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	<title>Antervasna Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<title>Antervasna Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<item>
		<title>नरम भाभी की गरम चुत</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/desi-indian-garam-bhabhi-ki-sexy-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Jul 2024 09:00:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भाभी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हैलो दोस्तो मेरा नाम विक्रम साह‌ है. अन्तर्वासना के दुनिया में सबका स्वागत करता हु. मैं रोज़ फ्री हिंदी सेक्स स्टोरीज डॉट नेट पर चुदाई की कहानियाँ पढ़ने आता हु&#8230; आज मैं आपको एक मस्त ... <a title="नरम भाभी की गरम चुत" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/desi-indian-garam-bhabhi-ki-sexy-chudai/" aria-label="Read more about नरम भाभी की गरम चुत">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हैलो दोस्तो मेरा नाम विक्रम साह‌ है. अन्तर्वासना के दुनिया में सबका स्वागत करता हु. मैं रोज़ फ्री हिंदी सेक्स स्टोरीज डॉट नेट पर चुदाई की कहानियाँ पढ़ने आता हु&#8230; आज मैं आपको एक मस्त देसी इंडियन गरम भाभी की सेक्सी चुदाई कहानी सुनाने जा रहा हूँ। उम्मीद है कि आपको पसंद आएगी। desi indian garam bhabhi ki free sexy chudai kahani</p>
<p>मैं रायपुर का रहने वाला हूं. मेरा उम्र 28 वर्ष है और 5.6 मेरी ऊंचाई है. मेरे लन्ड का साईज 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है.</p>
<p>Antervasna Sex Story &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/saali-ke-saath-mazedaar-sex/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">साली के साथ जबरदस्त मज़ा किया</a></p>
<p>हम अपने पापा के तीन बेटे हैं और मैं सबसे छोटा हूं. मुझे सेक्स करना बहुत पसंद हैं. मैंने बहुत से लड़कियों और औरतों की खुब चुदाई भी किया है और उनको खुश किया है.</p>
<p>मुझे बचपन से ही सेक्स का खेल बहुत पसंद हैं क्योंकि जब हम छोटे थे तो हमारे पड़ोस में 3 लड़कीया थी जो उम्र में मुझसे 2-3 साल की बड़ी थी.</p>
<p>उन्होंने ने ही हमें सेक्स का खेल सिखाया था और वो अक्सर हमसे चुदाई करवाया करते थे . कभी कभी तो वो आपस में झगड़ भी जाते थे हमसे चुदाई करवाने के लिए.</p>
<p>इन सब के कारण हमें <a href="https://hindipornstories.org/">चुत चुदाई</a> की लत सी लग चुका था.</p>
<p>Antervasna Sex Story &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/maa-ki-moti-gand/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी माँ की मोटी गांड</a></p>
<p>धीरे धीरे हम लोग बड़े होने के बाद भी यह खेल चलता रहा और उनकी शादी हो गई और हम चुत के लिए तरसने लगे.</p>
<p>पड़ोस के कुछ औरतों की हमने चुदाई तो किया लेकिन वो भी अपने पतियों के डर से हमें ज्यादा टाइम नहीं दे पाते थे और हमारे चुदाई का मज़ा अधुरा रह जाता था.</p>
<p>हमारे दिन बड़े ही मुश्किल से गुजर रहे थे कि पापा ने हमारे दोनों बड़े भाई लोगो की शादी तय कर दिया.</p>
<p>हमने भी पापा को शादी के लिए बहुत हेल्प किया और फिर शादी में खुब मज़े किए.</p>
<p>शादी के टाइम हमने एक आन्टी जो उम्र में 40 की बड़ी खुबसूरत देखने में 30 की लगती थी उनको शराब पिलाकर खुब चोदा था और फिर बारात वाले दिन भाभी की सहेली को पटा कर चुदाई कर दिया.</p>
<p>अब शादी के टाइम हमने बहुत मज़ा किया और फिर शादी के बाद हम फिर से चुत के लिए तड़पने लगे.</p>
<p>Antervasna Sex Story &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/desi-sex-reshma-bhabhi/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">रेशमा भाभी की गोरी चूत</a></p>
<p>शादी के बाद एक भैया जो घर से बाहर जांब करते थे, भाभी के साथ जाकर वहां रहने लगे और बड़े भाई और भाभी हम लोगों के साथ ही रहते थे.</p>
<p>हमारे बड़े भैया जो सिक्यूरिटी गार्ड के पोस्ट पर काम कर रहे थे और उनकी नाईट ड्यूटी की थी.</p>
<p>शायद इस कारण बड़ी भाभी सेक्स लाइफ से संतुष्ट नहीं हो पाया करता था क्योंकि भैया रात में ड्यूटी करते और दिन में सोते थे और भाभी को घर का काम भी तो करना रहता था.</p>
<p>फिर एक दिन जब हम बाथरूम में जाकर पेशाब कर रहे थे तो हमें लगा कि कोई हमें देख रहा है.</p>
<p>चुकि हम जब भी पेशाब करने जाते है तो हमें पैंट और अंडरवियर घुटने तक नीचे उतार कर ही पेशाब करते हैं.</p>
<p>हमारे यहां जहां पर बाथरूम है उससे कुछ ही दूरी पर किचन है और वहां बाथरूम के सीधे में ही खिड़की लगा था जिसमें पारदर्शी शीशा लगा हुआ था और बाहर का सारा नज़ारा दिखाई देता है.</p>
<p>हमारे मन में अभी तक भाभी को लेकर ऐसा कोई ग़लत विचार नहीं बना था लेकिन उस दिन के बाद हम जब भी पेशाब करने जाते बहुत देर तक पेशाब करते थे और हम वहीं खड़े होकर लन्ड को हिला देते.</p>
<p>Antervasna Sex Story &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/phone-se-chudai-tak/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">फ़ोन से चुदाई तक</a></p>
<p>धीरे धीरे हम भाभी की ओर सेक्स के लिए प्लान बनाने लगे.</p>
<p>अब वो जब भी हमारे सामने आती हम ऊपर से ही अपने लन्ड पर हाथ फेरते और वो हल्की सी मुस्कान दे दिया करते थे और हम भी किचन में उनको हेल्प करने के बहाने उनको टच कर दिया करते थे.</p>
<p>फिर हमने महसूस किया कि अब हम जब किचन में जाते वो वहां से निकल कर बाथरूम में जाकर अपनी साड़ी को पूरा ऊपर उठा कर पेशाब करने लगती.</p>
<p>तब हमें यह तो पता चल गया था कि आग दोनों तरफ से लगा हुआ है.</p>
<p>फिर हमने उनको चोदने का पूरा प्लान बना लिया और किस्मत ने भी हमारा साथ दिया.</p>
<p>शाम को बुआ के घर से फोन आया और पापा मम्मी को बुआ ने अपने घर बुलाया.</p>
<p>मम्मी पापा बड़े भैया को लेकर बुआ के घर जाने के लिए मान गए.</p>
<p>मम्मी ने रात में ही भाभी को कहा दिया था कि बहु सुबह हमें जल्दी निकलना होगा तो तु सुबह जल्दी उठकर खाना बना लेना और हेल्प कि जरुरत हो तो विक्रम को उठा लेना.</p>
<p>Antervasna Sex Story &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/didi-ki-madmast-gaand/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">दीदी की मदमस्त गांड</a></p>
<p>हमने जब यह सुना तो हमने भाभी के सेक्स के तड़प को बढ़ाने के लिए प्लान बना लिया और हमें पता था कि भाभी हमें सुबह जल्दी जगाने जरूर आएंगे.</p>
<p>तो हम जानबूझकर सारे कपड़े उतार कर सोये हुए थे और इंतजार कर रहे थे कि कब भाभी हमारे कमरे में आकर हमें इस तरह देखें.</p>
<p>सुबह के 4:30 ही हुआ था कि भाभी हमें कमरे के बाहर से आवाज दे रहे थे फिर दुसरी बार उन्होंने हमारे रूम के दरवाजे को धक्का देते हुए लगाया.</p>
<p>जब हमने कोई रिस्पांस दिया तो वह लाईट आन करने के लिए स्वीच के पास जाकर लाईट आन करके जैसे ही हमारे साईड मुड़कर देखा तो वो सकपका गई..</p>
<p>क्योंकि हम पुरी तरह से नंगा सोये हुए थे और हमारा लन्ड ऊपर आसमान की ओर सलामी दे रहा था.</p>
<p>भाभी एक ही जगह पर संन खड़ी हुई.</p>
<p>हमारे लन्ड को ही घूर रही थी.</p>
<p>बहुत धीरे धीरे वह हमारे करीब आकर हमारे लन्ड को ही घूर रही थी.</p>
<p>Antervasna Sex Story &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/didi-ki-gol-gaand/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">दीदी की गोल गांड</a></p>
<p>हमने महसूस किया कि वह पुरी तरह से सेक्स के लिए तड़पने लगी.</p>
<p>फिर बाहर से आवाज आई बहु विक्रम उठा की नहीं..</p>
