं ओके जानू. अब वह बोली, अगर तू सब सामान लाया है तो अब हम अपने काम पे लगते है. चल मेरे साथ &#8230;. वह मुझे पकडकर बाथरूम की और लेकरं गयी. अंदर जाते जाते उसने गीजर ऑन किया.</p>
<p>सेक्स काम चुदाई कहानी &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/girlfriend-ko-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">गर्लफ्रेंड को चोदा</a></p>
<p>मेने पुछा, अब तक तुमने नहाया नही, उसने मेरे गाल पर पप्पी ली और बोली नही मेरे राजा तेरे लिये तो रुकी थी ,तेरे साथ नहाने का था ना!! हम लोग बाथरूम मे गये, तभी वह बोली , मेरे राजा अब एक काम कर , वह इरेजर निकाल. मे अन्याधारी के तरह इरेजर निकाल कर उसके हाथ मे दे रहा था, तभी वो बोली रुक इसका क्या करणे का हे वो सब तुझे ही करना है. मुझे कहा चल काम पे लग जा, प्यार से मेरी सलवार उतार , वेसेही मे आगे बढा और उसके रसिले होठो पे अपना होठं रखकर किस करणे लगा , वो भी मेरा पुरा साथ दे रही थी, एक हाथ नीचे ले जाकर मेने उसके सलवार का नाडा खिचा, सलवार खिसकर नीचे पैरो मे जा रुकी..</p>
<p>मेने अपना हात उसके चुत की तरफ बढाया और उसकी चुत को चड्डी के उपरसेही सहला ने लगा , वह भी मस्त सिसकीया लेते हुवे मुझे किस कर रही थी , उसने अपनी जीभ मेरे मु मे डाली , मे और रोमांच से भर गया और उसकी जीभ चुसने लगा , हमारी दोनो की जीभ एक दुसरे का आलिंगन ले रही थी , तब मैं रुका और नीचे झुकर उसकी निकर नीचे सरका कर सलवार और चड्डी उसके पैरोसे अलग कर दि. झाटो के जंगल मे उसकी चुत भी दिखाई नही दे रही थी, मैं ने उसे बोला अरे जानू क्या है ये , कितने सालो से इसे साफ नही किया, तभी वह बोली , कोई चोदने वाला नही ना, तो इसलीये उसके उपर मैने ध्यान ही नही दिया.</p>
<p>सेक्स काम चुदाई कहानी &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/chut-ka-karz/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">चूत का कर्ज़</a></p>
<p>अब तू है ना तो चल आज तेरे लिये आज उसको चिकणी कर देते है. वेसे ही उसने बाथरम स्टूल लिया और अपनी दोनो टांगे फैला कर बैठ गयी और बोली चल अब राजा काम पे लग जा आज उसको तेरे हाथ से ही चिकणी कर. तब मैं समज गया की इरेजर क्यो लाने को बोला था. वो बोली थोडा पानी और साबण लगा मेरे चुत के बाजू मैं और हलके हलके मसाज कर मेरी चुत की . मेने आज्ञाधरी की तरह साबण और पाणी लिया, पहले पाणी डालकर उसके चुत को भिगोया और साबुन लगाकर अपना हाथ उसके चुत पर रखा तभी उसने एक सिसकारी लेते हुवे मेरे होट चुंम लिये . मेरा हाथ नीचे उसके चुत पर हलका हलका घुम रहा था और वो और जोश मैं आ रही थी. मेने उसके होट चुंमते चुमते , दुसरा हाथ उसके बुब पर रखा और हलका हलका दबाने लगा , करिब पाच मिनिटं उसके होट चुसने के बाद मेने उसका कुर्ता उतार दिया, उसने भी मेरे सारे कपडे उतार दिये और, अब मेरा मु उसके बुब के निप्पल की और बढाया.</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/">पहली चुदाई का नशा &#8211; पार्ट 2</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पड़ोसन की जवान बेटियाँ &#8211; भाग २</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Feb 2020 03:00:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लड़कियों की गांड चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[desisex]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[sex kahani]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>जैसे जैसे वो लंड सहला रही थी, बड़ा होता जा रहा था. अब उसने अपना हाथ मेरे लोअर के अन्दर डाल दिया. मंजिल करीब आती जा रही थी लेकिन मैं किसी जल्दबाजी में नहीं था. ... <a title="पड़ोसन की जवान बेटियाँ &#8211; भाग २" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/" aria-label="Read more about पड़ोसन की जवान बेटियाँ &#8211; भाग २">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">पड़ोसन की जवान बेटियाँ &#8211; भाग २</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जैसे जैसे वो लंड सहला रही थी, बड़ा होता जा रहा था. अब उसने अपना हाथ मेरे लोअर के अन्दर डाल दिया. मंजिल करीब आती जा रही थी लेकिन मैं किसी जल्दबाजी में नहीं था. उंगली चूत के अन्दर बाहर होने से चूत गीली हो चुकी थी. उसकी चूची छोड़ मैंने उसके होंठों पर होंठ रखे, चूसने लगा तो वो भी चूसने लगी. desisex</p>
