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	<title>नौकर-नौकरानी Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<title>नौकर-नौकरानी Archives - Hindi Sex stories</title>
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	<item>
		<title>मेरी अन्तर्वासना का पुजारी बड़े लंड वाला नौकर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 14 Feb 2021 19:18:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[नौकर-नौकरानी]]></category>
		<category><![CDATA[मेरी चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[biwi ne naukar se chudwaya]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[naukar se chudwaya]]></category>
		<category><![CDATA[servant sex story]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नमस्कार दोस्तों, कैसे हैं आप सभी ? मेरा नाम मीरा है और मैं रोहतक की रहने वाली हूँ &#124; मेरी उम्र 46 साल है और मैं एक विधवा औरत हूँ &#124; गनीमत है कि मेरा ... <a title="मेरी अन्तर्वासना का पुजारी बड़े लंड वाला नौकर" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/naukar-se-chudwaya/" aria-label="Read more about मेरी अन्तर्वासना का पुजारी बड़े लंड वाला नौकर">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नमस्कार दोस्तों, कैसे हैं आप सभी ? मेरा नाम मीरा है और मैं रोहतक की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 46 साल है और मैं एक विधवा औरत हूँ | गनीमत है कि मेरा एक बेटा है और वो दिल्ली में अपनी पढाई पूरी कर रहा है | मैं दिखने में एक सॉलिड आइटम हूँ ऐसा मुझे तब महसूस हुआ जब लोग मुझे इतनी उम्र होने के बाद भी ताड़ते हैं | मेरा फिगर ऐसा है कि अच्छे अच्छे नौजवान लौंडो का भी लौड़ा खड़ा हो जाता है | <span style="color: #ffffff;">naukar se chudwaya</span></p>
<p>चलिए मैं ज्यादा वक़्त बरबाद ना करते हुए अपनी पहली कहानी शुरू करती हूँ | <span style="color: #ffffff;">naukar se chudwaya</span></p>
<p>वेसे मैं चुदाई की कहानिया बहुत मन लगा कर पढ़ती हूँ क्यूंकि मेरे पास सिर्फ यही एक चारा है अपने आपको खुश रखने का |</p>
<p>मेरे पति तो रहे नहीं और बेटा बाहर है | <span style="color: #ffffff;">naukar se chudwaya</span></p>
<p>मैं हमेशा अपने आपको कभी ऊँगली डाल कर या कभी कोई सब्जी अपनी चूत में डाल कर चुदाई की प्यास बुझा लिया करती थी | पर आप सब तो जानते ही हैं कि अगर एक बार चूत को लंड की आदत लग जाये तो वो कभी नहीं छूटती | ये आदत मेरी भी हो चुकी थी | पर मैं अपने आप को बहुत कण्ट्रोल करती थी | मुझे मेरे पति की जगह बैंक में नौकरी मिल चुकी थी |</p>
<p>मेरा ज्यादा वक़्त उसी में गुजर जाता था इस वजह से मैं चुदाई की यादे ताजा नहीं कर पाती थी | पर जब मैं घर में अकेली रहती थी तो मैं अपनी चूत की आग में पल पल तडपती रहती | कभी ब्लू फिल्म देखती तो कभी सेक्स की कहानियां पढ़ते हुए अपनी चूत की आग को बुझा लिया करती थी | पर सिर्फ इन ही सब से चूत की प्यास नहीं बुझती | फिर मैंने सोचा कि क्यूँ नामें एक नौकर रख लूं और उसी से चुदवा लिया करू ? | मैंने पेपर में ऐड दे दिया कि अगर किसी को मेरे यहाँ नौकरी करनी है तो वो मुझसे कांटेक्ट कर सकते हैं | काफ़ी दिन हो गये पर कोई भी नहीं आया |</p>
<p>फिर एक दिन मैं शाम को बैंक से लौट रही थी | <span style="color: #ffffff;">naukar se chudwaya</span></p>
<p>तभी मेरी नजर एक आदमी पर पड़ी वो आदमी एक दम काला सा और अजीब सा दिख रहा था | वो मेरे घर के सामने दरवाजे पर खड़ा था | मैंने उनसे पूछा कौन चाहिए ? तो उसने जवाब दिया कि मैं यहाँ काम के लिए आया हूँ पेपर में देखा था | पर वो मुझे दिखने में बिलकुल भी अच्छा नही लग रहा था तो मैंने उसे मना कर दिया |</p>
<p>अगले दिन फिर एक लड़का आया जिसका नाम रामलाल था | वो एक 20 साल का जवान लड़का था | मैंने उसे बिना कुछ बोले 5000 में रख लिया | वो बहुत मेहनती लड़का था एक महीने तक तो मैंने सिर्फ उसे अजमाया | उसके काम करने का तरीका बहुत अच्छा था | मैं उसे जो भी काम करने के लिए बोलती वो काम रामलाल बहुत अच्छे से करता | मैं उसके काम से बहुत खुश थी |</p>
<p>सन्डे का दिन बैंक की छुट्टी थी | <span style="color: #ffffff;">naukar se chudwaya</span></p>
<p>सारा घर का काम भी हो चुका था | वो बैठे बैठे टीवी देख रहा था | उसे कार्टून देखना बहुत पसंद था | मैं भी उसके साथ बैठ के देखने लगी | मैंने उससे पूछा कि तुम कहाँ तक पढ़े हो ? तो उसने कहा कि मालकिन मैं चौथी क्लास तक पढाई किया हूँ | फिर मैंने पूछा की तुमने स्कूल की पढाई क्यों छोड़ दिए ? तो उसने बताया कि मालकिन मेरे बाबु जी गुजर गये और मम्मी की ज्यादातर बीमार ही रहती हैं |</p>
<p>तो उनकी सेवा के लिए मुझे काम करना पड़ता है जिस वजह से मैंने पढाई छोड़ दी | फिर मैंने उससे ज्यादा कुछ बात नही की | मैं वहीँ सोफे पर बैठ गयी और टेबल पर पैर रख लिए | मेरे पैर दर्द हो रहे थे तो मैंने कहा रामलाल मेरे पेरो की मालिश कर दोगे क्या ? तो उसने कहा हाँ मालकिन अभी कर देता हूँ |</p>
<p>वो तुरंत किचन में गया और सरसों के तेल को गरम करके आया | वो मेरे पेरो को अपनी गोद में रख के तलवों में तेल लगा के मलने लगा | मुझे बहुत आराम मिल रहा था | फिर मैंने उससे कहा कि ऊपर पैर तक कर दो न | तो उसने कहा कि मालकिन आपके कपड़ो पे तेल लग जायगा | तो मैंने अपना गाउन घुटने के ऊपर तक कर दिया और कहा कि अब नहीं लगेगा | वो मेरी गोरी गोरी टांगो को देखते हुए मालिश करने लगा |</p>
<p>जब वो मेरी टांगो की मालिश कर रहा था तो मैं गरम हो रही थी मुझे बहुत अच्छा लग रहा था | एक तो उसके हाँथ बहुत कड़क थे जो मेरी मुलायम स्किन को दबा रहे थे | मैंने रामलाल से कहा कि रामलाल मैं तुम्हे 5000 महिना देती हूँ | 5000 मैं एक काम के अभी देती हूँ क्या तुम वो काम कर सकते हो ? तो उसने पूछा क्या काम है मालकिन ? मैं कर दूंगा मुझसे बना तो |</p>
<p>मैंने कहा कि बन जायगा तुम चिंता मत करो | <span style="color: #ffffff;">naukar se chudwaya</span></p>
<p>फिर उसने बोला ठीक है मालकिन मैं कर दूंगा |</p>
<p>तो मैंने अपने पूरे कपडे उतर दिए | <span style="color: #ffffff;">naukar se chudwaya</span></p>
<p>मैं घर में कभी ब्रा और पेंटी नहीं पहनती हूँ | वो मुझे देख कर पागल सा हो चुका था और मेरे नंगे बदन को घूरे जा रहा था | फिर मैंने उसके एक हाँथ को पकड़ कर अपने दूध में रख लिया तो कांपते हुये हाँथ से दूध को दबाने लगा | मैंने बोला उससे सेक्स करेगा मेरे साथ | तो उसने हाँ बोला तो मैंने उसको अपने तरफ ख्नीची और उसे किस करने लगी | वो भी मुझे किस करते हुए मेरे होंठ को चूसने लगा |</p>