<p>भाभी तेजी से हमारे कमरे की लाइट बंद कर हमें बाहर से आवाज देने लगी.</p>
<p>फिर हम उठ कर सिर्फ टावेल में बाहर आए और देखा तो भाभी किचन में थी.</p>
<p>हम बाथरूम में जाकर टावेल निकाल कर लन्ड हिला कर पेशाब कर रहे थे.</p>
<p>हमें पता था कि भाभी हमें देख रही है..</p>
<p>तो हम जानबूझकर खिड़की की तरफ सीधे खड़े होकर लन्ड को हिला रहे थे.</p>
<p>फिर टावेल लपेट कर ही किचन में आ गया और नींद पुरा होने का नाटक कर रहा था.</p>
<p>Antervasna Sex Story &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/saheli-ke-doston-ke-sath-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सहेली के चार दोस्तों के साथ चुदाई</a></p>
<p>भाभी की नजर अभी तक हमारे बड़े खड़े हुए लन्ड पर था जो टावेल में तम्बू बनाए खड़ा था और फिर हमने जानबूझकर टावेल नीचे गिरा दिया.</p>
<p>भाभी की नजर सीधे हमारे लन्ड को निशाना बनाकर देख रही थी.</p>
<p>हमने टावेल लपेटकर अपने रूम में जाकर लोवर और टी-शर्ट पहन कर वापस किचन में आकर भाभी को हेल्प करने लगा.</p>
<p>अब भैया भी अपने ड्यूटी से आ गये और फिर मम्मी पापा और भैया बुआ के यहां चले गए.</p>
<p>उन सबके जाते ही मैंने भाभी से कहा भाभी आप बहुत अच्छी हो अगर आप हमारी बीबी होती तो हम आपको बहुत खुश रखते और आपके साथ इतना कहकर हम चुप हो गये..</p>
<p>भाभी हमारे बातें सुनकर हमारे पास आ गई और बोली हमारे साथ क्या&#8230;.</p>
<p>तो हमने भाभी को अपने पास खींच लिया और किस करके धीरे से कहा आपके साथ चुदाई का मज़ा लेते..</p>
<p>इतना कहकर हम उनके होंठों पे अपने होंठ रख दिए और फिर उसके होंठों को चूसने लगा..</p>
<p>Antervasna Sex Story &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/family-sex-story-randi-bhabhi/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरी भाभी रंडी निकली</a></p>
<p>लगभग 15 मिनट तक होंठों को चूसते हुए उसके बूब्स को ऊपर से ही दबाने लगे&#8230;</p>
<p>भाभी ने भी हमारा पुरा साथ दिया..</p>
<p>उसके बाद मैं भाभी को गोद में उठा लिया और अपने बेडरूम में ले गया..</p>
<p>फिर से उसके होंठों को चूसने लगा और धीरे धीरे हम उनके बूब्स की ओर आने लगे..</p>
<p>हमने भाभी के ब्लाउज के बटन खोल दिए और ब्रा को भी खोल दिया और उसके बूब्स को दबा कर चूसने लगा और एक हाथ से उसके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और हाथ को पैंटी के अन्दर डाल दिया और चुत को उंगलियों से सहलाने लगा.</p>
<p>भाभी भी बहुत खुश दिख रही थी और मादकता भरी आवाज निकलने लगी थी.</p>
<p>हमने भाभी के साड़ी और पेटीकोट दोनों ही निकाल कर अलग कर दिया और अपने पैंट और टी-शर्ट भी उतार दिया.</p>
<p>Antervasna Sex Story &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/hotsex-haseen-mehbooba/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">हसीन मेहबूबा</a></p>
<p>अब अंडरवियर में थे और भाभी पैंटी में.</p>
<p>हमने भाभी की पैंटी भी उतार दिया और उसके दोनों टांगों को फैला दिया और अपने होठों से उसके चुत को चूसने लगा और वो मादकता भरी आवाज निकलने लगी.</p>
<p>आह आह करके आवाज पुरे कमरे में गूंज रही थी.</p>
<p>हमने भाभी के चूत को अपने जीभ से चाटने और जीभ को अंदर बाहर करने लगा.</p>
<p>भाभी भी हमारा सर पकड़ कर चुत की तरफ दबा रही थी.</p>
<p>फिर हमने अपने अंडरवियर को निकाल कर लन्ड को हिलाते हुए भाभी के होंठों से लगा दिया.</p>
<p>भाभी ने भी देर न करते हुए हमारे लन्ड को हिला हिला कर चूसने लगी.</p>
<p>हम भी इतने मस्त हो कर उसके मुंह को चोदने लगा.</p>
<p>उसके बालों को पकड़ कर पुरे स्पीड से भाभी के मुंह को चोदने लगा..</p>
<p>Antervasna Sex Story &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/naukar-ne-choda-biwi-ko/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यासी बीवी, अधेड़ पति</a></p>
<p>वो ओओओओ करके हमारे लन्ड को अपने मुंह में लेकर चूसती रही.</p>
<p>फिर हमने भाभी को सीधा लिटा दिया और दोनों टांगों को फैला कर अपने कंधे पर रख दिया और अपने लन्ड को उसकी चूत में सेट करके जोर से धक्का दिया.</p>
<p>हमारा आधा लन्ड भाभी की चूत को चिरता हुआ अंदर चला गया और भाभी आआआआआआइ करने लगी..</p>
<p>फिर मैंने धीरे से अपने लन्ड को हिला हिला कर और अंदर डाल दिया.</p>
<p>अब हमारा 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लन्ड भाभी के चूत में घुसा हुआ था और हम उसे अंदर बाहर कर रहे थे..</p>
<p>भाभी आआआआआआइ ओओओओओ करते हुए आवाज निकल रही थी.</p>
<p>फिर हमने भाभी को पीछे से चुत में डाल कर भी चोदा और फिर बाथरूम में खड़े होकर भी चोदा.</p>
<p>इतने दिनों बाद हमें किसी को चोदने का मौका मिला था इस लिए जमकर चुदाई किया.</p>
<p>Antervasna Sex Story &gt; <a class="LinkSuggestion__Link-sc-1mdih4x-2 jZPuuT" href="https://freehindisexstories.net/choti-behan-ki-choot-ki-tadap/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">छोटी बहन की चूत की तड़प</a></p>
<p>भाभी भी हमारे चुदाई से काफी खुश थी.</p>
<p>शायद भैया उनको ऐसा कभी चोदते ही नहीं थे.</p>
<p>फिर भाभी को भी हमारी आदत हो गई और भैया के ड्यूटी पर जाते ही वो हमारे रूम में आ जाते थ.</p>
<p>भाभी और मेरे बीच हर तरीके से चुदाई का खेल खेला गया.</p>
<p>आज मेरे दुसरे भैया जो सी आर पी एफ में है उनका तबादला कही और हो गया है जहां भाभी को नहीं लेजा सकते..</p>
<p>इस कारण वो वापस आ कर हम लोगों के साथ ही रहने लगी है.</p>
<p>अगली कहानी में बताऊंगा कि मैंने कैसे उनको भी अपने चुदाई के खेल में शामिल किया</p>
<p>तो दोस्तो ऐ था मेरी सच्ची कहानी उम्मीद है आपको मेरी कहानी पसंद आई होगी..</p>
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		<item>
		<title>मेरी पड़ोसी की चुदक्कड़ बेटियाँ</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/padosi-ki-beti-ko-choda-hot-indian-sex-kahani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jul 2024 05:00:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[लड़कियों की गांड चुदाई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आगरा से ट्रांसफर होकर जब मैं कानपुर आया तो मैंने कानपुर में एक मकान किराए पर लिया। गुप्ताईन का मकान मेरे घर के ठीक सामने था। गुप्ताईन की उम्र करीब 45 साल थी लेकिन अच्छे ... <a title="मेरी पड़ोसी की चुदक्कड़ बेटियाँ" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-beti-ko-choda-hot-indian-sex-kahani/" aria-label="Read more about मेरी पड़ोसी की चुदक्कड़ बेटियाँ">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आगरा से ट्रांसफर होकर जब मैं कानपुर आया तो मैंने कानपुर में एक मकान किराए पर लिया। गुप्ताईन का मकान मेरे घर के ठीक सामने था। गुप्ताईन की उम्र करीब 45 साल थी लेकिन अच्छे रख-रखाव और सजावट की वजह से वो करीब 40 साल की लगती थी। गुप्ता जी एक बैंक में मैनेजर थे।</p>
<p>उनका एक 20-22 साल का बेटा था जो ग्रेजुएशन के बाद जॉब की तलाश में था और एक बेटी जो करीब 18 साल की थी जो इंटर में पढ़ रही थी।</p>
<p>जब से मैं इस मोहल्ले में आया था, मुझे गुप्ताईन से प्यार हो गया था, मुझे किसी तरह से उसे चोदने का तरीका खोजना था।</p>
<h5>padosi ki beti ko choda hot indian sex kahani</h5>
<p>जहाँ चाह होती है वहाँ राह निकल ही आती है।</p>
<p>एक सुबह जब मैं कहीं जाने के लिए कार निकाल रहा था तो मैंने देखा कि गुप्ताईन की बेटी डॉली छाता लेकर खड़ी थी और गुप्ता जी अपना स्कूटर निकाल रहे थे।</p>