<p><strong>पड़ोसन की जवान बेटियाँ &#8211; भाग १</strong> &gt; <a href="https://freehindisexstories.net/hot-indian-sex-padosan-ki-betiyaan/">Hot Indian Sex Kahani</a></p>
<p>मैंने उसको अपने सीने से लगा लिया.</p>
<p>नागिन की तरह मुझसे लिपटे लिपटे उसने मेरा लोअर नीचे खिसकाना चाहा तो मैंने अपना लोअर और टी शर्ट उतार दिये और दोनों फिर से लिपट गये.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignleft size-full wp-image-324" src="https://freehindisexstories.net/wp-content/uploads/2020/02/desisex-kahani.jpg" alt="desisex kahani" width="262" height="192" />होठों से होंठ चूसते चूसते वो अपनी चूचियां मेरी छाती से रगड़ने लगी. बेताब तो मैं भी बहुत हो रहा था लेकिन मैं उसकी बेताबी देखना चाहता था.</p>
<p>अब उसने अपनी एक टांग मेरी टांग पर रख दी और खिसक खिसक कर अपनी चूत मेरे लंड से सटा दी.</p>
<p>बार बार कोशिश के बाद भी वी मेरा लंड चूत के लबों से नहीं छुआ पाई तो उसने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत के मुंह पर रगड़ने लगी.</p>
<p>उसे न होठों की याद रही, न चूचियों की.</p>
<p>अब और देर करना मुनासिब नहीं था,</p>
<p>मैंने उसका हाथ अलग किया और अपने हाथ से उसकी चूत के दोनों लब खोलकर लंड का सुपारा रख दिया.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>मेरे सीने से तो लिपटी ही हुई थी, होठों में होंठ फिर आ गये और मैंने अपने हाथ से उसके चूतड़ों को सहलाना शुरू किया,</p>
<p>सहलाते सहलाते जब उसके चूतड़ को अपनी तरफ दबाता तो लंड का सुपारा उसकी चूत पर दबाव बनाता.</p>
<p>अब ज्यादा देर क्या करें,</p>
<p>यह सोचते हुए मैंने बेड के बगल में रखे अपने बैग से कोल्ड क्रीम की शीशी और कॉण्डोम का पैकेट निकाल लिया.</p>
<p>अपनी उंगलियों पर ढेर सी क्रीम लेकर अपने लंड पर और डॉली की चूत पर मल दी.</p>
<p>डॉली को पीठ के बल लिटा दिया,</p>
<p>उसके चूतड़ उठाकर गांड़ के नीचे एक तकिया रखा और कमरे की लाइट जला दी.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>लाइट जलते ही बोली- अंकल, लाइट बंद कर दीजिये प्लीज़.</p>
<p>मैंने लंड का सुपारा चूत के मुंह पर रखते हुए कहा- काहे के अंकल? अब ये राजा बाबू आ रहा है, अपनी रानी से कहो, सम्भालो.</p>
<p>इतना कहते कहते अपने दोनों हाथों से उसकी पतली सी नाजुक सी कमर पकड़ी और लंड को अन्दर दबाया.</p>
<p>जीवन में पचासों लड़कियों औरतों को चोदा था लेकिन इतनी टाइट और छोटी चूत पहली बार देखी थी.</p>
<p>जोर लगाया तो लंड का सुपारा अन्दर हो गया लेकिन डॉली की आँखें छलक आईं.</p>
<p>मैंने कहा- बस हो गया.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>उसके ऊपर झुककर उसके आँसू पोंछे और फिर से चूचियां चूसने लगा.</p>
<p>थोड़ी देर में वो तो सामान्य हो गई लेकिन मेरी हालत खराब थी कि पूरा लंड अभी बाहर था.</p>
<p>खैर डॉली को सहलाते सहलाते, बातों में बहलाते बहलाते मैं अपना लंड धीरे धीरे अन्दर धकेलता जा रहा था.</p>
<p>काफी देर बाद जब पूरा लंड उसकी चूत में समा गया तो मैं धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा.</p>
<p>डॉली पूरा लंड झेल गई थी, अब मैं बिल्कुल चिन्तामुक्त था.</p>
<p>काफी देर अन्दर बाहर करने के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला, कॉण्डोम चढ़ाया और फिर से चूत के अन्दर खिसका दिया और धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>अन्दर बाहर करते करते अब वो समय आ गया कि अब पैसेन्जर ट्रेन को राजधानी बनाने की इच्छा होने लगी.</p>
<p>रफ्तार बढ़ी, आनन्द बढ़ा, लंड फूलकर और मोटा होने लगा, धकाधक दौड़ते दौड़ते मंजिल आ गई और लंड ने पानी छोड़ दिया.</p>
<p>कमरे में एसी चलने के बावजूद हम दोनों पसीने से तरबतर हो चुके थे.</p>