<p><a href="https://desibahu.com/train-me-zabardast-sex/">Train me sex</a> &#8211; <a href="https://freehindisexstories.net/suhagraat-sex-girlfriend-ki-chudai/" rel="prev">गर्लफ्रेंड के साथ सुहागरात</a></p>
<p>मैं भी उसके होंठ को चूस रही थी और जीभ को चूस रही थी | मैं तो पहले ही गरम हो चुकी थी | किस्सिंग करने के बाद मैंने उसको नंगा कर दिया | उसका खड़ा लंड देख कर तो मेरी गांड फट गयी | इतनी सी उम्र में उसका लंड किसी व्यस्क के बराबर का था | उसका लंड काफ़ी लम्बा और मोटा था | मैं उसके लंड को पकड के हिलाने लगी | हिलाते हिलाते उसका लंड एक दम लोहे की तरह सख्त हो गया |</p>
<p>अब मैंने उसके लंड को चाटना चालू कर दिया तो वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया भरने लगा |</p>
<p>फिर मैंने उसके लंड को अपने मुंह में डाल कर चूसने लगी | <span style="color: #ffffff;">naukar se chudwaya</span></p>
<p>वो भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मेरे मुंह की चुदाई करने लगा |</p>
<p>उसके लंड को मैंने 15 मिनट तक चूसा | वो भी गरम हो चुका था तो वो मेरे दूध को दबा दबा के मसलते हुए पीने लगा | मैं भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके सिर के बाल सहलाने लगी |</p>
<p>वो अच्छे से मेरे दूध को पी रहा था और मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया भर रही थी | फिर वो नीचे आ कर मेरी चूत के ऊपर जीभ रख दिया और उसे चाटने लगा |</p>
<p>मैं तो मदहोश हो गयी और बस आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसका मुन्ह अपने चूत पर दबा रही थी | उसने मेरी चूत को 10 मिनट ट्रक चाटा और उसमे मैं एक बार झड़ चुकी थी |</p>
<p>फिर उसने मेरी टांगो को फैलाया और अपने लंड को मेरी चूत में डाल दिया | <span style="color: #ffffff;">naukar se chudwaya</span></p>
<p>अब वो जोर जोर से मेरी चूत की चुदाई करने लगा और मैं भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसका साथ दे रही थी |</p>
<p>वो मेरे दूध को जोर जोर से दबाते हुए मेरी चूत को चोदने लगा और मैं अपनी गांड उठा उठा के आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कर रही थी | उसके बाद उसने मुझे वहीँ सोफे पर ही घोड़ी बना दिया और पीछे से अपना लंड डाल दिया और पीछे से चोदने लगा जोर जोर से और मैं बस आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए अपने दूध मसल रही थी | 45 मिनट की चुदाई के बाद उसने ढेर सारा माल मेरी गांड के ऊपर ही छोड़ दिया |</p>
<p>अब मैं उससे रोज चुदवाने लगी हूँ | और सोने के टाइम पे वो मेरे साथ ही सोता है और हम नंगे सोते हैं | दोस्तों, ये थी मेरी कहानी | आप लोगों को आशा है पसंद जरुर आई होगी | आप लोग अपनी अपनी राय देना मत भूलियेगा |</p>
<p>मुझे आप लोगों में कमेंट्स का इंतजार रहेगा | <span style="color: #ffffff;">naukar se chudwaya</span></p>
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			</item>
		<item>
		<title>मामी की नौकरानी &#8211; कावेरी</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/sexy-naukrani-freehindisexstories/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2020 15:54:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[गन्दी चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[नौकर-नौकरानी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[Freehindisexstories]]></category>
		<category><![CDATA[naukar naukrani chudai kahani]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मुझे इंदौर आए अभी कुछ ही दिन हुए.. यहाँ मैं अपने कुछ जरूरी काम से आया हुआ हूँ। क्योंकि कुछ ही दिन का काम है और इंदौर में मेरे मामा भी रहते हैं तो फिलहाल ... <a title="मामी की नौकरानी &#8211; कावेरी" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/sexy-naukrani-freehindisexstories/" aria-label="Read more about मामी की नौकरानी &#8211; कावेरी">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मुझे इंदौर आए अभी कुछ ही दिन हुए.. यहाँ मैं अपने कुछ जरूरी काम से आया हुआ हूँ। क्योंकि कुछ ही दिन का काम है और इंदौर में मेरे मामा भी रहते हैं तो फिलहाल मैं उन्ही के घर ठहरा हूँ।  मामा अक्सर बाहर ही रहते हैं और मामी इन दिनों अपने मायके गई हुई हैं। घर में सिर्फ नानी और मामा का लड़का रहता है, नानी बीमार रहती हैं तो अक्सर आराम करती रहती हैं। <span style="color: #ffffff;">freehindisexstories</span></p>
<p>यह किस्सा जो मैं आपको सुना रहा हूँ, कुछ ज्यादा दिन नहीं.. बस दो दिन पुराना है।</p>
<p>मामा का लड़का स्कूल गया हुआ था और और नानी आराम कर रही थीं।</p>
<p>मैं भी उस दिन फ्री ही था.. सुबह का वक़्त था.. यही कोई 8.30 बजे होंगे।</p>
<p>इस समय एक नौकरानी आती है और झाड़ू आदि लगाती है।</p>
<p>उसने दरवाजे पर दस्तक दी मैं समझ गया कि वाही आई होगी.. मैंने दरवाज़ा खोला और वो अन्दर काम करने आ गई।</p>
<p>मैं अपने लैपटॉप पर फिल्म देख रहा था। <span style="color: #ffffff;">freehindisexstories</span></p>
<p>मेरा मन उस नौकरानी को देख कर ही मचल गया था। काले ब्लाउज और सफ़ेद साड़ी में वो बड़ी ही बेहतरीन माल लग रही थी।</p>
<p>वो बेहद खूबसूरत और जवान थी। उसकी उम्र यही कुछ 26 साल करीब होगी।</p>
<p>जब वो मेरे कमरे में आई तो उसके स्तन मुझे उसके ब्लाउज से झांकते हुए दिखे।</p>
<p>उसके उभारों में इतनी गोलाई थी कि मैं उनमें ही खो गया।<span style="color: #ffffff;"> sexy desi naukrani ko choda</span></p>
<p>नानी उसे कावेरी बाई कह कर पुकारती थीं.. किसी नदी के मचलते पानी की तरह ही उसका बदन था.. बिल्कुल लचीला.. हर तरह के सांचे में ढल जाए मानो…</p>
<p>मुझे तो उसने अपनी खूबसूरती का कायल ही कर दिया था।</p>
<p>जब मेरी नज़र उसके ब्लाउज से झांकते स्तनों को निहार रही थी.. तब कावेरी की नज़रें मुझे ये चोरी करते देख चुकी थीं और वो मेरे इरादे भांप गई थी।</p>
<p>इसलिए उसने अपने साड़ी का पल्लू ठीक किया और मुँह घुमा कर झाड़ू लगाने लगी..</p>
<p>लेकिन फायदा क्या??</p>
<p>अब मुझे उसके चूतड़ नज़र आ रहे थे। <span style="color: #ffffff;">freehindisexstories</span></p>
<p>क्या उभरे हुए चूतड़ थे उसके.. मैं तो देखते ही मानो पागल हो गया था।</p>
<p>मैंने अपना मन बना लिया था कि आज घर पर भी कोई नहीं है और नानी भी सो रही हैं तो कावेरी के साथ कुछ न कुछ हो ही जाए।</p>