<p>बूंदा-बांदी हो रही थी, मैंने गुप्ता जी से पूछा- सर इतनी सुबह-सुबह कहाँ हो?</p>
<p>गुप्ता जी बोले- डॉली का एग्जाम है, मैं उसे स्कूल छोड़ने जा रहा हूँ।</p>
<p>मैंने कहा- मैं वहाँ जा रहा हूँ, मैं उसे छोड़ दूँगा।</p>
<p>थोड़ी हिचकिचाहट के बाद उन्होंने डॉली को मेरे साथ भेज दिया।</p>
<p>शाम को जब मेरी नज़र गुप्ताईन से मिली तो मुझे लगा जैसे वो बिना कुछ कहे ही शुक्रिया कह रही हो।</p>
<p>ऐसा तीन-चार बार हुआ जब मैंने डॉली को उसके स्कूल छोड़ा।</p>
<p>इससे गुप्ताईन तो खुश हो गई लेकिन मेरे दिमाग में एक नया ख्याल आया कि अगर मुझे डॉली को चोदने का मौका मिले तो क्या कहने।</p>
<p>हालाँकि डॉली कोई बहुत खूबसूरत लड़की नहीं थी। दुबला पतला शरीर, सांवला रंग, पाँच फुट छह सात इंच लंबी।</p>
<p>दो चीज़ें बहुत आकर्षक थीं, भावपूर्ण आँखें और मुस्कुराते हुए होंठ।</p>
<p>अब मेरा लक्ष्य बदल चुका था।</p>
<p>फिर एक दिन बातों-बातों में गुप्ता जी ने मुझे बताया कि डॉली का शनिवार को लखनऊ में एग्जाम है, मुझे उसे वहाँ ले जाना होगा।</p>
<p>मैंने तुरंत कहा- मैं शनिवार को लखनऊ जा रहा हूँ, दो घंटे का काम है।</p>
<p>मैं उसे उसके सेंटर पर छोड़ दूँगा और अपना काम खत्म करके वापस आते समय उसे ले लूँगा।</p>
<p>गुप्ता जी इतना बड़ा एहसान लेने को तैयार नहीं थे, लेकिन धीरे-धीरे मान गए।</p>
<p>अब मैं डॉली को चोदने की योजना बनाने लगा।</p>
<p>तय कार्यक्रम के अनुसार, मैं और डॉली शनिवार सुबह 7 बजे लखनऊ के लिए निकले, रास्ते में हमने चाय-नाश्ता किया और करीब 9 बजे डॉली के सेंटर पर पहुँच गए।</p>
<p>वहाँ पहुँचकर डॉली ने मेरे फोन से गुप्ताई को अपने आने की सूचना दी।</p>
<p>वो 9:30 बजे अंदर चली गई, उसे 1 बजे निकलना था।</p>
<p>मैं वहाँ से निकला, एक अच्छे होटल में कमरा बुक किया, अपना बैग रखा और थोड़ी देर आराम किया और डॉली को लेने उसके सेंटर पर पहुँच गया।</p>
<p>डॉली बाहर आई, कार में बैठी और मैंने पूछा- पेपर कैसा था?</p>
<p>वो खुशी से उछल पड़ी और बोली- बहुत बढ़िया।</p>
<p>मैंने कहा- मुझे बहुत भूख लगी है, चलो पहले खाना खाते हैं।</p>
<p>हमने एक अच्छे रेस्टोरेंट में खाना खाया।</p>
<p>डिनर के समय मैंने उससे कहा कि मेरा काम अभी नहीं हुआ है, अगर शाम तक हो जाए तो ठीक है, नहीं तो मुझे रात भर रुकना पड़ेगा।</p>
<p>मेरी बहन यहीं रहती है, हम उसके घर रुकेंगे।</p>
<p>मेरे आग्रह पर उसने गुप्ताईं से भी यही कहा।</p>
<p>अब मैंने डॉली से कहा- चार घंटे कैसे कटेंगे, चलो कोई मूवी देखते हैं।</p>
<p><a href="https://freehindisexstories.net/do-lund-se-chudai/">दो लंडो से चुदाई</a> की <a href="https://hindipornstories.org/">फ्री सेक्स कहानी</a> जरूर पढ़ें।</p>
<p>कंजूस गुप्ता जी की तुलना में मेरा शाही खर्च देखकर डॉली खुश और प्रभावित हुई।</p>
<p>हमने मूवी देखी, खाया-पीया और मैंने मॉल से ही डॉली के लिए एक बढ़िया मिडी फ्रॉक मंगवाई।</p>
<p>शाम के 7 बज चुके थे। मैंने फर्जी कॉल किया,</p>
<p>थोड़ी देर बात करने के बाद मैंने डॉली से कहा कि हमें रात भर रुकना पड़ेगा, चलो बहन के घर चलते हैं, तुम अपनी मां से कह देना।</p>
<p>डॉली ने गुप्ताईं से कहा, इस बीच मैंने फोन उठाया और गुप्ताईं को भरोसा दिलाया कि हम कल 12 बजे तक वापस पहुंच जाएंगे।</p>
<p>अब मैंने डॉली से कहा- मैं सोच रहा हूँ कि दीदी लखनऊ के दूसरे छोर पर रहती हैं, इतनी दूर उनके घर जाने से अच्छा है कि पास के किसी होटल में रुका जाए, होटल में रुकने का अलग ही मजा है।</p>
<p>डॉली कैसे मना कर सकती थी।</p>
<p>मैंने गाड़ी होटल की तरफ मोड़ दी, कमरे पर पहुँच कर मैंने पूछा- कमरा कैसा है?</p>
<p>उसने आँख मारते हुए कहा- बहुत खूबसूरत है।</p>
<p>हमने खाना खाया और सोना पड़ा. मैंने फ्रिज से कोका-कोला की बोतल निकाली, उसमें मैंने व्हिस्की मिलाई हुई थी, दो घूँट पीने के बाद मैंने बोतल डॉली को दे दी, उसने भी दो-तीन घूँट पीने के बाद मुझे दे दी, इस तरह हम दोनों ने कोका-कोला की बोतल खाली कर दी, दो-दो पैग पी लिए.</p>
<p>अब मैंने उसे वो फ्रॉक दी जो मैंने उसके लिए खरीदी थी और कहा- नहा लो और मुझे दिखाओ कि इसे पहनने के बाद तुम कैसी लग रही हो.</p>
<p>थोड़ी देर बाद वो नहा कर वापस आई, मैंने उसकी तारीफ की और नहाने चला गया.</p>
<p>नहाने के बाद मैं अपने साथ लाया हुआ टी-शर्ट और लोअर पहन कर कमरे में आया, वो पहले से ही सो चुकी थी.</p>
<p>मैं भी उसके बगल में लेट गया.</p>
<p>मैंने फ्रॉक की पीछे की ज़िप खोली और उसकी फ्रॉक उतार दी, फिर उसकी ब्रा और पैंटी.</p>
<p>अब डॉली मेरे सामने पूरी नंगी लेटी हुई थी लेकिन मुझे उसे इस हालत में चोदने में मज़ा नहीं आ रहा था.</p>
<p>मैंने कमरे की लाइट बंद कर दी, खुद को चादर से ढक लिया और डॉली को भी चादर के अंदर ले लिया.</p>
<p>मैं उसके संतरे जैसे छोटे स्तनों को मसलने लगा. कुछ देर बाद निप्पल टाइट होने लगे. अब मैंने एक स्तन को मुंह में लिया</p>
<p>और धीरे-धीरे चूसने लगा.</p>
<p>मैंने एक हाथ डॉली की चूत पर रखा और उसे सहलाने लगा.</p>
<p>आधे घंटे तक दोनों स्तनों को चूसने और बारी-बारी से चूत को सहलाने के बाद डॉली जाग गई या यूं कहिए कि उसे होश आ गया. वो बोली- अंकल, मुझे बहुत नींद आ रही है.</p>
<p>मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करते हुए कहा- मैं आज रात सोने वाली नहीं हूँ.</p>
<p>जब मैं उसके स्तन चूसने में थोड़ा और सख्त हो गया और उसकी चूत में उंगली करने की स्पीड बढ़ा दी तो उसे मजा आने लगा.</p>
<p>अब मैं उठकर बाथरूम गया, पेशाब करके वापस आया और चुपचाप लेट गया. एक मिनट ही बीता था कि डॉली मेरे करीब सरक गई और अपना हाथ मेरी छाती पर फिराने लगी, थोड़ी देर बाद उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी चूत पर रख दिया.</p>
<p>मैं समझ गया कि लोहा गरम है. मैंने फिर से उसके स्तन को अपने मुँह में लिया और उसकी चूत को सहलाने लगा और उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया.</p>
<p>वो मेरी लोअर के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगी.</p>
<p>पड़ोसन की लड़की की चुदाई की सेक्स कहानी अगले भाग में जारी है.</p>
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		<item>
		<title>पडोस्वाली कुंवारी लड़की</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/padosi-ki-sexy-ladki-ko-choda-xxxx-story/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jul 2024 19:48:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पड़ोसी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[Antervasna]]></category>
		<category><![CDATA[chut chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[kamukta]]></category>
		<category><![CDATA[ladki ki chodayi]]></category>
		<category><![CDATA[ladki ko chodai]]></category>
		<category><![CDATA[padosan ki ladki]]></category>
		<category><![CDATA[Padosi ki ladki]]></category>
		<category><![CDATA[Padoswali ladki ki chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[samuhik chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[sex kahani]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों, मेरी सेक्सी कहानी में आपका स्वागत है. मैं आपको अपनी पड़ोसन कुंवारी लड़की की चूत चोदने की कहानी बताने जा रहा हूँ. मेरा नाम राज है, मैं लुधियाना से हूँ. मेरी उम्र 24 ... <a title="पडोस्वाली कुंवारी लड़की" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-sexy-ladki-ko-choda-xxxx-story/" aria-label="Read more about पडोस्वाली कुंवारी लड़की">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हेलो दोस्तों, मेरी सेक्सी कहानी में आपका स्वागत है. मैं आपको अपनी पड़ोसन कुंवारी लड़की की चूत चोदने की कहानी बताने जा रहा हूँ. मेरा नाम राज है, मैं लुधियाना से हूँ. मेरी उम्र 24 साल है और मैं अविवाहित हूँ. Meri is sexy kahani mein padhiye ki kaise maine apni padosi ki ladki ko choda.</p>