<p>टॉवल से पसीना पोंछा, फ्रिज से जूस के दो पैक निकाले, पिये और ऐसे ही नंगे नंगे लिपटकर सो गये.</p>
<p>रात को तीन बजे पेशाब लगी तो मेरी नींद खुल गई.</p>
<p>पेशाब करके आया, दो घूंट पानी पिया और आकर लेट गया.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>एसी बहुत ठंडा कर रहा था, टेम्परेचर सेट किया.</p>
<p>डॉली गहरी नींद में सो रही थी.</p>
<p>मैंने उसकी चूचियां सहलानी शुरू कीं तो उसकी नींद खुल गई.</p>
<p>डॉली मेरे सीने से चिपक गई और यहां वहां चूमने लगी.</p>
<p>मैंने अपनी दिशा बदली और अपना मुंह उसकी चूत के पास ले जाकर चूत के लबों पर जीभ फेरना शुरू किया.</p>
<p>थोड़ी देर में ही वो कसमसाने लगी.</p>
<p>मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने लण्ड पर रखा तो सहलाने लगी.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>उसका सिर पकड़कर मैं उसका मुंह अपने लण्ड पर ले आया,</p>
<p>वो मेरा इशारा समझ गई और लण्ड पर जीभ फेरकर चाटने लगी.</p>
<p>चाटते चाटते उसने लण्ड चूसना शुरू कर दिया.</p>
<p>थोड़ी देर में ही लण्ड टाइट होकर मूसल बन गया, इधर चूत भी लण्ड लेने को तैयार हो चुकी थी.</p>
<p>मैं पीठ के बल लेट गया और उसको अपने ऊपर लिटा लिया और उसकी चूची चूसने लगा.</p>
<p>मैं तो चूचियों से मजा ले रहा था और वो बार बार अपने चूतड़ पीछे खिसकाकर चूत को लण्ड से छुआना चाहती थी.</p>
<p>मैंने उसकी चूचियां छोड़ीं तो थोड़ा सा पीछे खिसकी और अपनी चूत को लण्ड पर रगड़ने लगी.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>मैंने हाथ बढ़ाकर क्रीम की शीशी उठाई और डॉली को देते हुए कहा- ये लो, राजा रानी को लगा दो.</p>
<p>उसने हथेली पर क्रीम लेकर लण्ड की मालिश शुरू कर दी.</p>
<p>लण्ड टनटनाकर चूत में जाने के लिए फड़फड़ाने लगा.</p>
<p>मैंने उसके हाथ से क्रीम की शीशी लेकर लण्ड पर क्रीम चुपड़ी, डॉली को कमर से पकड़कर उठाया और अपने लण्ड पर बैठा दिया.</p>
<p>चूत के लबों को फैलाकर लण्ड का सुपारा रखा और डॉली को कमर से पकड़कर नीचे दबाया,</p>
<p>सुपारा अन्दर चला गया तो मैंने उससे कहा- और नीचे दबो.</p>
<p>वो जैसे जैसे बैठती जा रही थी लण्ड गुफा में समाता जा रहा था.</p>
<p>जब पूरा लण्ड अन्दर हो गया तो मैंने उससे उचकने को कहा.</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/desisex-padosan-ki-betiyaan/">Desisex</a> kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/ghar-maalik-ki-bahu-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">घर मालिक की बहू की चुदाई</a></p>
<p>अब वो धीरे धीरे उचकने लगी. ऊपर उठती तो आधा लण्ड चूत से बाहर निकल आता,</p>
<p>नीचे जाती तो लण्ड का सुपारा उसकी नाभि से टकराता.</p>
<p>जन्नत के मजे आ रहे थे.</p>
<p>मैंने उससे कहा- कब तक पैसेन्जर ट्रेन चलाओगी, राजधानी एक्सप्रेस चलाओ.</p>
<p>उसने धकाधक उछलना शुरू कर दिया लेकिन थोड़ी देर में ही रुक गई और बोली- बस अब मैं थक गई हूँ.</p>
<p>मैंने कहा- अच्छा! ऐसी बात है तो उतरो और घोड़ी बन जाओ.</p>
<p>बोली- घोड़ी बन जाऊं? मतलब?</p>
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<p>मैंने उसको कमर से पकड़कर घोड़ी बनाते हुए कहा- ऐसे.</p>
<p>अब मैंने अपने लण्ड पर कॉण्डोम चढ़ाया और डॉली के पीछे आ गया.</p>
<p>लण्ड का सुपारा चूत के मुंह पर रखा और अन्दर धकेला लेकिन इस पोजीशन में उसकी चूत और भी टाइट हो गई थी.</p>
<p>जैसे तैसे लण्ड महाराज को अन्दर किया और पैसेन्जर ट्रेन चला दी.</p>
<p>धीरे धीरे रफ्तार बढ़ने लगी. जब लण्ड अन्दर जाता तो आह आह करती जिससे जोश और बढ़ने लगा.</p>
<p>राजधानी पूरी रफ्तार में थी, तभी डॉली बोली- सुनिये, अपने राजा से कहिये दो मिनट रुक जाये.</p>
<p>मैं रुका, अपना लण्ड बाहर निकाला और पूछा- क्या हुआ?</p>
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<p>वो सीधी हो गई और लेटते हुए बोली- थक गई.</p>
<p>मैंने उसका चेहरा थपथपाते हुए कहा- कोई बात नहीं, तुम ऐसे ही लेटो.</p>
<p>कहानी जारी है&#8230;.</p>
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