<p>वो मेरे कमरे से जा चुकी थी और मैं अपना मन बना कर रह गया।</p>
<p>उसके बदन की मादक नक्काशी ने मानो मेरे मन में कई मीनार बांध दिए थे।</p>
<p>मैं अपने लण्ड को शांत नहीं कर पा रहा था पर फिर नौकरानी भी तो इंसान ही है ना उसे भी वही सारी चीजें मिली हैं जो दूसरी लड़कियों के पास हैं और फिर उसके इतने सुन्दर और इतने गठीले जिस्म को देख कर किस का मन नहीं होगा उसे गन्दा करने को…</p>
<p>मुझे अपने लण्ड को आज तो उसकी चूत में डाल कर पवित्र करना था..</p>
<p>मेरे तन्नाए हुए लौड़े को कावेरी की जवानी का रस चखना ही था।</p>
<p>ऐसा लगता था कि अब मेरे इस लंड का यही उद्देश्य रह गया था।</p>
<p>कावेरी मेरे कमरे से निकल कर बर्तन मांजने लगी थी।</p>
<p>उसे दूसरे घर भी काम करने जाना था। <span style="color: #ffffff;">freehindisexstories</span></p>
<p>जब वो बर्तन घिस रही थी तो अपने चेहरे पर आते बालों को कलाइयों से हटाती जाती.. उसके बर्तन घिसने से हिलते हुए वक्ष मुझे और कामुक कर रहे थे।</p>
<p>मैंने आव देखा न ताव और पीछे से जा कर उसके स्तनों को पकड़ कर चूचियाँ अपनी मुट्ठी से भींचने लगा। naukrani ki <a href="https://freehindisexstories.net/sexy-chut-ki-chudai/">sexy chut</a> mast hai!</p>
<p>अपना लण्ड उसकी गांड को चुभाने में मज़ा आ रहा था.. उसने तनिक विरोध किया तो मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से रोक लिया और चूमने लगा, धीरे से उसे अपनी तरफ घुमाया और तेज़ी से उसके वक्षों को ब्लाउज से आज़ाद किया।</p>
<p>उसने ब्रा नहीं पहनी थी।</p>
<p>वो मुझे रोकने लगी तो मैंने उसे कहा- चुप रहो और मज़ा लो।</p>
<p>मैंने धीरे से उसकी साड़ी ऊँची कर अपनी उंगली उसकी चूत में डाल दी।</p>
<p>मैं उसे नंगा करने लगा.. तो वो बोली- कोई देख लेगा…</p>
<p>वो विरोध करने लगी.. <span style="color: #ffffff;">freehindisexstories</span></p>
<p>उसका विरोध मैं निरंतर अपने होंठों को उसके होंठों पर चिपका कर रोक रहा था।</p>
<p>वो नंगी हो चुकी थी और अब चुदने का मन भी बना बैठी थी।</p>
<p>मैं उसे नंगी ही अपने कमरे में ले गया और उसके बदन को गद्दा समझ उस पर चढ़ गया।</p>
<p>उसकी चूचियाँ मानो जैसे आइसक्रीम का स्वाद दे रही थीं।</p>
<p>मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को छेड़ना शुरू किया और फिर उसने भी मेरा लण्ड मुँह में लेकर बहुत देर तक चूसा।</p>
<p>एक बार तो मैं उसके मुँह में ही झड़ गया.. <span style="color: #ffffff;">freehindisexstories</span></p>
<p>फिर मैंने धीरे से अपने लण्ड को कावेरी की चूत के मुहाने पर रख कर अन्दर सरकाया और धीरे-धीरे <a href="https://hindipornstories.org/train-me-chudai-ajnabi-ke-saath/">चुदाई</a> आरम्भ की..</p>
<p>मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।</p>
<p>उसकी ‘आह.. आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.. ह्हाआआऐईईई’ मुझे और ताकत दे रही थी। desi naukrani ne chusa mera lund aur ki <a href="https://freehindisexstories.net/lunddhari-shaitaan-se-chudai/">chudai</a>.</p>
<p>मैं अपनी रफ़्तार से कहीं ज्यादा रफ़्तार रख कर उसे चुदाई की शांति दे रहा था और वो और कामुक होती जा रही थी।</p>
<p>उसकी चुदाई की आग का वहशीपन बढ़ता ही जा रहा था।</p>
<p>मैंने भी अपनी पूरी ताकत लगा कर उसकी वासना को ठंडा किया। कुछ देर उपरान्त झड़ने के बाद हम दोनों नंगे पड़े रहे।</p>
<p>उसने कहा- तुमने आज बहुत समय लिया और मुझे दूसरे घर काम करने जाना था.. मेरे घर की हालत ख़राब है मुझे पैसों की ज़रूरत है।</p>
<p>मैंने उसकी पूरी आपबीती सुनी और उसे कुछ पैसे दिए।</p>
<p>अब वो और मैं रोज़ चुदाई करते हैं। <span style="color: #ffffff;">freehindisexstories</span></p>
<p>मेरा मन तो कर रहा है कि मामा के घर से जाऊँ ही नहीं..</p>
<p>पर जाना तो पड़ेगा ही।</p>
<p>इतनी खूबसूरत चुदक्कड़ हुस्न की मालकिन मैंने आज तक नहीं देखी</p>
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		<title>आशा का नशा</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/asha-ka-nasha/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Apr 2020 05:17:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[नौकर-नौकरानी]]></category>
		<category><![CDATA[पहली बार चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[desi chudai kahani]]></category>
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		<category><![CDATA[ghar me chudai]]></category>
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		<category><![CDATA[naukrani ki chudai]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आसाम की हरी भरी वादियां और जवान दिलों का संगम… किसको लुभा नहीं लेगा। ऐसे ही आसाम की हरी भरी जगह पर मेरे पति का पद्स्थापन हुआ। हम दोनों ऐसी जगह पर बहुत खुश थे। ... <a title="आशा का नशा" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/asha-ka-nasha/" aria-label="Read more about आशा का नशा">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>आसाम की हरी भरी वादियां और जवान दिलों का संगम… किसको लुभा नहीं लेगा। ऐसे ही आसाम की हरी भरी जगह पर मेरे पति का पद्स्थापन हुआ। हम दोनों ऐसी जगह पर बहुत खुश थे। हमे कम्पनी की तरफ़ से कोई घर नहीं मिला था, इसलिये हमने थोड़ी ही दूर पर एक मकान किराये पर ले लिया था… उसका किराया हमें कम्पनी की तरफ़ से ही मिलता था। मेरे पति सुनील की ड्यूटी शिफ़्ट में लगती थी। घर में काम करने के लिये हमने एक नौकरानी रख ली थी। उसका नाम आशा था। उसकी उम्र लगभग 20 साल होगी। भरपूर जवान, सुन्दर, सेक्सी फ़िगर… बदन पर जवानी की लुनाई … चिकनापन … झलकता था।</p>
<p>सुनील तो पहले दिन से ही उस पर फ़िदा था। मुझसे अक्सर वो उसकी तारीफ़ करता रहता था। मैं उसके दिल की बात अच्छी तरह समझती थी। सुनील की नजरें अक्सर उसके बदन का मुआयना करती रहती थी… शायद अन्दर तक का अहसास करती थी। मैं भी उसकी जवानी देख कर चकित थी। उसके उभार छोटे छोटे पर नुकीले थे। उसके होठं पतले लेकिन फ़ूल की पन्खुडियों जैसे थे।</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/office-me-madhuri-ki-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ऑफिस में माधुरी को चोदा</a></strong></p>
<p>एक दिन सुनील ने रात को चुदाई के समय मुझे अपने दिल की बात बता ही दी। उसने कहा -”नेहा… आशा कितनी सेक्सी है ना…”</p>