<p>मेरी एक गर्लफ्रेंड थी, उसका नाम नीलम था. मेरे घर के पास एक और लड़की रहती थी, सिर्फ़ 18 साल की. उसका नाम संध्या था. संध्या और नीलम सहेलियाँ थीं, संध्या को नीलम और मेरे बारे में पता था. मैं संध्या से नीलम के घर फ़ोन करवाता था.</p>
<p>संध्या को सब पता था, नीलम और मैं कहाँ जा रहे हैं, क्या कर रहे हैं.</p>
<p>ये सब सुनकर संध्या को भी सेक्स करने की इच्छा होने लगी.</p>
<p>वो अक्सर मेरे घर आती और मुझसे पूछती- राज भैया, कल आपने नीलम के साथ क्या किया?</p>
<p>मैं- तुम्हारा इन सब से क्या लेना-देना है?</p>
<p>फिर वो शरमा कर चली गई.</p>
<p>मैंने नीलम से पूछा तो उसने बताया कि वह हमारे बीच हुई हर बात संध्या को बताती है।</p>
<p>मैं समझ गया।</p>
<p>एक दिन जब मैं अपने घर में काम कर रहा था, संध्या मेरे पास आई और मुझसे बातें करने लगी।</p>
<p>मैंने उससे कहा- तुम अभी जाओ। थोड़ा देर से आना, मुझे अभी काम करना है।</p>
<p>लेकिन वह नहीं मानी।</p>
<p>मैंने उसे थोड़ी देर के लिए आने को कहा, फिर वह चली गई।</p>
<p>मेरी मां को बाजार जाना था, तो मां ने मुझसे कहा- मैं थोड़ी देर में वापस आऊंगी। अगर तुम्हें चाय पीनी है, तो संध्या से कह देना, वह बना देगी!</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है!</p>
<p>मां के जाने के तुरंत बाद संध्या फिर से मेरे घर आ गई और मुझे परेशान करने लगी।</p>
<p>मैं अपना काम नहीं कर पा रहा था।</p>
<p>इस बीच संध्या ने मेरे हाथ से पेन छीन लिया और मेरे कमरे की तरफ भागने लगी। मैं उसे पकड़ने के लिए खड़ा हो गया, मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया।</p>
<p>जब मैंने उसे पकड़ा तो मेरे हाथ उसके स्तनों पर थे।</p>
<p>संध्या के स्तन बहुत मुलायम थे, लेकिन छोटे भी थे।</p>
<p><a href="https://hindipornstories.org/gaand-me-lund/">मेरा लंड उसकी गांड पर था</a>।</p>
<p>थोड़ी देर तक पकड़े रखने के बाद उसने मुझे पेन दे दिया।</p>
<p>मैं पेन लेना नहीं चाहता था, लेकिन मैंने उसे छोड़ दिया, मैंने उससे कहा- मेरे लिए चाय बनाओ!</p>
<p>वह बोली- ठीक है भैया!</p>
<p>और वह चाय बनाने चली गई।</p>
<p><strong>Padosi ki ladki ko choda kahani &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/suhagraat-par-pehli-baar-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सुहागरात पर पहली बार चुदाई</a></strong></p>
<p>मैं कुछ देर तक सोचता रहा कि क्या करूँ, पर अब मैं सेक्स किए बिना नहीं रह सकता था। मैं धीरे से उसके पास किचन में गया और उसके पीछे खड़ा हो गया, बोला- चाय अभी तक बनी नहीं है क्या?</p>
<p>मेरा लिंग उसके नितम्बों को छू रहा था, तो वो समझ गई, वो मुझसे बचने लगी।</p>
<p>मैं भी समझ गया कि वो अब मुझसे बच रही है।</p>
<p>उसने मुझे चाय दी और कहा- भैया, मैं घर जा रहा हूँ!</p>
<p>मैंने कहा- रुको ना… मैं चाय पी लूँ, फिर तुम जा सकते हो!</p>
<p>वो बोली- ठीक है, पी लो।</p>
<p>मैं उसे अपने कमरे में ले गया। वो चुपचाप मेरे कमरे के एक कोने में खड़ी हो गई। मैं सोच रहा था कि अब क्या करूँ।</p>
<p>मैंने जानबूझ कर उसके सामने नीलम की बात छेड़ी, मैंने उससे पूछा- क्या तुमने नीलम से बात की है?</p>
<p>वो बोली- नहीं!</p>
<p>फिर मैंने उससे कहा- तुम नीलम को फ़ोन करके यहाँ बुलाओ!</p>
<p>वो बोली- क्यों? तुम उसे यहाँ क्यों बुला रहे हो भैया?</p>
<p>मैंने कहा- क्योंकि माँ यहाँ नहीं है!</p>
<p>वो बोली- ठीक है।</p>
<p>फिर उसने कहा- मैं तुम्हें फोन करके आऊँगी।</p>
<p>मैंने कहा- रुको!</p>
<p>मेरे इतना कहने के बाद वह रुकी और पूछा- बताओ क्या?</p>
<p>मैंने उससे पूछा- नीलम तुम्हें क्या-क्या बातें बताती है?</p>
<p>उसने कहा- कुछ नहीं।</p>
<p>मैं समझ गया कि अब वह मुझसे बात करने से डर रही है… मैंने कहा- संध्या, तुम मेरे पास आओ!</p>
<p>उसने कहा- क्यों?</p>
<p>मैंने कहा- चलो!</p>
<p>वो धीरे से मेरे पास आई, मैंने उसे बिस्तर पर बिठाया और कहा- संध्या, तुम मेरे और नीलम के सेक्स के बारे में सब कुछ जानती हो, है न?</p>
<p>वो बोली- भैया, मैं कुछ नहीं जानती, कसम से!</p>
<p>वो उस समय डरी हुई थी.</p>
<p>फिर मैंने कहा- ठीक है. अगर तुम्हें हमारी बातचीत के बारे में जानना है, तो मुझसे पूछो&#8230; लेकिन नीलम से मत पूछो!</p>
<p>उसने तुरंत पूछा- क्यों?</p>
<p>मैंने कहा- अगर नीलम तुम्हारी माँ को बता दे तो?</p>
<p>उसने धीरे से हाँ कहा.</p>
<p>उसके बाद मैंने उससे पूछा- क्या तुम अभी जानना चाहती हो?</p>
<p>उसने धीरे से अपना चेहरा हिलाया और कहा नहीं.</p>
<p>फिर भी मैं उसे पूरी बात बताने लगा. वो थोड़ी देर तक ना कहती रही, उसके बाद वो ध्यान से सुनने लगी. मैंने उसे एक बात पूरी बताई.</p>
<p>उसके बाद वो मुझसे बोली- भैया मुझे इसके बारे में किसी और दिन बताना ना?</p>
<p>जब मैंने उससे कहा- मैं अभी नहीं बताना चाहता.</p>
<p>वो तुरंत खड़ी हो गई.</p>
<p>मैंने उसे आगे से पकड़ लिया और उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया।</p>
<p>वह मुझसे दूर जाने की पूरी कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने उसे जाने नहीं दिया…</p>
<p>थोड़ी देर बाद मैंने उससे कहा- बिस्तर पर लेट जाओ!</p>
<p>लेकिन उसने कहा- मैं चिल्लाऊँगी।</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है, तुम चिल्लाओ!</p>
<p>मैंने उसे अपने हाथों से उठाया और बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर लेट गया. मैंने उसके हाथ पकड़े और उसे चूमने लगा.</p>
<p>थोड़ी देर तक वो ना-ना करती रही, फिर मैंने एक हाथ से उसके दोनों हाथ पकड़े और दूसरे हाथ से उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया.</p>
<p>वो ना-ना कह रही थी.</p>
<p>फिर मैंने अपना हाथ उसकी सलवार में डाला और उसकी चूत को सहलाने लगा. कुछ देर ऐसा करने के बाद वो भी गर्म होने लगी. फिर मैंने उसके हाथ छोड़े और उसके बाद मैं समझ गया कि अब वो भी गर्म हो गई है, अब वो चुदते समय नखरे नहीं करेगी.</p>
<p>फिर मैंने उसकी कुर्ती उतार दी और उसके साथ उसकी शर्ट भी. मैं उसके स्तनों को सहलाने लगा और अपने हाथों से उसकी चूत को सहलाने लगा.</p>
<p>मुझे पता था कि वो पहली बार सेक्स कर रही है.</p>
<p>उसके मुँह से ‘हाहा हाहा हाहा&#8230;’ की आवाज़ें आ रही थीं.</p>
<p>मैंने उससे कहा- मैं नीलम के साथ भी ऐसा ही करता हूँ.</p>
<p>तो उसने अपनी बंद आँखें खोली और बोली- अब आगे क्या करते हो?</p>
<p>मैं समझ गया कि अब वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी है, मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए, अब वो मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी।</p>
<p>फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और तेल की बोतल लाया। मैंने अपने लिंग पर तेल लगाया, उसके बाद मैंने उसकी चूत पर भी तेल लगाया।</p>
<p>मैंने उससे पूछा- क्या मैं अपना लिंग डाल दूँ?</p>
<p>तो वो बोली- डाल दूँ!</p>
<p>जैसे ही <a href="https://freehindisexstories.net/choot-me-lund-hua-bahut-dard/">मैंने अपना लिंग उसकी चूत में थोड़ा सा डाला</a>, वो जोर से चिल्लाई- उउउउउउम्मम्म्म आआआआ ईईईईईई नहीं भैयाआआआ निकालो।</p>