<p>“हं आ… हां… है तो …… जवान लडकियां तो सेक्सी होती ही है…” मैं उसका मतलब समझ रही थी।</p>
<p>“उसका बदन देखा … उसे देख कर तो… यार मन मचल जाता है……” सुनील ने कुछ अपना मतलब साधते हुए कहा।</p>
<p>“अच्छा जी… बता भी दो जानू… जी क्या करता है……” मैं हंस पड़ी… मुझे पता था वो क्या कहेगा…</p>
<p>“सुनो नेहा … उसे पटाओ ना … उसे चोदने का मन करता है…”</p>
<p>“हाय… नौकरानी को चोदोगे … पर हां …वो चीज़ तो चोदने जैसी तो है…”</p>
<p>“तो बोलो … मेरी मदद करोगी ना …”</p>
<p>“चलो यार …तुम भी क्या याद करोगे … कल से ही उसे पानी पानी करती हूं……”</p>
<p>फिर मै सोच में पड़ गयी कि क्या तरीका निकाला जाये। सेक्स तो सभी की कमजोरी होती ही है। मुझे एक तरकीब समझ में आयी।<br />
दूसरे दिन आशा के आने का समय हो रहा था……</p>
<p>मैने अपने टीवी पर एक ब्ल्यू हिन्दी फ़िल्म लगा दी। उस फ़िल्म में चुदाई के साथ हिन्दी डायलोग भी थे। आशा कमरे में सफ़ाई करने आयी तो मै बाथरूम में चली गयी। सफ़ाई करने के लिये जैसे ही वो कमरे के अन्दर आयी तो उसकी नजर टीवी पर पडी… चुदाई के सीन देख कर वो खडी रह गयी। और सीन देखती रही।</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/pados-wali-bhabhi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">पडोस की सेक्सी भाभी</a></strong></p>
<p>मैं बाथरूम से सब देख रही थी। उसे मेरा वीडियो प्लेयर नजर नहीं आया क्योंकि वह लकडी के केस में था। वो धीरे से बिस्तर पर बैठ गयी। उसे पिक्चर देख कर मजा आने लग गया था। चूत में लन्ड जाता देख कर उसे और भी अधिक मजा आ रहा था। धीरे धीरे उसका हाथ अब उसके स्तनो पर आ गया था.. वह गरम हो रही थी। मेरी तरकीब सटीक बैठी। मैने मौका उचित समझा और बथरूम से बाहर आ गयी…</p>
<p>“अरे… टीवी पर ये क्या आने लगा है…”</p>
<p>“दीदी… साब तो है नहीं…चलने दो ना…अपन ही तो है…”</p>
<p>“अरे नहीं आशा… इसे देख कर दिल में कुछ होने लगता है…” मैं मुस्करा कर बोली</p>
<p>मैने चैनल बदल दिया… आशा के दिल में हलचल मच गयी थी … उसके जवान जिस्म में वासना ने जन्म ले लिया था।</p>
<p>“दीदी… ये किस चेनल से आता है …”उसकी उत्सुकता बढ रही थी।</p>
<p>“अरे तुझे देखना है ना तो दिन को फ़्री हो कर आना … फिर अपन दोनो देखेंगे… ठीक है ना…”</p>
<p>“हां दीदी…तुम कितनी अच्छी हो…” उसने मुझे जोश में आकर प्यार कर लिया। मैं रोमांचित हो उठी… आज उसके चुम्बन में सेक्स था। उसने अपना काम जल्दी से निपटा लिया… और चली गयी। तीर निशाने पर लग चुका था।</p>
<p>करीब दिन को एक बजे आशा वापस आ गयी। मैने उसे प्यार से बिस्तर पर बैठाया और नीचे से केस खोल कर प्लेयर में सीडी लगा दी और मैं भी बिस्तर पर बैठ गयी। ये दूसरी फ़िल्म थी। फ़िल्म शुरू हो चुकी थी। मैं आशा के चेहरे का रंग बदलते देख रही थी। उसकी आंखो में वासना के डोरे आ रहे थे। मैने थोडा और इन्तजार किया… चुदाई के सीन चल रहे थे।</p>
<p>मेरे शरीर में भी वासना जाग उठी थी। आशा का बदन भी रह रह कर सिहर उठता था। मैने अब धीरे से उसकी पीठ पर हाथ रखा। उसकी धडकने तक महसूस हो रही थी। मैने उसकी पीठ सहलानी चालू कर दी। मैने उसे हल्के से अपनी ओर खींचने की कोशिश की… तो वो मेरे से सट गयी। उसका कसा हुआ बदन…उसकी बदन की खुशबू… मुझे महसूस होने लगी थी। टीवी पर शानदार चुदाई का सीन चल रहा था। आशा का पल्लू उसके सीने से नीचे गिर चुका था… मैने धीरे से उसके स्तनों पर हाथ रख दिया… उसने मेरा हाथ स्तनों के ऊपर ही दबा दिया। और सिसक पडी।</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/mera-pehla-sex-anubhav/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मेरा पहला सेक्स अनुभव</a></strong></p>
<p>“आशा… कैसा लग रहा है…”</p>
<p>“दीदी… बहुत ही अच्छा लग रहा है…कितना मजा आ रहा है…” कहते हुए उसने मेरी तरफ़ देखा … मैने उसकी चूंचियां सहलानी शुरू कर दी… उसने मेरा हाथ पकड लिया…</p>
<p>“बस दीदी… अब नहीं …”</p>
<p>“अरे मजे ले ले … ऐसे मौके बार बार नहीं आते……” मैने उसके थरथराते होंठों पर अपने होंठ रख दिये… आशा उत्तेजना से भरी हुयी थी। आशा ने मेरे स्तनों को अपने हाथों में भर लिया और धीरे धीरे दबाने लगी। मैने उसका लहंगा ऊपर उठा दिया… और उसकी चिकनी जांघों पर हाथ से सहलाने लगी… अब मेरे हाथ उसकी चूत पर आ चुके थे। चूत चिकनाई और पानी छोड रही थी। मेरे हाथ लगाते ही आशा मेरे से लिपट गयी। मुझे लगा मेरा काम हो गया।</p>
<p>“दीदी… हाय… नहीं करो ना … मां…री… कैसा लग रहा है…”</p>
<p>मैने उसकी चूत के दाने को हल्के हल्के से हिलाने लगी…। वो नीचे झुकती जा रही थी… उसकी आंखे नशे में बन्द हो रही थी।</p>
<p>उधर सुनील लन्च पर आ चुका था। उसने अन्दर कमरे में झांक कर देखा। मैने उसे इशारा किया कि अभी रुको। मैने आशा को और उत्तेजित करने के लिये उससे कहा – “आशा … आ मैं तेरा बदन सहला दूं…… कपड़े उतार दे …”</p>
<p>“दीदी … ऊपर से ही मेर बदन दबा दो ना…” वो बिस्तर पर लेट गयी। मैं उसके उभारों को दबाती रही…उसकी सिसकियां बढती रही… मैने अब उसकी उत्तेजना देख कर उसका ब्लाऊज उतार दिया… उसने कुछ नहीं कहा… मैने भी यह देख कर अपने कपडे तुरन्त उतार दिये। अब मैं उसकी चूत पर अपनी उंगली से दबा कर सहलाने लगी… और धीरे से एक उंगली उसकी चूत में डाल दी। उसके मुख से आनन्द की सिसकारी निकल पड़ी…</p>
<p>“आशा … हाय कितना मजा आ रहा है… है ना…”</p>
<p>“हां दीदी… हाय रे… मैं मर गयी…”</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/dost-ki-girlfriend-ko-patakar-choda/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">दोस्त की गर्लफ्रेंड को पटाकर चोदा</a></strong></p>
<p>“लन्ड से चुदोगी आशा… मजा आयेगा…”</p>
<p>“कैसे दीदी … लन्ड कहां से लाओगी…”</p>
<p>“कहो तो सुनील को बुला दूं … तुम्हे चोद कर मस्त कर देगा”</p>
<p>“नहीं …नहीं … साब से नहीं …”</p>
<p>“अच्छा उल्टी लेट जाओ … अब पीछे से तुम्हारे चूतड़ भी मसल दूं…”</p>
<p>वो उल्टी लेट गयी। मैने उसकी चूत के नीचे तकिया लगा दिया। और उसकी गान्ड ऊपर कर दी। अब मैने उसके दोनो पैर चौड़ा दिये और उसके गान्ड के छेद पर और उसके आस पास सहलाने लगी। वो आनन्द से सिसकारियां भरने लगी।</p>
<p>सुनील दरवाजे के पास खडा हुआ सब देख रहा था। उसने अपने कपड़े भी उतार लिये। ये सब कुछ देख कर सुनील का लन्ड टाईट हो चुका था। उसने अपना लन्ड पर उंगलियों से चमड़ी को ऊपर नीचे करने लगा। मैं आशा की गान्ड और चूतडों को प्यार से सहला रही थी। उसकी उत्तेजना बहुत बढ चुकी थी। मैने सुनील को इशारा कर दिया… कि लोहा गरम है…… आ जाओ…।</p>
<p>सुनील दबे पांव अन्दर आ गया। मैने इशारा किया कि अब चोद डालो इसे। उसके फ़ैले हुये पांव और खुली हुयी चूत सुनील को नजर आ रही थी। ये देख कर उसका लन्ड और भी तन्नाने लगा । सुनील उसकी पैरों के बीच में आ गया। मैं आशा के पीछे आ गयी… सुनील ने आशा के चूतडों के पास आकर लन्ड को उसकी चूत पर रख दिया। आशा को तुरन्त ही होश आया…पर तब तक देर हो चुकी थी। सुनील ने उस काबू पा लिया था। वो उसके चूतडों से नीचे लन्ड चूत पर अड़ा चुका था। उसके हाथों और शरीर को अपने हाथों में कस चुका था।</p>
<p>आशा चीख उठी…पर तब तक सुनील का हाथ उसका मुँह दबा चुका था। मैने तुरन्त ही सुनील का लन्ड का निशाना उसकी चूत पर साध दिया। सुनील हरकत में आ गया।</p>
<p>उसका लन्ड चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया। चूत गीली थी…चिकनी थी पर अभी तक चुदी नहीं थी। दूसरे ही धक्के में लन्ड गहराई में उतरता चला गया। आशा की आंखे फ़टी पड़ रही थी। घू घू की आवाजें निकल रही थी। उसने अपने हाथों से जोर लगा कर मेरा हाथ अपने मुह से हटा लिया। और जोर से रो पडी… उसकी आंखो से आंसू निकल रहे थे… चूत से खून टपकने लगा था।</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/sardi-ki-raat-aunty-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">सरदी की रात आंटी के साथ</a></strong></p>
<p>“बाबूजी … छोड दो मुझे… मत करो ये……” उसने विनती भरे स्वर में रोते हुये कहा। पर लन्ड अपना काम कर चुका था।</p>
<p>“बस…बस… अभी सब ठीक हो जायेगा… रो मत…” मैने उसे प्यार से समझाया।</p>
<p>“नहीं बस… छोड़ दो अब … मैं तो बरबाद हो गयी दीदी… आपने ये क्या कर दिया…” वो नीचे दबी हुयी छटपटाती रही। हम दोनों ने मिलकर उसे दबोच लिया। दबी चीखें उसके मुह से निकलती रही। सुनील ने लन्ड को धीरे धीरे से अन्दर बाहर करना शुरु कर दिया।</p>
<p>“साब…छोड़ दो ना … मैं तो बरबाद हो गयी…… हाऽऽऽय…” वो रो रो कर… विनती करती रही। सुनील ने अब उसकी चूंचियां भी भींच ली। वो हाय हाय करके रोती रही …नीचे से अपने बदन को छटपटाकर कर हिलाती कर निकलने की कोशिश करती रही। लेकिन वो सुनील के शरीर और हाथों में बुरी तरह से दबी थी। अन्तत: उसने कोशिश छोड दी और निढाल हो कर रोती रही।</p>
<p>सुनील ने अपनी चुदाई अब तेज कर दी … उसका कुंवारापन देख कर सुनील और भी उत्तेजित होता जा रहा था। धक्के तेजी पर आ गये थे। कुछ ही देर में आशा का रोना बन्द हो गया … और अन्दर ही अन्दर शायद उसे मस्ती चढने लगी…</p>
<p>“हाय मैं लुट गयी… मेरी इज़्ज़त चली गयी…।” बस आंखे बन्द करके यही बोलती जा रही थी… नीचे तकिया खून से सन गया था। अब सुनील ने उसकी चूंचियां फिर से पकड ली और उन्हे दबा दबा कर चोदने लगा। आशा अब चुप हो गयी थी… शायद वो समझ चुकी थी कि उसकी झिल्ली फ़ट चुकी है और अब बचने का भी कोई रास्ता नही है। पर अब उसके चेहरे से लग लग रहा था कि उसे मजा आ रहा है। मैने भी चैन की सांस ली…।</p>
<p>मैने देखा कि सुनील का लन्ड खून से लाल हो चुका था। उसकी कुँवारी चूत पहली बार चुद रही थी। उसकी टाईट चूत का असर ये हुआ कि सुनील जल्दी ही चरमसीमा पर पहुंच गया। अचानक नीचे से आशा की सिसकारी निकल पडी और वो झड़ने लगी। सुनील को लगा कि आशा को अन्तत: मजा आने लगा था और वो उसी कारण वो झड़ गयी थी।</p>
<p>अब सुनील ने अपना लन्ड बाहर निकाल लिया और अपनी पिचकारी छोड दी। सारा वीर्य आशा के चूतडों पर फ़ैलने लगा। मैने जल्दी से सारा वीर्य आशा की चूतडों पर फ़ैला दिया। सुनील अब शान्त हो चुका था।</p>
<p>सुनील बिस्तर से नीचे उतर आया। आशा को भी चुदने के बाद अब होश आया… वो वैसी ही लेटी हुई अब रोने लगी थी।</p>
<p>“बस अब तो हो गया … चुप हो जा…देख तेरी इच्छा भी तो पूरी हो गयी ना…”</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/choot-ka-jugaad/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">चूत का जुगाड़</a></strong></p>
<p>“दीदी… आपने मेरे साथ अच्छा नहीं किया… मैं अब कल से काम पर नहीं आऊंगी…” वो उठते हुये रोती हुई बोली… उसने अपने कपडे उठाये और पहनने लगी… सुनील भी कपडे पहन चुका था।</p>
<p>मैने सुनील को तुरन्त इशारा किया … वो समझ चुका था… जैसे ही आशा जाने को मुडी मैने उसे रोक लिया…”सुनो आशा… सुनील क्या कह रहा है……”</p>
<p>“आशा … मुझे माफ़ कर दो … देखो मुझसे रहा नही गया तुम्हे उस हालत में देख कर… प्लीज…”</p>
<p>“नहीं… नहीं साब… आपने तो मुझे बरबाद कर दिया है … मैं आपको कभी माफ़ नहीं करूंगी…” उसका चेहरा आंसुओं से तर था।</p>
<p>सुनील ने अपनी जेब से सौ सौ के दो नोट निकाल कर उसे दिये…पर उसने देख कर मुह फ़ेर लिया… उसने फिर और सौ सौ के पाँच नोट निकाल दिये… उसकी आंखो में एकबारगी चमक आ गयी… मैने तुरन्त उसे पहचान लिया। मैने सुनील के हाथ से नोट लिये और अपने पर्स से सौ सौ के कुल एक हज़ार रुपये निकाल कर उसके हाथ में पकड़ा दिये। उसका चेहरा खिल उठा।</p>
<p>“देख … ये साब ने गलती की ये उसका हरज़ाना है… हां अगर साब से और गलती करवाना हो तो इतने ही नोट और मिलेंगे…”</p>
<p>“दीदी … मैं आपकी आज से बहन हूं… मुझे पैसों की जरूरत किसे नहीं होती है…” मैने उसे आशा को गले लगा लिया…</p>
<p>“आशा …… माफ़ कर देना… तू सच में आज से मेरी बहन है… तेरी इच्छा हो … तभी ये करना…” आशा खुश हो कर जाने लगी…</p>
<p>दरवाजे से उसने एक बार फिर मुड़ कर देखा … फिर भाग कर आयी … और मेरे से लिपट गयी… और मेरे कान में कहा, “दीदी… साब से कहना … धन्यवाद…”</p>
<p><strong>Antarvasna Hindi sex stories &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://hindipornstories.org/bade-chuchi-wali-mausi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">बड़े चुचे वाली मौसी</a></strong></p>
<p>” अब साब नहीं ! जीजाजी बोल ! और धन्यवाद किस लिये …… पैसों के लिये …”</p>
<p>” नहीं … मेरी चुदाई के लिये…”</p>
<p>वो मुड़ी और बाहर भाग गयी…… मैं उसे देखती रह गयी… तो क्या ये सब खेल खेल रही थी। मेरी नजर ज्योंही मेज़ पर पड़ी तो देखा कि सारे नोट वहीं पड़े हुए थे</p>
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			</item>
		<item>
		<title>प्यासी बीवी, अधेड़ पति</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/naukar-ne-choda-biwi-ko/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Dec 2019 10:24:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इंडियन बीवी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[नौकर-नौकरानी]]></category>
		<category><![CDATA[मस्तराम]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[biwi ne naukar se chudwaya]]></category>
		<category><![CDATA[brother sister sex]]></category>