<p>मैंने अपना लिंग बाहर निकाला और कहा- थोड़ा दर्द होगा। इतनी जोर से मत चिल्लाओ!</p>
<p>वो बोली- ठीक है, पर भैया थोड़ा धीरे से डालना!</p>
<p>मैंने फिर से अपना लिंग उसकी चूत में डाला, जैसे ही वो चिल्लाई, मैंने अपना मुँह उसके मुँह पर रख दिया और उसके होंठ चूसने लगा।</p>
<p>थोड़ी देर बाद उसकी चीखें कम हो गईं।</p>
<p>फिर मैंने अपनी कमर को थोड़ा पीछे किया और एक जोरदार झटका दिया और अपना पूरा लिंग उसकी चूत में डाल दिया. उसके बाद वो लगभग मर ही गई, वो बहुत जोर से चिल्लाई- उम्म्ह… आआह्ह… हाआआ… बहुत दर्द हो रहा है… मैं अब और नहीं सह सकती… प्लीज… निकाल लो.</p>
<p>फिर मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में लिया और जोर-जोर से हिलाने लगा.</p>
<p>उसकी चूत से खून निकलने लगा और वो पागल हो गई.</p>
<p>उसके चिल्लाने के बाद भी मैंने उसे चोदना बंद नहीं किया और चोदता रहा.</p>
<p>कुछ देर बाद मेरा वीर्य निकल गया, जिसे मैंने उसकी चूत में नहीं जाने दिया, बाहर निकाल दिया.</p>
<p>और मैं कुछ देर उसके ऊपर लेटा रहा.</p>
<p>अपना लिंग उसकी चूत से बाहर निकालने के बाद ही उसने राहत की सांस ली और बोली- भैया, अब मैं कभी भी तुम्हारे साथ नहीं चुदूँगी.</p>
<p>मैंने उससे कहा- तुम अपना खून साफ ​​करो और अपने कपड़े पहन लो!</p>
<p>मैंने अपने कपड़े पहने और फिर अपना काम करने लगा.</p>
<p>थोड़ी देर बाद वो कमरे से बाहर आई और बोली- भैया, मैं जा रही हूँ.</p>
<p>मैंने कहा- ठीक है, अब कब आओगी?</p>
<p>वो बोली- जब भी समय मिले.</p>
<p>आज भी जब भी मौका मिलता है, मैं उसे चोदता रहता हूँ.</p>
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		<item>
		<title>रुखसार बेगम की मचलती जवानी</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/desi-bur-ki-jabardast-chudai-xxxx-story/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 20 Oct 2021 07:47:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[गुरु घण्टाल]]></category>
		<category><![CDATA[ajnabi ki chudai]]></category>
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		<category><![CDATA[Chudai]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उसने अपने कपडे भी फाड़ दिए और कहा इस नाचीज़ की चूत को खा जाओ &#124; मैंने उसकी चूत को मजबूरी में चाटा और उसके बाद जैसे ही उसने मुझे अपना माल पिलाया मुझे जोश आ गया &#124; उसके बाद मैंने उसे बिस्तर पे पटका और कहा बस अब आपको हमारे लंड की ताकत से रूबरू करवाता हूँ..</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आज का सबसे बड़ा सवाल यह है कि हम कैसे जियें? और उससे भी बड़ी समस्या यह है कि ऐसा क्या करें कि जीना असंभव हो जाये। दोस्तों, ये दो सवाल बहुत कठिन हैं क्योंकि पूरी जिंदगी इनके इर्द-गिर्द घूमती है और आज तक कोई भी इनसे बच नहीं पाया है।</p>
<p>मैं भी यही सोचता था कि अगर हर काम दिल से करो तो राह आसान हो जाती है। लेकिन इसके अलावा भी हमें कई चीजों की जरूरत होती है, जिससे हम सब कुछ कर सकते हैं। देखिए, एक लेखक समाज को आईना दिखाता है, लेकिन सबसे बड़ी विडंबना यह है कि उसका खुद का जीवन अंधकार में होता है।</p>
<h5>Rukhsar begam ke desi bur ki jabardast chudai xxx ki antharvasna sex kahani</h5>
<p>एक लेखक बहुत मेहनत करके अपना गुजारा करता है, लेकिन अगर उसे कोई ऐसा मिल जाए जो उसकी कला की कद्र करे, तो उसका पूरा जीवन बेहतर हो जाता है। मैं भी कुछ ऐसी ही तलाश कर रहा था। घर पर मेरी पत्नी और बच्चे थे जो पढ़ाई कर रहे थे।</p>
<p>हमारे घर में आर्थिक तंगी बहुत थी क्योंकि मुझे हर दिन किसी न किसी से बेइज्जती का सामना करना पड़ता था। अगर किसी को कहानी पसंद नहीं आती थी, तो मुझे कोई नहीं मिलता था। लेकिन मेरी पत्नी और बच्चे मेरी ताकत थे क्योंकि वो हमेशा मेरी तारीफ करते थे और किसी तरह सब कुछ मैनेज कर लेते थे।</p>
<p>अगर आपके पास कोई सच्चा साथी हो, तो जिंदगी खूबसूरत हो जाती है और सफर बस नाम का रह जाता है। करीब 5 साल हो गए मुझे लोगों के चक्कर काटते काटते लेकिन एक पैसा नहीं मिला। लेकिन मेरा घर चलता था क्योंकि जहाँ भी कवि सम्मेलन या मुशायरा होता था।</p>
<p>पैसे कम मिलते थे लेकिन घर का चूल्हा जलता था और दो सेर रोटी भी मिल जाती थी। मैं आपके साथ एक घटना शेयर करना चाहता हूँ जो मेरे साथ भिंड में घटी। यह जगह मध्य प्रदेश में है और यहाँ के ज़्यादातर लोग अपराधी प्रवृति के थे।</p>
<p>यहाँ एक बहुत बड़ा कवि सम्मेलन होने वाला था जिसका आयोजन ठाकुर साहब कर रहे थे। ठाकुर साहब यानी सरकार जी। उन्होंने यहाँ राज किया। लेकिन उन्होंने किसी के साथ बुरा नहीं किया।</p>
<p>मुझे एक निमंत्रण मिला और उसमें एक हजार रुपए थे और लिखा था कि तुम्हें यहां आकर एक कविता सुनानी है। मैंने भी जल्दी से एक हजार रुपए भाग्यवान को दे दिए और मेरे बड़े बेटे गज्जू ने उससे कहा कि अरे गुड्डू, अम्मा का ख्याल रखना, ठीक है।</p>
<p>उसने कहा ठीक है बापू और फिर उसने मुझसे पूछा बापू एक दिन हम अच्छी जिंदगी जिएंगे ना? मेरी आंखें नम हो गईं और मैंने कहा डाल पर बैठे पंक्षी को अपने पंखों पर भरोसा होता है, लाख तूफान आएं, लेकिन अपने दिल में हिम्मत भर लो और फिर देखो क्या होता है।</p>
<p>उसने भी मुस्कुरा कर कहा ठीक है बापू अब आप जा सकते हैं।</p>
<p>Chodai ki kahani &#8211; <a href="https://freehindisexstories.net/chod-gaya-meri-gaand-re/" rel="bookmark">गांड में चोदा चोदी</a></p>
<p>मैं तैयार हुआ, अपना बैग लिया और अपने सफर पर निकल पड़ा। मुझे एक बस मिली और किराया था 30 रूपये। मैं भिंड पहुंचा और रात के 1 बज रहे थे। कुछ लोगों ने मुझे घेर लिया और कहा जो कुछ भी है निकाल लो। मैंने कहा खुद ही ले लो भाई और वो मेरी तरफ आने लगे।</p>
<p>जैसे ही उन्होंने मेरी तलाशी ली तो उनके पास एक पायजामा और कुर्ता और 50 रूपये और कुछ किताबें मिली। तो उनमें से एक ने मुझसे पूछा कि भिखारी तुम क्या कर रहे हो। तो मैंने कहा मैं एक लेखक मित्र हूं, तो वो सब दूर हट गए और मुझे गले लगा लिया और कहा मूर्ख अब मुझे रुलाओगे क्या।</p>
<p>अपना सामान उठाओ और बताओ कहां जाना है। देखा दोस्तों, एक लेखक की मजबूरी डाकू भी समझते हैं। लेकिन उस समय शायद उनमें से कोई कुछ लेने गया था और सबको कह गया था कि भाई को कहीं मत जाने देना।</p>
<p>थोड़ी देर बाद वो वापस आया और बोला भाई ये लो रोटियां हैं तुम जरूर खा लेना, तुम्हें भूख लगी होगी रोटी के साथ देशी शराब हो तो मजा आ जाता है। हम सब नशे में थे तभी उनमें से एक ने पूछा भाई तुम यहां किसके यहां आए हो तो मैंने उससे कहा कि मुझे ठाकुर साहब के कवि सम्मेलन में जाना है।</p>
<p>उसने कहा भाई चिंता मत करो हम तुम्हें सुबह छोड़ देंगे। और हम वहीं खाई में सो गए। फिर जब सुबह उठा तो मैं ठाकुर साहब की हवेली के बाहर मैदान में था। मैंने मन ही मन उनका धन्यवाद किया और सोचा कि काश वो मेरी कविता सुनने आते।</p>
<p>टेंट लग चुका था, मंच सजा हुआ था और कई मशहूर कवि और कवयित्रियां वहां आई हुई थीं। मैंने सोचा पहले नहा लूं फिर देखूं क्या इंतजाम है। मैं पास के नल के नीचे नहाया और सोचा नाश्ता कर लूं। लेकिन अगर मैं नाश्ता कर लेता तो मेरे पास घर जाने के लिए पैसे नहीं बचते इसलिए मैं भूखा ही रह गया।</p>
<p>लेकिन एक घंटे बाद वो सभी लोग वापस आए और बोले भाई हम आपके लिए नाश्ता लाए हैं। मैं उन्हें देखकर बहुत खुश हुआ और भगवान का शुक्रिया अदा किया। &#8220;लाख तकलीफें दे दो पर मुझसे वो दोस्त मत छीनो जो मेरा ख्याल रखते हैं।&#8221; फिर उन्होंने कहा भाई हम रात को मिलेंगे, अगर अभी रुके तो पुलिस हमें गिरफ्तार कर लेगी।</p>
<p>फिर मैं अंदर गया और जायजा लेने लगा।</p>