		<category><![CDATA[brother sister sex story in hindi]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
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		<category><![CDATA[maa ki chudai]]></category>
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		<category><![CDATA[servant sex story]]></category>
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		<category><![CDATA[sex story hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>दोस्तो, मैं हूँ हनी. मैं अक्सर यहाँ नौकर से चुदाई सेक्स कहानी, हिंदी सेक्स कहानी और सामूहिक चुदाई कहानी पढ़ने आती हूँ। मैं एक पंजाबन हूँ मेरा शहर अमृतसर है, मेरी उम्र है अठाईस साल। ... <a title="प्यासी बीवी, अधेड़ पति" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/naukar-ne-choda-biwi-ko/" aria-label="Read more about प्यासी बीवी, अधेड़ पति">(कहानी पढ़िए)</a></p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/naukar-ne-choda-biwi-ko/">प्यासी बीवी, अधेड़ पति</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दोस्तो, मैं हूँ हनी. मैं अक्सर यहाँ नौकर से चुदाई सेक्स कहानी, हिंदी सेक्स कहानी और सामूहिक चुदाई कहानी पढ़ने आती हूँ। मैं एक पंजाबन हूँ मेरा शहर अमृतसर है, मेरी उम्र है अठाईस साल। मैं एक बच्ची की माँ भी हूँ, मैंने बी.सी.ए के बाद दो साल की एम.एस.सी-आई टी की, मैं बहुत चुदक्कड़ औरत हूँ, स्कूल के दिनों से मैंने चुदाई का रस चख लिया था. <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>मैंने जिंदगी में कई लंड लिए, लेकिन बच्ची होने के बाद मेरी छोटे लंड से तसल्ली नहीं हो पाती, मेरे पति मुझसे उम्र में काफी बड़े हैं, मैंने उनके साथ घरवालों के खिलाफ जाकर शादी की थी, उनके पास बहुत पैसा था.</p>
<p>मैं एक साधारण से घर में पैदा हुई थी. <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>हम तीन बहनें ही हैं, शौक पूरे करने के लिए मैंने शुरु से अमीर लड़कों से चक्कर चलाये थे, पति का बिज़नस बहुत फैला हुआ है, मुझे किसी चीज़ की कमी नहीं। मैं और मेरे पति ही भारत में थे, इनके दोनों भाई अमेरिका में बिज़नेस करते थे, सासू माँ वहीं रहती, ससुर भी !</p>
<p>शादी के बाद भी मैं चुदाई अपने पति तक ज्यादा देर सीमित नहीं रख पाई थी, उम्र के फर्क की वजह से वो रोज़ रात को मुझे सुख नहीं देते थे, बिज़नस के चलते शहर से बाहर, कभी देश से बाहर भी रहना पड़ता था, मेरी तन की आग नहीं बुझती थी, घर से बाहर निकल कर किसी मर्द से इतनी जल्दी संबंध बनाना सही नहीं था। इनका बहुत नाम था, काफी लोग इनको जानते थे, इसलिए डरती थी, इनको भनक भी पड़ गई मुझे छोड़ ना दें, ऐशो आराम की जिंदगी से कहीं वो मुझे निकाल ना फेंके, घर में कई नौकर थे।</p>
<p>एक दिन में अपने कमरे में खड़ी थी.. <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>तभी मेरी नज़र पिछवाड़े में पड़ी, हमारा बावर्ची बनवारी लाल खुले में ताजे पानी से नहा रहा था, उसने सिर्फ अंडी पहना हुआ था, पानी से चिपका पड़ा था, उभरा हुआ देख मेरी फुदी में खुजली होने लगी, सोचा बाहर से अच्छा यही है कि सभी नौकरों को अलग अलग आजमा कर देखूं, कोई तो सैट हो जाए तो घर में गंगा वाला काम होता।</p>
<p>नहाने के बाद उसने दोपहर का खाना बनाने आना ही था, हल्की गुलाबी जालीदार नाईटी काली ब्रा पैंटी ऊपर से खुली रख ली, लाबी में बैठ गई।</p>
<p>आज जब उसने मुझे देखा उसकी नज़र सर से पाँव तक गई, मैंने नशीली आँखों से उसको देखा जब उसकी नज़रें मिली तो मैं होंठ चबाते हुए मुस्कुरा दी।</p>
<p>अनाड़ी तो वो था नहीं, मैं कमरे में आकर लेट गई, उसको मेरे पास आना ही था। सर के नीचे बांह रख दरवाज़े की तरफ पिछवाड़ा करके एक साइड के बल लेट गई, जांघों से ऊपर तक नाईटी उठा रखी थी, वो चाय लेकर आया, दरवाज़ा खटखटाया।</p>
<p><strong>Must read Hindi sex story &#8211; <a href="https://freehindisexstories.net/sasur-ne-ki-bahu-ki-thukai/">समझदार बहू</a></strong></p>
<p>&#8220;आ जाओ !&#8221;</p>
<p>&#8220;मैडम चाय !&#8221;</p>
<p>&#8220;रख दो !&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>&#8220;खाने में क्या बनाना है? साब आयेंगे दोपहर को?&#8221;</p>
<p>&#8220;नहीं, वो शायद रात को लौटेंगे, मेरा दिल नहीं है !&#8221;</p>
<p>मैं सीधी होकर लेटी, नाईटी जांघों तक उठा ली, मेरी पैंटी उसको साफ़ दिख रही थी।</p>
<p>&#8220;सुबह से तबीयत सही नहीं है, बदन दुःख रहा है !&#8221; मैंने अंगड़ाई लेने के बहाने से नाईटी आगे से खोल दी।</p>
<p>&#8220;फिर क्या बनाऊँ?&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>उसकी नजर ब्रा में से झाँक रहे कबूतरों पर थी।</p>
<p>&#8220;क्या देख रहा है? जा ठंडी बीयर के दो मग बना !&#8221;</p>
<p>&#8220;क्या कह रही हो मैडम?&#8221;</p>
<p>&#8220;सही कह रही हूँ, बदन टूट रहा है, रात को तेरेसाब ने जोर देकर अपने साथ स्कॉच पिला दी थी, पीकर खुद शराबी होकर सो गए, गर्म शराब गर्म शवाब को जलाती रही !&#8221;</p>
<p>&#8220;आपके लिए बना देता हूँ !&#8221;</p>
<p>&#8220;नहीं दोनों के लिए !&#8221;</p>
<p>&#8220;कहीं साब आ गए तो वो मुझे नौकरी से निकाल देंगे !&#8221;</p>
<p>अंगड़ाई लेकर मैं बोली- सब दरवाज़े बंद कर ले, जल्दी से आ जा !</p>
<p>वो पांच मिनट बाद ट्रे में दो मग बना कर ले आया, मुझे पकड़ा कर अपना लेकर खड़ा था, बोला- मैं बाहर बैठ पी लूँगा।</p>
<p>मैंने पांच मिनट में मग ख़त्म किया, उसको आवाज़ लगाई- बनवारी, ख़त्म हो गई, दो और बना कर ले आ !</p>
<p>मैंने नाईटी उतार दी चादर लपेट कर बैठ गई।</p>
<p>&#8220;अपने लिए बनाया?&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>&#8220;हाँ मैडम !&#8221;</p>
<p>मुझे सरूर सा होने लगा, मग की बजाए मैंने पजामे के ऊपर से उसके लंड को पकड़ लिया।</p>
<p>वो घबरा गया- मैडम, यह क्या? छोड़ दो?</p>
<p>मैंने कस के पकड़ लिया। <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>क्या करता? अगर हटता तो दर्द होता ! मुँह आगे करके पजामे के ऊपर से अपने होंठ रगड़े, हल्के से दांतों से काट भी लिया।</p>
<p>उसका तो दिमाग घूम गया कि यह सब?</p>
<p><strong>Hindi Sex Story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/meri-chudai-kahani/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मरीज़ ने की मेरी चुदाई</a></strong></p>
<p>उसको अंदेशा था, लेकिन इतनी जल्दी में इतना कर दूंगी, यह बनवारी ने नहीं सोछ होगा।</p>
<p>&#8220;इसको साइड टेबल पर रख दे ! कैसा मर्द है रे तू?&#8221;</p>
<p>मैंने चादर उतार फेंकी। मेरे गोरे जिस्म को काली ब्रा पैंटी में देख बुड्डों के लुल्लों में जान आ जाती है, मैंने उसके पजामे के नाड़े को खींच दिया। पजामा घिर गया, उसका अंडी फूलता जा रहा था, मैंने अंडी के ऊपर से चूम लिया, धीरे से उसके अंडी की इलास्टिक को प्यार से नीचे सरकाया !</p>
<p>&#8216;उह !&#8217; उसका काला बड़ा सा आधा सोया लंड जो नर्वस होने की वजह से पूरा खड़ा नहीं हो रहा था, कुछ डर की वजह से !</p>
<p>&#8220;देख बनवारी, मर्द बन मर्द ! पूरा घर लॉक है, अपनी कसम तेरे साब शहर में ही नहीं हैं !&#8221;</p>
<p>बोला- मैडम, ड्राईवर तो गाड़ी लेकर आएगा, क्या समझेगा?&#8221;</p>
<p>&#8220;तेरा दोस्त है न वो?&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p>&#8220;हाँ !&#8221;</p>
<p>&#8220;फिर बातें भी खुलीं होंगी एक दूसरे से? एक कमरे में रहते हो, मैं बहुत प्यासी हूँ, कैदी की तरह हूँ यहाँ !&#8221;</p>
<p>&#8220;क्यूँ? साब का बिल्कुल ही खड़ा नहीं होता?&#8221;</p>
<p>&#8220;मुश्किल से होता है, सड़क पर चढ़ते ही पंचर हो जाता है !&#8221;</p>
<p>&#8220;आप दोनों की उम्र में कितना अंतर है? आपने शादी क्यूँ करी? पैसे के लिए ना? फिर एक चीज़ मिल जाए, उसके लिए कुछ कमी सहनी पड़ती है !&#8221;</p>
<p>मैंने उसके लंड को मुँह में लेते हुए कहा- अपनी चूतिया बकवास बंद कर, मेरे अंग अंग को चकनाचूर कर डाल !</p>
<p>हौंसला लेते हुए वो चप्पल उतार मेरे डबल बैड पर चढ़ आया, अपना कमीज़ उतार फेंका, मुझे वहीं बाँहों में कस कर मेरे होंठ चूसने लगा साथ में ब्रा के कप में हाथ घुसा मम्मा दबाने लगा।</p>
<p>&#8220;हाँ, यह हुई ना बात ! मसल डाल मेरे राजा ! अंग अंग ढीला कर दे अपनी मालकिन का !&#8221;</p>
<p>&#8220;हाय मेरी जान ! तेरे जैसी औरत को कौन मर्द चोदना नहीं चाहेगा ! मैं बस डरता था, तेरी सूखती हुई ब्रा-चड्डी को बाहर देख हम मुठ मारते हैं !&#8221;</p>
<p>&#8220;हाय, सच्ची?&#8221; <span style="color: #ffffff;">naukar ne choda</span></p>
<p><strong><a href="https://hindipornstories.org/">Hindi sex story</a> &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/maine-chachi-ki-chudai-ki/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मैं चूत का पुजारी</a></strong></p>
<p>&#8220;हाँ मेरी जान, सच्ची !&#8221;</p>
<p>उसने पीठ पर हाथ लेजा कर ब्रा उतारी, खींच कर मेरी कच्छी उतारी, मैंने उसको धकेला और उसके लंड पर होंठ रख दिए, चूसने लगी। अब उसका लंड अपना असली रंग पकड़ने लगा था, काला मोटा लंबा लंड देख मेरी तो फुद्दी में खलबली मच रही थी। उसने भी मजे ले लेकर चुसवाना चालू कर दिया, साथ साथ उसने मेरे दाने को रगड़ना चालू किया ! मैं पागल हो हो कर लंड चूस, चाट, चूम रही थी।</p>
<p>पति का अगर इतना चूसती तो मुँह में पानी निकल जाता, बनवारी मंझा हुआ खिलाड़ी था, उसने अचानक से मेरी टांगें खोल दी, अपनी जुबां को मेरी फुद्दी पर रगड़ने लगा, कभी घुसा कर घुमा देता तो मेरी जान निकल जाती !</p>
<p>मैंने कहा- एक साथ दोनों के अंग चाटते हैं राजा !</p>
<p>69 के एंगल में आकर मैंने उसके लंड को चाटना चालू किया तो उसने मेरी फुद्दी को !</p>
<p>मैं झड़ने लगी लेकिन उसका लुल्ला मैदान में डटा था, क्या औज़ार था उसका !</p>
<p>वो मुझे खींच कर बैड के किनारे लाया, खुद खड़ा होकर अपने बड़े लंड को घुसाने लगा। कई दिन से ऐसा लंड न लेने से मेरी फुद्दी काफी कस चुकी थी, मुझे दर्द हुई लेकिन उस दर्द में सच्चे मर्द की पहचान थी। देखते ही देखते उसका पूरा काला लंड मेरे अंदर था और झटके दे रहा था, उसने किनारे पर ही मुझे पलटा, फुद्दी पर थूका और घोड़ी के अंदाज़ में मेरी फुद्दी मारने लगा।</p>
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		<title>प्यासी बीवी, अधेड़ पति &#8211; २</title>
		<link>https://freehindisexstories.net/biwi-ko-nokar-ne-choda-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देसी बहु]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 May 2019 09:43:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इंडियन बीवी की चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[नौकर-नौकरानी]]></category>
		<category><![CDATA[मस्तराम]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[biwi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[biwi ne naukar se chudwaya]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex story]]></category>
		<category><![CDATA[naukar ne biwi ko choda]]></category>
		<category><![CDATA[naukar se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[servant sex story]]></category>
		<category><![CDATA[sex stories in hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>दोस्तो, मैं हूँ हनी. मैं अक्सर यहाँ नौकर से चुदाई सेक्स कहानी, हिंदी सेक्स कहानी और सामूहिक चुदाई कहानी पढ़ने आती हूँ। मैं एक पंजाबन हूँ मेरा शहर अमृतसर है, मेरी उम्र है अठाईस साल। ... <a title="प्यासी बीवी, अधेड़ पति &#8211; २" class="read-more" href="https://freehindisexstories.net/biwi-ko-nokar-ne-choda-2/" aria-label="Read more about प्यासी बीवी, अधेड़ पति &#8211; २">(कहानी पढ़िए)</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>दोस्तो, मैं हूँ हनी. मैं अक्सर यहाँ नौकर से चुदाई सेक्स कहानी, हिंदी सेक्स कहानी और सामूहिक चुदाई कहानी पढ़ने आती हूँ। मैं एक पंजाबन हूँ मेरा शहर अमृतसर है, मेरी उम्र है अठाईस साल। मैं एक बच्ची की माँ भी हूँ, मैंने बी.सी.ए के बाद दो साल की एम.एस.सी-आई टी की, मैं बहुत चुदक्कड़ औरत हूँ.. <span style="color: #ffffff;">nokar ne choda</span></p>
<p>स्कूल के दिनों से मैंने चुदाई का रस चख लिया था, मैंने जिंदगी में कई लंड लिए, लेकिन बच्ची होने के बाद मेरी छोटे लंड से तसल्ली नहीं हो पाती, मेरे पति मुझसे उम्र में काफी बड़े हैं, मैंने उनके साथ घरवालों के खिलाफ जाकर शादी की थी, उनके पास बहुत पैसा था.</p>
<p>अब तक की कहानी आप नीचे दिए हुए लिंक पर पढ़ सकते है.. <span style="color: #ffffff;">nokar ne choda</span></p>
<p>आगे की कहानी बताती हु.</p>
<p><strong>www.antarvashna.com &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/biwi-ne-naukar-se-chudwaya/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यासी बीवी, अधेड़ पति</a></strong></p>