<p>अंदर जाते ही मेरी मुलाकात भारतेंदु दुखभंजन सिंह साहब से हुई जो हमारे समय के बहुत बड़े कवि थे। उन्होंने मुझे देखा और कहा तुम नए लग रहे हो और मैंने उनके पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। मैंने ध्यान नहीं दिया कि एक युवा कवयित्री मेरी तरफ देख रही थी। वो एक राजघराने से ताल्लुक रखती थी।</p>
<p>उसका नाम रुखसार अंबर था और उसकी शायरी में वीरता और हास्य दोनों ही तत्व थे। फिर मैंने सोचा कि बेचैनी के बीच मेरा क्या काम है तो मैं चुपचाप एक कोने में खड़ा हो गया। तभी गलियारे में मौजूद लोगों की तरफ से एक आवाज आई और मुझे समझते देर नहीं लगी कि ये हमारे राहत फरूकाबादी हैं।</p>
<p>उन्होंने मेरी बात सुन ली थी और वो सबके लिए यहां आए थे। मेरी तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि अगर व्यंग्य और गंभीर शायरी का नाम आएगा तो ये लड़का बहुत ऊपर जाएगा। रुखसार अंबर भी वहां थी और वो ये सब बड़े ध्यान से सुन रही थी।</p>
<p>सबके जाने के बाद वो मेरे पास आई और बोली कि आप तो बड़े छुपे हुए योद्धा लगते हैं, क्या आप हमें अपना जादू नहीं दिखाएंगे। तो मैंने कहा कि रुखसार जी, चलिए अब मैं आपको एक चुटकुला सुनाता हूं। तो वो बोली नहीं, हम आपका जादू अकेले में देखना चाहते हैं।</p>
<p>मैं समझ गया कि वो क्या चाहती है।</p>
<p><a href="https://hindipornstories.org/">Antharvasna</a> &#8211; <a href="https://freehindisexstories.net/padoswali-bhabhi-ke-saath-suhagraat/" rel="bookmark">पड़ोसवाली भाभी के साथ सुहागरात मनाई</a></p>
<p>पहले तो मैंने सोचा कि चलो अपना काम निपटा लेते हैं और बाद में करेंगे। सम्मेलन शुरू हुआ और मेरी बारी आई और जैसे ही मैंने पहला व्यंग्य किया सभी कवि खड़े हो गये और तालियाँ बजाने लगे।</p>
<p>मैंने दो घंटे तक अपनी प्रस्तुति दी और ठाकुर साहब खुश हुए और मुझे एक लाख की नकद राशि दी। फिर रात को हमने वहीं पर खाना खाया लेकिन रुखसार मुझे एक कमरे में ले गई और बिना कुछ कहे मेरे कपड़े फाड़ दिए और अपने भी कपड़े उतार दिए।</p>
<p><a href="https://antarvasnasexkahani.net/maa-beta/lockdown-me-maa-sex-chat-aur-chudai/">मेरा लंड</a> बालों से भरा हुआ था लेकिन फिर भी वो उसे चूसने लगी और इतना चूसा कि वो लाल हो गया।</p>
<p>फिर उसने अपने कपड़े भी फाड़ दिये और बोली खा जा इस हरामजादी की चूत। मैंने बेबसी में उसकी चूत चाटी और उसके बाद जैसे ही उसने मुझे अपना रस पिलाया तो मैं उत्तेजित हो गया। उसके बाद मैंने उसे बिस्तर पर पटक दिया और कहा कि अब मैं तुझे हमारे लंड की ताकत से परिचित कराता हूँ।</p>
<p>उसके बाद मैंने उसे उल्टा कर दिया और अपना लंड उसकी गांड में डाल दिया और वो उम्म्मम्म्मम्म.. आआआआह.. ऊऊऊऊहह.., जैसी आवाज़े निकालने लगी।</p>
<p>बेगम जान की गांड फट चुकी थी और मैं उनको पागल घोड़ी की तरह चोद रहा था.</p>
<p>वो लगातार आह्ह&#8230;ओह्ह&#8230;ऊई&#8230;कर रही थी और मैं रुकने को तैयार नहीं था.</p>
<p>बीच बीच में मैं उनके चूतड़ों पर थप्पड़ मार रहा था. फिर मैंने अपना लंड उनकी गांड में डाला पर फिर भी मेरा लंड खड़ा था.</p>
<p>मैंने उनको घोड़ी की तरह खड़ा किया और इस बार उनकी चूत फाड़ दी और हर बार की तरह मैंने उनकी चूत में हस्तमैथुन किया.</p>
<p>उसके बाद हम साथ में लेट गए. वो मुझसे बहुत खुश हुई और उन्होंने मुझे अपना हार और दो किलो सोना दिया.</p>
<p>मैं फिर से उत्तेजित हो गया और उनको फिर से चोदा. इस बार वो आह्ह उम्म्मम्म्मम्म करती रही और पूरी रात चुदती रही.</p>
<p>इस बार मैं करोड़पति बनकर घर लौटा और ये मैं कभी नहीं भूलूंगा.</p>
<p>दोस्तों बहुत से लोग अमीर बन गए होंगे पर बहुत कम लोग मेरे जैसे बन पाएंगे. मु</p>
<p>झे जरूर बताइए कि आपको शायर की ये कहानी कैसी लगी.</p>
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		<title>मेरी पहली सुहागरात पड़ोस वाली भाभी के साथ</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/padoswali-bhabhi-ke-saath-suhagraat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Oct 2021 12:12:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[भाभी की चुदाई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>पहले तो वो शर्मा गई और फिर उन्होंने कहा की मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है तो मैंने कहा कि आप अब ऐसा क्यूँ बोल रहे हो ? तब वो बोली की मेरे पति बाहर रहते हैं और मेरा मन करता है की मुझे कोई चोदे पर मेरी चूत प्यासी की प्यासी ही रह जाती है .... </p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>Padoswali bhabhi ke saath suhagraat मैंने वीरेंदर हूँ और उत्तराखंड से हूँ | मेरी उम्र 25 साल है और मैं दिखने में बहुत ही गोरा हूँ | मेरी हाईट भी अच्छी खासी है 6 फूट और इंच हाईट है मेरी | जब मैं लम्बा हूँ तो मेर लंड भी लम्बा है, मेरा लंड 10 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा है | मैंने अपनी लाइफ में कभी सेक्स नहीं किया था पिछले 2 महीने पहले तक | मैं अभी पार्ट टाइम जॉब करता हूँ जहाँ बहुत सारी लड़कियां हैं पर पता नहीं क्यूँ ? मुझसे एक भी नहीं पटी थी | मैं देसी सेक्स स्टोरीज का बहुत बड़ा फेन हूँ और मुझे स्टोरीज पढना बहुत पसंद है | पर मेरे साथ ऐसा हुआ ही नहीं था जो मैं किसी को बता पाता और अब जब हुआ है तो मैं अपलोगो के समक्ष रख रहा हूँ | चलो दोस्तों अब मैं आप लोगों को बता हूँ कि कैसे मैंने अपनी विर्जिनिटी तोड़ी वो भी अपनी पड़ोस वाली भाभी के साथ |</p>
<p>ये घटना आज से 2 महीने पहले की है उस समय मस्त ठंड का मौसम चल रहा था और मैं अपनी जॉब के लिए रोज सुबह 10 बजे घर से निकलता था | हमारे घर के बाजु एक घर है जो की ज्यादातर किराये से ही चलता है और जो उस घर के मालिक हैं वो विदेश में रहते है तो उनके घर में किरायेदार ही रहा करते हैं | अभी काफी टाइम से वहाँ कोई नहीं था पर उस दिन जब मैं सुबह अपने ऑफिस के लिए निकल रहा था तब मैंने देखा कि वहां कोई फॅमिली आ रही है रहने के लिए | मैंने भी सोचा की शायद ऐसे ही कोई नार्मल फॅमिली होगी जिसमे मेरे काम का कोई भी नहीं होगा |</p>
<p>Sexkatha <a href="https://freehindisexstories.net/chod-gaya-meri-gaand-re/" rel="bookmark">आया सावन झूम के चोद गया मेरी गांड रे</a></p>
<p>यही सोच कर मैं फिर अपने ऑफिस के लिए निकल गया था | फिर मैं जब शाम 5 बजे आया वहाँ से तो देखा की एक मस्त सी भाभी अन्दर जा रही थी मैं उसे देखता ही रह गया | क्या मस्त भाभी थी वो 34 के दूध साइज़ गांड आए हाय गांड तो एक दम कातिलाना थी 38 की | इतना गजब का माल देख के तो हर किसी का लंड खड़ा हो जाये ऐसे हुस्न की मल्लिका थी वो | फिर मैं घर आ गया अपने और फिर सोचने लगा कि वो हुस्न की मल्लिका है कौन ? फिर मैंने अपनी मम्मी से पूछा कि मम्मी यहाँ कोई रहने आए हैं क्या बाजु में ? तो मम्मी नै कहा की हाँ आए हैं बहुत सीधे सादे लोग हैं वो फिर मैंने कहा कि अच्छा !!!! ठीक है | फिर मैं अपने रूम में चला गया और टीवी देखने लगा फिर थोड़ी देर बाद मुझे डोर बेल की आवाज़ आई मैं तुरंत नीचे गया देखने की कौन आया है मम्मी बर्तन साफ कर रही थी इस वजह से उन्हें डोर बेल सुनाई नहीं दी थी तो मैं नीचे गया |</p>
<p>दरवाजा खोला तो देखा कि वो ही बाजु वाली भाभी आई हैं तो मैंने उन्हें नमस्ते किया और कहा कि हाँ जी बोलिए ! तो वो बोली कि बेटा थोडा शक्कर मिलेगा क्या ? मेरे घर में कुछ रिलेटिव्स आए हैं और हम लोग आज ही यहाँ शिफ्ट हुए हैं तो कुछ सामान नहीं ला पाए हैं | तो मैंने कहा कि कोई बात नहीं फिर मैंने उन्हें शक्कर दे दिया और वो चली गई | फिर ऐसे ही धीरे धीरे हम लोगों की आपस में बहुत अच्छी पहचान हो गई और वो हमारे यहाँ रोज आती थी | असल में उनके पति डेल्ही में जॉब करते थे तो वो वहीँ डेल्ही में ही रहते थे और उनका कोई भी बच्चा नहीं था तो वो भाभी अकेले ही रहती थी |</p>