<p>&#8220;वाह मेरे राजा वाह ! क्या मर्द है तू !&#8221;</p>
<p>&#8220;साली सुबह तेरी पैंटी देख मुठ मारी थी !&#8221;</p>
<p>जोर जोर से झटके लगाने लगा वो ! उसने मुझे लिटाया मेरी दोनों टांगें कंधों पर रखवा मेरे दोनों मम्मे पकड़ चोदने लगा। अब वो भी</p>
<p>मंजिल की तरफ था, इतनी तेज़ी से घिसाई हो रही थी मानो मशीन हो !</p>
<p>तभी वो शांत हो गया ! <span style="color: #ffffff;">nokar ne choda</span></p>
<p>मुझे महीनों बाद मर्द का असली सुख हासिल हुआ था, पूरा जिस्म फूल की तरह हल्का हो गया था मेरा !</p>
<p>काफी देर मेरे होंठों चूमता रहा, फ़िर दोनों अलग हुए !</p>
<p>&#8220;अगर तेरे साब नहीं आये रात को तो आएगा?&#8221;</p>
<p>मिलने के वादे से बोला- हाँ, पर मनजीत को चकमा देना कठिन है !</p>
<p>&#8220;अगर चकमा न दे पाया तो दोनों के लंड खा जाऊँगी मैं ! मेरे अंदर मर्द के लिए इतनी भूख है !&#8217;</p>
<p>रात को पति नहीं आये, बनवारी रात का खाना बनाने आया, अब हम दोनों के बीच जिस्मानी संबंध बन गए थे, उसने मुझे पहले बाँहों में लिया, मेरे होंठ चूसे, मेरे मम्मे दबाने लगा, वहीं लॉबी में टेबल साइड कर गलीचे पर मुझे लिटा चूमने लगा मैंने उसका लंड निकाला और चूसने लगी।</p>
<p>&#8220;बनवारी आज तुम भी खाना यहीं खाना, मंजीत भी आने वाला होगा !&#8221; <span style="color: #ffffff;">nokar ne choda</span></p>
<p>मैंने टांगें खोल दी, बनवारी समझ गया था, उसने अपना लंड घुसा दिया, झटके देने लगा।</p>
<p>&#8220;हाय ! और जोर से जोर से करो ! फाड़ डालो मेरी फुद्दी को !&#8221;</p>
<p>&#8220;तेरी बहन की चूत ! देख आज रात तेरा क्या करता हूँ ! ले मेरा पप्पू !&#8221;</p>
<p>&#8220;अह अह अह जोर जोर से चोद ! मेरे पालतू कुत्ते, आज रात तुम दोनों के गले में पट्टा डालूंगी ! बनाओगे मुझे अपनी मालकिन?&#8221;</p>
<p><strong><a href="https://desibahu.com/tag/indian-wife-sex-stories/">Indian wife sex stories</a> &#8211; <a href="https://freehindisexstories.net/sasur-ne-bahu-ko-choda/">समझदार बहू</a></strong></p>
<p>&#8220;हाँ मेरी जान ! ले ले ले !&#8221; कह बनवारी ने मेरी फुद्दी अपने रस से भर डाली।</p>
<p>&#8220;यह क्या कर दिया? अंदर पानी क्यूँ निकाला?&#8221; <span style="color: #ffffff;">nokar ne choda</span></p>
<p>&#8220;तुम कौन सी कुंवारी लड़की हो? वैसे भी उससे तेरा पेट अब तक नहीं निकाला गया !&#8221;</p>
<p>बनवारी और में अलग हुए, वो खाना बनाने लगा।</p>
<p>बोला- मंजीत आ गया मेरी जान, उसको पटा ले गैराज में है अभी !</p>
<p>मैंने उसी पल तौलिया पकड़ा, पिछवाड़े में गई, ताज़े पानी में नहाने लगी, सिर्फ ब्रा पैंटी में थी, उसके पाँव की आवाज़ सुन मैंने ब्रा का हुक खोल दिया, पानी बंद कर साबुन जिस्म पर लगाने लगी, बड़े बड़े दोनों मम्मों पर साबुन लगाने लगी।</p>
<p>जैसे वो आया, उसने लाइट का बटन दबाया, टयूब जलते उसके होश उड़ गए।</p>
<p>मैंने ऐसा शो किया कि मुझे उसके आने का पता नहीं लगा, दोनों बाँहों से मम्मे छुपा लिए।</p>
<p>&#8220;आप यहाँ?&#8221; <span style="color: #ffffff;">nokar ne choda</span></p>
<p>&#8220;क्यूँ? नहा नहीं सकती? क्या गर्मी थी? लाइट बंद कर दो मंजीत, कोई और भी तुम्हारी मैडम को देख लेगा !&#8221; मैंने जल्दी से तौलिया लपेटा ना चाहते हुए भी, उसी पल मुझे आईडिया आया, तौलिया तो लपेटा, मन में सोचा कि कहाँ मेरे हाथ से निकल पायेगा, थोड़ा आगे जाकर में फिसल गई- आऊच ! सी मर गई ! अह !</p>
<p>मंजीत मेरी तरफ आया, मैंने तौलिया खिसका लिया। मैं संगमरमर के फ़र्श पर सीधी लेटी थी। किस मर्द का हाल बेहाल ना होगा एक चिकनी हसीं औरत सिर्फ पैंटी में, मेरी पहाड़ जैसी छाती पर निप्पल आसमान को निहार रहे थे।</p>
<p>उसने हाथ आगे किया, मैंने अपना हाथ उसके हाथ में दे दिया, उसने उस मालकिन को नंगी खींचा जिस मालकिन की पैंटी को देख देख वो मुठ मारता था।</p>
<p>जैसे उसने खींचा, मैं उसकी बाँहों में थी, वो भी सिर्फ एक पैंटी में ! उसका एक हाथ मेरे चूतड़ों पर था एक पीठ पर !</p>
<p>मैंने दोनों हाथ उसकी पीठ पर लगा सर उसकी छाती पर टिका कदम बढ़ाया। उसका लंड खड़ा हो चुका था, मेरे पेट पर चुभ रहा था, धीरे से बोली- बोलती क्यूँ बंद कर ली? कहाँ रह गया तेरा जोश? जिस मैडम की पैंटी को सूंघ सूंघ कर मुठ मारता है वो तो तेरी फौलादी बाँहों में लगभग पूरी नंगी है ! अंदर का मर्द ख़त्म हो गया?</p>
<p>सुन कर वो हिल गया, उसके खड़े कड़क लंड पर प्यार से हाथ फेरा, फिर धीरे धीरे दबाने लगी। यह कहानी आप अन्तर्वासना.कॉम पर पढ़ रहे हैं।</p>
<p>यह देख उसका मर्द जाग गया था- मर्द तो मैडम हर पल जागा रहता है, मेरा थोड़ा संकोच था, सेवक और मालकिन की हद के चलते ! उसने मेरे होंठ चूम लिए, मैंने उसकी बाँहों से खुद को अलग किया, ठण्डे ठण्डे मार्बल पर लेट गई, मैंने पैंटी को भी जिस्म से अलग कर दिया- ले पकड़, मेरे सामने सूंघ मेरी पैंटी ! ताज़ी ताज़ी महक मिलेगी क्यूंकि तुमसे लिपट कर पानी छोड़ रही थी !</p>
<p><strong>Hindi sex story &#8211; <a class="yoast-link-suggestion__value" href="https://freehindisexstories.net/padosi-ki-chudai/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">प्यार, इश्क़ और चुदाई</a></strong></p>
<p>&#8220;मैडम, आज तो जहाँ से महक निकलती है वो ही ढाई इंच की दरार सामने है !&#8221;</p>
<p>मैंने उसी पल टांगें फैला डाली- जो काम हो जाये वो ही अच्छा होता है ! मेरे राजा, लो ढाई इंच की दरार !</p>
<p>उसने अपने कपड़े उतारे, उसका लटक रहा था, जैसे मैंने अपने होंठ लगाये, वो खिल उठा, सलामी देने लगा- चूस दे जान !</p>
<p>मैंने काफी सारा थूक उसके सुपारे पर फेंका, उसका लुल्ला था, ना कि लुल्ली, इसलिए पूरा मुँह में कहाँ आता ! लंबाई ज्यादा थी, गप</p>
<p>गप की आवाज़ जैसी ब्लू फिल्मों की रंडी आम तौर पर करती हैं गंदी, गीली चुसाई !</p>
<p>वो मेरे लंड चूसने के अंदाज़ से पागल हुए जा रहा था। <span style="color: #ffffff;">nokar ne choda</span></p>
<p>&#8220;कभी किसी ने तेरा चूसा है?&#8221;</p>
<p>बोला- नहीं मैडम ! हमारी क्या किस्मत ! <span style="color: #ffffff;">nokar ne choda</span></p>
<p>आज से तेरी हैसियत मेरी नज़रों में तेरे साब जैसी है, तेरी पुरुष अंग में कमाल का दावा है</p>
<p>The post <a href="https://freehindisexstories.net/biwi-ko-nokar-ne-choda-2/">प्यासी बीवी, अधेड़ पति &#8211; २</a> appeared first on <a href="https://freehindisexstories.net">Hindi Sex stories</a>.</p>
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