<p>फिर ऐसे ही कुछ दिन बीत गए थे और समय तक मैंने कभी उन्हें चोदने के बारे में नहीं सोचा था पर एक दिन मैं सन्डे के दिन छत में टहल रहा था | बाजु वाली भाभी नहा कर ऊपर कपडे सुखाने आई थी और गाउन पहना था ब्लू कलर का यार कसम से क्या मस्त लग रही थी वो | गीले गीले बाल और खुले हुए इतनी गजब की लग रही थी क्या बताऊ | फिर मैंने भाभी को आवाज़ लगा कर पूछा कि भाभी नहा लिए तो वो बोली हाँ | फिर मैंने उनसे बोला कि भाभी अगर आपको कुछ भी काम हो तो मुझसे कह देना मैं कर दिया करूँगा | भाभी बोली अच्छा बेटा चल घर आजा खाना बनाने में मदद करदे |</p>
<p>मैंने बोला रुको अच्छा आता हूँ फिर मैं भाभी के घर गया तो वो बोली रुकना थोडा मैं अभी आती हूँ | मैंने बोला ओके फिर भाभी अन्दर वाले रूम में चली गई और दरवाजा बंद करना भूल गई थी तो मैंने सोचा की चलो देखता हूँ की क्या कर रही हैं भाभी | मैं थोडा सा दरवाजा खोल के देखा की भाभी बिलकुल नंगी हो चुकी थी और अपनी ब्रा पहन रही थी दूध तो नहीं देख पाया पर उनकी गांड देख के मेरा लंड खड़ा हो गया था | मैं अपना लंड सहलाने लगा था उतने में मेरे फ़ोन की घंटी बज गई और भाभी ने मुझे पलट कर देखा तो मुझे उनकी चूत दिख गई |</p>
<p>वो मुझे देख कर सन्न सी रह गई और जल्दी से अपना गाउन उठा कर अपने बदन को छुपाने लगी फिर मैं भी जल्दी से भाग कर आया और सोफे पर बैठ गया | फिर भाभी गुस्से से बाहर आई और मुझसे बोली की तुम ये क्या कर रहे थे ? तो मैंने बोला भाभी की मुझसे गलती हो गई मुझे आपको कपडे पहनते हुए नहीं देखना चाहिए था पर मैं क्या करता भाभी मुझसे रहा नहीं गया और मैं ऐसी गलती कर बैठा मुझे माफ़ कर दो | तो भाभी बोली की देखो मैं ये बात किसी को नहीं बताउंगी पर तुम यहाँ से चले जाओ और मुझसे बात मत करना | ये सुन कर मैं मुह लटका के जाने लगा |</p>
<p>फिर मैं घर आ के छत पर चला गया और अपनी गलती पे शर्मिंदा न हो कर मैं छत पर बैठ कर मुठ मारने लगा | मुझे नहीं पता था कि भाभी छत पर ही होंगी वो मुझे छुप कर देखने लगी | और मैं मुठ मर रहा था | फिर अचानक से बोली कि तुम अब ये करने लगे | तो मैंने बोला भाभी मैंने आपको ऐसा नंगा देखा तो मेरा मुठ मरने का मन हो गया मैं क्या करता ? तो वो बोली तुम मेरे घर आओ अभी तो मैं छत से उनके घर चला गया और वो मुझे बैठा कर बोली कि सुनो एक काम की बात है तो मैंने बोला हाँ बोलिए |</p>
<p>desikahani <a href="https://freehindisexstories.net/%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%a1-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be/" rel="bookmark">चुदक्कड बाबा की अन्तर्वासना ने उसकी गांड तुडवाई</a></p>
<p>पहले तो वो शर्मा गई और फिर उन्होंने कहा की मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है तो मैंने कहा कि आप अब ऐसा क्यूँ बोल रहे हो ? तब वो बोली की मेरे पति बाहर रहते हैं और मेरा मन करता है की मुझे कोई चोदे पर मेरी चूत प्यासी की प्यासी ही रह जाती है | तो फिर मैंने उनके कंधे में हाँथ रख के कहा कि भाभी आप ऐसे परेशान मत हो और उन्होंने मेरे दिल पर सर रख के मुझे पकड़ लिया | मैं भी उनकी पीठ सहलाने लगा और कहा की भाभी आप को अब दुखी होने की जरूरत नहीं है मैं करूँगा आपकी मदद |</p>
<p>फिर वो मेरे होंठ पर अपने होंठ रख के किस करने लगी और मैं भी उन्हें चूमने लगा और साथ में उनके दूध दबाने लगा और फिर हम दोनों 20 मिनट तक ऐसे ही एक दूसरे को चूमने लगे और चूमते चूमते मैंने उनका गाउन उतार दिया और वो अब बस ब्रा और पेन्टी में रह गई थी और उन्होंने नें मेरे कपडे उतार दिए थे | मैं बस चड्डी में आ गया था फिर मैंने उनके दूध पीने चालू कर दिया था और वो आआहाआआ आआहहहा आहाहह्हा आहाहहा अब मुझे इतने दिनों बाद एक लंड मिलेगा | आहहाहाआ बहुत मजा आ रही है फिर उनके दूध चूसने के बाद मैंने उन्हें लेटाया और उनकी चूत चाटने लगा उनकी पेन्टी उतार के | उनके मुंह से सिस्कारिया निकल रही थी और वो अआहाहा आआआहाअह आहहहाआअ आआहा आआह्हहा आहाह्हहा अहा कर रही थी |</p>
<p>फिर उन्होंने मेरा लंड चूसा 10 मिनट तक मुझे बहुत मजा आ रहा था क्यूंकि मेरा इतना बड़ा लंड उनके मुह में नहीं जा रहा था और वो तब भी कोशिश करते हुए मेरा लंड बड़े प्यार से चूसे जा रही थी | फिर मैं उन्हें लेटा कर उनकी चूत में अपना लौड़ा पूरा घुसेड दिया था | जिससे उसको बहुत मजा आ रहा था मैं जोर जोर से उन्हें धक्के मार मार के चोदे जा रहा था और वो आः अहहहः अहहहः अहहहः अहः आहाहा चोदो मुझे आहाहाहा अहाहा अ क्या मस्त लंड है रे तेरा | आहाहाहा अहाहा मजा आ रहा है मुझे बहुत अहहहहाह अहहहः आहा बड़े दिनों बाद मुझे लंड मिल रहा है अहहहहहह्हा अहहह्हा अहहाअहाआ आआअ बहुत अच्छी चुदाई करते हो तुम | और मैं बस उसे जोर जोर से चोदे जा रहा था | करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद मैंने अपना वीर्य उसके मुंह में छोड़ दिया था और वो सारा सारा का माल पी गई थी |</p>
<p>तो दोस्तों ऐसे मनी थी मेरी पहली सुहागरात उस भाभी के साथ |</p>
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		<title>बड़ा मोटा लंड मुझे पसंद हैं</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/do-lund-se-chudai-porn-kahani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Jun 2021 14:55:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[कोई मिल गया]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मेरे पति जब ऑफिस से लौटते थे तो उनके पैर कांपते थे और चेहरे पर थकान होती थी। ये सब ऑफिस की थकान थी, वो बहुत थके हुए दिखते थे। मैं उनसे कई बार कहती ... <a title="बड़ा मोटा लंड मुझे पसंद हैं" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/do-lund-se-chudai-porn-kahani/" aria-label="Read more about बड़ा मोटा लंड मुझे पसंद हैं">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>मेरे पति जब ऑफिस से लौटते थे तो उनके पैर कांपते थे और चेहरे पर थकान होती थी। ये सब ऑफिस की थकान थी, वो बहुत थके हुए दिखते थे। मैं उनसे कई बार कहती थी कि तुम ऑफिस क्यों नहीं जाते? कहीं और काम क्यों नहीं करते? लेकिन ऐसा लगता था जैसे वो उसी ऑफिस में काम करने के लिए बने हैं, वो कहीं और काम करना ही नहीं चाहते थे।</p>
<p>उन्हें वहीं काम करना अच्छा लगता था। मैं अक्सर सोचती थी कि प्रकृति ने क्या तय किया है। मेरी शादी को 5 साल हो चुके थे, लेकिन सुधीर और मैं सिर्फ़ एक ही बात पर बात करते थे, वो था हमारे बच्चे के बारे में।</p>
<p>हमारे 3 साल के बच्चे का नाम सोनू है। हम दोनों ने बड़े प्यार से उसका नाम सोनू रखा। मैं उससे बहुत प्यार करती हूँ और सुधीर भी उससे उतना ही प्यार करता है।</p>
<h5>Do lund se chudai ka mazaa lene wali thi main.</h5>
<p>सुधीर हमेशा उसके लिए चिंतित रहता था क्योंकि वह चाहता था कि उसकी अच्छी परवरिश हो ताकि वह बड़ा होकर एक बड़ा अधिकारी बने। सुधीर हमेशा इस बात को लेकर चिंतित रहता था और हर रात बस यही कहता रहता था कि मीना, कभी-कभी मुझे सोनू की चिंता होने लगती है लेकिन सुधीर को भी नहीं पता था कि उसकी किस्मत जल्द ही बदलने वाली है।</p>
<p>जब एक दिन हमारे गाँव के चाचा ने हमें बताया कि तुम्हारे पिताजी ने एक घर खरीदा है और वह चाहते हैं कि मैं उनके मरने के बाद तुम्हें यह बात बताऊँ। मुझे समझ नहीं आया कि वह क्या बात कर रहे थे। हमने कभी उम्मीद नहीं की थी कि हमारे पिताजी हमारे लिए एक घर छोड़ कर जाएँगे और हम दोनों इस बात से खुश थे। चाचा ने हमें उस घर की चाबियाँ दीं, जब हम वहाँ गए तो हमारी आँखें खुली की खुली रह गईं, वह एक आलीशान घर था।</p>
<p>मुझे ऐसा लगा जैसे अचानक किस्मत हमारी गोद में बरस गई हो, हम दोनों बहुत खुश थे। हमने उस घर में रहने का फैसला किया और जिस छोटे से घर में हम रहते थे उसे बेच दिया।</p>
<p>अब हम एक अच्छी सोसाइटी में रहते थे। हमारे पास पैसे थे इसलिए हमने अपनी ज़रूरत की चीज़ें खरीदनी शुरू कर दीं। सोनू अब 5 साल का हो गया था। हमने उसका एडमिशन एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में करवा दिया। मैं उसे सुबह स्कूल छोड़ने जाता था। सुधीर ने भी अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर दिया। उसे व्यवसाय में लाभ होने लगा।</p>
<p>तीन-चार सालों में हमारी किस्मत पूरी तरह बदल गई थी। सुधीर और मैं इस बात से बहुत खुश थे लेकिन सुधीर में अभी भी वही मासूमियत थी, वह अब भी पहले जैसा ही सरल था। वह बिल्कुल नहीं बदला था लेकिन मैं बदलने लगा था। शायद यह बदलाव इसलिए था क्योंकि हम एक अच्छे समाज में रहने लगे थे और हम अब पहले से बेहतर जीवन जी पा रहे थे।</p>
<p>एक दिन चाचा हमारे पास आए और उन्होंने कहा, सुधीर बेटा, सब कुछ ठीक चल रहा है न? सुधीर ने बहुत विनम्रता से जवाब दिया और कहा, पिताजी ने मेरे लिए इतना कुछ किया, मैं जीवन भर यही सोचता रहा कि मेरे पास मेरे जीवन में कुछ भी नहीं है। मुझे कभी उम्मीद नहीं थी कि पिताजी मेरे लिए इतनी बड़ी संपत्ति छोड़ जाएंगे, उन्होंने मुझे इस बारे में क्यों नहीं बताया? चाचा ने उस दिन जवाब दिया और कहा, बेटा वह चाहते थे कि तुम मेहनत करो और अपना कुछ करो, लेकिन जब सही समय आया तो मुझे लगा कि मुझे तुम्हें तुम्हारा हक देना चाहिए और उस घर का मालिकाना हक तुम्हारा है। मैंने तुम्हें उस घर की चाबियाँ दीं, यह घर तुम्हारा है।</p>
<p>सोनू भी अच्छे स्कूल में पढ़ता था और सब कुछ बहुत अच्छे से चल रहा था लेकिन इसी बीच एक दिन हमारी पड़ोसन भाभी ने मुझसे झगड़ा कर लिया। जब मैंने उनसे झगड़ा किया तो मुझे नहीं पता था कि वह बहुत बुरे चरित्र की महिला हैं। मैं हमेशा उन्हें अच्छा ही मानता था लेकिन मेरे झगड़े की वजह सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने हमारे पड़ोस में रहने वाली एक महिला से मेरे बारे में कुछ बुरा-भला कहा था।</p>
<p>जब वो मेरे बारे में बुरा-भला कहती थी तो मेरी बिल्कुल भी नहीं सुनती थी और जब मैंने उससे इस बारे में पूछा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। उसे मुझसे बात करना बिल्कुल भी पसंद नहीं था लेकिन मुझे अच्छा नहीं लगता था कि वो मेरे बारे में अपने दिल में क्या सोचती है। एक दिन उसने अपने कुत्ते को खुला छोड़ दिया जिसकी वजह से जब मैं बच्चे को स्कूल ले जा रहा था तो उसका कुत्ता मुझ पर झपट पड़ा और मुझे काट लिया।</p>
<p>मुझे पता था कि उसने ये सब किया है, मैं भाभी को बिल्कुल भी माफ नहीं करने वाला था और मैं चाहता था कि उसके साथ भी कुछ ऐसा ही किया जाए जिससे मुझे एहसास हो कि किसी के साथ भी गलत व्यवहार नहीं करना चाहिए। मैं अपनी भाभी के साथ एक बदलाव चाहता था कि पहले मेरे घाव ठीक हो जाएं क्योंकि उसके कुत्ते ने मुझे काट लिया था और मुझे अस्पताल ले जाया गया और इंजेक्शन के लिए भेजा गया।</p>
<p>जब मेरे पति ने मुझसे पूछा कि ये सब कैसे हुआ तो मैंने उन्हें बताया कि मोटी भाभी की वजह से उसने अपने कुत्ते को खुला छोड़ दिया था जिसकी वजह से वो मुझ पर झपट पड़ा और इस तरह मुझे चोट लग गई।</p>
<p>Group <a href="https://hindipornstories.org/">sexkhani</a> &#8211; <a href="https://freehindisexstories.net/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a4%a5%e0%a4%be/" rel="bookmark">सैक्स – एक चुदाई कथा</a></p>
<p>मेरी तबीयत ठीक हो रही थी और मैं सोचने लगा कि मैं भाभी के साथ ऐसा कैसे कर सकता हूँ। मैं रोज़ उनके घर के चक्कर लगाता था लेकिन उनका कुत्ता घर के बाहर बैठा रहता था। एक दिन मैंने गेट खोला और उनका पालतू कुत्ता घर से भाग गया। उसके बाद मुझे नहीं पता कि वह कहाँ गया। आज तक कोई भी उसे नहीं ढूँढ पाया। माला भाभी इस बात से दुखी थी कि उसका कुत्ता कहाँ चला गया। वह अपने पालतू कुत्ते से बहुत प्यार करती थी लेकिन अब वह कभी वापस नहीं आने वाला था।</p>
<p>वह इस बात से बहुत दुखी थी। मैं बहुत खुश था कि उसका पालतू कुत्ता घर से भाग गया था और कभी वापस नहीं आने वाला था। भाभी को पूरा शक था कि मैंने यह सब किया है लेकिन उनके पास यह कहने वाला कोई नहीं था कि मैंने यह सब किया है। मुझे माला भाभी के बारे में बहुत सारी जानकारी मिली। मुझे इस बात का पता तब चला जब मैं एक रात भाभी के घर पर नज़र रख रहा था और मैंने देखा कि वहाँ कुछ लोग आए थे और वे घर के अंदर चले गए।</p>
<p>मैं यह देख कर हैरान हो गया क्योंकि रात का समय था और अंधेरा भी हो रहा था। मैं समझ नहीं पा रहा था कि वो लोग कौन थे। उस अंधेरे में जब मैं अपने घर के गेट से बाहर निकला तो भाभी के दरवाजे की तरफ गया। मैंने देखा कि दो-तीन लोग मिलकर भाभी को चोद रहे थे और उनकी अंदरूनी इच्छा को संतुष्ट कर रहे थे। भाभी ने किसी का लंड अपने मुँह में ले रखा था और कोई भाभी की चूत चोद रहा था, लेकिन भाभी तो अपनी गांड मरवाने की भी शौकीन निकली।</p>
<p>वो उन लोगों को अपनी गांड में भी मजा देती थी। मैं अपनी आँखों से ये सब देखता रहा। मेरी योनि से भी पानी टपकने लगा था। मुझे भी मजा आ रहा था। मैं समझ नहीं पा रहा था कि भाभी को ये सब कैसे बताऊँ क्योंकि वो मुझसे नफरत करती थी।</p>
<p>जब मैंने उनसे बात करना शुरू किया तो वो भी अपने सारे गिले-शिकवे भूल कर मुझसे बात करने लगी। मैंने भाभी से अपनी इच्छा जाहिर की और कहा कि एक दिन मैंने आपको और आपके आशिकों को देखा, उन्होंने आपका बहुत बुरा हाल कर दिया, मैं भी कुछ ऐसा ही चाहता हूँ, क्या आपको ये सब करने में मजा आता है? भाभी ने अपने विचार मेरे सामने रखे और कहा, एक बार ऐसा करके देखो, तुम्हें मजा आएगा, अगर मजा न आए तो मेरा नाम बदल देना।</p>
<p>भाभी की बातों में दम था, मैंने उनकी बात मान ली, उन्होंने मेरे लिए सारा इंतजाम कर दिया और एक दिन उन्होंने दो लोगों को अपने घर पर बुलाया। पहले तो वो भाभी को चोदते रहे और जब वो पूरी तरह से संतुष्ट हो गए तो मेरी योनि चाटने लगे। मैं एक का लंड अपने मुँह में ले रही थी, मुझे सेक्स में मजा आ रहा था और मेरी गर्मी बढ़ती जा रही थी।</p>
<p>मेरी उत्तेजना अपने चरम पर पहुँच चुकी थी और इसी बीच एक व्यक्ति ने मेरी दोनों टाँगें खोली और अपना काला लंड मेरी गीली चूत में डाल दिया, जैसे ही लंड मेरी योनि में घुसा तो मेरी चीख निकल गई और मुझे बहुत दर्द होने लगा पर मुझे मजा भी आ रहा था। ये सब काफी देर तक चलता रहा, जब दूसरे ने मेरी गांड चोदना शुरू किया तो मेरे मुँह से चीखें निकलने लगी।</p>
<p>उसने मेरे बड़े-बड़े नितम्बों को ऐसे पकड़ रखा था जैसे मैं उसकी जागीर हूँ। उस व्यक्ति ने मेरी गांड से खून निकाल दिया। मैं दूसरे व्यक्ति का सख्त और मोटा लंड अपने मुँह में लेकर चूस रही थी जिससे मैं अभी भी उतनी ही उत्तेजित थी पर जब वीर्य मेरी गांड के अंदर गया तो मैं पूरी तरह से संतुष्ट हो गई। दूसरे व्यक्ति ने अपने वीर्य की कुछ बूँदें मेरे मुँह पर गिराईं, कुछ बूँदें मेरे मुँह के अंदर भी चली गई थीं।</p>
<p>मुझे ऐसा लगा जैसे मैं एकदम तरोताजा हो गया हूँ। उसके बाद भाभी ने उन लोगों को कई बार घर पर बुलाया। भाभी और मैंने खूब मस्ती की। अब मुझे भाभी से कोई दुश्मनी नहीं है, हम दोनों की बहुत बनती है।</p>
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